Update 17.
चाची ड्राइंगरुम के पीछे बने बाथरूम में चली गई । उनके बाथरूम में घुसते ही मैंने काजल को ह्वाट्सएप किया ।
मैं – कहां हो डार्लिंग ?
तुरंत काजल का जवाब आया ।
काजल – बहन से सीधे डार्लिंग ?
मैं – क्यों बहन डार्लिंग नहीं होती ।
काजल – क्यों नहीं होती… डार्लिंग भी होती है और…और भी बहुत कुछ होती है ।
मैं – और…और भी कुछ होती है… अच्छा..! पहले ये बता कि अभी है कहां ? कालेज में ना घर पर ।
काजल – घर पर ही हूं । मम्मी की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए नहीं गई ।
मैं – ओह ! क्या हुआ उन्हें ?
काजल – खास कुछ नहीं । थोड़ा कमर में दर्द था।
मैं – अभी मम्मी की कमर दबा रही है ना घर के काम कर रही है ।
काजल – घर का काम कर ली हूं । अभी अपने कमरे में मोबाइल से गाना सुन रही हूं ।
मैं – गाना सुन रही है ? जरा में भी तो जानूं कौन सा गाना सुन रही है ?
काजल – भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना ।
मैं – वाह ! वाह ! तु तो सचमुच पुरानी गाने की फैन निकली। कितना सुन्दर गाना है भाई बहन के उपर । वैसे आज तुझे ये गाना सुनने की इच्छा कैसे जाग गई ।
काजल – आप की याद आ रही थी न इसलिए ।
मैं – ऐसा क्या हो गया कि मेरी याद आते ही ‘ भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना ‘ गाना सुनने लग गयी ।
काजल – मुझे रक्षाबंधन के वो दिन याद आ गए थे जब आपको राखी बांधने पर आप मुझे गिफ्ट की जगह झुनझुना थमा देते थे… एक नम्बर के कंजूस थे आप ।
मैं – हा..हा..अच्छा ! सबसे पहले तो मुझे आप आप कहना बंद कर…ऐसा लगता है जैसे मैं कोई बुजुर्ग तेरा चाचा , मामा , फुफा टाइप का आदमी हूं ।
काजल – चाचा , मामा , फुफा नहीं हो तो क्या हुआ बड़े भैया तो हो ।
मैं – हां । भैया तो हूं लेकिन दुसरे तरह वाला भैया हूं ।
काजल – दुसरे तरह वाला भैया कैसा होता है ।
मैं – दुसरे वाला भैया नहीं सुनी है ?…जो दिन में भैया और रात में सैंया होता है ।
काजल – ऐसा भी भैया होता है ?
मैं – हां । तो अब से मुझे आप नहीं कहेगी न ।
काजल – आप को मैं आप नहीं कहुगी तो फिर क्या कहूंगी ।
मैं – तुम बोलना…तु बोलना… जानु बोलना… कुछ भी बोलना… मेरा नाम लेकर पुकारना ।
काजल – धत ! मुझे शरम आएगी ।
मैं – मुझे तु , तुम बोलने में शरम आएगी ।
काजल – हां । कभी बोली नहीं हूं न ।
मैं – उस दिन तो शरम नहीं आई तेरे को ।
काजल – किस दिन ।
मैं – जिस दिन पेशाब करते हुए बाथरूम से बातें कर रही थी ।
काजल – वाह रे ! उस दिन मैंने क्या ऐसी बातें कर दी जो मुझे शरम आती ।
मैं – हां उस दिन तो हमने भागवत कथा पर चर्चा की थी न तो उसमें शरम वाली बातें भला कहां से आएगी ।
काजल – अच्छा बाबा ! अब से मैं आपको तु , तुम करके बात करूंगी लेकिन सिर्फ अकेले में ।
मैं – हां ये हुई न मर्दों वाली बात ।
काजल – मैं…मै आपको…साॅरी तुमको मर्द लगती हूं ।
मैं – अरे नहीं नहीं ! वो तो मैंने एक मिसाल दिया था । तु तो जवानी के दौलत से मालामाल एक भरपूर सेक्सी लड़की है ।
काजल – वो तो हूं लेकिन तुमको बड़ी देर बाद पता चला ।
मैं – पता तो बहुत पहले से था लेकिन तु मुझे राखी बांधती थी न तो मुझे हिम्मत नहीं होती थी ।
काजल – यदि हिम्मत होती तो क्या करते ?
मैं – तो… तो…राखी के दिन तुझे कैडबरी ना देकर गिफ्ट के तौर पर तुझे पटक कर तेरी ले लेता ।
काजल – सच में !
मैं – हां ।
काजल – मेरी क्या ले लेते ?
मैं – वही जिसके आसपास बड़े बड़े जंगल उगा रखी हैं… और जिनके बीच नमकीन पानी से भरा हुआ कूआं है ।
काजल – वो जंगल थोड़ी ना है ?
मैं – तो क्या है ?
काजल – आपकी बहन की….
मैं – क्या बहन की ?
काजल – आपकी बहन की रेशम जैसे मुलायम बड़ी बड़ी झांट है ।
मैं – झांट है ?
काजल – हूं…. और झांटों के बीच वो नमकीन पानी वाला कूआं नहीं बल्कि आपकी बहन की चु…
मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी । मैंने अपनी पैंट ढीली करके लन्ड को पैंट के ऊपर से बाहर निकाल लिया और जोर जोर से अपने लन्ड को मसलते हुए टाइप किया – मेरी बहन की चु.. क्या ?
काजल – आपकी बहन की चुत है ।
मैं – मेरी बहन की चुत है ?.. अच्छा उसी के अन्दर मुझे अपना केला घुसेड़ना है ?
काजल – हाय ! मैं तो कब से अपनी जांघ पसारे तुम्हारे केला लेने के लिए इन्तजार कर रही थी । लेकिन तुम्हीं जो अकल के कोल्हू थे ।
मैं – चल कोई बात नहीं… देर आए दुरूस्त आए । अब तक के सारे राखी की गिफ्ट एक बार में ही दे दुंगा । मैं देता जाऊंगा और तु लेती जाना ।
काजल – तो दो ना…. वैसे भैया ऐसी क्या गिफ्ट देने वाले हो जो मैं लेती जाऊंगी ।
मैं – दुंगा न…अपना आठ इंच का लम्बा मोटा केला…।
काजल – आठ इंच का ?
मैं – हां ।
अचानक से उसका मैसेज आना बंद हो गया । मैंने फिर से मैसेज किया ।
मैं – क्या हुआ ?
थोड़ी देर तक उसका मैसेज नहीं आया तो मैंने फिर से उसे मैसेज किया ।
मैं – क्या हुआ ? कहां चली गई ?
इस बार उसका मैसेज आया ।
काजल – नाप रही थी ।
मैं – क्या ?
काजल – इंची फीता लेकर नाप रही थी कि आठ इंच कितना बड़ा होता है ।
मैं – तो नाप ली ?
काजल – हां । ये तो बहुत बड़ा होता है…कैसे जाएगा ?
मैं – क्या ?
काजल – तुम्हरा लन्ड और क्या । बाप रे ! मेरी तो फट के इंडिया गेट हो जाएगी ।
मैं – इंडिया गेट ? मैं तो बुलन्द दरवाजा के बारे में सोच रहा था ।
काजल – भैया जब मेरी शादी होगी तो क्या हसबैंड को सुहागरात में बुलन्द दरवाजा पेश करूंगी ।
मैं – अरे यार लड़किया तो बहाने बनाने में काफी एक्सपर्ट होती है…ये तुझे थोड़ी ना बताना पड़ेगा । बता देना स्पोर्ट्स या साइकिलिंग से हो गया है..आजकल प्रायः लड़कियां ऐसा ही करती है… बहुत सारे बहाने होते हैं ।
काजल – तुम न सही में बहनचोद हो ।
मैं – जब अपनी देगी तब न बहनचोद बनूंगा ।
काजल – वो तो तुम ले ही लेगो और मेरी लेकर बहनचोद भी हो जाओगे लेकिन फिर भी… वो तुम्हारा साइज़…डर लगता है ।
मैं – तो क्या हुआ ? एक बार ले लेगी तो फिर रोज रोज लेने की जीद करेगी । और मेरा तो इतना भी राक्षस जैसा नहीं है , देखी नहीं है विदेशी हबशियो को वो तो बारह चौदह फुट का लेकर घुमते है ।
काजल – क्या ? बाप रे ! बारह फुट… ये तो सर के ऊपर से बाहर निकल जाएगा ।
मैं – अरे नहीं नहीं । तु न मुझे भी कन्फ्यूजन में डाल देती है । वो गलती से इन्च की जगह फुट लिखा गया ।
काजल – ओह ! मेरा अभी तक दिल धड़क रहा है…जानते हैं आप के इन्च , फुट के चक्कर में मेरी हार्ट फेल होने वाली थी ।
मैं – अरे बोला न गलती से हो गया… छोड़ ना वो सब…ये बता दोनों का संगम कब होगा ?
काजल – किन दोनो का संगम ?
मैं – तेरी चुत और मेरा लन्ड का ।
काजल – मेरी चुत और आपके लन्ड का ?
मैं – हां…तेरी चुत के अंदर मेरा लन्ड घुसेगा तभी ना संगम होगा ।
काजल – हूं… बिल्कुल सही कह रहे हो…सुनो…मम्मी डैड अगले हफ्ते तीन दिन के लिए मामा के घर जाने वाले हैं । मामा के बेटे की शादी में लेकिन मैं नहीं जाऊंगी । मैंने पढ़ाई का बहाना बनाया है । और तब तक यहां मेरे साथ रीतु रहेगी..रीतु भी मान गई है । उसी समय ।
में – क्या ? रीतु वहां रहेगी तो फिर कैसे होगा ?
काजल – अरे बुद्ध , मैंने रीतु को दुसरी रात से रहने को बोला है…उसे मैंने कहा है मम्मी डैडी दो दिन के लिए जा रहे हैं इसका मतलब पहला पुरा दिन और पुरी रात हमारे नाम है । अब तुम्हें उस समय के लिए घर में कोई बहाना बनाना होगा ।
मैं – बहाना बनाऊंगा ? ये तो झुठ बोलने के समान हो गया न ।
काजल – तो सच बोल देना ।
मैं – क्या सच बोलुंगा ?
काजल – बोल देना आज रात काजल की चुत से मेरे लन्ड का संगम होने वाला है इसलिए रात में घर नहीं आऊंगा ।
मैं – तु तो साली मुझसे भी बड़ी कमीनी है । ऐसे कोई घर में बोलता है ? जिस दिन मेरे नीचे आएगी ना तो सच में तेरी चुत को भोसड़ा बना दूंगा ।
काजल – तो मना किसने किया है । मैं तो अभी भी सर से पांव तक एकदम नंगी अपनी जांघ फैलाए तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूं । आ जाओ और मेरी ओखली में अपना मोटा मूसल घुसेड़ घुसेड़ कर भोसड़ा बना दो ।
मैं – आऊंगा । जरूर आऊंगा । आग लग जाए , बाढ़ आ जाए , या भूकंप आ जाए… आऊंगा जरूर । लेकिन उस दिन जिस दिन तु घर पर अकेली रहेगी । और तेरी झांटों से भरी चुत को अपने मोटे लौड़े से चोद चोद कर भोसड़ा भी बनाऊंगा ।
काजल – बना देना भोसड़ा। मेरी चुत तो कब से रो रही है तुम्हारे मोटे लन्ड के लिए । अपने लौड़े को मेरी चुत की गहराई में घुसेड़ घुसेड़ कर चोदना और अपना पानी अन्दर गिराते रहना मेरे बहनचोद भाई ।
मैं – हां । जोर जोर से चोदूंगा बहन । और अपने लन्ड का पानी भी अपनी बहन के चुत के अंदर ही छोड़ूंगा । जैसे पिचकारी से पानी की बौछार होती है न उसी तरह मेरा लन्ड तेरी चुत में पानी की बौछार करेगा ।
काजल – हां… अपने लन्ड के पानी से मेरी चुत की गर्मी को ठंडा करते रहना और मैं भी अपनी चुत की गाढ़ी मलाई से अपने भाई के मोटे लन्ड को तरावट देती रहुंगी ।
मैं – अरे यार अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है… क्या करूं…मेरा लन्ड तेरी चुत को चोदने के लिए जमीन आसमान एक किए जा रहा है ।
काजल – मेरा भी भाई… मेरी भी चुत का वही हाल है….हाय भैया अपनी बहन को अपने लन्ड की फोटो भेजो ना ।
मैं – फोटो देख कर क्या करेगी ?
काजल – जब तक असल नहीं मिल जाता तब तक उसी को देखकर ऊंगली करती रहूं ।
मैं – तु भी अपनी चुत की फोटो भेज ना ।
काजल – पहले तुम भेजो ।
मैं – अच्छा रूक.. भेजता हूं ।
तभी मुझे याद आया कि मैं अपने कमरे में नहीं बल्कि चाची के यहां बैठा हूं । मैंने पीछे मुड़कर बाथरूम की तरफ देखा । बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ था । ओह माई गॉड… मतलब चाची नहा कर बाथरूम से निकल गयी है । कहीं उन्होंने मुझे अपना लन्ड हिलाते हुए तो नहीं देख लिया । मैंने जल्दी से लन्ड को पैंट के अन्दर किया और चैन लगाया । फिर काजल को मैसेज किया ।
मैं – काजल… मैं अभी नहीं भेज सकता… मैं चाचा के घर आया हूं । अभी फोन रखते हैं , रात में मैसेज करेंगे । ओके ।
काजल – ओके…लव यू डार्लिंग…सी यु ।
काजल आफलाइन हो गई । मैंने भी अपना मोबाइल पैंट के अन्दर कर लिया । तभी चाची प्लेट में सुजी का हलवा और एक पानी का बोतल लेकर आई । वो हलवा का प्लेट मेरे हाथों में देकर मेरे बगल में ही बैठ गई । पानी का बोतल अपने हाथ में ही रखे रही ।
नहाने के बाद उन्होंने एक हल्के ब्लू कलर का साड़ी और उस से मैच करता ब्लाउज पहन रखा था । नहाने के बाद वो काफी फ्रेश दिख रही थी । माथे के बाल अभी भी भींगे हुए थे जिसे वो खुला छोड़ रखी थी। होंठों पर हल्की लिपस्टिक थी । सुन्दर तो थी ही लेकिन इस वक्त वो मुझे काफी सेक्सी भी दिख रही थी । थोड़ी देर पहले काजल के साथ हुए गरमागरम चैटिंग से मैं पहले ही काफी उत्तेजित था। और फिर उस पर चाची के बगल में बैठना उत्तेजना को और भड़काने वाला जैसा था ।
” कितनी जल्दी नहा ली चाची ” – मैंने हलवा खाते हुए कहा -” मुझे पता ही नहीं चला ।”
” चैटिंग सैटिंग से फुर्सत होगी तो ना पता चलेगा ।”- चाची बोतल की ढक्कन खोल कर सिर उपर उठाकर पानी पीते हुए बोली ।
” आपने देखा चै…?” ( कहीं इन्होंने मुझे लन्ड मुठियाते हुए तो नहीं देख लिया )
” हां देखा ।”
” क्या देखा ?”
” चैटिंग सैटिंग करते हुए ।” – चाची मुस्कराते हुए बोली ।
” ओह ! वो… वो एक फ्रेंड से चैटिंग हो रही थी ।”
” अच्छा ! क्या बोल रही थी ?”
” वो बोल रही थी…” – अचानक से मैं चौंका – ” क्या मतलब बोल रही थी.?…बोल नहीं रही थी बल्कि बोल रहा था ।”
” अच्छा ! बोल रहा था…?…वैसे वो क्या बोल रहा था ।”
” यही सब कालेज की कुछ पढ़ाई-लिखाई की बातें फिर एक्जाम के बारे में ।”
” हां देख तो रही थी कि बाहर भी पढ़ाई-लिखाई की बातें मोबाइल पर कर रहा था और फिर यहां भी शुरू हो गया… मोबाइल पर पढ़ाई-लिखाई से लोग जल्दी से सीख जाते हैं…है ना ?”
” क्या चाची ?… बच्चे का मजाक उड़ा रही हो ?”
” बच्चा..?.. कौन बच्चा ?”
” मैं बच्चा… आप को दिख नहीं रहा है ?”
” तु बच्चा है तो सांड किसको बोलेंगे ।”
” क्यों मजाक करती हो चाची…. मैं आपको कहां से सांड लगने लगा ?” ( शर्तिया चाची ने मेरा लन्ड देख लिया है )
वो मेरे शरीर को अपने आंखों से एक्स रे करती हुई बोली -” चौड़ा सीना , चौड़ा कन्धा , लोहे की तरह मजबूत हाथ , मजबूत जबड़ा , लम्बा कद…. सांड नहीं है तो और क्या है ?…तु तो शादी के लायक हो गया है ।”
” क्या चाची ! …तुम तो मुझे चने की झाड़ पर चढ़ा रही हो ।”- मैंने शरमाते हुए कहा ।
” सच बोल रही हूं…तु तो एकदम कामदेव का अवतार हो गया है ..तेरी मम्मी से बात करूं तेरी शादी के लिए ?”
” क्या बात है आजकल माॅम और तुम दोनों मेरे शादी के पीछे पड़ी हुई हो ।”
” अभी नहीं पड़ेंगे तो कब पड़ेंगे…तु कहेगा तो मै तेरी शादी की बात करूं… एक लड़की है मेरी निगाह में ।”
” कौन है ?” – मैंने चौंकते हुए पूछा ।
” मेरी दुर की एक भाभी है , उनकी बेटी.. दोनों मां बेटी बहुत सुंदर है ।”
” आप की भाभी की बेटी ?”
” हां ।”
” बेटी सुन्दर है ?”
” हां ।”
” और मां भी सुन्दर है ।”
” हां वो भी बहुत अच्छी है ।”
” तो क्यों न अपनी भाभी से ही मेरी शादी करवा दो ।”
” नालायक ! मसखरी करता है… वो मेरी और तेरी मम्मी की उमर की है , पता है ?”
” तो क्या हुआ ? … आप कौन सी बुढ़ी हो गई हो… और मैंने आपकी वो खुबसूरत सी भाभी को देखा है वो भी आप ही की तरह काफी मस्त है… और वैसे भी मुझे बड़ी उमर की औरतें अधिक पसंद है ।”
” तु बुढ़िया से शादी करेगा ?”
” आप बुढ़िया है ?”
” एक दम नहीं ।… और खबरदार जो मुझे बुढ़िया कहा ।”
” वही तो मैं भी कह रहा हूं कि वो भी आप की तरह मस्त मस्त है ।”
” तुझे बड़ी उमर की औरतें पसंद है ?”
” हां ।”
” तुझे अपनी उमर के समान लड़कियां पसंद नहीं ?
” है ना… वो भी पसंद है ।”
” तो फिर उस लड़की से शादी करने में क्या बुराई है ?”
” जब मैं आपकी भाभी से शादी कर लुंगा तो उसकी बेटी भी एटोमेटिकली मेरी बीवी बन जाएगी…. एक के साथ एक फ्री ।”
” कमीने वो तेरी बेटी बन जाएगी ना बीवी ।”
” वो मेरी बेटी बन जाएगी ?…. ऐसे थोड़ी न होता है… मैं कहां 24 साल का और मेरी बेटी 20. 22 साल की । लोग क्या कहेंगे ?”
” अभी बताती हूं कि लोग क्या कहेंगे।” – बोलकर चाची ने मेरे कान को चुटकियों से जोर से पकड़ा और मसलने लगी ।
” अर.. अरे चाची क्या कर रही हो ?… बहुत जोर से लग रही है ।”- मैंने हंसते हुए अपनी कान छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा ।
चाची ने मेरा कान छोड़ा और पानी का बोतल मेरे सर के ऊपर गिरा दी जिससे मेरा शर्ट पानी से भीग गया ।
” अब ऐसे ही गीले कपड़े में रह….खाली शैतानी करते फिरता है ।”
” देख लो चाची आपने मुझे गीला किया है इसका बदला मैं भी एक न एक दिन जरूर लुंगा….याद रखना ।” – मैं खड़े होकर शर्ट से पानी झाड़ते हुए कहा ।
” अच्छा ! क्या करेगा जरा ये तो बता ?” – चाची बोतल के अन्दर बचे हुए पानी पीते हुए बोली ।
” म… मैं भी आपको गीला कर दुंगा ।”
” तो खड़ा क्यों है ? कर मुझे भी गीला ।”
” अभी नहाकर नहीं आई होती तो कर ही देता ।” – बोलकर मैंने अपना हाथ धोया और चाची के साड़ी के पल्लू से अपना मुंह पोंछने लगा जिससे उनके साड़ी का पल्लू उनके सीने पर से हट गया और ब्लाऊज़ में कैद उनके कसे हुए बड़े बड़े बूब्स मेरी आंखों के समकक्ष आ गए ।
मैं अपना मुंह उनकी साड़ी के पल्लू से साफ करता हुआ बोला -” चाची , आपकी साड़ी बहुत खुबसूरत है ।”
” तुझे अच्छी लगी…तीन हजार रुपए की है ।”
” हूं ” – मैं उनके बड़े बड़े बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से देखता हुआ बोला -” और आप की ब्लाउज तो साड़ी से भी ज्यादा अच्छी है ।”
चाची ने मुझे उनके गोलाईयों को घुरते हुए देख लिया । वो मेरे सर पर धीरे से थप्पड़ जड़ती हुई बोली – ” चाची से मजाक करते हुए तुझे बड़ा अच्छा लगता है….है ना ?”
मैं वापस सोफे पर बैठता हुआ बोला -” हूं…. काश आप मेरी भाभी होती तो कितना अच्छा होता…खुब जमकर मजाक करता ।”
चाची भी आकर मेरे बगल में बैठ गई और बोली -” मुझसे तु कौन सा कम मजाक करता है… भाभी वाला ही तो मजाक करता है ।”
” कहां भाभी वाला मजाक आपसे करता हूं…. भाभी वाला मजाक अलग तरह का होता है ।”
” कैसा होता है भाभी वाला मजाक…जरा मैं भी तो सुनूं ।”
” आप नहीं सुन पाएंगी ।”
” क्यों नहीं सुन पाऊंगी ?”
” क्योंकि… क्योंकि ।”
” क्योंकि ?” – चाची ने मेरे आंखों में देखते हुए कहा ।
जबकि मैं उनके बड़े बड़े मम्मे को देखते हुए कहा -” क्योंकि वे काफी हाॅट होते हैं ।”
” इधर उधर कहां देख रहा है नालायक ” – चाची ने मुझे अपने छातियों पर देखते हुए पाया तो कहा -” मेरा चेहरा इधर है… और वो कैसी-कैसी हाॅट होती है ।”
मैंने हड़बड़ाते हुए अपना सर उठाया और उनकी आंखों में देखते हुए कहा -” नहीं… आप को बुरा लगेगा सुनने में ।”
” कोई बात नहीं… मैं कुछ नहीं कहूंगी… तु बोल ।”
” मुझे शरम आ रहा है… मैं नहीं बोल पाऊंगा ।”
” बोल ना ।… तुझे मेरी कसम ।”
मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब मैं क्या बोलूं । कसम देने के बाद तो मैं और भी उहापोह वाली स्थिति में था ।
” ठीक है जब आप इतना जोर दे रही है तो मैं आपको बताऊंगा लेकिन आप के सामने नहीं… क्या पता मेरे बोलते ही आप मेरा सर फोड़ दे इसलिए मैं आपके मोबाइल पर मैसेज भेज दुंगा ।”
अचानक से चाची उदास हो गई और बोली -” कोई फायदा नहीं । मेरी मोबाइल तो एक महीने पहले ही चोरी हो गई है ।”
” अरे तो आपने बताया क्यों नहीं…कब चोरी हुई थी ?”
” शायद जिस दिन श्वेता की सहेली उर्वशी की शादी थी , उस दिन ।”
” ओह ! तो फिर बाद में नया मोबाइल नहीं खरीदी ?”
” तेरे उस खुसट चाचा को तो कई बार बोला है लेकिन उसका कान को तो जैसे दीमक चाट गया है ।” – चाची ने निराश होकर कहा -” लेकिन मैंने आज बोला है कि यदि वो आज मेरे लिए नया मोबाइल लेकर नहीं आए तो कल से सागर को बोलकर मोबाइल खरीदवा लुंगी ।”
” तो आज तक इन्तजार करो चाची… यदि वो फिर भुल गए हों तो कल मुझे बोलना ।”
” वो आज भी भुल जाएगा , तु कल सुबह मेरे से पैसे ले लेना और एक देख समझ के अच्छी सी मोबाइल ले लेना ।”
” ठीक है चाची ” – कहकर मैं खड़ा हुआ -” चाची , अब चलता हूं , कुछ काम है ।”
” क्या जरूरी काम है ?”
” अरे नहीं चाची…. ऐसी भी कोई जरूरी काम नहीं है , और अगर हो भी तो मेरी प्यारी चाची से बढ़कर दुसरी जरूरत और क्या होगी ।”
” तु सच में मेरा प्यारा सोना है… एक तु ही तो है जो सब का ध्यान रखता है ।”
चाची थोड़ा इमोशनल होने लगी थी । मैंने उन्हें अपने बाहों में कस के गले लगा लिया । थोड़ी देर बाद मैं अपने घर चला आया । उस वक्त दोपहर के अढ़ाई बजे थे । रीतु कालेज से अभी आई नहीं थी और माॅम इस वक्त हमेशा आराम करती है तो मैं सीधे अपने कमरे में चला गया और पैंट शर्ट खोलकर बिस्तर पर लेट गया ।
आज जिस तरह से काजल से ह्वाट्सएप पर चैटिंग हुई थी याद कर कर के मैं गरम होने लगा । बहुत जल्द काजल मेरी बाहों में होगी और उसके साथ मैं बिस्तर पर क्या क्या करूंगा , सोच सोच कर मैं उत्तेजित होने लगा । तभी सोचा क्यों न आज नेट पर सेक्स कहानियों वाली फोरम पढ़ा जाय ।
मैंने मोबाइल निकाला और ‘ वो ‘ प्रसिद्ध कहानियों वाली वेवसाईट खोला । कई कहानियां थी । हर तरह की कहानी थी । कुछ कहानियां पढ़ी । कुछ बहुत अच्छी लगी । कुछ तो एकदम बकवास लगी । लेकिन जो मुझे सबसे ज्यादा खराब लगी वो थी पढ़ने वालों की नेगेटिव कमेन्टस । मुख्य तौर पर औरतों के उपर की जाने वाली अभद्र टिप्पणी । यदि किसी कहानी के उपर कोई औरत कमेन्टस करती है , उसके बाद कहानी के लेखक के कमेन्टस देखकर ऐसा लगता है कि जिस औरत ने कमेन्ट किया है या तो वो औरत एक निम्न श्रेणी की गिरी हुई औरत है । या तो उसके लेखनी से प्रभावित होकर उस पर फिदा है । या वो एक निम्फोमेनियाक औरत है । बहुत बुरा लगा मुझे । बहुत ही बुरा । ऐसा नहीं होना चाहिए । यही सब सोचते सोचते मैं निद्रा के हवाले हो गया ।

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.