UPDATE – 81
कामिनी आंटी भी उनकी गरदन में बांहे डाले अपने से चिपकाये फुसफुसाती हुइ बोली हाये और चूस बेटा खोल के चूस
इतना सूनना था की रिशू ने कामिनी आंटी को बिस्तर पर लिटाते हुए जल्दी से ब्लाउन के बटन चटकाते हुए खोल दीये. ब्लाउन के दोनो भागो को दो तरफ करते हुए उनकी काले रंग की ब्रा को खोलने के लिये अपने दोनो हाथो को कामिनी आंटी की पीठ के नीचे घुसाया तो उन्होंने अपने आप को अपने चूतडों और गरदन के सहारे बिस्तर से थोडा सा उपर उठा लिया
कामिनी आंटी की दोनो चुचियां रिशू की छाती में दब गई. चुचियों के कठोर निप्पल रिशू की छाती में चुभने लगे तो रिशू ने पीठ पर हाथो का दबाव बढा कर कामिनी आंटी को और जोर से अपनी छाती से चिपका लिया और उनकी कठोर चुचियों को अपनी छाती से पीसते हुए धीरे से ब्रा के हुक को खोल दिया. कसमसाती हुइ कामिनी आंटी ने उसे थोडा सा पिछे धकेला और ब्लाउज उतार दिया. फिर तकिये पर लेट रिशू की ओर देखने लगी. कांपते हाथो से ब्रा उतार कर दोनो गदराई गठीली चुचियों को अपने हाथ में भर धीरे से बोला
५ ५ किलो के पपीते है. बड़े मस्त है माँ. इतना कह कर रिशू ने उन्हें हल्के से दबाया तो गोरी चुचियों का रंग लाल हो गया. उनने सपने में भी नही सोचा था की उनकी मां की चुचियां इतनी सख्त और गुदाज होगी. रश्मि जैसी कमसिन लड़की और अपनी माँ जैसी खेली खाई औरत का अंतर आज उसे पता चल गया.
कामिनी आंटी की आंखे नशे में डुबी लग रही थी. रिशू ने उनके बगल में लेटते हुए उन्हें अपनी तरफ घुमा लिया और उनके रस भरे होठों को अपने होठों में भर नंगी पीठ पर हाथ फेरते हुए अपनी बाहों के घेरे में कस जोर से चिपका लिया.
करीब पांच मिनट तक दोनो मां-बेटे एक दुसरे से चिपके हुए एक दुसरे के मुंह में जीभ ठेल-ठेल कर चुम्मा-चाटी करते रहे. जब दोनो अलग हुए तो हांफ रहे थे और दोनो की आंखो की शरम अब धीरे-धीरे कम होने लगी थी.
रिशू ने कामिनी आंटी की चुचियों को फिर से दोनो हाथो में थाम लिया और उनके निप्पल को चुटकी में पकड मसलते हुए एक चुंची के निप्पल से अपनी जीभ को लडाने लगा. कामिनी आंटी भी अपने एक हाथ से चुंची को पकड रिशू के मुंह में ठेलने की कोशिश करते हुए सिसयाते हुए चूसवा रही थी. बारी-बारी से दोनो चुचियों को मसलते चूसते हुए रिशू ने दोनो चुचियों को लाल कर दिया.

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