chapter 12
सुबह होती है आयुसी लंड का मजा चुराई का सुख ले चुकी थी आयुसी भी अपने भाई के लंड के दीवानी हो चुकी थी
पहले आयुसी को गलत लगा लेकिन जब आयुस् का लंड चुत मे लिया और दर्द मे जो मजा मिला आयुसी को पता चला चुदाई मे कितना मजा सुकून मिलता है खास कर जब भाई चोदे
समुंदर के किनारे चारों बैठे सांत धुप खूबसूरत नाजारे देख रहे थे और कई चीजो को लेकर सोच भी रहे थे
आयुसी तो अब एक औरत बन गई थी आयुसी अपने भाई को देख मन मे – यकीन करना मुश्किल है लेकिन भाई ने मुझे चोदा मजा भी आया उफ मे भी सब भूल मजा लेना चाहती हु जायदा सोचने से कोई फायदा नही होने वाला
अमृता – इस जंगल मे मुझे तो अब अपने घर जैसा लगने लगा है लेकिन कई जवह है जो हम यहा जायदा समय तक जिंदा नही रह सकते हमे जाना ही होगा कैसे भी यहा से निकलना होगा
बिनीता – भाभी आपने जो कहा सही है हम अभी सेफ है कोई दिकत नही हो रही लेकिन आगे कई दिकते मुश्किल खतरे आ सकते है जिसका सामना या उससे बचना मुश्किल है
आयुस् – हा आप दोनो सही है पहला है बीमार होना अगर हम मे से कोई बीमार होता है तो छोटी बीमारी भी हमारे लिये यहा बहोत बरी दिकत खतरे मे डाल सकती है दूसरी चोट हमसे से किसी को गेहरा घाव लग जाये तो भी बरी दिकत हो जायेगी तीसरा जंगली जानवर जहरीले साप किरे इस मे से किसी ने काटा तो गये काम से
छोटी बीमारी घाव हो हमारे लिये बरी बात नही थी कियुंकी दवा मिल जाती थी लेकिन यहा वही छोटे घाव बीमारी हमारे लिये बहोत बरी है यही डर मुझे लगा रहता है उपर से जंगल मे खतरे हमेसा बने है तो हमे यहा बहोत ही सावधानी से रहना होगा
आयुसी – आपकी बात सही है भाई एक गलती बहोत बरी मुश्किल मे डाल सकती है
आयुस् – बिल्कुल इस लिये कही जाना ध्यान से चलना जंगली जानवर जेहरीले किरे से बच के रहना है
अमृता – हा इसपे ध्यान तो देना ही पड़ेगा एक और दिकत है पका मास ही खा सकते है जिंदा रहने के लिये
बिनीता – हा ये भी दिकत h कही इससे भी हम बीमार पर गये तो मुश्किल हो जायेगी
आयुस् – हा ये मेने भी सोचा था लेकिन दूसरा रास्ता नही हमारे पास हम दुवा ही कर सकते है जब तक कोई हमे बचाने ना आये तब तक हम सेफ रहे
10 बजे
झरने के पास जब आ जाते है आयुस् आयुसी के साथ जंगल मे जाने लगता है बाते करते हुवे बाकी अमृता बिनीता नंगी होके नहाने लगते है
बिनीता अमृता को देख – भाभी एक बात पूछूँ
अमृता – हा पूछो
बिनीता – भाई के जाने के बाद कोई आपकी लाइफ मे आया है मतलब समझ रही है ना
अमृता हैरानी से बिनीता को देख – समझ रही हु तेरी बात पर मुझे कियु जानना है
बिनीता – एक औरत होने के नाते समझ सकती हु पति बिना जीना
अमृता – तु जो केहना चाहती है वो भी मे समझ रही हु पर मेरे लाइफ मे कोई नही है
बिनीता मन मे – मुझे लगा ही था भाभी ऐसा कुछ नही कर सकती
आयुस् जंगल मे आ चुका था अंदर तक आयुस् आयुसी को देख – दर्द कैसा है
आयुसी सर्म से – ठीक है
आयुस् – हु फिर लंड ले पाओगी
आयुसी – हु
आयुस् मुस्कुराते हुवे – चलो तो सुरु हो जाओ
आयुस् अपने भाई का लंड बाहर निकाल मुह मे लेके चूसने लगती है आयुसी को बहोत मजा आने लगता है आयुस् भी मजे से उफ किया सुकून है बेहना चुसो आह मजा आ रहा है

आयुसी लंड पकरे मुह ले लेके मजे से चुस चुस कर रस पीते हुवे – उफ कितना मजा आ रहा कितना मस्त स्वाद है आह पीते दिल नही भर रहा है उफ भाई का लंड भी मस्त है 2 मिनट बाद
आयुसी सर्म से – भाई अब किया
आयुस् मुस्कुराते हुवे – कियु तुझे अपनी चुत नही चटवानी
आयुसी नंगी होके जमीन पे लेट जाती है आयुस् मुस्कुराते हुवे – क्या बात है चुस्वानी है
आयुसी सर्म से – हा मजा आता है
आयुस् – बहोत आग है तेरी चुत मे
आयुस् झुक के आयुसी के चुत जिब से चाटने लगता है आयुसी गांड उठा के आह उफ भाई चाटो आह मजा आ रहा है उफ करते रहो आह ये मजा सुकून मुझे पागल कर रहा है उफ इतना मजा आह

आयुस् चुत का रस पीते मन मे – कितनी आग होगी आयुसी के अंदर सोचा नही था उफ चुत भी मस्त है और रस भी किया किस्मत पाई है बुआ अब मेरी छोटी भी बेहन की चुत मिल गई उफ मा की मिलेगी तो आह मेरा लंड सोच कर ही झटके मार रहा है
आयुसी आह उफ भाई आने वाला है आह भाई करते झर जाती है
आयुसी हफ्ते हुवे – उफ बहोत मजा आया आह
आयुस् मुस्कुराते हुवे – घोरी बन जाओ
आयुसी घोरी बनते हुवे – भाई धीरे से डालना
आयुस् – ठीक है बहना
आयुस् घुटने पे बैठ लंड चुत पे रख एक धक्का मारता है आधा लंड अंदर जाता है आयुसी दर्द मे भाई धीरे आयुस् एक और धक्का मारता है पुरा लंड अंदर घुस जाता है आयुसी दर्द मे मर गई भाई

आयुस् धक्का मारते हुवे – उफ मेरी बेहन बहोत गर्म टाइट है उफ तेरी चुत मे लंड घुसा के सुकून मिल गया आह तुझे मजा आ रहा है
आयुस् घोरी बनी भाई का लंड लेते हुवे – आह भाई मजा आ रहा है करते रहो दर्द सेह लुगी चुदाई होती रहती है आयुसी फिर झर जाती है
आयुस् – उफ बेहना खरी होके पेर पकर झुक जाओ
आयुस् हफ्ते खरी होके पेर पकर झुक जाती है और अपनी गांड पीछे कर लेती है आयुस् पीछे खरा अपना लंड चुत पे रख धक्का मार पुरा घुसा देता है आयुसी दर्द मे आह मर गई
आयुस् आयुसी के कमर पकर तेज तेज धक्का मारने लगता है आयुसी पेर पकरे झुकी आह उफ मा दर्द मे किये जा रही थी हर धक्के से आयुसी का पुरा बॉडी चुचे हिल रहे थे आयुसी आह उफ भाई आह मजा आ रहा है उफ अब तो आपका लंड रोज लुगी

आयुस् चुदाई करते हुवे – उफ बेहना तेरी चुत मे भी रोज मारुंगा चिंता मत कर मे हु ना सारी गर्मी निकाल दूंगा उफ क्या माल है तू किस्मत से तेरी चुत मुझे मिल गई अब तो अच्छे से चोदुगा तुझे जब दिल करेगा
आयुस् आह भाई चोद देना मुझे आह मे भी चुद जाउंगी आह भाई आने वाला है आह उफ करते झर जाती है
25 मिनट बाद आयुसी आह उफ भाई हालत खराब हो गई लेकिन मजा भी बहोत आया
आयुस् मुस्कुराते हुवे – मुझे भी उफ तेरी टाइट गर्म चुत मार के
आयुसी कपड़े पहन – भाई शिकार करते है फिर चलते है
आयुस् कपड़े पहन – हा ठीक है
आयुस शिकार करता है उसके बाद दोनो झरने मे नँगा नहाने लगते है आयुस् बेहना फिर एक बार करे
आयुस् झुक के गांड पीछे कर – हु डाल दीजिये
आयुस् मुस्कुराते हुवे लंड चुत पे रख घुसा के चुदाई करने लगता है आयुस् आह उफ भाई आह करते रहो
आयुस – वाह बहोत दम है आह मुझे भी मजा आ गया उफ
चुदाई के बाद फिर दोनो कपड़े पहन बाते करते हुवे कैप आ जाते है
आयुस् शिकार पकाता है सभी खाते पीते है फिर झूले पे लेत बाते सुरु हो जाती है
राहुल घर
राहुल बिस्तर पे लेता मन मे – कोई जवाब नही आया इसका मतलब लेटर उस कमीने को मिला होगा और उसने ही फार दिया होगा अगर लेटर आयुसी को मिलता तो वो अपने भाई मा को बचाने के लिये मुझसे सादी करने के लिये राजी हो जाती पर अब लगता है सब वही मर जायेंगे साला आयुसी मेरे हाथ से गई उस दिन किस्मत ही खराब थी कामिनी एकदम से आ गई धत कोई ना तुम लोगो ने मारने का फैसला किया है तो मरो तुम्हारी लास जानवर खा जायेंगे और किसी को पता भी नही चलेगा तुम लोगो के साथ क्या हुआ है
अब मुझे कोई दूसरी लरकी ढूंढनी परेगी लेकिन यार आयुसी जैसी लरकी मिलना मुश्किल है पैसे से तो मे एक पे एक मॉडल की चुत मार चुका हु मार सकता हु लेकिन साली की चुत मिल गई होती तो मुझे कोई गम नही होता लेकिन चुत भी नही मिली आयुसी भी हाथ से गई
रही पुलिस की बात तो कोई भी पता नही लगा सका आयुस् उसके परिवार के साथ किया हुआ है रीमा राजू रोज दुवा करते और रीमा आयुस् के घर से गाय बकरी अपने घर लेके गई थी ताकि दोनो कि देखभाल कर सके
पूरे गाव मे लोग हमेसा बाते करते रहते क्या हुआ होगा किसने क्या होगा कियु किया होगा ना जाने कई बात आयुस् परिवार चर्चा का विसय बन गई यहा तक हर न्यूज़ पे भी आने लगे थे भाई भी तो बरा था एक परिवार के 4 लोग जो गायब हो गये थे
बेचारी रीमा दुखी थी अभय अमृता सब के लिये
जंगल मे -साम 3 बजे
आयुस् अमृता जंगल मे लरकी लेने जाते है बाते करते हुवे
अमृता – अगर घर हम जब सही सलामत जा पाये तो तेरी सादी करा दुगी बहु आयेगी घर सब काम करेगी
आयुस् हस्ते हुवे – मा आप भी ना
अमृता – सच केह रही हु
आयुस् – जैसा आप को सही लगे
दोनो थोरा अंदर आके सुखी लकरि इकठा करने लगते है बाते भी कर रहे थे 10 मिनट बाद सुखी लकरि जमा हो जाती है
तभी अमृता को पिसाब लगती है अमृता थोरि दूर जाके पेर के पीछे बैठ पिसाब करने लगती है फिर आती है उसके बाद आयुस् दोनो कैप आते है
आयुस् ने मछली पकरी थी उसे ही पकाता है फिर सभी खाते बाते करने लगते है
आयुस् अमृता को देख मन मे – मा बची है मा की भी चुत मिल गई तो दो फायेदे पेहला मजे ही मजे दूसरा छुप कर बुआ आयुसी की चुदाई नही करनी होगी और रात तो मे तीनों को एक साथ चोद सकता हु उफ सोच कर ही मेरा लंड टाइट हो गया कितना मजा आयेगा मुझे एक प्लान बनाना होगा तभी मा की चुत मिलेगी अगर बुआ आयुसी साथ दे तो मा की चुत बरे आराम से मिल जायेगी
आयुसी – भाई क्या सोच रहे है
आयुस् – कुछ नही सोच रहा हु कब यहा से निकले और घर का खाना खा पाउ
आयुसी – सेम मुझे भी घर का खाना याद आ रहा है यहा तो पका मास मछली ही खानी पर रही है
बिनीता – सेम मेरा भी लेकिन करे तो करे क्या
अमृता – अरे जब जायेंगे तो मजे से खायेंगे
आयुस् मुस्कुराते हुवे – बिल्कुल
बाते करते हुवे खाने पीने के बाद सब बिस्तर पे आ जाते है
देखो भाई लोग ये एक छोटी स्टोरी है इस लिये फास्ट है मेरी लोंग स्टोरी चल रही है बाकी मे छोटी स्टोरी भी लाता रहुंगा
आज के लिये इतना ही ![]()
![]()
![]()
