chapter 7
पास्ट्
आयुस ने रीमा को जब से लंड चुस्वाया था रीमा उस स्वाद को उस पल मजे को भूल नही पा रही रात की नींद भी उर गई थी बार बार वही स्वाद मजे फिल हो रहे था सब सीन बार बार आखो के सामने आ रहे थे
रीमा एक खूबसूरत औरत थी रीमा के पति सेहर कमाने गया हुआ है 6 महीने मे आता है आयुस के पापा भी रीमा के पति के अच्छे दोस्त थे साथ मे सेहर गये काम करते थे लेकिन आयुस के पापा गुजर गये
पैसा बहोत जरूरी होता है खेत थे लेकिन उस से जिंदगी जीना मुश्किल था रीमा अपने बेटे के साथ रहती है बेटी ससुराल मे
रीमा को सेक्स का बहोत मन होता था लेकिन रीमा अपने आप को रोक कर रखती थी रीमा ने मान लिया था उसे अब ऐसे ही जीना है लेकिन एक घटना रीमा के अंदर दबे प्यास को जगाने लग गया था वो था आयुस
आयुस भी रीमा को कैसे भी चोदना चाहता था इस लिये आयुस रीमा के पीछे हाथ धोके पर गया आयुस राज से मिलने जाता लेकिन एक मोक्का देख राज नही होता उस समय भी जाने लगा था
आज आयुस एक दिन बाद फिर रीमा के घर आता है साम 3 बजे राज घर पे नही था
आयुस अंदर जाता है रीमा बिस्तर पे लेती हुई सोचो मे गुम थी
आयुस सीधा रीमा के कमरे मे आता है रीमा आयुस को देख हैरान होके – तुम
आयुस मुस्कुराते हुवे – हा
रीमा आयुस के पास जाके – तुम गलत कर रहे हो
आयुस अपना लंड बाहर निकाल – चूसना है मे जाऊ
आयुस मन मे – हिम्मत के आगे चुत है डर तो मुझे भी लग रहा है लेकिन करना परेगा वैसे भी ऑन्टी को लंड चाहिये
रीमा आयुस का लंड देख – मुझे कुछ नही करना जाओ यहा से इस बार तेरी मा को जाके कहने वाली हु
आयुस लंड अंदर कर – जरूर नही है मे जा रहा हु आज के बाद मे ऐसा कुछ नही करुगा
आयुस फिर घर से बाहर आके – लगता है काम नही बना
रीमा भी खरी हैरान थी आयुस क्या बोले करे
जंगल मे
आयुस बिनीता के ऊपर एक पैर रख चुचे दबा रहा था बिनीता की नींद टूट जाती है बिनीता को लगता है आयुस सब सपने मे कर रहा है लेकिन आयुस बुआ केहता है तब बिनीता को पता चलता है आयुस होस मे मरजी से कर रहा है तो बहोत शोक होती है
बिनीता धीरे से गुस्से से – बेटा तुम ये क्या कर रहे हो छोरो मुझे ये गलत पाप है
आयुस चुचे दबाते हुवे – बुआ पाप तो हो चुका है
बिनीता को दर्द हो रहा था उफ आह करने लगती है
आयुस लंड निकाल बिनीता का हाथ लंड पे रख – देखिये कितना टाइट हो गया है दर्द हो रहा है बुआ गेल्प कर दो नही तो नींद नही आयेगी
बिनीता गुस्से से लेकिन धीरे से – तू इतना गिरा नीच होगा आज पता चला
इतना सुनते ही आयुस बिनीता को छोर बिनीता से अलग होके – माफ करना
आयुस फिर सांत दूसरी तरफ लेट जाता है बिनीता हैरान क्या करे क्या बोले समझ नही आ रहा था
बिनीता मन मे – क्या करू अगर सच मे उसका लंड कर है तो उसे नींद नही आयेगी पर मे कैसे कितने दिन उफ
तभी बिनीता आयुस को अपनी तरफ पलट आयुस के लंड पे हाथ रखती है तो आयुस हाथ हटा के – मे नीच गिरा हु दूर रहिये
बिनीता – माफ कर के गुस्से से निकल गया
आयुस – मुझे बुरा लगा
बिनीता – सोर्री माफ कर दे ना
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके – एक बार अपनी चुत मे लंड डालने दोगी तो माफ कर दुगा
बिनीता हैरान शोक मे – क्या
आयुस बिनीता के चुचे दबाते हुवे – प्लेस बुआ पता है ये गलत पाप है लेकिन सिर्फ एक बार उसके बाद नही बोलूँगा प्लेस
बिनीता – लेकिन
आयुस – माफ किया आपको मे आपको फोर्स नही करुगा चलो सोते है
बिनीता गहरी सास लेके – ठीक है एक बार करने दुगी
आयुस खुशी से बिनीता के होठ पे किस कर – सुक्रिया लेकिन अभी लंड चूस दो कल आपकी चुत मारुंगा
बिनीता सोच मे थी लेकिन आयुस का लंड निकाल मजे से चूसने मे खो जाती है
मिनीता – गलत है लेकिन ये मजा मुझे पागल कर देता है
आयुस – आह बुआ मजा आ रहा है उफ
3 मिनट बाद
बिनीता – बस
आयुस – अपनी चुत नही चटवानी है
बिनीता टाँगे फैला के सारी उपर कर – हु
बिनीता मन मे – मेरी चुत चटवाने का बहोत मन कर रहा है
आयुस मुस्कुराते हुवे बिनीता की चुत चाटने लगता है बिनीता मजे से आह उफ करने लगती है
बिनीता मन मे – उफ ये मजा मुझे चाहिये था आह इतना मजा आ रहा है 2 मिनट बाद बिनीता झर जाती है
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके – मजा आया
बिनीता – अब मुझसे ऐसे बाते करेगा
आयुस – सोर्री
बिनीता – आया
आयुस – बहोत
बिनीता सर्म से – हु
आयुस बिनीता दोनों एक दूसरे के बाहों मे समा जाते है
बिनीता – कितना सुकून मिल रहा है मुझे पर क्या मे हमारे बीच सब जो रहा है सही है
सुबह होती है आज बिनीता आयुस के बाहों मे सुकून की नींद सोई थी अरे सोती तो सुरु से आई है लेकिन आज रात की बात अलग थी
सभी सोके उठते है हल्का होते है फिर खूबसूरत नजारे देखने लगते है क्या करे बेचारे टाइम पास करना था
आयुसी – एक बात तो है सुबह संसेड देखने मे दिल नही भरता बल्कि दिल आत्मा को सुकून मिलता है
अमृता – तुमने सही कहा बेटा सुबह का ये संसेड दिल को राहत सुकून देता है
वही बिनीता आयुस् एक दूसरे को देखते है पहली बार बिनीता सर्म से आयुस से नजरे नही मिला पाती
आयुस मुस्कुराते हुवे मन मे – आज कैसे भी बुआ की चुदाई करनी है अगर बुआ की चुत मिल गई तो भाई मजे ही मजे मेने सोचा नही था ये मोक्का मुझे मिलेगा
आयुसी – भाई साम को मछली पकरना
आयुस – मछली खाना है
आयुसी – हा
आयुस – ठीक है
अमृता – हमारा घर वीरान परा है घर की बहोत याद आ रही है
बिनीता – मुझे भी घर सब की याद आ रही है
आयुसी – मुझे भी गाव दोस्त घर की याद आ रही है
आयुस – हु मुझे भी लेकिन हम एक दिन घर जरूर जायेंगे
सभी – हा
10 बजते है धुप तेज हो गई थी अब नहाने सभी झरने की तरफ जाने लगते है
आयुस बिनीता से धीरे से – मेरे साथ चलना बुआ शिकार करने
बिनीता काप् के – हु
आयुस खुश था
सब झरने के पास आते है बिनीता – भाभी आज मे आयुस बेटे के साथ शिकार पे जा रही हु देखु तो कैसे शिकार करता है
अमृता – ठीक है जाइये आपका दिल है तो
आयुस बिनीता जंगल मे जाने लगते है बिनीता अभी भी सोच मे थी क्या करे वो होने वाला था करने वाली थी करे या ना
आयुस थोरा जंगल के अंदर आने के बाद बिनीता को बाहों मे लेके – बुआ आज आपकी चुत चाहिये आपने बोला था
. बिनीता बोला था एस लिये आई हु लेकिन उसके बाद तुम सब भूल मुझे टच या कुछ करने को नही बोलोगे
आयुस अपना लंड निकाल ठीक है सुरु हो जाइये
बिनीता नीचे बैठ मन मे – पता नही ये पाप है गलत है पर एक बार मेने कहा है तो कम ही पड़ेगा
बिनीता आयुस का लंड मुह मे लेके चूसती है मजे से आयुस दिन मे आह उफ करने लगता है बिनीता मन मे – दिन के उजाले मे आयुस का लंड देख मुझे डर लग रहा है कितना मोटा टाइट गर्म है लेकिन मुझे रस चूस कर पीने मे मजा आ रहा है 2 मिनट बाद
बिनीता खरी होके – उफ हो गया
आयुस मुस्कुराते हुवे – अपने चुचे दिखाओ बुआ
बिनीता आयुस को देखती है फिर सर्म से ब्लाउस खोलते हुवे – कैसे सुरु हुआ और हम कहा आ गये
बिनीता ब्लाउस खोल दोनो चुचे आयुस के सामने कर देती है आयुस पहली बार उजाले मे बिनीता के बरे गोल चुचे को देखता है तो देखते ही रह जाता है बिनीता नजरे नीचे किये खरी थी

आयुस चुचे देख पागल होके – बुआ आपके चुचे तो रीमा ऑन्टी से बहोत बरे खूबसूरत टाइट h काले निपल उफ देखने मे कमाल लग रहे है कसम से बुआ आपके जैसे चुचे किसी के नही होगे
बस बिनीता आयुस के तारीफ मे सब भूल खुश हो जाती है बिनीता तो तारीफ सुन अच्छा लगता है
बिनीता बिना आयुस को देखे धीरे से – सच केह रहा है
आयुस चुचे दबा के – हा
बिनीता आह करती है
आयुस -बुआ चुत देखाओ ना रहा नही जाता
बिनीता सर्म से सारी उपर करने लगती है आयुस दिल थाम लेता है और फिर सारी उपर होते ही बिनीता ki चुत आयुस के सामने आ जाती है आयुस नीचे बैठ गोर से बिनीता के चुत देखने लगता है
बिनीता की चुत कमाल की लग रही थी छोटे काले बाल मोटी जांघे पूरी गोरी चुत भी आयुस जांघे पे हाथ रख देता है बिनीता काप् तेज सासे लेने लगती है आयुस चुत को देखते हुवे – बुआ आपकी चुत भी बहोत खूबसूरत कमाल की है
आयुस मन मे – यकीन करना मुश्किल है मे अपनी बुआ की चुत देख रहा हु लेकिन ये सच है उफ मेरा लंड फट रहा है
आयुस बिनीता के चुत के फाके फैला के देखता है अंदर लाल छोटा छेद दिख रहा था आयुस मन मे – बुआ मा नही बन पाई चुदाई भी सायद अच्छे से नही होती है रात को ही बुआ को चुदना चाहता था
लेकिन रीमा ऑन्टी को जब पहली बार चोदा तो बहोत रोई दर्द हुआ था मुझे लगा दो बच्चो की मा है लेकिन फिर एहसास हुआ मेरा लंड ही बहोत मोटा लम्बा है इस लिये रात को नही चोदा
आयुस खरा होके – बुआ जमीन पे टाँगे उठा के सारी उपर कर लेत जाइये मुझसे रुका नही जा रहा मुझे आपकी चुत मे लंड घुसाना है चुदाई करनी है

बिनीता डरी सर्म से जमीन पे लेट टाँगे उठा के सारी उपर कर लेट जाती है आयुस भी नीचे से नँगा होके बिनीता को उसकी चुत को देखता है बिनीता डर सर्म से आयुस को देखती है
आयुस बिनीता के ऊपर आके लंड चुत पे रख घिसने लगता है बिनीता पूरी कप् जाती है रोये खरे हो जाते है अपनी चुत पे अपने भतीजे का मोटा गर्म लंड फिल कर
आयुस – डाल दु बुआ
बिनीता डरते हुआ – धीरे से बेटा
आयुस – ठीक है
आयुस एक धक्का मारता है नतीजा बिनीता दर्द मे चिल्ला उठती है आयुस बिना रुके दूसरा धक्का मार पुरा लंड अंदर घुसा देता है लंड बिनीता की चुत फैलाते पुरा अंदर तक घुस चुका था बिनीता की जान निकल गई ऐसा लग रहा था चुत फट गई है
आयुस को भी फिल होता है लंड कसा हुआ आयुस को लंड पे अंदर की गर्मी भी भील हो रही थी
बिनीता रोते हुवे आयुस को धक्का देते हुवे – बहोत दर्द कर रहा है बेटा निकाल ले बाहर प्लेस
आयुस – बस बुआ हो गया
आयुस 1 मिनट रुकता है बिनीता दर्द मे रोटी रहती है
आयुस फिर चुदाई करना सुरु करता है तेज तेज धक्के मारने लगता है कियुंकी आयुस बहोत जोस मे था उसके लिये रोकना मुश्किल था
बिनीता रोते हुवे टाँगे उठाये – मर गई मा बेटा बहोत दर्द हो रहा है धीरे कर ना आह उफ सच ने बहोत दर्द हो रहा है

आयुस धक्का मारते हुवे – बुआ आपकी चुत बहोत टाइट गर्म है मजा आ रहा है उफ दर्द कम हो जायेगा आह सेह लो उफ बुआ कसम से आपकी चुत की गर्मी आह कितना सुकून मिल रहा है आपकी चुदाई करके दर्द धीरे कम होता है मजा आने लगता है बिनीता को
जंगल मे एक भतीजा अपनी बुआ के साथ मंगल कर रहा था फट फच आह उफ मा की आवाजे जंगल गुजने लगती है
आयुस मजा आ रहा है बुआ
बिनीता – आह उफ बेटा आह दर्द है लेकिन अच्छा लग रहा है मजा आ रहा है
बिनीता मन मे – मे क्या बोल रही हु मुझे मजा इतना कियु आ रहा है अरे नही मे झरने वाली हु इतनी जल्दी आह मा
बिनीता आयुस को बाहों पकर् लेती है आयुस भी समझ तेज धक्का मरते रहता है बिनीता आह मा बेटा करते कापते झर जाती h
आयुस बिनीता को देख -मजा आया
बिनीता कुछ नही बोलती
आयुस नीचे लेट बुआ आजाओ उपर बिनीता देखती सर्म से आयुस के लंड पे बैठ चुत मे घुसा के बैठ आह मा करते हुवे मजे से उपर नीचे करते हुवे लंड चुत मे लेने लगती है

बिनीता मन मे – उफ इतना मजा सुकून चुदाई मे पहले कभी नही मिला आह आयुस बेटे उफ तुझे चोद दिया अपनी बुआ को आह मा
आयुस – बुआ और करती रहो आह उफ बुआ आह मजा आ रहा है आपकी चुत मारने मे उफ बहोत गर्मी है आपकी चुत मे
41 मिनट चुदाई चलती है उसके बाद बिनीता थकी जमीन पे लेट पसीने से भीगी तेज सासे लेते मन मे – क्या था ये इतनी देर कोई चुदाई करता है किया आज अभी मे 5 बार झरी जबकि मेरे पति मेरी चुदाई करते थे तो एक बार मे मुश्किल से झरति थी केहना गलत नही होगा आज मुझे असली चुदाई सुकून मिला है लेकिन ये पहली लास्ट है उफ आयुस बेटा मर्द निकला उपर से मेरी चुत मे आयुस का बहोत सारा गर्म पानी फिल कर पा रही हु पर कोई ना मे मा बन ही नही सकती
आयुस – बुआ आप ठीक है
बिनीता नजरे नीचे किये – हा चलो शिकार भी करना है और हा मेने कहा किया अब तुम भी मुझसे कुछ नही कहोगे
आयुस – जी
आयुस अपनी बुआ की चुदाई कर मस्त था बिनीता भी थी पर बात यही मजे यही तक थे
आयुस शिकार करता है फिर झरने के पास आते है अमृता आयुसी नही थे सभी चले गये थे
आयुस – बुआ आपने कहा मे फिर कुछ ना कहुंगा ना करुगा लेकिन साथ मे ना तो सकते है
बिनीता – बिल्कुल नही मे फिर तुमने फिर बात की
आयुस सोर्री
बिनीता – ठीक है अभी साथ मे नहा लेते है कल से जैसे हम पहले थे वैसे ही रहेगे बाते करेगे
आयुस – जी
आयुस बिनीता दोनो नंगे नहाते है फिर अमृता के पास आ जाते है
अमृता – देख लिया कैसे शिकार करता है आयुस बेटा
बिनीता – हा भाभी देख लिया बेटा तो पूरा शिकारी बन गया है
आयुसी मुस्कुराते हुवे – कियुंकी भाई जो करना चाहते है कर के मानते है मेरा भाई बहोत कमाल के है
बिनीता मन मे – हा उसका लंड भी उफ बहोत दर्द जलन हो रही है
आयुस भी शिकार को पकाने लग जाता है उसके बाद सभी बैठ खाते पीते है फिर जुले पे लेट बाते करने लगते है
आयुसी – भाई आआपने ये झूला बना के बहोत अच्छा था आराम से लेट पेर के नीचे छव् मे मजा आ जाता है
अमृता – हा बेटी तुमने सही कहा आराम मजा आता तो और हम आराम से सो भी जाते है.
बिनीता – नही तो हमे जमीन पे या कैप मे सोना परता
आयुसी – लेकिन बुआ यहा इस झूले पे लेटने से हम सब चारों तरफ कुछ साफ देख सकते है बाते सो सकते है कैप मे मजा उतना नही आयेगा
अमृता – तेरी बात सही है बेटी
आयुस – हा यहा झूले पे मजा तो आता है और हम नजारे का आनंद भी ले पाते है
बाते करते फिर सभी सो जाते है साम को उठते है अपना बाते भूमते है पास पास ऐसे ही तो बेचारों को करना पर रहा था एक एक दिन गुजरने के लिये
वही आयुस के गाव मे आयुस सब के गायब होने की खबर फैल गई थी सभी आयुस सभी को लेके बाते हो रही थी
रीमा राज कमरे मे बाते कर रहे थे
राज – मा ये क्या हो गया कोन कर सकता है कियु आयुस ऑन्टी सब की इतनी किसी से क्या दुश्मनी होगी जो उन्होंने सब को गायब ही कर दिया
रीमा – बेटा मुझे भी समझ नही आ रहा दीदी आयुस बेटा सब के साथ क्या हुआ है पुलिस पता कर रही है जल्दी ही हमे क्या मामला है सायद पता चल जाये
राज – मे दुवा करता हु आयुस ऑन्टी सब ठीक हो और पुलिस उन्हें बचा ले
रीमा – हु हम बस दुवा ही कर सकते है बेटा
आज के लिये इतना ही ![]()
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