chapter 4
सुबह हो चुकी थी आयुस उठ कर अपने काटे को देखने जाता है बाकी सब बैठ सनसेड को देख रहे थे सुबह का नजरा बहोत खूबसूरत होता था
आयुस यहा काटा लगाया था वहा जाके देखता है एक डोरी हिल रही है तेजी से आयुस मुस्कुराते हुवे – हु फसी है
आयुस डोरी पकर जोर से खीचने लगता है मछली पानी मे तेजी फरफराने आयुस ये देख – अरे यार मछली तो बहोत बरी है लो लेकिन साली बाहर आ नही रही
आयुस पुरा ताकत लगा के आखिर कर मछली को बाहर निकाल देखता है मछली कम से कम एक हाथ बरी थी
आयुस मछली को उठा के – उफ हालात खराब हो गई मछली पानी मे बहोत ताकत वर होती है लेकिन कोई बात नही ये बहोत बरी है खाने का इंतज़ाम हो गया
आयुस मछली लेके सभी के पास आता सब इतनी बरी मछली को देख हैरान होते है
अयुसी मछली को देख – भाई ये तो बहोत बरी है
अमृता – हा इतनी बरी मछली बाजार मे ही मुश्किल से दिखती है
बिनीता – जो भी हो खाने का इंतज़ाम तो हुआ
आयुस मुस्कुराते हुवे – हा ये समुंदर है इसमें मछली की कोई कमी नही है
आयुस मछली को एक जगह रख देता है और सब के पास बैठ जाता है
बिनीता आयुस को घूर कर देखते हुवे मन मे – किसने सोचा था लाला मेरी उमर की औरत वो रीमा इसे छी उपर से मेरे चूचे उफ कितने जोर से दबाया
आयुस बिनीता को घूरते देख – बुआ ऐसे कियु घूर रही है मुझे
बिनीता – अरे मे तो अपने हैंडसम लाला को देख रही हु तु ना होता तो हमारा क्या होता
अयुसी – बुआ आपने वो कहा बिल्कुल सही कहा मेरा भाई बहोत हैंडसम है और भाई ना होता तो हमारे लग जाते
अमृता – हस्ते हुवे हु बात तो सही है फिर भी हमारे लगे परे है
आयुस – बात तो सही कही मा ये ये तीसरा दिन है
अमृता – हु पता नही और कितने दिन रहना परेगा
बाते होती है फिर सभी फ्रेस् होते है आयुस खरगोस् को पकाता है इसी मे 10 बज जाते है सूरज निकल आया था धुप चारों तरफ फैली थी जंगल मे रात से लेके सुबह धुप निकले के बाद ही ठंडी जाती है
आयुस सभी को देख – खाना रेडी है धुप निकल आया है तो अब हमे नहाने जाना चाहिये फिर खाना खायेंगे
सभी – ठीक है
आयुस सभी के साथ झरने के पास आता है
आयुस – हमारे पास एक ही कपड़े है वो सरीर पे है इस लिये ध्यान से कपड़े जंगल के फार मत लेना दूसरी हमे इसी एक कपड़े के साथ बता नही कितने दिन यहा रहना होगा
अमृता कपड़े देखते हुवे – लेकिन ये कपड़े गंदे है तो इसी गंदे कपड़े को हमेसा पहन कर रखेगे
बिनीता – आगे और गंदे होते जायेंगे सरीर तो नहा के साफ कर लेगे लेकिन कपड़े का किया
आयुस नजरे दूसरी तरफ कर – वो एक ही रास्ता है जो हमे करेगा ही होगा
आयुसी – भाई वो क्या है
आयुस – देखिये इस जंगल मे हमारे अलावा कोई नही है मे ही एक आप लोगो के बीच मर्द हु मे यहा नही रहुंगा तब आप नहाने से पहले कपड़े निकाल धो कर पथर् यहा धुप है सूखने को रख देना 30 मिनट तो आप सब नहायेगे ही और यहा धुप भी तेज है तो एक घंटे मे कपड़े सुख जायेंगे तो बाकी टाइम आप सब को वैसे रहना परेगा ऐसे ही जब कपड़े गंदे होगे करना परेगा
आयुस की बाते सुन समझ सब सर्म से लाल हो जाते है
अमृता मन मे – उपर वाले कहा फस गये अब नँगा रहना परेगा लेकिन बेटे ने जो कहा सही है हमारे पास कोई रास्ता नही है लेकिन सब के सामने उफ
बिनीता मन मे – हु लाला जी बात सही है दूसरा कोई रास्ता नही
आयुसी – भाई ने सही कहा लेकिन मुझे सर्म आयेगी मा बुआ के सामने नंगी उफ कहा फस गये हम
आयुस जाते हुवे – मे कैप पे जा रहा हु जब आप सब का हो जाये कपड़े सुख जाये तो आ जाना
सभी – ठीक है
अमृता बिनीता आयुसी सब एक दूसरे को देखते है फिर सर्म से लाल हो जाते है कोई रास्ता नही था सब थोरा दूर जाके पथर् के पीछे सारे कपड़े निकाल पानी मे जाके अच्छे से धोके एक अच्छी जहा तेज धुप है वहा सूखने के लिये रख देते है फिर पानी मे नहाने उतर जाते है
अमृता बिनीता के चुत पे बाल थे लेकिन आयुसी के छोटे थे यानी आयुसी ने चुत की सफाई की थी
सभी पानी मे उतर कर आने के बाद तीनों आमने सामने आते है थोरा अजीब लग रहा था ठोरी सर्म भी आ रही थी लेकिन तीनों औरते थी हालात भी ऐसे थे तो सब सर्म बाकी सब छोर मजे से नहाने लगते है
अमृता बिनीता से – उफ झरने मे यहा नहाने मे मजा ही आ जाता है
बिनीता सरीर साफ करते हुवे – आपने सही कहा भाभी पानी भी बहोत साफ है
आयुसी – हु अगर ये झरना ऐसी खूबसूरत जगह हमारे घर के पास होती तो मजा आ जाता
नोट – आयुस का गाव पहारी इलाके मे है लेकिन छोटे पहार जंगल है छोटी नदी झरने है बस
अमृता – बेटी तुने सही कहा पर हम जंगल मे है ये जगह भी
आयुस कैप के पास आके बैठ समुंदर को देखते हुवे – कपड़े एक ही है सब औरते है तो दीकत नही है कास कोई आ जाये
आयुस अपने लंड को पकर – उफ रीमा ऑन्टी आपकी बहोत याद आ रही है
पास्ट
आयुस रीमा के घर जाता है 12 बजे रीमा कमरे मे बिस्तर पे लेती हुई थी
आयुस आगन् मे आके – राज साले कहा है बे
रीमा – आ गया कमीना
रीमा बाहर आके आयुस को देख – अच्छा बेटा तेरा ही इंतज़ार था
आयुस डरते हुआ – वो ऑन्टी मे जा रहा हु बाद मे मीलुगा
लेकिन रीमा जल्दी से आयुस को पकर कान मोर – अच्छा कल मेरे होठ पे किस कर भागा उसका हिसाब कोन देगा हा बोल
आयुस रीमा से कान छोरा के बाहों मे लेके – कल सिर्फ छोटा किस किया था आज आपके होठो का रस पियुगा
आयुस ये केहते हुवे रीमा के होठ मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा हैरान शोक मे खरी रहती है रीमा को यकीन नही हो रहा था उसके बेटे का दोस्त उसके होठ का रस पी रहा है रीमा को गिला होठ पे फिल होता है अजीब एहसास रीमा को घेर लेता है
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आयुस अपना जिब अंदर ले जाने की कोसिस कर रहा था लेकिन रीमा के दात् बंद थे फिर आयुस हैरान होता है रीमा ने मुह खोल दिये थे आयुस भी सब भूल रीमा के जिब से जिब मिला मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा का पहली बार था रीमा भी ना चाहते आयुस का साथ देती है दोनों एक दूसरे के होठ का रस पीते है 2 मिनट बाद
आयुस तेजी से भागते हुवे – बाय खूबसूरत ऑन्टी आपके होठो का रस बहोत मिठा था पीके मजा आया
रीमा हैरान तेज सासे लेते हुवे आयुस को जाते देखते रह जाती है
रीमा – आह उफ ये लरका मेरे साथ सब कर रहा था तो मे उसे रोक कियु नही पाई ये किस पहली बार था मेरा उफ अजीब था होठो का रस पीना लेकिन मजा आया उफ पर मे कैसे इस लरके मे बरी हिम्मत आ गई है मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकता है
रीमा होठ को छुटे हुवे – उफ किया किस करने मे इतना मजा आता है
आयुस घर जाते मुस्कुराते हुवे – उफ आज तो मजा ही आ गया उफ ऑन्टी आप कमल है काश आपकी चुत मिल जाये तो मजा आ जाये
पर्जेंट
अमृता बिनीता आयुस कैप मे आते है आयुस सभी को देखता है कपड़े साफ सूखे थे
आयुस सभी को देख – हा अब सही है हमे ऐसे ही कपड़े साफ रखना होगा
अमृता – हु अब तु जा नहा ले
आयुस – हा ठीक है वैसे बुआ चलो ना साथ मे नहाते है किया कहती है
बिनीता हैरान आयुस को देखती है फिर – रुक तुझे मे बताती हु
आयुस भागते हुवे – गुस्से मे तो आप और भी खूबसूरत लगती है
अमृता अयुसी जोर जोर से हसने लगते है बिनीता भी हस्ते हुवे – ये लरका भी ना
आयुस झरने पे आता है सब कपड़े निकाल अच्छे से धोता है फिर पथर् पे सुखने के लिये रख नहाने लगता है अच्छे से नहाने के बाद बाकी कपड़े सुखने तक नाथ ही इधर उधर धुमने लगता है
आयुस अपने लंड को देख – यार तेरी मेरी किस्मत ही खराब है दोस्त यहा चुत बिना रहना होगा
12 बज चुके थे नहाते कपड़े सुखाते आयुस के कपड़े सुख चुके थे आयुस कपड़े पहन कैप पे आता है
आयुस ने समुंदर के किनारे पहला पेर के नीचे बैठने के लिये बनाया था कियुंकी दिन मे धुप होती थी
आयुस सभी बैठे थे
आयुस फिर मीठ को काट के हिस्सा करके सब को देता है खुद भी लेके खाने लगता है
आयुस खाते हुवे – हु खरगोस् का मीठ बहोत अच्छा है
अमृता – हा करक लेकिन मजेदार
बिनीता – हा स्वाद तो सच मे बहोत अच्छा है
आयुसी – हा लेकिन पका मीठ ही खाना होगा
आयुस – बिल्कुल कियुंकी दूसरा कोई चारा नही
आयुस सभी का खाना होता है तभी आयुस को एक आईडिया आता है
आयुस – गुरिया मेरे साथ चलो
आयुसी – कहा कियु
आयुस मुस्कुराते हुवे – चलो तो सही बाद मे खुद पता चल जायेगा
आयुसी – ठीक है भाई चलती हु
अमृता – संभल के जायदा अंदर मत जाना
बिनीता – हा साप कीरे से बच के
आयुस – जी आप लोग चिंता मत करो
आयुस आयुसी जंगल मे आते है आयुस हर पेर को देख रहा था आयुसी समझ नही पा रही थी उसका भाई किया ढुंढ रहा है
तभी आयुस को जो चाहिये मिल जाता है एक पेर से कई सारे पतली रस्सी जैसी लताये लिपटी हुई थी आयुस उसे पकर जोर से तोरने कि कोसिस करता है लेकिन बेले मजबूत थी
आयुस खुश होके – ये हुई ना बात
आयुस बिना टाइम गवाये सभी सभी लताये को काटने लगता है और एक जगह रखने लगता है अयुसी हैरान – भाई इस बेल का किया करने वाले है
आयुस मुस्कुराते हुवे – बता चल जायेगा
आयुसी मुह फुला के – नही बताना मत बताओ
आयुस मुस्कुराते हुवे – यकीन मानो तुम्हे पसंद आयेगा
आयुस बहोत सारी लताये काट कर एकथा करता है
आयुस – गुरिया इतना तुम उठा लो बाकी मे उठा लेता हु
आयुस – हु ठीक है
आयुस आयुसी लताये लेके सभी के पास आते है
अमृता हैरान आयुस से – अरे बेटा ये जंगली लताये कियु लेके आया है
बिनीता – मुझे लगता है जरूर कुछ करेगा ही
आयुस मुस्कुराते हुवे – बिल्कुल करुगा बस आप सब देखते जाये
आयुस काम पर लग जाता है सभी लताये को एक दूसरे से लपेट जाले टाइप बनाने लगता है बाकी सब देखते रहते है टाइम तो बहोत लगता है 2 घंटे के बाद आयुस सभी के लिये एक एक बना देता है
आयुस जिस पेर के नीचे था वो पेर छोटा था लेकिन बहोत दूर तक चारों तरफ फैला था कई डालिया भी थी आयुस एक नजर डालता है फिर आयुस को कैसे किया करना है समझ मे आ जाता है
आयुस फिर काम पे लग जाता है आयुसी भी मदद कर रही थी आयुस सब को अब समझ आ रहा था आयुस किया कर रहा है 30 मिनट बाद काम खतम होता है
आप इस फोटो मे देख सकते है एक लरकी कैसे लेती है जाले के ऊपर वैसे ही आयुस जंगली मजबूत लताये से सभी के आराम सोने के लिये बनाया कियुंकी दिन मे समय काटना बरा मुश्किल था लेकिन अब आराम से छाव मे झूले पे लेत आराम बाते कर सकते थे
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आयुसी जल्दी से झूले पे लेत खुशी से – वाह भाई अपने तो कमाल कर दिया बैठे बैठे सरीर दर्द करने लगता था लेकिन अब मजे से हवा मे झूलते मजा ले सकते है बाते सो सकते है
अमृता – वाह बेटा सच मे कमाल कर दिया लेकिन किया ये हमारे वजन संभाल पायेंगे
बिनीता – बोलो इतना मजबूत है कही ऐसा ना हो टूट जाये और हमारी कमर भी
आयुस मुस्कुराते हुवे – डरिये नही बहोत मजबूत है लताये दूसरे मेने अच्छे से सब जाल लगाये है टुटने का सवाल ही नही ट्राई करे
अमृता बिनीता झूले पे लेत जाते है डरते हुवे लेकिन कुछ नही होता
अमृता बिनीता – हु बहोत बजबूत है मजा भी आ रहा है आराम से लेत बाते कर सकते है समुंदर का नजारा भी अच्छे से देख सकते है
आयुसी – हु मुझे तो बहोत मजा आ रहा है भाई सुक्रिया
आयुस – अरे गुरिया के लिये कुछ भी करुगा
अमृता बिनीता हमारे लिये नही
आयुस हस्ते हुवे – सब के लिये
सभी झूला पे लेत बाते करने लगते है घर पे किया हो रहा होगा बाकी सब मुद्दे पे फिर सब एक छोटा नींद लेते है साम को सब उठते है
शाम ढल जाती है अंधेरा हो जाता है अभय सभी आग जला के बैठे हुवे थे आयुस मछली को साफ कर आग पे रख पका रहा था
आयुसी – उफ भाई पहले दिन चिरिया फिर खरगोस् अब मछली देखते है मछली का स्वाद कैसा होगा
अमृता मुस्कुराते हुवे – बेटी तुने बात तो सही कही अब खाने के बाद पता चलेगा
बिनीता – यार मुझे तो भूख लगाने लगी है
आयुस – बस बुआ ठोरी देर और
25 मिनट बाद मछली अच्छे से पक जाती है अभय बरे पत्ते लेके रखा था उसी पे अपनी मा बुआ अयुसी को देता है खुद एक लेके खाने लगता है
आयुस – हु अच्छा है लेकिन मीठ के सामने मछली कुछ भी नही
अमृता – सही कहा बेटा मछली का स्वाद तो अच्छा है लेकिन मीठ से जायदा नही
बिनीता – हु चिरिया खरगोस् खाने मे बहोत अच्छा था लेकिन ये मछली ठीक है
अयुसी – किया ही कर सकते है लेकिन इतना भी बुरा नही अच्छा है
आयुस – हु मछली फराइ या बना के खाने मे अच्छा स्वाद करता है पका के खाने मे नही
अमृता – बिल्कुल सही कहा तुमने बेटा
खाना पीना होने के बाद सभी ठोरी देर और बाते करते है फिर सभी बिस्तर पे आके लेत जाते है
अमृता – 9 बजते ही बहोत ठंडी बढ़ जाती है उफ
बिनीता – भाभी आपने बहोत सही कहा आग के पास बैठा भी नही जाता
आयुसी आयुस से चिपकी हुई – हा अच्छा है सोने के लिये बिस्तर है
आयुस – हु इतना सब है इस लिये बहोत हेल्फ हो गई वर्ना बहोत मुश्किल हो जाती
कुछ मिनट बाते करने के बाद सब सोने लगते है
आयुस अयुसी को बाहों मे पकरे हुवे था आयुस को आयुसी के चूचे सीने पे फिल हो रहे थे आयुस – उफ ये चूचे बहोत बरे है मेरी गुरिया के
रात 2 बज रहे थे फिर आयुस रीमा के सपने देखने लगता है और बिनीता को रीमा समझ बाहों मे कसे चूचे दबाने लगता है बरब्राने लगता है बिनीता को फिल फिल होता है कोई उसके चूचे दबा रहा है बिनीता की नींद खुलती है तब समझ मे आता है आज फिर उसका भतीजा रीमा समझ उसके चूचे दबा रहा है
नींद खुल गई चूचे पे आयुस का हाथ चल रहा था आयुस दोनों चूचे पकर जोर जोर से दबा रहा था तो बिनीता को दर्द होने लगता है बिनीता जल्दी से हाथ से मुह बंद कर – मर गई ये लरका फिर सुरु हो गया कितना जोर से दबा रहा है मुझे बहोत दर्द हो रहा है
आयुस रीमा समझ बिनीता के चूचे दबाते हुवे – उफ ऑन्टी आपके चूचे आज बहोत बरे लग रहे है उफ दबाने मे मजा आ रहा है
बिनीता कुछ समझ पति उससे पहले आयुस बिनीता के होठ से होठ सता के किस करने लगता है साथ मे अपना लंड बिनीता के चुत पे सता के घिसने लगता है
तीन हमला बिनीता को कपा देता है आयुस बिनीता को किस करते हुवे चूचे दबा रहा था और चुत पे लंड घिस भी रहा था बिनीता बेचारी की हालात खराब होने लगती है होठ पे होठ चूचे पे हाथ चुत पे लंड फिल कर बिनीता मद्होस पागल होके मचल रही थी
बिनीता होस खोटे जा रही थी मुह बंद था इस लिये आह उफ सिसकिया की आवाजे मुह मे ही रह जाती है
बिनीता मन मे बेचैन होके – आह मा मर गई ये ये आयुस बेटा रुक जा आह मेरी चुत पे आयुस बेटे का लंड है उफ बहोत मोटा लग रहा है
आयुस किस छोर चूचे दबाते हुवे – आह ऑन्टी याद है आपकी चुत पे पहली बार अपना मोठा लम्बा 10 इंच का लंड घुसाया था तो आप को कितना दर्द हुआ था
बिनीता हैरान शोक मे – किया इतना बरा है आयुस बेटे का लंड छी मे किया सोचने लगी मुझे रोकना होगा आयुस बेटे को
तभी आयुस सारी के ऊपर से ही बिनीता के चुत पे हाथ रख चुत को मसलने लगता है बिनीता तो पूरी काप् जाती है शोक मे आह उफ मचल के तरप् के महदोस् मे खोने लगती है
आयुस बिनीता के गर्दन पे किस करते हुवे बिनीता के चुत मसलते हुवे – उफ ऑन्टी आपकी चुत तो आज बहोत गर्म लग रही है उफ चिंता मत करिये सब गर्मी निकाल दुगा आपकी चुत की
बिनीता आयुस की खुली गंदी बाते सुन अपनी चुत पे आयुस पे आयुस का हाथ चलता फिल कर मन मे – आह मर गई रे आयुस बेटा रुक जा ये लरका कितना गंदा बाते कर रहा है उफ मेरी चुत को कितना जोर से मसल रहा है आह मुझे कुछ हो रहा है नही मुझे रोकना होगा
बिनीता आयुस के कान मे उंगली करती है आयुस नींद मे ही कान पे हाथ रख देखने लगता है किया है कान पे लेकिन इसकी वजह से आयुस रीमा का सपना देखना बंद कर सांत हो जाता है
बिनीता पीठ के बल लेत तेज सासे लेते हुवे मन म – आह उफ आज तो हद ही हो गई उफ मेरे चूचे बहोत दर्द कर रहे है मेरी चुत गीली हो गई आयुस बेटे के मसलने उसकी बाते सुन छी लेकिन कैसे मे उसकी बुआ वो मेरे बेटे जैसा है ये रीमा के चक्कर मे मुझे सब झेलना पर रहा है किया करू मुझे लगा एक बार हो गया हो गया लेकिन आज भी
मे समझ सकती हु आयुस जवान है रीमा के साथ सब करने के बाद यहा उसको वो सब करने का दिल कर रहा होगा उफ ये लरका भी ना पर आगे किया फिर कल भी ऐसा करेगा तो किया भाभी को नही नही अगर भाभी आयुस के पास सुई तो भाभी के साथ भी ये लरका सब करने लगेगा फिर भाभी को भी पता चल जायेगा आयुस रीमा के बारे मे ऐसा हुआ तो गर्बर् हो जायेगी मुझे ही कुछ सोचना होगा
बिनीता अपनी चुत को सेहलाते हुवे मन मे – इतना जोर से कोन मसलता है आह मा दर्द हो रहा है
सुबह होती है बिनीता रात जो हुआ वही याद कर आयुस को घूर के देखते हुवे मन मे – अभी भी यकीन नही होता रीमा मेरे बेटा कैसे उपर से रीमा समझ मेरी नींद उड़ा रहा है
आयुस सब खरे फिर सुबह समुंदर को देख रहे थे
अमृता – सुबह का ये सन्सेड देखना दिल को सुकून दे रहा है
आयुसी – समुंदर के ऊपर सूरज जो अपनी लालिमा हर तरफ फैला रहा है बहोत खूबसूरत है
आयुस – हु खूबसूरत तो है
10 बजते है फिर सभी झरने के पास आके नहाने लगते है आयुस अकेले जंगल मे जाके शिकार करने लगता है 36 मिनट बाद आयुस आज फिर दो खरगोस् 3 चिरिया का शिकार कर लौटने लगता है
आयुस – ये बहोत बरा खतरनाक जंगल है यहा कोई शिकारी आता नही इस लिये शिकार आसानी से मिल जाते है ये हमारे लिये अच्छा है नही तो अगर हम कोई ऐसी जगह होते यहा बहोत कम शिकार है तो हमारे लग जाते
आयुस झरने के पास पास आता है अमृता सब नहा के धुप मे पथर् पे बैठे हुवे थे आयुस सब के सामने शिकार रख देता है
अमृता – वाह आज फिर खरगोस् चिरिया खाने को मिलेगा
बिनीता – रोज एक ही चीज खाके मन भर जायेगा
आयुस – अरे ये चिरिया उस दिन के चिरिया से अलग है तो स्वाद भी अलग आयेगा
आयुस – भाई आपने सही कहा ये चिरिया अलग है
आयुस – हु और समुंदर मे भी कई तरह के चीजे खाने को है
अमृता – हु
आयुस – ठीक है आप सब जाओ मे नहा के आता हु
अमृता बिनीता सब जाते हुवे – ठीक है
आयुस फिर नँगा होके नहाने लगता है
आज के लिये इतना ही ![]()
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