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chapter 5

रिमा की चुत मे खुजली हो रही थी आयुस रोज आता था रिमा की चुत मारने लेकिन भाई तो जंगल मे फसे है तो बेचारी रिमा को आयुस बहोत याद आ रहा था जो हाल आयुस का चुत बिना 2 दिन मे खराब था वही हाल रिमा का था

रिमा आयुस के घर जा रही थी

रिमा मन मे – ये लरका रोज आता था मोक्का देख मेरी चुदाई करके ही जाता था लेकिन अब तीन दिन होने वाले है ये लरका आया नही मेरी चुत मुझे परेसान कर रही है उफ एक लरके के लंड की इतनी दीवानी हो जाउंगी सोचा नही था

रिमा मन मे सोचते हुवे आयुस के घर आती है तो देखती है दरवाजा खुला है गाय बकरी चिल्ला रहे है रिमा अंदर जाती है आवाज देती है लेकिन कोई था नही रिमा पीछे जाके देखती है बकरी गाय बंधे थे आस पास सब देख रिमा समझ जाती है बकरी गाय को दो दिन से कुछ खिलाया नही गया है

गाय बकरी भूसे थे घर खुला था ये सब रिमा को अजीब अनहोनी वाली फीलिंग दे रही थी

रिमा – घर खुला है गाय बकरी भी 2 दिन से भुखे लग रहे है कोई घर पे नही मान लो सब कही गये भी होते तो आयुस जरूर मुझे बताता अगर जल्दी बाज़ी मे गये तो भी घर बंद होता और गाय बकरी का ख्याल किसी को रखने के लिये केह कर जाते मुझे अजीब फीलिंग आ रही है

रिमा अपने घर जाते हुवे – मुझे पता करना होगा पहले घास आके गाय बकरी को खिलाना होगा दो दिन से भुखे है कहा गये होगी कही सब के साथ कुछ बुरा नही नही मे ये किया सोच रही हु

जंगल मे

आयुस नहाने के बाद अपने कपड़े पेहन कैप सब के पास आता है चिरिया को पकाटा है फिर सभी बैठ कर खाने लगते है

अमृता – अब तो किसी ना किसी को पता चल गया होगा हम घर पे नही है

बिनीता आयुस को देख – हा और मुझे लगता है पहले रिमा को ही पता चलेगा घर आती जाती जो रहती है आयुस भी तो उसके घर जाता रहता है कियु बेटा

बिनीता की बात सुन आयुस हैरान डर जाता है लेकिन नॉर्मल अपने आप को संभाल के – हा आपने सही कहा

आयुस मन मे – अबे साले डर कियु रहा है किसी को नही पता ऑन्टी मेरे बीच किया है

अमृता – आपने बात तो सही कही हमारे घर रिमा ही आती जाती है

आयुसी – लेकिन क्या फायेदा हमे यहा बचाने कोई नही आने वाला

आयुस – गुरिया तेरी बात सही है खैर अच्छा ये है हम सेफ जगह पे है और हमे खाना पानी की कोई दिकत नही है

अमृता – हा ये बात तो है

खाना पीना होने के बाद सही झूले पे लेत कर – फिर बाते करने लगते है बाकी टाइम बात करके ही तो निकालना था

आयुसी – भाई वैसे ये जगह खतरनाक नही होती हम आराम से गाव सेहर आ जा सकते तो मे यही रहना चाहती

आयुसी की बात सुन सब आयुसी को देखने लगते है

आयुस मुस्कुराते हुवे – सेम मेने भी सोचा था ये जगह बहोत खूबसूरत है लेकिन खतरनाक भी तो यहा रहना मौत के मुह मे रहने जैसा होगा

अमृता – हा जगह खूबसूरत है लेकिन कब किया हो जाये यहा कहा नही जा सकता

बिनीता – भार मे जाये मुझे तो बस यहा से निकलना है सही सलामत

आयुस मजाक मे – कियु फूफा की याद आ रही है

बिनीता – बहोत बोलने लग गया है बेसर्म कही का

अमृता आयुसी हसने लगते है

   रात 9 बजे सब खाना पीना करने के बाद ठंड जायदा थी तो बिस्तर मे घुस जाते है

अमृता – रात होते ही कितनी ठंड लगाने लगती है

बिनीता – हा भाभी आग के पास बैठने के बाद भी बहोत ठंडा लगता है

आयुसी तो हमेसा की तरह आयुस से पूरा चिपक आयुस को पकरे लेती हुई थी आयुस करवट लिये बिनीता अमृता की तरफ लेता था आयुसी आयुस के पीठ पे चुचे पूरी बॉडी सताये थी आयुस अपनी बहन के चुचे सरीर की गर्मी अच्छे से फिल कर रहा था

आयुसी – मे तो सोच रही हु ये कैप चादर नही होता तो हम कहा सोते किया ओढ़ते फिर हमारा क्या होता

आयुस मुस्कुराते हुवे -सवाल अच्छा है जवाब मुश्किल तो होता लेकिन नामुमकिन नही मे उसका भी जुगार् कर लेता

आयुसी – भाई तो कमाल है भाई

थोरि देर और बाते करने के बाद सब सो जाते है

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आयुस फिर रिमा के घर जाता है उस समय जब राज घर पे नही होता था जब से आयुस रिमा को नँगा देखा था आयुस रिमा के चुदाई करने के पीछे परा था टाइम 11 बज रहे थे

आयुस घर के अंदर जाता है रिमा कमरे मे थी आयुस – कोई है

रिमा – कमरे मे आजा

आयुस कमरे मे जाता है रिमा आयुस के पास आके कान पकर – बेसर्म तेरी हिम्मत बढ़ते जा रही है कल भीर मेरे किस्सी ले के चला गया

आयुस रिमा को बाहों मे कस रिमा के होठ पे उंगली फेरते हुवे – इतनी रस भरे होठ को कोन बेवकूफ रस पीना नही चाहेगा

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आयुस की बाते हरकते रिमा को मदहोस करने लगती है

रिमा – तु फिर सुरु हो गया देख बहोत मारुगी

आयुस – चलेगा रस पीने के बदले मार खा लूंगा

आयुस एकदम से रिमा के होठ मुह मे लेके चूसने लगता है रिमा हैरान होती है लेकिन एक औरत थी किस का मजा स्वाद रिमा को भी मजा दे रहा था तो रिमा भी सब भूल जाती है

दोनो एक दूसरे के जीब होठ चूस कर रस पीने लगते है

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आयुस – मा कसम उफ बहोत मिठा रस है ऑन्टी का साल यकीन नही होता मेरी मा की उमर की मेरे दोस्त की मा की होठ का रस पी रहा हु

रिमा – हद है मुझे इतना मजा कियु आ रहा है मे इस लरके को रोक कियु नही पाती मुझे मजा आ रहा है उफ पर कियु 2 मिनट बाद

आयुस अभी भी रिमा के बाहों मे लिये अपना लंड रिमा की चुत पे सताये हुवे खरा था

आयुस – ऑन्टी मुझे तो बहोत मजा आया आपको.

रिमा -नही आया चल छोर मुझे जाने दे आगे से अगर मेरे साथ कुछ करने की कोसिस की तो सीधा तेरी मा को बता दुगि

आयुस रिमा को छोर देता है फिर रिमा को देख – ठीक है मेने आपका सब अंजाने मे देख लिया तो तो मे भी अपना आपको दिखा देता हु उसके बाद मे कभी आपके घर नही आऊगा

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रिमा हैरान कुछ केह रोक पाती आयुस अपना पैंट नीचे का अपना खरा 10 इंच का मोटा लम्बा लंड रिमा के समाने कर देता है जिसे देख रिमा की सासे रुक जाती है रिमा बस आयुस का खरा लंड देखती रह जाती है आयुस रिमा को देख मुस्कुराते हुवे – अब मे जाता हु फिर कभी नही आयुगा आपके घर

आयुस फिर घर जाते हुवे मन मे – साला काम होते होते रह गया लास्ट दाव खेला है देखते है फसी तो मजे नही तो मुठ मार कर ही काम चलाना परेगा

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कैप मे सब आराम से सो रहे थे रोज रात की तरह जगल से भयानक दरवाने आवाज आ रहे थे लेकिन अब सब को आदत हो गई थी पर दी तो था अभी भी

आयुस आज फिर सपने देख रहा था आयुस बिनीता के चुचे पे हाथ रख दबाने लगता है तो बिनीता की नींद फिर खुल जाती है

बिनीता गुस्से से मन मे – ये रिमा चुड़ैल ने कोई जादू कर दिया है कमीनी रोज आयुस बेटे के सपने मे आती है और मुझे सब सेहना परता है

आयुस बिनीता के ऊपर आ जाता है आयुस होस मे नही था बिनीता हैरान किया करे समझ नही आ रहा था

आयुस बिनीता को किस करने लगता है बिनीता हैरान आखे फैल जाती है आयुस मजे से बिनीता के होठ जीब चूस रस पीने लगता है बिनीता बहोत कोसिस करती है खुद को आयुस को रोकने की लेकिन खुद रोक नही पाती नतीजा बिनीता भी रस का स्वाद लेने लगती है

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मिनीता मन मे – उफ मे किया कर रही हु आयुस बेटा है मेरा उफ मुझे उसे रोकना चाहिये लेकिन मे खुद साथ दे रही हु रस पी रही हु लेकिन ये होठ के रस का स्वाद पीने मे मुझे बहोत मजा आ रहा है उफ

आयुस किस करने के बाद बिनीता के ऊपर से नीचे लेत अपना लंड बाहर निकाल के – उफ ऑन्टी प्लेस मेरे लंड को मुह मे लेके चुसो आह मुझे रहा नही जा रहा है आह दर्द कर रहा है

आयुस सब सपने मे कर रहा था रिमा के साथ लेकिन बेचारे को पता ही नही था वो सपने मे जो कर रहा है जो रियल मे अपनी बुआ के साथ भी कर रहा है

आयुस की बात सुन बिनीता को झटका लगता है बिनीता मन मे – किया पहले किस फिर लंड को भी मुह मे लेके चुसा जाता है छी ये लरका कमीनी किया क्या करते थे

तभी आयुस – आह देर मत करो आपको तो पसंद है ना मेरे लंड मुह मे लेके चूस रस पीने का आह तो करो ना ऑन्टी

बिनीता हैरान – किया कमीनी को आयुस बेटे का लंड मुह मे लेके चूसने मे मजा आता है छी लेकिन क्या सच मे मजा आता है लंड का स्वाद कैसा होता होगा कैसा फिल होता होगा छी छी मे क्या सोचने लगी हु

तबी आयुस – आह करो ना रहा नही जा रहा उफ

आयुस की आवाज सुन बिनीता समझ जाती है लरका तकलीफ मे है

बिनीता मन मे -किया करू मे समझ नही आ रहा मे उसकी बुआ भी कैसे नही मे नही कर सकती

तभी आयुस बिनीता के हाथ पकर अपने लंड पर रख देता है मोटा गर्म फिल कर बिनीता काप् जाती है अंधेरे मे कुछ दिख नही रहा था लेकिन बिनीता अच्छे ने मोटा गर्म फिल कर पा रही थी

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बिनीता खुद को ये जानने के लिये रोक नही पाती की आयुस का लंड कितना बरा मोटा है इस लिये बिनीता अच्छे से अपनी मुठी मे लंड को पकर उपर नीचे तक जायेजा लेती है कितना बरा मोटा है जब अच्छे से बिनीता को अंदाज़ा होता है उसके भतीजे का लंड गढ़े जितना मोटा लम्बा है तो बिनीता का पूरा सरीर काप् जाता है सासे तेज हो जाती है

मिनीता मन मे – बाप रे इतना बरा मोटा लम्बा लंड है आयुस बेटे का यकीन नही होता मोटा इतना है की हाथ मे नही आ रहा साली कमीनी कैसे ली होगी अपनी चुत मे छी छी मे किया सोचने लगी कही मे पागल ना हो जाऊ

तभी फिर आयुस सपने मे – आह ऑन्टी कितने देर पकरे रहोगी मुह मे भी लो ना उफ

बिनीता लंड पकरे मन मे -किया करू मे उसकी बुआ हु ये गलत पाप है कहा फस गई मेरा एक मन मुह मे लेके स्वाद लेने का कर रहा है कैसा लगता है लंड चूसने में दूसरा बना कर रहा है क्या करू

तभी आयुस अपना हाथ आगे बढ़ा के बिनीता के सर पकर नीचे झुका के अपना लंड मुह मे घुसा देता है बिनीता बेचारी शोक मुह मे मोटा लम्बा गर्म फिल कर पागल होने लगती है

आयुस बिनीता के सर पे हाथ रखे – उफ चुसो ना

बिनीता के पास भी कोई रास्ता नही था बिनीता जीब से लंड को चाटती तो बहोत गंदा लगता है

मिनीता मन मे – छी कितना गंदा है लेकिन करना परेगा जल्दी से कर लेती हु जैसे तैसे ताकि आयुस बेटा भी सो जाये मे भी सो सकू बाकी उस कमीनी को तो देख लुंगी

बिनीता फैसला करने के बाद जैसे तैसे जितना हो सके मुह मे लेके लंड चूसने लगती है लेकिन कब बिनीता मजे से आयुस का लंड चूस कर रस पाने मे खो जाती है बिनीता को खुद पता भी नही होता

घट घट बिनीता लंड का रस पीती रहती h आयुस मजे से आह उफ करता रहता है सपने मे

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बिनीता मन मे लंड चुस्टे हुवे – यकीन करना मुश्किल है मे अभी क्या कर रही हु मे आयुस बेटे का लंड मुह मे लेके चूस कर रस पी रही हु और मुझे मजा भी आ रहा है अब समझ मे आया वो रिमा कमीनी कियु आयुस बेटे के लंड का रस पीने मे मजा आता है उफ कितना मोटा गर्म है आह और लंड का स्वाद भी बहोत अच्छा है अब समझ आया लंड चूसने मे कितना मजा आता है उफ 4 मिनट बाद

आयुस झरने वाला था तो बिनीता का सर पकर जोर जोर से उपर नीचे करने लगता है बिनीता हैरान शोक हो जाती है बिनीता कुछ करती तब तक आयुस अपना सारा माल बिनीता के मुह मे छोर देता है

आयुस झरने के बाद सांत हो जाता है लेकिन वही मिनीता हैरान मुह हाथ से बंद किये मन मे – ये किया हो गया आयुस बेटे ने अपना माल मेरे मुह मे गिरा दिया बहोत गर्म है क्या करू पीना ही परेगा

बिनीता हिम्मत कर सारा माल पी जाती है कमाल ये थी मिनीता को बहोत मजा आता है बिनीता आयुस के लंड पकर – अभी भी खरा है

बिनीता फिर लंड मुह मे लेके अच्छे से चूस कर लंड साफ कर बिस्तर पे लेत जाती है

बिनीता मन मे – आज मेने जो किया यकीन करना मुश्किल है मेने ऐसा कुछ किया लेकिन लंड चूसने मे रस आयुस बेटे का माल पीने मे बहोत मजा आया अब समझ मे आ रहा है कमीनी मेरे आयुस बेटे के पीछे कियु है

बिनीता होठ झूठे हुवे – उफ अभी भी मुह मे लंड का नमकींन स्वाद है पर मुझे बुरा लग रहा है ऐसा मुझे नहीं करना चाहिये था कोई बात नही आयुस बेटे को पता नही है लेकिन कल से कुछ नही करुगी

अपने भतीजे के साथ सब करने के बाद एक नया स्वाद मजा लेने के बाद बिनीता भी सो जाती है

सुबह होती है सब उठते थे बिनीता उठती है रात जो हुआ उसे याद कर काप् जाती बुरा फिल भी होता है लेकिन जायदा ना सोचते हुवे उठ बाहर आती है

रोज की तरह सब समुंदर के किनारे खरे होके संसेड देखने लगते है लेकिन बिनीता आयुस को और नीचे लंड को देख रही थी

आयुस – सुबह खूबसूरत नजारा दिल को सुकून देता है

आयुसी – हु कितना खूबसूरत नजारा है

अमृता – पता नही कितने दिन रोज ये सब देखा परेगा

आयुस – हु बात तो सही है

उसके बाद सभी हल्का होने चले जाते है उसके बाद आयुस सभी झरने के पास नहाने के लिये आते है

आयुस शिकार के लिये जंगल मे चला जाता है अमृता बिनीता आयुसी नहाने लगते है

अमृता – झरने मे नहाना सुबह खूबसूरत नजारे देखना सब सही है पर हम गलत जगह है

बिनीता – बात तो आपने सही कही

आयुसी सब नंगे नहा रहे थे आयुसी अच्छे से सरीर को साफ कर रही थी फिर अपनी चुत पे हाथ रख अच्छे से मलके साफ करती है

आयुस जंगल मे शिकार करने लगता है आयुस – आज साम केकरा पकरने की कोसिस करता हु मजा आयेगा खाने मे लेकिन केकरा पकरने के लिये जाल बनाना परेगा हु

आयुस 5 चिरिया का शिकार करता है फिर झरने के पास आ जाता है आयुस को पता था कितने टाइम बाद झरने के पास आना है अमृता सब को भी पता था कितने देर मे आयुस आयेगा उसी टाइम मे सब नहा के रेडी रहते थे

आयुस – आप सब का हो गया अब मेरी बारी है

आयुसी – ठीक है भाई हम जाते है

अमृता जल्दी आ जाना

आयुस – हा

अमृता सभी कैप के पास आ जाते है आयुस नँगा होके नहाने लगता है

नहाने के बाद आयुस सभी के पास आता है फिर खरगोस् को पका के सब को देता है फिर सब खाने लगते है

अमृता – घर मे और भी कई काम करते थे लेकिन यहा एक रोज जो करते है वही आगे भी करते रहेगी उठना नहाना खाना बाते करना सोना अगले दिन फिर वही

बिनीता – हा आपने सही कहा भाभी हम कही जा नही सकते कोई यहा है नही उससे मिल सकते है बाते कर सकते है

आयुसी – मेरी दोस्त सब सोच रही होगी मे कहा चली गई लेकिन उनको क्या पता हम यहा फसे है

आयुस – सेम

वही रिमा को गर्बर् लगी तो बात फैल गई पुलिस तक बात चली गई पुलिस भी गाव मे आस पास सब से पूछताछ करने लगे थे लेकिन जैसा अभय ने कहा था कोई फायेदा नही होने वाला

रिमा कमरे मे बिस्तर पे लेती – क्या हुआ होगा सब के साथ सभी ठीक तो है ना लेकिन एक बात समझ नही आती कोई कियु अमृता दीदी सब के साथ कुछ करेगा बस यही दुवा है सब सही सलामत हो और जहा भी हो जल्दी लौट आये

जंगल मे आयुस सभी झूले पे बाते करते हुवे एक नींद ले लेते है बेचारे सभी कर भी किया सकते थे रोज जब तक कोई नही आता तब तक ऐसेे ही चलने वाला था

साम को सभी बैठे हुवे थे आग के पास अंधेरा होने लगा था

अमृता – अंधेरा होते ही ठंडी लगनी सुरु हो जाती है

आयुस – जंगल है मा इस लिये

बिनीता – आग के पास बैठे है इस लिये राहत मिल रही है लेकिन 9 बजते ही आग के सामने बैठना भी बेकार हो जाता है

आयुसी – भाई चिरिया पक गई है

आयुस – अरे हा

आयुस चरिया लेके मसाला डाल सब को देता है फिर सभी खाने लगते है

अमृता – अभी भी बिस्वास नही होता हम जंगल मे है और चिरिया पका के खा रहे है

बिनीता आयुसी – सेम हमे भी

आयुस – बिस्वास तो मुझे भी नही होता घर पे सोये थे रातों रात जंगल मे आ गये

अमृता – किया लगता है बेटा किसने क्या होगा

आयुस – ये तो मुझे नही पता लेकिन हा जो भी है अमीर है तभी तो हमे रातों रात जंगल मे फेक गया इतनी दूर

बिनीता – आयुस बेटा सही केह रहा है इस खतरनाक जंगल मे कोई मामूली इंसान हमे कियु लायेगा कोई अमीर ही होगा

अमृता – ठीक है लेकिन कियु लाया हमे इस जंगल मे ये मुझे समझ नही आता

आयुसी – क्या पता मा हमने तो किसी का कुछ बिगारा भी नही था

आयुस – खैर जब इस जंगल से निकलने तो पता कर लेगे

9 बजते है ठंडी बढ़ जाती है सभी बिस्तर मे घुस जाते है

बिनीता मन मे – आज तो कुछ नही करना है मुझे आयुस हो रोकना होगा कुछ करने से पहले अच्छा होगा इसके सपने मे करने की बीमारी ठीक हो जाये

वही रिमा चुत की गर्मी से परेसान चुत मे उंगली कर रही थी कमरे मे फच् फच् आवाजे के साथ आह उफ सिसकिया की भी

मिनीता चुत मे उंगली करते हुवे – आह 3 दिन आयुस का लंड नही लिया उफ मेरी चुत गर्मी से जल उठी है ये सब आयुस के मोटे लंड लेने की वजह से है आह मा आने वाला है आह आ गया

रिमा गांड उठा के झर जाती है

रिमा हाफ़ते हुवे – आह पानी तो निकल गया लेकिन आह वो मजा नही आया जब आयुस अपना मोठा लंड मेरी चुत मे डाल घंटों चुदाई करता था आह कई बार मे झरति थी मुझे याद भी नही रहता था उफ पहली बार जब उसका लंड मेरी चुत मे गया था तो आज भी जब याद करती हु मेरी चुत मे जोर से दर्द होता है और पहली चुदाई के बाद मुझे आयुस के मर्द होने का पता चला मे हैरान थी एक लरका कैसे घंटों तक चुदाई कर सकता है उस दिन मेरी हालत बहोत खराब कर दी थी लेकिन उसी दिन मेने असली चुदाई मोटे लंड का स्वाद सुकून का पता चला था उफ आयुस बेटे कहा है तेरी ऑन्टी की चुत तुझे याद कर रही है

आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏🙏

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