UPDATE -84
कामिनी: खबरदार जो चुदाई के वक़्त माँ माँ किया…जल्दी से…. पेल दे मेरे छेद में…
अपने लंड के सुपाडे को चूत के छेद पर लगा पुरी दरार पर उपर से नीचे तक चला बुर के होठों पर लंड रगडते हुए रिशू बोला तो बोल रंडी पेल दू पूरा…
कामिनी: अरे क्या स्टाम्प पेपर पर लिख कर दू. अब और मत तडपा डाल दे जल्दी से
रिशू: देख ले रंडी फट जाएगी तेरी…
कामिनी: बकचोदी छोड. फडवाने के लिये तो खोल के तेरे नीचे लेटी हूँ जल्दी कर… वासना के अतिरेक से कांपती आवाज में कामिनी आंटी बोली.
लंड के लाल सुपाडे को अपनी माँ की चूत के गुलाबी छेद पर लगा रिशू ने कच से धक्का मारा. सुपाडा चार इंच लंड के साथ चूत के छेद को कुचलता हुआ अन्दर घुस गया. रिशू के सिर के बालो में हाथ फेरती हुइ उनको अपने से चिपका भराई आवाज में आंटी बोली अरे इतने में मेरा क्या होगा…अआह पुरा…डाल दे…बेटा…चढ जा जल्दी
रिशू ने अपनी कमर को थोडा उपर खींचते हुए फिर से अपने लंड को सुपाडे तक बाहर निकाल धक्का मारा. इस बार का धक्का जोरदार था. कामिनी आंटी को मज़ा आ गया… इतने दिनो से उन्होंने लंड नही खाया था पर आज जब चूत के अन्दर जब तीन इंच मोटा और आठ इंच लम्बा लंड जड तक घुसा तो उनके सीने में ठण्ड पड़ गयी. अपने होठों को भींच दर्द को पीने की कोशिश करते हुए आंटी ने अपने हाथो के नाखून रिशू की पीठ में गडा दीये.
रिशू: क्या छेद है तेरा कुतिया…मजा आ गया… ये कहते हुए उनने एक धक्का और मारा और चूत के पानी में फिसलता हुआ पुरा लंड आंटी की चूत में जड तक उतरता चला गया.
कामिनी: इसी छेद से निकला था तू. आह्ह्ह आज चोद रहा है इसे ओफ्फ्फ्फ़ क्या किस्मत है तेरी अआह बहुत बडा उफ्फ्फ तेरा …उफफफ्…. मेरे बोबे चूसते हुए धक्के मार आःह्ह
रिशू ने एक चुंची को अपनी मुठ्ठी में जकड मसलते हुए दुसरी चुंची पर मुंह लगा कर चूसते हुए धीरे-धीरे एक-चौथाई लंड खींच कर धक्के लगाता पुछा
रिशू: किससे किससे पिलवाती थी बता.
कामिनी: किस से पिलवाती. तेरे बाप का अब खड़ा नहीं होता.
रिशू: क्यों वो लौंडा राजू तो बोलता था की तुम्हे रोज़ चोदता है…
कामिनी: हरामी कुत्ते वो बोलता था और तू सुनता था…मैं कोई रंडी हूँ जो सबसे चुदुंगी. गुस्से से रिशू के चूतड पर मुक्का मारती हुइ बोली.
बात तो सुन लिया कर कुतिया, झल्लाते हुए रिशू चार-पांच तगडे धक्के लगाता हुआ बोला.

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