Update 25. A.
दस बजे के आसपास मैं गोल्डन नाईट क्लब पहुंचा ।
बाहर से दिखने में साधारण सा ही लगा लेकिन अंदर की रौनक और रंगीनी देखने लायक थी । पुरे हाॅल में मध्यम रोशनी थी। डांस फ्लोर से डीजे की धुन आ रही थी । कुछ जोड़े वहां डांस करने के बहाने एक दूसरे से अभिसार रत में मशगूल थे । हाॅल के अन्दर कई टेबल दो चार कुर्सियों सहित थोड़ी थोड़ी दुरी पर लगे हुए थे । कुछ लोग जोड़े में बैठे हुए थे तो कुछ सिंगल । अभी हाॅल पुरा भरा हुआ नहीं था ।
मैं कोने में एक खाली टेबल देखकर बैठ गया । मैंने एक बार फिर पुरे हाॅल में नजरें दौड़ाई । वहां जितने भी Steward थे सभी जवान लड़कियां थी । वो पुरे हाॅल में घुम घुम कर अपने कस्टमर को वाइन और भोजन सर्व कर रही थी । सभी लड़कियों का एक ड्रेस कोड था । वे सभी स्कर्ट और टॉप पहने हुए थी । वे जो स्कर्ट पहनी थी वो उनके घुटनों से काफी ऊपर थी । उनकी जांघें दुधिया रोशनी में भी चमक रही थी और टाॅप उनके छातियों पर कसा हुआ था ।
मैं बैठे हुए उन बार बालाओं को ताड़ ही रहा था कि एक लड़की आई और बोली -” गुड इवनिंग सर ! आप को क्या सर्व करूं ?
मैंने उसे देखा । वो एक बीस बाइस साल की स्लिम फिगर की खुबसूरत लड़की थी ।
” सर्व तो आप बहुत कुछ कर सकती हो लेकिन उसके लिए आपको मुझे कम्पनी देनी होगी । मुझे अकेले अकेले वाइन पीने में मजा नहीं आता “- मैंने मुस्कराते हुए कहा ।
” ह्वाई नाॅट सर ! “- वो भी अपने चेहरे पर गोल्डन जुबली मुस्कान लाते हुए बोली -” लेकिन बील आपको पे करनी होगी ।”
” जरूर । लेकिन आपका एम्पायर कहीं नाराज तो नहीं हो जायेगा आपको यहां बैठे देखकर ?”
” अभी नहीं होगा । अभी तो आधा हाॅल खाली है , हां ग्यारह बजे के बाद जब पुरा हाॅल भर जायेगा तब जरूर नाराज होगा ।”
” जब यहां का हाईलाइट प्रोग्राम शुरू होगा ?”
” हां । जब हाॅट लड़कियों का हाॅट डांस शुरू होगा ।”
” हाॅट तो तुम भी कोई कम नहीं हो ?”
” थैंक्यू लेकिन मेरा फिल्ड अलग है ।”
” ओके । मेरे लिए रेड वाइन विथ सोडा ऐंड वाटर और आपको जो पसंद हो ।”
” राइट सर ! मैं अभी आई ।”
वो चली गई । मैं फिर से पुरे हाॅल को सरसरी निगाह से मुआयना करने लगा ।
पांच मिनट बाद वो आई वाइन और चखने के साथ । सभी चीजें टेबल पर रख कर मेरे बाजू में बैठ गई । वो अपने लिए वोदका लाई थी ।
हमने चियर किया और ग्लास अपने अपने होंठों से लगा लिया ।
” तुमने अपना नाम तो बताया ही नहीं ?”
” आपने जो पुछा नहीं ।”
” अब पुछ लेता हूं । वैसे मेरा नाम सागर है ।”
” मैं श्रेया ।”
” ब्यूटीफुल नेम बिल्कुल तुम्हारी तरह ।”
” थैंक्यू सर । मैंने यहां पहले आपको कभी देखा नहीं ।”
” सही कहा । मैं यहां पहली बार ही आया हूं ।”
मैंने अपने पैंट से सिगरेट का पैकेट निकाला और उसे आफर किया । उसने इनकार कर दिया । मैंने सिगरेट सुलगाई और कहा – “श्रेया , मुझे तुमसे एक फैवर चाहिए !”
लड़की चौंक कर मुझे देखी और बोली -” माफ कीजिएगा सर , मैं ऐसी वैसी लड़की नहीं हूं ।”
” अरे तुम गलत सोच रही हो । मुझे किसी के बारे में जानकारी चाहिए और यदि सम्भव हो तो मिलना भी ।”
” किस के बारे में ?”- वो संदिग्ध स्वर में बोली ।
” एक वीणा नाम की लड़की है जो यहीं पर काम करती है । वो यहां के कैबरे डांसर लड़कियों में से ही कोई एक है । पर मेरी बदकिस्मती है कि मैं उसे चेहरे से भी नहीं पहचानता ।”
वो अब थोड़ा आश्वस्त हुई ।
” लेकिन इस नाम की कोई भी लड़की यहां काम नहीं करती ।”
” शायद यहां उसने अपना नाम चेंज कर लिया हो ?”
” हो सकता है । लेकिन आपको उससे काम क्या है ?”
” देखो तुम बुरा मत मानना । मै उसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकता । बस इतना ही कह सकता हूं कि वो एक अच्छे और संभ्रांत परिवार से विलोंग करती है । उसकी बड़ी बहन यहीं दिल्ली में एक करोड़पति की पत्नी है ।”
” ओह ! लेकिन वीणा नाम की लड़की यहां कोई नहीं है , मैं यहां काम करने वाली सारी लड़कियों को जानती हूं ।”
” वो इस ट्रेड में हाल फिलहाल महिने में ही आई है । शायद एकाध साल के भीतर । जब तुम सभी को जानती हो तो ये भी जानती होगी कि कौन कौन सी लड़की हाल के महीनों में यहां ज्वाइन की है ?”
” एक लड़की है तो जिसने आठ महीने पहले ज्वाइन किया है और आज के तारीख में वो यहां की सबसे बेस्ट परफार्मर है । बाकियों से उसकी डिमांड कहीं अधिक है ।”
” कौन ?”- मैंने आशा भरी नजरों से देखा ।
” नेहा ।”
” क्या तुम उससे अभी मिल सकती हो ?”
” अभी उनके परफोर्मेंस में टाईम है । मिल सकती हूं ।”
” तो प्लीज़ एक बार उससे मिलो और ये तस्दीक करो कि वो वीणा है या नहीं ।”
” ओके , मैं मालूम करती हूं वो कहां और किस पोजीशन में है ।”
” थैंक्यू ।”
” लेकिन अगर उसको तुमसे मिलना कबूल नहीं हुआ तो , मैं कुछ नहीं कर सकूंगी ।”
” कर सकोगी । थोड़ा प्यार से समझाना , कहना ये उसी के फायदे के लिए है ।”
” मैं… मैं देखती हूं ।”
उसने अपना ग्लास खत्म किया । फिर वो चली गई ।
मैं ड्रिंक्स और सिगरेट पीते हुए इन्तजार करने लगा ।
लगभग बीस मिनट बाद वो आई । उसके चेहरे के भाव से लग रहा था कि पोजीटिव न्यूज लाई है ।”
वो बैठते हुए एक कागज का परची मुझे पकड़ा दी ।
” क्या है ये ?”
” देखो ?”
मैंने परची खोला । वो किसी जगह का एड्रेस था ।
” ये तो एड्रेस है ।”
” हां । नेहा ही वीणा है । उसने तुम्हें इसी एड्रेस पे कल एक बजे दोपहर में बुलाया है ।”
” थैंक्यू सो मच श्रेया । ”
” ओके । अब मुझे जाना होगा । अब भीड़ बढ़ती जा रही है “- वो हाॅल में बढ़ते हुए भीड़ को देखते हुए बोली ।
” अब नहीं लोगी ?”
” नहीं सर । ज्यादा पी लुंगी तो ड्यूटी कैसे करूंगी ।”
” कोई बात नहीं । बील ले आओ । ”
” आप क्यों जा रहे हो । अभी तो यहां की असली रौनक बाकी है ।”
” मुझे ये सब पसंद नहीं है ।”
” ओके मैं बील लाती हूं ।”
जब घर पहुंचा तब साढ़े ग्यारह बज गए थे । डैड ने दरवाजा खोला था । माॅम शायद सो गई थी । मैं उपर अपने कमरे में गया और सोने की तैयारी करने लगा ।
***********
अगले दिन समय से पहले ही वीणा के पत्ते पर पहुंच गया । वो मुझे एक बजे बुलाई थी लेकिन मैं बारह बजे ही पहुंच गया ।
मैंने काॅलबेल बजाई ।
कोई जवाब नहीं मिला ।
मैंने दोबारा काॅलबेल बजाई तो भीतर से झुंझलाए से जनाना स्वर में पुछा गया -” कौन है ?”
” मैं ।”- मैंने बोला -” दरवाजा खोलिए ।”
” मैं क्या होता है ? कौन हो ?”
” मैं सागर । कल रात आपने गोल्डन नाईट क्लब में अपने फ्लैट का पता दिया था श्रेया के थ्रू ।”
कुछ देर तक खामोशी छाई रही ।
” ओह ! ठहरो , खोलती हूं ।”
कुछ क्षण बाद दरवाजा खुला और एक बेहद ही खूबसूरत लड़की मुझे चौखट पर दिखाई दी ।
उसने एक तरफ हटकर मुझे भीतर आने दिया और फिर मेरे पीछे दरवाजा बंद कर दिया ।
मैंने देखा कि वो तभी… शायद काॅलबेल की आवाज सुनकर ही…सो के उठी मालूम होती थी । उस घड़ी उसने एक खुले गले की नाइटी पहनी हुई थी जिसमें देखने लायक जो थी… वो काफी दिलकश थी…. बड़ी बड़ी..गोल गोल ।
एकाएक वो घुमी और ” अभी आई ” कहकर पिछले कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर दी ।
मैं एक सोफे पर बैठ कर सिगरेट पीते हुए उसका इन्तजार करने लगा ।
वो आधे घंटे बाद वापिस लौटी । उस वक्त वो साधारण सलवार सूट पहनी हुई थी । मगर उस ड्रेस में भी वो बला की खूबसूरत लग रही थी । हाईट पांच फुट सात इंच , उम्र शायद तेईस चौबीस , जाफरानी रंगत जैसी त्वचा , बड़ी बड़ी आंखें , तीखे नैन-नक्श , भरे भरे गुलाबी होंठ , फुले हुए गाल , लंबे बाल , मोतियों जैसी दांत , असाधारण रूप से उन्नत वक्ष , उभरे हुए नितम्ब , मांशल जांघ….सब कुछ नम्बर वन…सब कुछ वाह वाह ।
” चाय पियोगे ?”- वो खड़े खड़े ही बोली ।
” जी नहीं शुक्रिया । मैं नाश्ता करके आया हूं ।”
” लेकिन मैंने नहीं किया है । मैं अभी अभी सो कर उठी हूं । ”
” ओके ।”
वो फिर गई । थोड़ी देर बाद चाय और स्नैक्स लेकर आई ।
वो एक दूसरे सिंगल सोफे पर बैठ गई । उसने मुझे चाय दिया । मैंने ” थैंक्स ” कहकर चाय ले लिया ।
” तुम अमर के दोस्त हो ना ?”
मेरे हाथ से चाय की प्याली छलक गई । मैं चौंक कर उसे देखने लगा ।

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