chapter 10
पास्ट्
अमृता खेतो मे चली गई थी सुबह के, 10 बज चुके थे रीमा आयुस के घर आती है आयुस रीमा का ही इंतज़ार कर रहा था
रीमा आयुस के कमरे मे आती है आयुस रीमा को देख मुस्कुराते हुवे रीमा को बाहों मे भर लेता है रीमा शर्मा रही थी बेचैन थी
आयुस मुस्कुराते हुवे – आज आपकी चुत से पानी निकाल कर रहुंगा रेडी है आप
रीमा – गंदी बाते मत कर जो करना है जल्दी कर मुझे जाना भी है
आयुस मन में – एक बार डालुगा तो बार बार लंड लेने के लिये आयेगी
आयुस लंड बाहर निकाल – अच्छा ठीक है चलो सुरु करो
रीमा घुटने पे बैठ लंड पकर देखती ही फिर मुह मे लेके चूसने लगती है आयुस आह उफ बहोत अच्छा लग रहा है चुसो ऑन्टी आह
रीमा लंड मजे से चूस रस पीते हुवे – हद ही एक लरका मेरे साथ गंदी चीजे कर रहा है और मुझे मजा भी आ रहा है
3 मिनट बाद
आयुस रीमा को देख – रस कैसा लगा पीके
रीमा सर्म से – अच्छा था
आयुस – चलो ऑन्टी नंगी हो जाओ
रीमा आयुस को देखती है फिर पूरी नंगी हो जाती है आयुस रीमा की बॉडी देखते हुवे – वाह आपकी बॉडी कमाल कि है आपकी चुचे चुत तो और भी कमाल के है
आयुस रीमा को बिस्तर पे लेता के रीमा के ऊपर आके – तो आज तैयार है लंड लेने के लिये
रीमा आयुस को देख सर्म से – हु
आयुस मुस्कुराते हुवे रीमा को किस करने लगता चुचे दबाने लगता है सब करने के बाद रीमा के चुत चाट मजे से रस पीने लगता है
रीमा आह उफ करते हुवे – आयुस बेटा आह उफ चूस अच्छे से मेरी चुत उफ बहोत मजा आ रहा है
3 मिनट बाद रीमा झर जाती है
आयुस रीमा की टाँगे फैला के चुत पे लंड रख – डाल दु उफ कितना गर्म है आपकी चुत
रीमा मदहोसी मे – आह डाल दे रुका कियु है आह

आयुस चुत देखते हुवे – उफ आज पहली चुत मारने वाला हु वो भी ऑन्टी का उफ सोच लंड टाइट अंदर जोस बढ़ गया है
आयुस रीमा की चुत पे लंड घिसने लगता है रीमा टाँगे उठाये आह उफ मा करते सिसकिया लेने लगती है लंड लेने के लिये तरप् जाती है
आयुस भी जायदा देरी ना करते हुवे एक धक्का मरता है रीमा दर्द में जोर से चिल्लाते रोते हुवे मर गई मा रुक जा
लेकिन आयुस एक और धक्का मार पुरा लंड रीमा की चुत मे घुसा देता है रीमा दर्द मे तरप् रोते हुवे – आह मा मर गई बहोत दर्द हो रहा है
आयुस रीमा के ऊपर पुरा लेत तेज तेज धक्का मारते हुवे – उफ चुत मारने में इतना मजा आता है उफ कितनी गर्म टाइट चुत है ऑन्टी आपकी आह बहोत मजा आ रहा है उफ

रीमा दर्द मे आसु लिये – आह बेटा बहोत दर्द हो रहा है धीरे आह मा कर ना आह मेरी चुत मेरी चुत मे बहोत जोर दर्द हो रहा है
आयुस रीमा को देख – उफ दर्द मे मजा है ऑन्टी आह क्या बवाल चुत मिली मिली है आह मारने के लिये
आयुस फिर रीमा को घोरी बना के चुदाई करने लगता है रीमा घोरी बनी दर्द मे मन मे – मा बहोत दर्द हो रहा है सहा नही जा रहा कितना मोटा लम्बा है पुरा अंदर तक जा रहा है आज तो गई मे

आयुस रीमा के गांड पकरे चुदाई करते हुवे – उफ आपकी गांड भी मस्त है उसे भी मारुंगा आह मेरी ऑन्टी आज आपकी चुत फार दूंगा आह उफ चुत मिली भी तो मेरे दोस्त की मा की आह किया किस्मत है
43 मिनट चुदाई के बाद रीमा रोते दर्द मे बिस्तर पे परी पसीने से भीगी आयुस भी थका मन मे – मा कसम चुदाई का मजा ऐसा होता है
रीमा आसु लिये दर्द मे उठ कपड़े पहन जाने लगती है लेंगराते हुवे आयुस रीमा को देख मुस्कुराते हुवे – उफ आप बवाल चीज है
रीमा घर आके बिस्तर पे लेत मन मे – आज जितना दर्द हुआ उतना तो सुहागरात मे भी नही हुआ था और एक बात माननी पड़ेगी मजा भी जितना आया पहले कभी नही आया मेरी चुत से आयुस ने सच मे कई बार पानी निकाल दिया इतनी देर कोई चुदाई करता है क्या सच मे लरके ने मुझे हैरान शोक कर दिया
रीमा टाँगे फैला चुत छुटे हुवे – आह फुल गई है जलन दर्द बहोत हो रहा है आज मे अपने बेटे के दोस्त से चुद गई लेकिन मजा भी आया ऐसा मजा जिसको मेने पहले नही जाना ना मिला
जंगल मे
आयुसी को बिनीता आयुस के बीच किया चल रहा है पता चल चुका था लेकिन आयुसी ये जान की उनके राहुल के बीच किया चल रहा था यहा जिसकी वजह से कैसे है जान बहोत शोक हैरान थी
आयुसी रोने लगती है तो आयुस आयुसी के पास जाके बाहों मे भर – चुप हो जा
आयुस रोते हुवे – भाई माफ कर दो मेने आप सब से सच छुपाया मेरी ही वजह से आप सब इस जंगल मे फसे हो
आयुस आयुसी के चेहरे को पकर – पहले रोना बंद कर ये तेरी गलती नही है किस्मत मे हमारे साथ यही होना लिखा था
आयुसी रोते हुवे – पर सच बदल नही जायेगा मेने आप सब को खतरे मे डाला है सच छुपाया है
आयुस आसु साफ करते हुवे – जो हो गया भूल जाओ बाकी हम यहा से सही सलामत जायेंगे लेकिन हा तूने मेरा भरोसा तोरा प्यार करना गलत नही है लेकिन तुम्हे बताना चाहिये था मुझे मे गुस्सा थोरि करता
आयुस आसु लिये – सोर्री भाई
आयुस – ठीक है मुझे सब सच बताओ कब कैसे सुरु हुआ राहुल तेरे बीच क्या क्या हुआ है एक भी बात छुपाना मत समझ गई
आयुसी हैरान – लेकिन भाई
आयुस घूर के – मेने क्या कहा
आयुसी डर के – जी बताती हु
आयुस – डिटेल मे नही जानता शॉट मे बताओ जो जरूरी है
आयुस – जी
ये दो महीने पहले की बात है आपको याद है हमारे गांव मे मिला लगा था
आयुस – हा हर साल मे एक बार लगता है ooo मेला
आयुस – और हम गये थे
आयुस – हा लेकिन में भी तो था तो मुझे कैसे पता नही चला
आयुसी – बताती हु आप अपने दोस्त से बाते कर रहे थे muj कुछ समान लेने थे तो में लेने लगी तभी वो कमीना मेरे सामने आया राहुल उसने मुझे देखा तो देखता रह गया उसकी नजरे देख मुझे अजीब लगा
राहुल – जी आप इसी गाव से है
आयुसी – हा लेकिन आपको कियु जानना है
राहुल – बस ऐसे ही आप बहोत खूबसूरत है
आयुसी – ये पहली मुलाकात बाते थी उस समय मे कोई जवाब ना दे आपके पास आ गई मुझे इस लफ़रे प्यार मे नही पर्ना था
आयुस – आगे
आयुसी – लेकिन हैरान मे तब हुई जब स्कूल की छुट्टी के बाद बाहर देखा उस कमीने को बाइक के साथ खरे तब मुझे लगा अब मेरे पीछे भी ये कमीना पर गया
फिर रोज वो आने लगा मुझे देख मुस्कुराता मुझे लगा बाकी लरको की तरह मे कोई भाव नही दुगी तो खुद पीछे हट जायेगा लेकिन ऐसा नही हुआ बलकी मेरा पीछा करने लगा बाते करने कि कोसिस करने लगा
आयुस – अगर ऐसा था तो तूने मुझे बताया कियु नही
आयुसी रोते हुवे – दो वजह से पहला मे आपको बताती तो आप उसे बहोत मारते दूसरे उसे देख समझ गई थी वो अमीर घर का है तो मे नही चाहती थी मामला बिगड़े इस लिये मुझे लगा मे इग्नोर करती रहूगी एक दिन खुद परेसन् होके मेरा पीछा करना छोर देगा
पर रोज वो आता मुझे मीठी बाते करते कहता मे तुमसे बहोत प्यार करता हु सादी करना चाहता हु मुझे बिस्वास नही था ना मे उसको अच्छे से जानती थी
मे रोज उसको इंग्नोर करती रही वो आता दिल की बाते करता मुझे जायदा परेसान भी नही करता
आयुस हस्ते हुवे – तुझे फसाने का वो एक तरीका था वो तुझे दिखा रहा था वो कितना अच्छा है कोई लरकी बाज नही ताकि तुम उसे अच्छा समझ बैठो
आयुसी नजरे नीचे कर – आप सही है और मे फस भी गई उसकी बाते हरकते कही ना कही अच्छी लगने लगी मुझे फिर धीरे धीरे बाते आगे बढ़ी एक दिन उसने मुझे परपोस किया
राहुल – आयुसी मे बिगरा लरका था लेकिन तुझे पहली बार देखते ही मुझे तुमसे प्यार हो गया मुझे तुमसे सादी करनी है मेने तुझे बहोत परेसान कर दिया ना लेकिन आज तुम ना कहती हो तो मे वादा करता हु तुम्हे परेसान नही करुगा
आयुस हस्ते हुवे – कमीना था लेकिन बहोत चालाकी से बातो से तुझे फसा रहा था और तुम पागल फस गई
आयुस आसु लिये – हा मेने उस समय मना कर दिया राहुल आसु लिये चला गया और जैसा उसने कहा मेरे पीछे नही आया 3 दिन तक मुझे वो दिखाई भी नही दिया
आयुस जोर जोर से हस्ते हुवे – मानना परेगा कमीने का दिमाग तेज चालक भी था उसने तुझे एहसास करा रहा था ताकि तुझे लगे वो सच मे तुझे बहोत प्यार करता है और वो चाहता था तुम उसे मिस करो
आयुसी रोते हुवे – हा आपने जो कहा वैसा ही हुआ मे उसे मिस करने लगी मुझे लगने लगा वो सच मे मुझे प्यार करता है फिर 4 दिन बाद वो स्कूल के बाहर खरा था उसे देख जैसे मेरा दिल खुश हो गया
आयुस – आगे फिर तुमने हा कर दी
आयुसी – हु
आयुस – फिर आगे
आयुसी – फिर रोज आता था स्कूल के बाहर हम बहोत बाते करते थे मुझे घर तक छोरने भी आता था
आयुस हस्ते हुवे – और तुझे बहोत अच्छा लगने लगा
आयुसी – हा
आयुस – प्यार है ही ऐसा खैर आगे
आयुसी – 15 दिन दोनो मे हम एक रिश्ते मे आ गये उसके बाद राहुल मुझे अपने घर ले गया बहोत बरा घर था उसके पास किसी चीज की कमी नही थी मे राहुल के पिता से मिली बहोत अच्छे इंसान थे ये सिलसिला 10 दिन चला राहुल के पिता को मेने जाना कितने नेक दिल है और अंकल मुझे बेटी की तरफ प्यार करते बाते करते थे
आयुस – समझ गया लेकिन राहुल तेरे साथ वो सब करना कब से सुरु किया
आयुसी सांत रहती है डरती सर्म के बाद हिम्मत कर – 40 दिन तक राहुल ने मेरे साथ कुछ करने की या गंदी बाते नही की
आयुस हस्ते हुवे – कियुंकी वो अच्छे से जनता था तुम बाकी जैसी लरकी नही हो पैसा सब देखने के बाद भी तुझे कोई फरक नही परा तभी वो समझ गया होगा इस लिये पहले उसने तेरा भरोसा जितने का फैसला क्या और जब उसे लगा तुम भी पुरा भरोसा और प्यार करने लगी तो तब वो आगे बढ़ा है ना
आयुसी – हा तब तक मे भी राहुल को बहोत प्यार करने लगी थी उसपे भरोसा करने लगी थी उसके बाद उसने मुझे फोन दिया था और फिर मिलते घूमते फोन पे बाते करते सब कुछ मुझे बहोत अच्छा लगने लगा था
आयुस हस्ते हुवे – यकीन नही होता हम सब के पीछे तुम ये सब कर रही थी आगे
आयुसी – फिर राहुल गंदी गंदी बाते भी करने लगा मुझे पहले अजीब लगा लेकिन फिर धीरे धीरे अच्छा लगने लगा फिर वीडियो कॉल पे बाते होने लगी एक दिन रात को
राहुल – जान अपने चुचे दिखाओ ना
आयुस सर्म से – नही ना
राहुल – प्लेस
आयुसी – ठीक है लेकिन बिकनी मे.
राहुल – चलेगा

आयुसी अपने फोन निकाल फोटो दिखाते हुवे – यही फोटो है ना
आयुसी फोटो देख हैरान शोक – हा लेकिन आपके पास कैसे आया
आयुस – उसी कमीने ने मेरे फोन मे डाला और मुझे लेटर मे सब लिख बताया
आयुस हैरान शोक सर्म डर से कापने लगती है
आयुस – डरो नही आगे
आयुसी – फिर एक दिन उसने वो

आयुस फिर एक फोटो जिसमे आयुसी चड्डी के अंदर हाथ डाल चुत सेहला रही थी दिखाते हुवे – ये वाला है ना
आयुस फिर हैरान शोक डर सर्म से – जी
आयुस – उसके आगे फिर कभी कुछ करने या तूने क्या
आयुसी – नही कई बार उसने नंगी फोटो मांगी और और वो करने को कहा लेकिन मे हर बार यही कहती सादी के बाद
आयुस – चलो इतना तो समझदार थी नही तो आज मामला कुछ अलग होता उसके आगे
आयुसी – उसके आगे एक दिन मे अचनाक् उसके घर गई अंकल नही थे कुछ दिनों के लिये कई गये थे ये बात मुझे पता थी लेकिन जब मे अंदर गई तो देखा राहुल किसी लरकी के साथ वो सब कर रहा था मे पूरी हैरान शोक हो गई रोने लगी
दोनो का जब हो गया तब
लरकी – यार वो तेरी आयुसी क्या उससे सच मे तुम प्यार करते हो
राहुल हस्ते हुवे – प्यार पागल हो प्यार तो मे किसी से ना करू अपने आप के सिवाये मेरे अंदर ये प्यार वाली फीलिंग जैसा कुछ नही
लरकी – तो फिर आयुसी का क्या
राहुल – देखा एक दिन मुझे सादी करनी ही होगी इस लिये मेने आयुसी को चुना खूबसूरत है मेरी बीवी बनने लायक इस लिये बाकी प्यार कभी नही
लरकी मुस्कुराते हुवे – अच्छा ये बात है
आयुसी – सब जानने के बाद मे टूट गई फिर मे उसके सामने गई मुझे देख हैरान शोक हुआ मेने बहोत सुनाया गाली दी उसने मुझे बहोत मनाने की कोसिस की लेकिन मे नही मानी एक उसी रात उसने फोन क्या
राहुल – आयुसी मान जाओ माफ कर दो
आयुसी रोते हुवे – मेने तुमने प्यार क्या लेकिन तुमने मुझे धोका दिया म तुझे कभी माफ नही करुगी और कल अंकल आएँगे तब मे उनको सब बता दुगी
आयुसी – अंकल का नाम लेते ही राहुल बदल गया गुस्से डर से पागल हो गया
आयुस – अच्छा आगे
राहुल – आयुसी बहोत प्यार से बात कर ली मे सब भूल जाउंगा लेकिन अगर पापा को बताने की कोसिस की तो अच्छा नही होगा म तुम सब को गायब कर दूंगा रातों रात और किसी को पता भी नही चलेगा
आयुसी – राहुल अंकल से डरता था और अंकल को पता चलता तो राहुल के साथ बहोत कुछ होता जैसे जैसे जो चीजे अपने पापा से मिलती अंकल नही देते
आयुस – जाहिर है अंकल बहोत अच्छे इंसान थे बेटा था लेकिन बिगरा राहुल को पता था ऐसे हि उसकी इमेज और उसकी हरकत कमीना पन की बाते उसके पापा को पता चलता रहता तो अंकल जायदा तर जमीन पैसा सब गरीबो को दान कर देते और कुछ ही हिस्सा राहुल को देते और यही राहुल नही चाहता इसी लिये राहुल अंकल से डरता था
आयुस – सायद आप सही है तब राहुल गुस्से से लाल था मुझे धमकी देने लगा मुझे लगा सिर्फ फेक रहा है जब एक बार अंकल को बता दूंगी तब सब सही हो जायेगा लेकिन
आयुस हस्ते हुवे – लेकिन उसी रात हम इस जंगल मे आ गये
आयुसी रोते हुवे – हा सब मेरी गलती बेवकूफी की वजह से
आयुस – सारी कहानी सुनने के बाद राहुल तुमने प्यार नही करता था लेकिन तेरे जिस्म के पीछे पागल जरूर था वो कैसे भी तुझे अपने पास रखना चाहता था और उसका एक रास्ता सादी था
तुम किस्मत वाली थी आयुसी अंकल अच्छे इंसान निकल गये उनकी वजह से ही तुम हम जिंदा है जानती हो कैसे
आयुसी – नही
आयुस – जायदा तर अमीर लोग बहोत बुरे होते है किसी अमीर का बच्चा कुछ कर भी देता है तो अमीर लोग अपने बेटे को हर खतरे से बचा लेते है अपने बेटे के गलत सही मे साथ देते है लेकिन अंकल ऐसे नही थे और राहुल अच्छे से जनता था
राहुल अंकल और पैसों की वजह से तुमहारे सांत जबरदस्ती नही क्या नही तो राहुल तेरा रेप कर देता मार भी देता लेकिन राहुल अंकल कि डर की वजह से तुझे छूने कि हिम्मत नही कि फिर उसने दिमाग लगाया और हमे एक साथ गायब इस जंगल मे फेकवा दिया ताकि अंकल चाह कर भी उसके उपर सक ना कर सके अगर राहुल तुझे ही तर्गेट करता तेरे साथ कुछ करता या मार देता तो अंकल सिखा राहुल को ही पकरते सच मे कमीना बहोत चालाक है सब सोच समझ क्या उसे अपने बाप का पैसा और तुम दोनो चाहिये ही किसी भी कीमत म इसी लिये उसने लेटर छोरा था अगर हम तुम सब भूल तेरी सादी उससे करवा देते तो वो हमे इस जंगल से निकाल देता लेकिन मेने लेटर और रेडियो तोर दिये
आयुसी हैरान शोक – क्या भाई आपने ऐसा कियु किया भले हि मुझे उससे सादी करनी परती लेकिन आप लोग इस जंगल से निकल तो जाते
आयुस आयुसी को गले लगा के – तू मेरी गुरिया है कैसे मे तुझे उस कमीने को सोप देता सब भूल जा चिंता मत कर जल्दी ही इस जंगल से निकल उस कमीने को देख लेगे
आयुस – जी
आयुस – तुमने गलती की है सजा तो जरूर मिलेगी
आयुसी नजरे नीचे किये – मंजूर है आप जो सजा दो
आयुस आयुसी को पकर लेता के ऊपर आके – सजा ये है तुम मुझे कुछ भी करने से नही रोकोगी
आयुसी हैरान शोक गुस्से से – भाई छोरो मुझे जाने दो
आयुस खरा होके अपना लंड बाहर निकाल – चुसो
आयुस शोक हैरान लंड देख कापने लगती है हैरान थी उसका भाई क्या कर रहा है
आयुस – गुरिया मे सब भूल तुझे माफ कर दूंगा लेकिन एक बार तुझे मेरा लंड मुह में लेके चूसना परेगा
आयुसी हैरान आसु लिये – भाई ये गलत है मे आपकी गुरिया हु
आयुस – करेगी या नही बोल
आयुस आसु साफ करते हुवे – ठीक है एक बार उसके बाद क्या आप मुझे माफ कर देगे
आयुस मुस्कुराते हुवे – हा
आयुस आयुसी के मुह के पास लंड लेके आता और – मुह मे लेके चाटो चुसो पहले नही क्या है ना लेकिन कर लोगी मुझे पता है
आयुसी लंड देख – मन मे बहोत बरा है लेकिन मे क्या करू भाई मुझे कैसे छि लेकिन मुझे करना होगा नही तो भाई मुझे माफ नही करेगे मुझसे बाते नही करेगे और मे उनका रूठना सेह नही सकती एक बार की बात है
आयुसी लंड कापते हुवे हाथो से पकर लेती है बहोत गर्म मोटा फिल कर आयुसी काप जाती है वही आयुस आह मजे से – उफ गुरिया
आयुस – बहोत गर्म है
आयुसी लंड जिब से चाटने लगती है बहोत गंदा लग रहा था लेकिन आयुस आयुसी का सर पकरे – करती रहो बाद मे मजा आयेगा तुझे
आयुस मुह मे पुरा लेके चूसने लगती हो रस पीने लगती है आयुस मजे में आह किया सुकून मजा है गुरिया आह चुसो अच्छे से भाई का लंड बहोत मजा आ रहा है अच्छा चूस रही हो
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आयुसी लंड चूसने हुवे – उफ अब मुझे मजा आ रहा हो अजीब स्वाद है लेकिन रस पीके मजा आ रहा है आह लंड चूसने में इतना मजा आता है आह उफ बहोत गर्म भी है भाई का लंड इतना मोटा लम्बा होगा सोचा नही था आह लेकिन मुझे एक बार करना है बस
3 मिनट बाद
आयुस मुठ मारते हुवे – मुह खोल जिब बाहर कर मेरा माल पीना होगा तुझे
आयुसी – भाई नही
आयुस – आह जल्दी कर
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आयुसी मुह खोल जिब निकाल देती है आयुस मुठ मारते हुवे सारा माल अपनी बहन के मुह मे गिरा देता है गर्म गारा माल मुह मे लेके आयुसी को अजीब लगता है लेकिन सब माल पीने के बाद मजा आ जाता है स्वाद आयुसी को अच्छा लगता है
आयुसी मुह साफ कर – अब हो गया ना
आयुस एक बात – मजा आया सच बोलना
आयुसी नजरे नीचे किये सर्म से – हु आया लेकिन ये लास्ट था
आयुस मुस्कुराते हुवे – ठीक है
आयुसी – भाई वो फोटो
आयुस – मेरे पास रहेगे
आयुसी मन मे – जो हुआ होना नही चाहिये था हम भाई बहन है
आयुस मन मे – मा कसम बहोत बहोत मजा आया अपनी बहन से लंड चुस्वा के आह किया बहन है मेरी कमाल वैसे पहले किस से सब खेल सुरु होता है लेकिन मेने लंड चुस्वा कर सुरु क्या देखना है मेरे लंड का स्वाद आयुसी पे कितना असर करता है कई बार मे कुछ बार रीमा ऑन्टी की चुदाई करने के बाद मेने मा गुरिया बुआ को लेकर गंदे विचार आये लेकिन मुझे पता था कुछ होने वाला नही है लेकिन किस्मत ने मुझे मोक्का दिया है बुआ की चुत तो मेरी हो गई बुआ भी अब आयुसी फिर मा ये मोक्का कैसे जाने दे सकता हु
आयुसी पीछे मन मे जो हुआ उसको लेके सोच रही थी सही गलत को लेके वही आयुस आगे चलते हुवे मन मे – जब मेने आयुसी के फोटो अपने मोबाइल म देखी हैरान हुआ शोक लगा लेकिन फिर मेरा लंड फुल टाइट हो गया एक बार मुठ मारी बहोत पानी निकला उफ सुकर है आयुसी के पास इतना दिमाग था लेकिन सबसे बरी सुकर की बात हो आयुसी को सही समय पे कमीने की सचाई पता चल नही नही तो मुझे यकीन है एक ना एक दिन आयुसी हार मान जाती और उस कमीने को सब करने देती जवान थी प्यार करती थी वो भी हो आयुसी ने अपने आप को उसे चुने नही दिया ना अपने अंग दिखाई
आज के लिये इतना ही ![]()
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