Reading Mode

chapter 2

साम के तीन बज रहे थे आयुस अपने दोस्त के घर जा रहा था

आयुस – यार क्या जिंदगी है कोई लरकी भी नही मिल रही इसकी मा का सिंगल ही रहना परेगा किया हिलाते हुवे

आयुस ये केहते हुवे अपने दोस्त राज के घर के अंदर जाता है लेकिन सामने का सीन देख आयुस जम जाता आखे फटी रह जाती है सामने राज की मा रीमा आगन मे नंगी थी रीमा का पेटीकोट नीचे गिर गया था लेकिन रीमा जब पेटीकोट उठा के खरी होती है

Gzq-U3w5aw-AAMp-Sy

रीमा की नजर भी आयुस पे पाती जिसे देख रीमा भी हैरान जम जाती है फिर रीमा जोर से चिल्लाती है जिसे आवाज को सुन आयुस होस मे आता है और रीमा को देख -माफ करना ऑन्टी मे चलता हु

आयुस तेजी से भागते हुवे घर से बाहर निकल अपने दोस्त जहा हो सकते है जहा सब मिलते है वहा जाने लगता है आयुस मन मे – maa कसम ये किया देख लिया मेने बाप रे किया बॉडी है ऑन्टी भरा बदन बरे चूचे उफ बरी गांड फूली चुत इस उमर मे भी ऑन्टी कयामत है

आयुस को फिर एहसास होता है उसका लंड बहोत टाइट है जो बैठने का नाम नही ले रहा पहली बार आयुस ने किसी को नँगा देखा था तो ये होना ही था

वही रीमा कमरे मे आते सारी रेडी होते हुवे मन मे – मेरी बुरी किस्मत साली उसी वक़्त मेरे हाथ से पेटीकोट नीचे गिर गया हाय राम मेरा सब कुछ आयुस बेटे ने देख लिया मर गई किया सोच रहा होगा कैसे फिर मे उसके सामने जाउंगी

        परजेंट

आयुस हैरान था खुद को खतरनाक जंगल मे पाके आयुस खरा होता है सामने देखता है उसकी मा बुआ बहन बेहोस जमीन पे परे है लेकिन आयुस की नजर एक बैग पे जाती है उस बैग पे एक कागज भी था

आयुस बैग के पास जाके घुटने पे बैठ पथर् हटा के उस कागज को उठा के देखता है तो उसमे कुछ लिखा था आयुस पढ़ने लगता है जैसे जैसे आयुस पढ़ते जाता है आयुस का गुस्सा आखे लाल नशे फूलने लगती है पूरा पढ़ने के बाद आयुस गुस्से से पागल होके कागज को फार के एक जोरदार चीख मारता है

आस पास आयुस के चिल्लाने की आवाज से चिरिया बंदर डर के भागने लगते है

आयुस गुस्से से बैग को देखता है बैग पे एक और चीज थी handheld radios था जिससे लोगो से संपर्क कर सकते थे यानी आयुस अभी चाहे तो मदद बुला के बाहर निकल सकता है लेकिन आयुस गुस्से से लाल handheld radios को उठाता है और खरा होके चिल्लाते हुवे एक पेर पे मार के तोर देता है

आयुस गुस्से से मुठी कसते हुवे – कसम उपर वाले की अगर मुझे पता होता तो मे तुझे जान से मार देता कमीने लेकिन तेरी किस्मत अच्छी थी मुझे कुछ पता नही था

आयुस अपनी मा बहन बुआ को देख – उपर वाले से दुवा करना मे निकलुगा इस जंगल से तो अपनी मा बहन बुआ के साथ ही और अगर नही निकल पाया तो यही इस जंगल मे सब के साथ मर जाउंगा पर किस्मत से हम जिंदा बाहर निकल आये तो मे चैन की सास जिंदा बचने का जसन् नही मनाऊँगा पहले तुझे मार नही देता तब तक चैन की सासे नही लूंगा दुवा कर हम यही मारे जाय बच गये तो तु मरेगा

जो तु चाहता है तुझे नही मिलेगा

आयुस मन मे – हमारे साथ ही ऐसा कियु हुआ ( आयुस maa बहन बुआ को देख) मुझे सांत होना होगा मे ही हु जो सब को बाहर निकाल सकता हु मेरे बिना इस जंगल मे मा बहन बुआ एक हफ्ते तक भी जिंदा नही रह पायेंगे

आयुस आस पास देखता है तो आयुस को एक जंगली छोटा पेर जिसके पत्ते बरे कटोरे जैसे फैले थे उसके अंदर पानी था आयुस जाके देखता है पानी बहोत साफ था आयुस उस पत्ते के नीचे से दंडी तोर पानी लेके अपनी बहन मा बुआ के चेहरे पे थोरा थोरा गिरा देता है जिसकी वजह से सभी होस मे आने लगते है

आयुसी नींद मे चेहरे पे पानी फिल कर – यार भाई सोने दो ना कियु परेसान कर रहे हो

अमृता बिनीता होस मे आती है दोनों जब आखे खोलती है तो उन्हें भी बरे बरे पेर और पेर पे कई तरह के चिरिया बंदर बैठे दिखाये देते थे चारों तरफ से चिरिया बंदर और कई तरह की आवाजे सुनाई दे रही थी

अमृता बिनीता जल्दी से उठ कर बैठ चारों तरफ देखने लगते चारों तरफ बहोत बरे पेर जंगल के अलावा कुछ नही था जिसे देख दोनों डर के मारे कापने लगते है

आयुस दोनों के पास जाके – मा बुआ

अमृता आयुस को देख डरते हुवे – बेटा हम इस जंगल मे कैसे आ गये

बिनीता डरते हुवे – बोल ना मुझे बहोत डर लग रहा है

आयुस दोनों के पास बैठ बुआ मा को देख – मुझे नही पता हम यहा कैसे आये लेकिन अब हम इस खतरनाक जंगल मे फस गये है

अमृता बिनीता शोक हैरान होके – किया

अमृता कापते हुवे – अब हम किया करेगे बेटा

बिनीता डरते हुवे चारों तरफ देख – इतने भयानक जंगल मे आखिर हम आये कैसे और बाहर निकलेगे कैसे

आयुस गहरी सास लेते हुवे – मुझे नही पता लेकिन मे कोई ना कोई रास्ता निकाल लूंगा मे किसी को कुछ नही होने दूंगा लेकिन पहले आप दोनों को सांत रहना होगा तभी मे आराम से कुछ सोच कर पाऊगा

अमृता बिनीता चारों तरफ देखते हुवे – ठीक है

दोनों मे केह तो दिया था पर डरे हुवे बहोत थे

आयुस बुआ मा को देख – डर तो मुझे भी लग रहा है लेकिन मे डर गया तो फिर मे कैसे सब को बचा पाऊगा

आयुस अयुसी को देख – मेरी गुरिया

आयुस आयुसी को हिला के जगाता है तो अयुसी उठ आयुस को देख आखे मलते हुवे – भाई कियु जगाया मुझे तभी अयुसी को भी चिरिया बंदर कई तरह की तेज आवाजे सुनाई देती है आयुसी हैरान होके चारों तरफ देखती है तो शोक डर से चिल्ला उठती है

अयुसी डरते हुवे – भाई भाई ये जंगल मे हम कैसे आये

आयुस आयुसी को बाहों मे लेके – मुझे नही पता गुरिया लेकिन तु डर मत मे हु ना

आयुसी डरते हुवे – लेकिन भाई अब हम किया करेगे मुझे बहोत डर लग रहा है कितना भयानक जंगल है

आयुस अयुसी के चेहरे को पकर् आखो मे देख – जब तक तेरा भाई जिंदा है तुझे कुछ नही होने देगा समझ गई हम सही सलामत बाहर जायेंगे ये मेरा वादा है बस तु डरना बंद कर ताकि मे कुछ सोच सकु

अयुसी – जि जी भाई

आयुस – बहोत अच्छा

आयुसी बिनीता अमृता को देख – मा

अमृता – बेटा आजा मेरे पास

अयुसी अमृता के पास बैठ जाती

अमृता आयुस को देख – बेटा अब किया करे

आयुस बैग के पास जाके – करना तो परेगा ही कुछ ना कुछ

आयुस बैग खोलता है तो अंदर छोटा चाकू बरा चाकू छोटी कुल्हारी रस्सी बाकी कुछ और समान थे जिसे देख आयुस गुस्से से मन मे – कमीना तुझे क्या लगता है मे हार मान लूंगा नही ये समान जो तुने दिया यकीन मान मेरे लिये बरे काम की चीज है बस जंगली जानवर और जेहरीले कीरे साप से बचना है बाकी कई दिन महीने लगे बाहर निकल के रहुंगा

आयुस कुल्हारी लेके खरा होता है फिर चारों तरफ देखता है ठोरी दूर आयुस को छोटे पेर दिखाई देते है आयुस जंगल के झारिया अलग करते हुवे पास जाता है फिर उपर पेर पे चढ़ जाता है अमृता बिनीता आयुसी डरे सब देख रहे है

आयुस चार 2 इंच मोटा टहनी काटता है फिर नीचे उतर टहनी लेके अपनी मा सब के पास आके बैठ टहनी को अच्छे से साफ करने लगता है

आयुसी – भाई ये आप किया कर रहे है

आयुस – गुरिया भाला बना रहा हु सब के लिये

अमृता हैरानी से – पर कियु

आयुस – अगर कोई जानवर सामने आ गया तो फिर हम कैसे बचायेंगे अपने आप को इस लिये

बिनीता डरते हुवे – बेटा लेकिन हम कैसे लरेगे हम से नही होगा

आयुस – जरूरी नही हमारा सामना किसी जानवर से हो लेकिन अगर ऐसा होता हो तो बस बिना सोचे हलमा कर देना है

आयुस चारों टहनी को अच्छे से साफ करने के बाद एक तरफ से सिरे को नूखिला चाकू से कर देता है हम सब के लिये एक एक लकरी का भाला रेडी था

आयुस एक भाला उठा के खरा होके अमृता सब को देख – देखिये कैसे कब किया करना है मान लो कोई जानवर आपके पास आ जाता है या अचनाक् हमला करता है तो ये नुखिला हिस्सा आगे कर देना है बस दूसरी ये भाला जंगल के झारिया अलग करने और चलने मे सहारे की तरह काम भी करेगा आप समझ गये

अमृता बिनीता अयुसी – हा समझ गये

आयुस सब को एक एक भाला देते हुवे – मा बुआ गुरिया मुझे पता है तुम सब बहोत डरे हुवे हो लेकिन डरने से अब कुछ नही होने वाला मे हु बस मे जैसा कहु करते रहना है

आयुस बैग के पास जाता है और बैग पीठ पे लेके भाला हाथ मे लिये आयुस सभी को देख – मेरे पीछे चलते रहना आप सब

अमृता – लेकिन बेटा हम जायेंगे कहा

बिनीता – हा हम जा कहा रहे है

आयुसी आयुस के गले लग – भाई बहोत डर लग रहा है

आयुस बाहों मे भर – गुरिया तु बहोत बहादुर है डर मत मेरे साथ चलते रहना मे किसी को कुछ नही होने दुगा

आयुसी – ठीक है भाई

आयुस – हम पहले हमे ये जानना होगा हम अभी कहा है और किस तरफ जाना है उसके लिये हमे किसी उचे जगह या किसी ऐसे पेर देखना होगा जिसके उपर चड मे देख सकु उसके बाद ही आगे का प्लान बना पायेंगे

अमृता सभी – ठीक है

आयुस – ठीक मेरे पीछे पीछे चलो और हा ध्यान से कदम रखना देख कर और अपने आप को कोई जखम होने मत देना यहा छोटी जखम हमारे लिये मुश्किल पैदा कर सकती है

सभी – समझ गये

आयुस सब को देखता है फिर एक तरफ देख भाला आगे कर झारिया साइड करते हुवे अच्छे से चारों तरफ देख आगे बढ़ने लगता है पीछे आयुसी बिनीता अमृता भी आयुस के पीछे चलने लगते है

आयुस मन मे – अच्छा हुआ मेने कई survival वीडियो देख रखी थी तो मुझे किया करना है अच्छे से पता है और तुम कमीने मुझे पता है तुमने मुझे ये बैग हथियार कियु दिये लेकिन मे हार नही मानुगा और तेरे दिये ये सब चीजो से मेरा काम आसान हो जायेगा मे जरूर अपनी मा बुआ बहन के साथ जिंदा इस जंगल से बाहर निकलुगा

आयुस आगे आगे रास्ते मे आने वाले झारियो को साइड कर रास्ता बनाते हुवे चल रहा था पीछे अमृता बिनीता आयुसी डर तो अभी भी अमृता बिनीता आयुसी को लग रहा था आयुस ये जानता था पर बेचारा आयुस भी कर किया सकता था

आयुस को बहोत मुश्किल हो रही थी झारिया इतनी बरी थी थी उसमे सब खो जाते रहे थे और आयुस को ये डर सता रहा था कोई साप पे पैर ना रख दे इस किये आयुस बहोत सावधानी से अच्छे से रास्ते को देख झारिया साइड करते चल रहा था आयुस को पता था उसे जिंदा सही सलामत रहना होगा अगर उसे कुछ हुआ तो सब यही खतम हो जायेंगे

तभी आयुस कुछ देख एकदम से रुक जाता है आयुसी – भाई किया हुआ

आयुस – अजगर है रास्ते मे

आयुस की बात सुन सब बहोत डर जाते है

sdzkids-animalprofilepage-snake-hero

आयुस अजगर को देखते हुवे – डरो नही छोटा है तो कोई दिकत नही है

अमृता डरते हुवे – बेटा संभल के

बिनीता – हा लाला संभल के कहा फस गये हम है उपर वाले

आयुस भाले से अजगर के पास मारता है अजगर जंगल रास्ते से हट झारियो मे चला जाता है

आयुस पीछे देख – मा बुआ गुरिया याद रहे ये जंगल है हर कदम पे खतरा है कई साप हमे दिखाई देगे लेकिन हमे डरना नही है जब तक हम उन्हे परेसान या उनके उपर पैर नही रखते तब तक हमे उनसे कोई खतरा नही है समझ आप समझ गये

सभी – हा समझ गये

360-F-616400700-CKQHN80-Mljdft-Kk-UMid-RGRSTLJ2-Kw-GBh

आयुस फिर आगे रास्ता बनाते हुवे चारों तरफ देखते हुवे चलने लगता है पीछे आयुसी अमृता बिनीता भी डरे चारों तरफ देखते हुवे चल रहे थे चारों तरफ जंगल बरे पेर झारिया अजीब गरीब आवाजे सुनाई दे रही थी

2 घंटे चलते चलते आखिर कार आयुस सभी एक ऐसे जगह आते है जहा बरी घने झारिया नही थी छोटे जंगली पेर थे बाकी बरे बरे पेर तो हर तरफ थे

आयुसी आयुस के पास जाके – भाई मे थक गई और नही चला जायेगा

अमृता बिनीता – हा हम भी थक गये है

आयुस सभी को देख – ठीक है हम थोरा आराम कर लेते है

आयुसी को पिसाब लगी हुई थी तो आयुसी एक झारियो की तरफ जाने लगती है आयुस – कहा जा रही हो

आयुसी – वो भाई

आयुस हालात समझ – ठीक है जायदा दूर मत जाना

आयुसी – जी

आयुस – बैग से पानी का बोतल निकाल अमृता बिनीता को देते हुवे – थोरा थोरा पानी पी लीजिये हम जंगल मे है तो पानी बचा के चलना होगा

अमृता बिनीता एक पेर के पास बैठ थकी हालात मे बोतल लेके पानी पीते है

अमृता – बेटा कोई हमे जंगल मे छोर गया कोई भूत तो लेके नही आयेगा

बिनीता – हा कोई तो हमे इस जंगल मे लेके आया है लेकिन कियु भला हमसे किया दुश्मनी होगी

अमृता – अगर कोई दुश्मनी होगी भी तो हमे आराम से मार सकता था इस जंगल मे लानें की किया जरूरत थी

आयुस – मा बुआ मुझे भी नही पता फिल्हाल ये सब सोचना बंद करे पहले जरूरी है इस जंगल से बाहर निकलना

अमृता बिनीता – तुम सही केह रहे हो

आयुस भी एक जगह बैठ जाता है

अयुसी थोरि एक पेर के पीछे नारा खोल बैठ पिसाब करने लगती है

अयुसी सूट सलवार मे थी

आयुसी पिसाब करते हुवे चारों तरफ देख डरते हुवे – कहा फस गये हम

अयुसी पिसाब कर आयुस के पास आके बैठ पानी पीती है फिर – भाई चारों तरफ जगल है और ये दरवानी अजीब आवाजे

अमृता चारों तरफ देख – ये जंगल अजीब आवाज मेरे रूह को कपा रही है

बिनीता चारों तरफ देख – हर तरफ घने झारिया पेर है मुझे तो बहोत डर लग रहा है लाला अब आगे किया करना है

आयुस फोन निकाल टाइम देख – अभी 12 बजे है हमे एक ऐसी जगह जाना होगा जो खुला हो वही हम रात रुकेंगे

आयुस बैग खोल अंदर देखते हुवे उस कमीने ने एक दिन का खाना पानी भी रखा है उसके बाद मुझे खुद खाने के लिये कोई शिकार करना होगा पानी का भी इंतज़ाम करना होगा

एक अंजान जगह के एक कमरे के कोई बंदा बैठा फोन मे बाते कर रहा था बिस्तर पे एक लरकी नंगी परी हुई थी

अंजान – काम हो गया ना

बंदा – जी सर लेकिन

अंजान – लेकिन किया

बंदा – लेकिन ये की आपने उसे बैग मे जो समान दिये वो उनके लिये फायेदे मंद साबित हो सकते है

अंजान हस्ते हुवे – अरे पागल छोटे हथियार एक दिन का खाना पानी ही तो हा जंगल मे वो सब हथियार बोतल सब बहोत काम आयेगे लेकिन तुम भूलो मत मे नही चाहता उनमेसे कोई मरे मेने बस वो समान दिया ताकि जी भर कोसिस कर ले जंगल से बाहर निकलने का लेकिन निकल नही पायेंगे बिना खाना पानी उपर से जंगल मे जंगली जानवर जहरीले साप किरे से जीतने दिन अपने आप को बचा के रख पायेंगे जब हिम्मत टूटेगी जब जंगली जानवरो जेहरीले सापो से सामना होगा तो वो हार मान मेरे सामने घुटने टेक देगे जो मे चाहता हु फिर मुझे वो मिल जायेगा जो मुझे चाहिये

बंदा – समझ गया

अंजान – याद रहे मेरे पापा को कुछ भी पता ना चले

बंदा – आप बेफ़िकर रहिये

फोन कट

जंगल मे

आयुस – खरा होके हमे अब चलना चाहिये

आयुसी अमृता बिनीता खरी होके – ठीक है

आयुस अयुसी के सर पे हाथ फेर – डर लग रहा है

आयुसी अयुस के सीने पे सर रख – हा लेकिन मुझे पता है मेरा भाई मेरे साथ है तो मुझे कुछ नही होगा

आयुस मुस्कुराते हुवे – बिल्कुल

images

आयुस फिर आगे पीछे सब चलने लगते है इस बार बरे झारिया नही थे तो सभी को चलने मे आसानी हो रही थी आयुसी अमृता बिनीता सभी उपर देख रहे थे बरे बरे लम्बे पेर से के वजह से आसमान भी दिख नही रहा था

2.30 घण्टे चलने के बाद आयुस सभी समुंदर के किनारे आते है एक भयानक खतरनाक जंगल से होके अब एक खूबसूरत जगह पे सब आ गये थे खूबसूरत नजारा था समुंदर की लहरे किनारे से टकरा रहे थे समुंदर का पानी पूरा साफ था सभी समुंदर के किनारे आके खरे हो जाते है और सब भूल खूबसूरती मे खो जाते है

आयुस समुंदर की तरफ देखता है तो दूर दूर सिर्फ समुंदर ही दिखाई दे रहा था

istockphoto-932310782-612x612

आयुसी समुंदर आस पास के नजारे को देख – भाई कितना खूबसूरत नजारा है ना ( आयुस – हा बाहर खूबसूरत है

अमृता नजारे को देखते हुवे – किसने सोचा था भयानक जंगल से आने के बाद हम इतनी खूबसूरत नजारे को देखेंगे

बिनीता – भाभी खूबसूरत नजारा तो है लेकिन मुझे अब राहत मिली जंगल झारियो मे मेरी तो डर के मारे हालात खराब थी लेकिन अब खुले आसमान इतनी खूबसूरत सांत जगह देख राहत मिली

अमृता – मुझे भी

आयुस पानी मे जाता है थोरा सा और खरा हो जाता है आयुसी भी आयुस के पास जाके पानी पे खरी हो जाती है

पीछे अमृता बिनीता से – मुझे लगी है मे करने जा रही हु

बिनीता – भाभी मुझे भी लगी है

अमृता – ठीक है चलो

अयुसी समुंदर देखते हुवे – भाई दूर दूर तक तो सिर्फ समुंदर ही दिखाई दे रहा है हम हम किया करेगे

आयुस समुंदर को देखते हुवे – गुरिया दो रास्ते है हमारे पास

आयुसी – कोन सा दो रास्ते भाई

Jungle-beach-Galle

आयुस – पहला हम यही इस जगह पे रहे और कोई शिप कोई मदद आने का इंतज़ार करे और दूसरा की हम जंगल के बीच से होते हुवे इस जंगल से बाहर निकले

अमृता आयुस के पास आते हुवे – अगर हम यही रुके किसी के आने के इंतज़ार मे किसी शिप के इंतज़ार मे तो किया लगता है हमे कितना दिन रुकना परेगा इस जगह पे

बिनीता भी आयुस के पास आके – दूसरा जंगल के बीच होके जाने मे बहोत खतरा है हर कदम पे कुछ भी हो सकता है सब से बच भी गये तो हमे नही पता जंगल पार करने मे कितना समय लगेगा

आयुस सब को देख – चलिये बैठ के बात करते है

सभी एक जगह बैठ जाते है..

आयुस अमृता को देख – मा आपने जो सवाल किया उसका जवाब ये है की मुझे भी नही पता कितना दिन यहा रुकना परेगा कोई शिप इंसान यहा कब तक आयेगा लेकिन मुझे यकीन है कब कितने दिन नही पता लेकिन यहा से शिप तो गुजरेगी ही कोई ना कोई आयेगा ही

आयुस बिनीता को देख – बुआ आपने भी जो कहा सही कहा जंगल के बीच से अगर हम जाते है तो हर कदम पे खतरा है कब किया हो जाये नही पता दूसरी हमे कई बरे पहार् खतरनाक रास्ते से होके जाना परेगा साथ मे खाना पानी भी उतना लेके चलना परेगा सब कर भी लेते है फिर भी कितना दिन लगेगा जंगल से बाहर निकलने मे ये केहना मुश्किल है तो आप लोग बताये किया करना है

आयुस की बात सुन अमृता बिनीता आयुसी सोचने लगते है थोरि देर बाद अमृता – बेटा तुम्हे यकीन है इस रास्ते से कोई इंसान जायेगा

आयुस – हा ये समुंदर का रास्ता है जाहिर है कोई ना कोई शिप इंसान जायेगा ही लेकिन कब नही पता

बिनीता – बेटा तुम ही बताओ किया करना है

आयुस सोचते हुवे – मुझे लगता है हमे यही इस जगह रह किसी के आने का इंतज़ार करना चाहिये जंगल से जाने मे बहोत खतरा है खाना पानी लेके चलना होगा खतरे से भरे रास्ते मे तो जंगल से जाने मे बहोत रिस्क है

आयुसी – भाई आपके जो कहा वही करते है यही रुक किसी का इंतज़ार करते है मे फिर उस भयानक जंगल के अंदर नही जाना चाहती

अमृता बिनीता कापते हुवे – मे भी नही

आयुस सब को देख – हु ठीक है फिर यही रुकेंगे किसी के आने का इंतज़ार करेगे जब तय हो गया है तो अब हमे रहने के लिये छोटा घर जैसा कुछ बनाना होगा ये जंगल है यहा बारिस होती रहती है और रात मे ठंडी बढ़ जाती है मुझे नही पता यहा कितना दिन महीने रुकना होगा लेकिन हम हार नही मानेंगे

अमृता बिनीता आयुसी – हा हार नही मानेंगे

आयुस बैग नीचे रख camping in alibaug निकाल समुंदर से 20 कदम दूर कैप लगाने लगता है आयुस अमृता सब मदद करते है काम हो जाने के बाद आयुस मन मे – कमीने का दिया समान बहोत काम आयेगा साले तु सोच रहा होगा हम भूख प्यास जंगली जानवर से हार मान डर के तेरे सामने घुटने टेक देगे लेकिन ये होने से रहा पानी खाने का इंतज़ाम तो मे कर ही लूंगा आज survival वीडियो देख जो जाना सिखा अब काम आयेगा

360-F-582069927-PBjz-SWoes-Jym-My3e-Gp-HSJkfzfk0f-YCs8

अयुसी – भाई हम सब एक साथ ही सोयेंगे ना

आयुसी – हा कियुंकी यही एक है हमारे पास दूसरी साथ सोयेंगे तो रात को ठंडी कम लगेगी

अमृता बिनीता – हु तुने बात तो सही कही

आयुस – अब हमे लकरि लाके रखना होगा ताकि रात को हम आग जला सके

अमृता मिनिता आयुसी – हा समझ गये

अयुस समुंदर को देखते हुवे मन मे – बस उमीद है जल्दी कोई इस रास्ते से गुजरे या कोई यहा भूमने आये

आयुस चलो थोरा अंदर जाके सुखी लकरी लेके आते है

आयुस फिर सभी के साथ थोरा अंदर तक जाता है

आयुस – मा बुआ आप दोनों लकरि इकठा करो मे बैठने के लिये टेबल का इंतज़ाम करता हु और हा ज्यादा दूर अंदर मत जाना

अमृता बिनीता- ठीक है

आयुस आयुसी को देख – गुरिया मेरे साथ थोरा आगे चलो

आयुसी – जी भाई

आयुस एक पेर को देखता है जो गिरा और सुखा भी था पेर मोटा था लेकिन जितना मोटा आयुस को चाहिये था

आयुस कुल्हारी से काटने लग जाता है जंगल मे कट कट की आवाजे गुजने लगती है 40 मिनट मेहनत करने के बाद आयुस का चेहरा पसीने से भीग जाता

आयुस आयुसी को देख गुरिया हो गया अब इस लकरि को लेके जाना है

आयुसी आयुस के पास आके अपने दुप्पटा से आयुस का पसीना साफ करते हुवे – कितना थक गये आप हराम से करते

आयुस मुस्कुराते हुवे – रात होने वाली है इस लिये

अमृता बिनीता आते हुवे – हमने भी सुखी लकरि लेली है

आयुस – गुरिया छोटा लरकी उठा को बाकी ले लेता हु

आयुसी – ठीक है भाई

आयुस फिर सभी के साथ अपने कैप के पास आ जाता आयुस फिर छोटे छोटे पथर उठा के लाता है और कैप के पास गोल रख उसके बीच लकरि रख देता है फिर आयुस लरकी काट कर लाया था उसे रख देता है ताकि बैठा जा सके रात हो चुकी थी आयुस लाइटर से आग लगा देता है सीन कैपिंग वाला लग रहा था पर बेचारे फसे थे

Xk-Ikmy-Lv-SRif-WAZ6h269x-A

आयुस – मा बुआ गुरिया बताओ कैसा लग रहा है

अमृता सामने देख – मस्त है बेटा आग और दोनों तरफ बैठने का इंतज़ाम मस्त किया है

बिनीता – हु सच मे लाला तुने कमाल कर दिया

आयुस – उसके किये भाई ने बहोत मेहनत की है

आयुस सभी को देख गाल आगे कर – तो चलो मेहनत का फल मुझे दो

खतरनाक हालात मे भी आयुस की बात सुन सब भूल मुस्कुराते हुवे एक एक कर आयुस के गाल पे किसी देते है

आयुस – हु मजा आया अब चलो बैठ बाते करते है फिर खाना खाके सो जायेंगे

आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏

Please complete the required fields.