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UPDATE – 19

इस बात को १० दिन गुजर गए पर

कामिनी आंटी हमारे घर नहीं आई.

हमारे बीच शर्म का पर्दा हटने से मुझे जो उम्मीद जगी थी

वो अब धुंधली होने लगी.

 कई बार सोचा की खुद कामिनी आंटी के घर जाऊ

 पर फिर ख्याल आता था एक तो मैं उनके घर कभी गया नहीं

और दुसरे वहां तो रिशू भी होगा

अगर उसने पुछा की घर क्यों आया तो क्या बोलूँगा

क्योंकि उससे तो मैं रोज़ कैफे में मिलता था

तो ये भी नहीं बोल सकता की तुमसे मिलने आया हूँ.

 वैसे भी रिशू ने कभी मुझे अपने घर बुलाया भी नहीं था.

इधर दीदी भी बुआ के घर चली गयी थी

क्योंकि उनकी छुट्टिया भी थी.

मुझे लग रहा था की अगर कामिनी आंटी इस समय आ जाये

तो उस दिन का अधूरा काम पूरा हो सकता है.

 मेरे घर में इंटरनेट तो नहीं था पर

मैं रिशू से ब्लू फिल्म की सीडी ले आया था और

रोज रात को दीदी के कंप्यूटर पर देखता था

और आंटी के साथ बिताये उन पलों को याद करके मैं मुठ मारता था.

 मेरी हवस दिनों दिन बढती ही जा रही थी.

एक दिन मैं अपने कमरे में बैठा आंटी के बारे में सोच रहा था

की मम्मी ने मुझे नीचे बुलाया और पुछा

मम्मी: तुम्हारा कॉलेज कब से शुरू हो रहा है मोनू.

मोनू: जी १० दिन बाद, अगले महीने की ७ तारीख से. क्यों.

मम्मी: अरे तुम्हारे पापा और मुझे ५ तारीख को तुम्हारे मामा के घर जाना है.

तुम्हारे नाना की प्रॉपर्टी का कुछ काम है

तो मेरे भी साइन होने है.

 तुम्हारी दीदी भी यहाँ नहीं है.

 हमे ३-४ दिन लग सकते है.

सेशन के शुरू में तुम्हारी छुट्टी भी नहीं करा सकते पर अकेले तुम कैसे रहोगे.

तुम्हारा खाना पीना कैसे होगा.

मोनू: अरे आप कामिनी आंटी से कह दो न मैं ३-४ दिन उनके यहाँ रुक जाऊँगा.

मम्मी: हाँ ये हो सकता है. मैं तुम्हारे पापा से पूछती हूँ

और मम्मी पापा को फ़ोन मिलाने लगी.

और मैं खुशी से झूमता हुआ अपने कमरे में चला गया.

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