The Jungle – Update 6 | Incest Story

The Jungle - Family Chudai Ki Kahani
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chapter 6

पास्ट

4 दिन हो चुके थे आयुस अपना लंड रीमा को दिखाने के बाद रीमा के घर नही गया लेकिन आयुस का लंड देखने के बाद रीमा की नींद चैन जरूर उर गई थी

रीमा को सोते जागते आयुस का मोटा लम्बा लंड ही दिखाई दे रहा था

सुबह के 11 बज रहे थे रीमा आयुस के घर जा रही थी ली  लेकिन कियु रीमा खुद समझ नही पा रही थी

रीमा मन मे – कमीने ने अपना लंड दिखा के मेरी नींद चैन उड़ा दिया है आज मे खुद जाके उसे अच्छे से पितुगी तब जाके मुझे चैन आयेगा

रीमा सोचते आयुस के घर आती है अंदर जाते हुवे – दीदी आप है घर पे

तभी आयुस कमरे से बाहर आता है रीमा को देख आयुस डर के जल्दी से कमरे मे घुस दरवाजा बंद कर – मर गया ऑन्टी यहा कियु आई है

रीमा सब देख मुस्कुराते हुवे – आज तो तु गया बेटा

रीमा दरवाजे पे खरी होके – आयुस बेटा यहा सिर्फ मे दीदी से मिलने आई थी और कुछ नही दीदी कहा है

आयुस डरते हुआ – मा खेत मे गई है

रीमा – अच्छा तो दरवाजा खोल बंद कियु क्या

आयुस – ऐसे ही

रीमा – देखा दरवाजा खोलो नही खोला तो सच मे अभी जाके दीदी को सब बता दुगी कसम से

आयुस डर के दरवाजा खोल देता है रीमा अंदर आके आयुस के पास खरी – वाह जब लंड देखाया तब तो बरी हिम्मत थी अब किया हुआ

आयुस मुस्कुराते हुवे अपना लंड बाहर निकाल – अभी भी हिम्मत है

रीमा हैरान शोक आयुस लंड को देखती रहती है

आयुस रीमा के हाथ पकर् लंड पे रख – छु के देखिये

रीमा की उंगली लंड पे परते ही बहोत गर्म फिल होता है

रीमा – ये क्या कर रहे हो तुझे सर्म नही आती

आयुस – नही आती

आयुस रीमा को पकर् नीचे बैठा के – मुह मे लो चुसो मजा आयेगा

रीमा गुस्से से – तुम पागल हो जाने तो नही तो अच्छा नही होगा

आयुस रीमा के मुह खोल अपना लंड मुह मे डाल – चुसो

रीमा हैरान शोक मुह मे मोटा लंड फिल कर काप् जाती है

आयुस – अरे ऑन्टी चुसो भी

रीमा ना चाहते मुह मे लेके चूसने लगती है आयुस मुस्कुराते हुवे आह मजा आ रहा है उफ अच्छे चुसो रस पियो लंड का 1 मिनट बाद ही रीमा को मजा आने लगता है

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रीमा मन मे -यकीन नही होता आयुस जबरदस्ती लंड चुस्व रहा है लेकिन मुझे मजा आ रहा है उफ लंड बहोत मोटा गर्म है स्वाद तो और भी मजेदार है आह मे रोक नही पा रही खुद को

3 मिनट बाद

रीमा मुह साफ करते हुवे आयुस को देख गुस्से से -तु तो कमीना निकला एक नंबर का

रीमा जाने लगती है आयुस मन मे – हिम्मत के आगे गर्म चुत है

जंगल मे – रात 1 बजे

बिनीता को अजीब गिला गिला फिल होता है तो बिनीता की नींद खुलती है तो पूरी सोक हो जाती है

असल मे आयुस बिनीता के चुचे को मुह मे लेके चूस रहा था दबा रहा था बिनीता हैरान परेसान सोक मे थी समझ नही आ रहा था क्या करे बिनीता मुह बंद कर लेती है ताकि सिसकिया रोक सके बिनीता को दर्द भी हो रहा था लेकिन आयुस को मजे से चुचे सुस्ता फिल कर बिनीता को मजा भी आने लग गया था

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आयुस चुचे दबाते पीते हुवे नींद सपने मे – उफ ऑन्टी आपके चुचे बहोत बरे मुलायम है उफ मजा आ रहा है दबाने मुह मे लेके पीने मे

लेकिन बिनीता की हालत खराब होती जा रही थी

बिनीता मन मे – आह दर्द हो रहा है लेकिन ये कैसी फीलिंग सुकून का एहसास मुझे हो रहा है आह उफ मा आयुस बेटा रुक जा फिर से नही

3 मिनट बाद

आयुस बिनीता के चुचे छोर देता है बिनीता तेज सासे लेते हुवे मन मे- आह अब तो हद ही हो गई है उफ

तभी बिनीता को एहसास होता है उसके पैर को आयुस फैला रहा है बिनीता फिर शोक हो जाती है डर से काप् जाती है आयुस बिनीता के पैर उठा के फैला देता है

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बिनीता अंदर से नंगी थी आयुस सारी उपर कर देता है और चुत सामने आ जाती है बिनीता की चुत बहोत फूली कमाल की थी देखने खूबसूरत रस भरी लग रही थी किस्मत से आयुस होस मे नही था होता भी तो अंधेरे मे देख नही पाता

बिनीता तो अभी भी शोक मे थी क्या हो रहा है क्या करे समझ नही पा रही थी

आयुस को तो लग रहा था सब रीमा के साथ कर रहा है लेकिन बेचारी

आयुस बिनीता के चुत को छुटा है और मुह मे भर जिब से चाटने चूसने लगता है बिनीता काप् जाती है पूरा सरीर गंगाना जाता है चुत पे जिब को फिल कर बिनीता मुह बंद किये आह उफ मा ये किया है आयुस बेटा चुत भी चाटता था उस कमीनी का लेकिन मे आयुस को रोक कियु नही पा रही हु आह ये कैसा मजा एहसास सुकून है

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आयुस रीमा समझ मजे से बिनीता के चुत को मुह मे लेके जिब चुत मे डाल चूस कर रस पीने लगता है वही बिनीता को नया मजा एहसास पाके पागल होके आह उफ मजे से सिसकिया ले रही थी बस 2 मिनट ही हुवे थे की बिनीता हैरानी से मन मे – आह नही इतनी जल्दी आह मा करते गांड उठा के झरने लगती है आयुस सब रस पीके फिर सो जाता है

बिनीता पसीने से भीगी तेज सासे लेते हुआ मन मे – रोने का दिल कर रहा है लेकिन जो सुकून मजा जो मिला वो मुझे पहले कभी नही मिला आज उफ मेरी चुत इतनी जल्दी झर गई आह झरने के बाद बहोत सुकून मिल रहा है उफ ये पाप है गलत है लेकिन चुत चटवाने का मजा उफ जो आया उसे भूल नही पाउंगी आह

बिनीता अपनी चुत पे हाथ रख – आज ये भी पता चला औरत की चुत चाट कर भी मजा दिया जा सकता है उफ आयुस बेटा तो खिलाडी निकला

तबी आयुस बिनीता के हाथ अपने लंड पे रख – चुसो

बिनीता लंड पकरे आयुस के लंड के पास बैठ – मे रोक नही पा रही मेरा जिब स्वाद लेने के लिये बेचैन है

बिनीता मुह मे लंड लेके लंड मजे से चूसने लगती है बिनीता उफ कैसे कब मे इस मे फस गई आह लेकिन ये मजा सुकून उफ

3 मिनट बाद

बिनीता मुह साफ कर – उफ यकीन करना मुश्किल है मेने खुद क्या किया लेकिन मे बीच मे फसी हु लेकिन कल मुझे आयुस से बात करनी होगी मे नही चाहती आयुस मेरे साथ वो सब करे

सुबह होती है रोज की तरह सभी जो करते है खूबसूरत नाजारे देखना

बिनीता आयुस को देख मन मे – देखो तो मुझसे पाप करवा के कैसे खैर मे उसको डोस नही दे सकती उसे तो पता भी नही वो मेरे साथ क्या करता है

आयुसी – भाई आज कुछ नया शिकार करना खाने मे मजा आये

आयुस मुस्कुराते हुवे – ठीक है गुरिया जरूर करुगा

अमृता – नया शिकार हु शिकार की कमी नही है और मेरा बेटा तो एक शिकारी बन गया है तो कर लेगा

आयुस – हा क्या करे हालत ही ऐसे है

बिनीता मन मे – वो भी हो रात झरने के बाद मुझे अच्छा हल्का फिल हो रहा है उफ सोचे बगैर रह नही पा रही कैसे मजे से मेरी चुत चाट रहा था उफ और मुझे बहोत मजा आ रहा था ये पहली बार है जब मेरी चुत किसी ने चाटा वो भी आयुस ये फीलिंग मजा पहली बार मिला मुझे जो कमाल का था.

आयुस – बुआ आप कहा खुई है

बिनीता – कही नही तेरे फूफा की याद आ रही है

आयुस – अच्छा उनके बगैर रहना मुश्किल है क्या

बिनीता – बहोत बोल रहा है मार खानी है क्या

आयुस – नही नही

अमृता हस्ते हुआ – चलो छोरो लरना

10 बजते है नहाने शिकार का समय

अमृता बिनीता आयुसी झरने मे जाके नहाने लगते है आयुस शिकार करने जंगल मे आता है

आयुस जंगल मे शिकार देखते हुवे – आज किसका शिकार करू

आयुस जंगल मे चारों तरफ देख शिकार ढुंढ रहा था तभी आयुस को एक बरी चिरिया दिखाई देती हैं

आयुस तीर निकाल धनुष पे रख – बहोत बरी है 2 किलो की होगी ही अगर इसे मार पाया तो आज का काम हो जायेगा इसी चिरिया को तीर से ही मारना होगा

आयुस आराम से धीरे से चिरिया के नीचे खरा निसाना लगाता है फिर छोर देता है तीर जाके चिरिया को लगती है चिरिया फर कर उड़ने लगती है लेकिन थोरि दूर जाके धाराम से नीचे गिर जाती है

आयुस खुश होके भागते हुआ जाता है तो देखता है चिरिया मर चुकी है

आयुस चिरिया उठा के – माफ करना मेरे पास कोई रास्ता नही था

आयुस फिर झरने की तरफ जाने लगता है

वही तीनो मजे से नहा रहे थे नहाने के बाद सभी कपड़े पहन रेडी हो जाते है

आयुस भी आ जाता है

अमृता बरी चिरिया को देख  – अरे इतनी बरी चिरिया

आयुसी खुशी से – भाई आज तो मजा आयेगा

आयुस मुस्कुराते हुवे – हा किस्मत से मुझे दिख गई

अमृता – अच्छा है तुम नहा लो हम जाते है

आयुस – ठीक है

बिनीता – दीदी आप सब जाओ मे आयुस बेटे के साथ आउंगी

अमृता – ठीक है चल बेटी

आयुसी – भाई जल्दी आना

आयुस – हा ठीक है बुआ आप कियु नही गई

बिनीता आओ बैठ बाते करते है

आयुस बिनीता एक पथर् पे बैठ जाते है

बिनीता मन मे – मुझे अब बात करनी ही होगी कोई रास्ता नही है

बिनीता – तेरे और रीमा के बीच क्या चल रहा है

बिनीता की बात आयुस के ऊपर बम के जैसा था आयुस हैरान शोक और डर भी जाता है

लेकिन आयुस अपने आप को नॉर्मल देखाते हुवे – बुआ आप केहना क्या चाहती है

बिनीता आयुस का हाथ अपने सर पे रख – अब तो सच बोल दे तेरे और उस कमीनी के बीच वो सब चल रहा है

आयुस को झटका लगता है पसीने आने लगते है

आयुस मन मे – फस गया लेकिन बुआ को पता कैसे चला

बिनीता – बोलेगा भी की नही

आयुस डरते हुवे – आप सही है

बिनीता गुस्से से – कब और कैसे मुझे सब जानना है चल बता

आयुस डरते हुवे   – बुआ आप जान कर क्या

बिनीता जाते हुवे – ठीक है जाके भाभी को ही बताना पड़ेगा

आयुस जल्दी से बिनीता के हाथ पकर् – बताता हु मा को मत बताना

फिर दोनो बैठ जाते है आयुस सुरु से एंड तक कैसे सुरु हुआ कब से चल रहा है कितनी बार चुदाई की कैसे सब कुछ बता देता है जिसे सुन बिनीता तो बिस्वास नही हो रहा था बिनीता आयुस को घूर के देखती है

आयुस डरते हुआ – बुआ मे जवान था पहली बार किसी को नँगा देखा था रीमा ऑन्टी बहोत खूबसूरत है उनकी बॉडी भी तो मे रोक नही पाया

बिनीता के दिन के कोने मे रीमा की तारीफ सुन अच्छा नही लगता

बिनीता – चलो मान लिया लेकिन तुझे डर नही लगा किसी को पता चल जाता तो क्या होता

आयुस – लगता था लेकिन मे किसी को पता लगने नही देता पर आपको कैसे पता चला

बिनीता आयुस को देखते हुवे रात रीमा के सपने देख आयुस ने जो किया सब बता देती है जिसे सुन आयुस शोक मे चला जाता है

आयुस कुछ मिनट बाद नजरे नीचे कर – मे कुछ नही बोलना चाहता सफाई मे आपके सामने हु जो सजा देना है दे दो

बिनीता आयुस को देखती है फिर – तुमने अंजाने मे क्या इस लिये माफ करती हु लेकिन फिर

आयुस – नही होगा

बिनीता – हु हम फिर इसपे बात नही करेगे समझ गये सब भूल जाओ मेने जो कहा तुमने जो क्या

आयुस – ठीक है बुआ आप बहोत अच्छी है इतना सब करने के बाद भी आपने मुझे माफ कर दिया

बिनीता – बाते मत बना चल जाके नहा ले

आयुस – जी

आयुस नँगा होने लगता है तो बिनीता चिल्ला के – अरे पागल क्या कर रहा है

आयुस को समझ आता है बेचारा क्या करने जा रहा था

आयुस डरते हुवे – माफ करना बुआ सब जानने के बाद दिमाग ही काम नही कर रहा

बिनीता जाते हुवे – ठीक है मे जा रही हु

आयुस – नही अकेले कोई जानवर आ गया तो आप पथर के पीछे रहे मे नहा लूंगा

बिनीता – ठीक है.

आयुस जल्दी से नँगा होके पानी मे जाके नहाते हुवे – क्या सच मे मेने बुआ के साथ वो सब किया

आयुस के सोचते ही लंड खरा हो जाता है बिनीता पथर के पीछे करी मन मे – मुझे बताना ही परा ताकि फिर सपने मे मेरे साथ कुछ ना करे

10 मिनट बाद

आयुस – बुआ चले

बिनीता – हु

बिनीता को सर्म आ रही थी कियुंकी अब आयुस को पता था

आयुस आता है चिरिया पकाता है फिर सभी खाके झूले पे लेट बाते करने लगते है

आयुसी – भाई अब तो सब को पता चल गया होगा हमारे साथ कुछ हुआ है

आयुस – हा तुम सही हो गुरिया लेकिन क्या फायदा

अमृता – हम तो बस एक उमीद मे है कोई आये और हमे यहा से निकाले

बिनीता – इसके अवाला हम कर भी क्या सकते है एक रास्ता है जंगल से जाने का जो खतरों से भरा है

आयुस – ह रात को रहने के लिये ठिकाना तो कैप है लेकिन  खाने पीने की परोबल ये भी मान लो कर लिया पर सबसे बरी परोबल है जंगली जानवर जमीन मे रहने वाले जहरीले साप् किरे जिससे बच कर सही सलामत जंगल से बाहर निकलना बहोत मुश्किल है

अमृता – मुश्किल चांस ही नही है

बिनीता – हा ये परोबालं के अलावा खतरनाक रास्ते जिसे पार करना और रोज ना जाने कितना चलना पड़ेगा

आयुसी – सोच कर ही मेरा सरीर काप रहा है डर से

आयुस – आप सब सही है इसी लिये तो यही यहा रुकना ही एक रास्ता बचा है

अंजान

अंजान के सामने कोई बैठा था जो अंजान को देख – आयुसी बेटी तीन दिन से कियु नही आ रही कही तुम दोनो की लराइ तो नही हुई

अंजान डर जाता है लेकिन अपने डर को दिखाता नही

अंजान – पापा मुझे नही पता आयुसी कियु नही आ रही फोन भी क्या लग नही रहा है

पापा – अच्छा जाके देखो क्या बात है याद रखना तूने अगर कुछ किया है ना तो तूने जान से मार दूंगा

अंजान – पापा आप कैसी बाते कर रहे है माना पहले मे बिगरा लरका था कई गलतिया की लेकिन आयुसी के आने के बाद मे बदल गया मुझे उससे प्यार है मे आयूसी को जान से जायदा प्यार करता हु आप सोच भी कैसे सकते है मे उसके साथ कुछ करुगा

पापा – मुझे नही पता फिल्हाल आयुसी बेटियां को जाके देखो

अंजान – जी

पापा – तु बहोत बिगरा लरका है मेरे बेटे मे अच्छे से जानता हु अगर सच मे आयुसी के आने के बाद तुम बदल गये हो तो अच्छा है नही तो

जंगल मे – सभी बाते करते हुवे सो जाते है साम को उठ कर सभी घूमते हुवे बाते करने लगते है

अमृता – 4 दिन हो गये एक शिप भी यहा से नही गुजरा

बिनीता – हा भाभी आपने बात तो सही कही

आयुस – सायद इस लिये हो सकता है ये जंगल सेहर से बहोत दूर है पास होता तो कई छोटे मोटे बोट आते जाते रहते है या मछुवारे भी जरूर आते इसका मतलब इस रास्ते मे शिप बहोत कम आते जाते है

आयुसी – भाई ऐसा है तो फिर क्या होगा हमारा

आयुस समुंदर को देखते हुवे – कुछ नही होगा बस हमे थोरा लंबा यहा रुकना होगा

बिनीता – समझ गई यानी शिप आयेगी जरूर पर कब केह नही सकते

आयुस – बिल्कुल

अमृता – उफ कैसे कटेगे हर दिन

अंधेरा हो चुका था सब आग के पास बैठे जो बचा था खा रहे थे

अमृता – हु ये चिरिया का स्वाद सब से हट बहोत मजेदार है

बिनीता – हा सुबह खाया तो मजा आ गया था

आयुसी – अगर इसका सब्जी बना के रोटी भाट के साथ खाते तो और भी मजा आ जाता

आयुस – गुरिया तेरी बात सही है लेकिन किया ही करे पका मीठ खाना ही लिखा है

आयुसी – हा भाई बात तो आपने सही कही बता नही कब घर जाके रोटी भाट खा पाउंगी

आयुस आयुसी को बाहों मे लेके – जल्दी ही गुरिया

बाते करते खाना पीना होते टाइम हो जाता है सभी कैप मे जाके बिस्तर मे घुस जाते है

अमृता – जंगल मे रहना सोना खाना एक काम रोज करना वैसे घर पे भी वही करते थे लेकिन जहा चाहे जा सकते है किसी से मिल बाते कर घूम सकते थे कोई खतरा नही लेकिन यहा उफ

बिनीता – मुझे तो उनकी चिंता हो रही है जब उन्हें पता चलेगा हम गायब हो गये है तो

आयुस – बुआ आप सही है फूफा बहोत चिंता मे आ जायेंगे

बिनीता – हु यही सोच मुझे बेचैनी हो रही है

आयुस – कर भी तो कुछ नही सकते

आयुसी – जब सब गाव वाले  को पता चलेंगे हम एकदम से गायब हो गये है तो बाते चारों तरफ आग की तरह फैल जायेगी

आयुस – हा हर हरफ हमारे गायब होने की बात होगी

सभी कुछ देर और बाते करने के बाद सो जाते है रोज की तरफ आयुस आयुसी दोनो बाहों मे सोये थे

बिनीता मन मे – उफ अच्छा हुआ मेने सब बता दिया अब आयुस को सपना नही आयेगा आज मे आराम से सो सकती हु चैन से

सभी नींद मे चले जाते है

वही रीमा बिस्तर पे लेती मन मे – किया हुआ होगा दीदी आयुस सब के साथ सब एकदम से गायब ही हो गये गाव मे बाते भी फैलने लगी है आयुस बेटा दीदी सब ठीक हो मेरी दुवा है

रात 12 बजे मिनीता को अपने जन्धो के उपर भारी फिल होता है ऐसा लगता है कोई उसके चुचे भी दबा रहा है बिनीता जल्दी से आखे फिर एहसास होता आयुस एक पैर उसके उपर रख उसे बाहों मे लिये चुचे दबा रहा है बिनीता फिर हैरान हो जाती है

मिनीता मन मे – क्या आयुस फिर सपने मे सब कर रहा है

तभी आयुस धीरे से – बुआ आपके चुचे बरे टाइट मुलायम गोल है दबाने मे मजा आ रहा है

बिनीता हैरान शोक मे – क्या

आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏

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