UPDATE -79
पर उस दिन शाम को बड़ा आंधी तूफ़ान आ गया और मूसलाधार बारिश होने लगी. कामिनी आंटी का फ़ोन आया की ऐसे में वो नहीं आ पायेगी और वो कल आयेगी. मुझे बहुत ज्यादा फरक नहीं पड़ा क्योंकि मेरे पास तो अपने भाई से चुदवाने के लिए बेक़रार दो दो बहने थी पर उधर रिशू और कामिनी ने जो प्लान बना रखा था उस पर पानी पड़ गया था.
रात को कामिनी आंटी अपनी चूत में ऊँगली डाल कर पड़ी हुई थी और बार बार उनको रिशू का लंड याद आ रहा था. राजू जो आंटी की प्यास बुझाता था वो आंटी के दिल्ली जाने के बाद कही और नौकरी करने चला गया था तो आंटी काफी वक़्त से प्यासी थी. रिशू भी बुरी तरह वासना में जल रहा था. उनने सोचा था की मम्मी के जाने के बाद वो पूरी रात रश्मि को दौड़ा दौड़ा कर अलग अलग पोज में चोदेगा और गांड भी मारेगा क्योंकि रिक्की भी अपनी एक सहेली के घर पार्टी में गयी थी. आज वो और रश्मि दीदी उसके घर पर अकेले होते पर तेज़ बारिश ने उनके अरमानो पर पानी फेर दिया.
जब ऊँगली कर कर के भी कामिनी आंटी को संतोष नहीं मिला तो उन्होंने अपनी जिंदगी का एक बहुत बड़ा फ़ैसला किया और वो बिस्तर से उठ कर रिशू के कमरे की तरफ चल दी. रिशू को नींद नहीं आ रही थी और रश्मि को याद करके उनका डंडा एकदम सर उठाये खड़ा था तो उसने अपनी पेंट उतार दी और अंडरवियर से अपना लंड बाहर निकाल कर सहलाने लगा. उसको नहीं पता था की दरवाजे की दरार से दो आंखे उसको देख रही थी और उसका लंड देखते ही वो चमकने लगी. वो आंखे उसकी अपनी माँ कामिनी की थी जो आज तय कर चुकी थी की वो अपने जिस्म की आग अपने बेटे से ही बुझवा लेगी…
अचानक कामिनी आंटी दरवाजा खोल कर अन्दर आ गयी और रिशू ने हडबडा कर लंड वापस अंडरवियर में डाल लिया.
कामिनी आंटी: नींद नहीं आ रही तेरे कमरे की लाइट जल रही थी तो सोचा तुझसे कुछ बात करू.
रिशू को लगा शायद मम्मी ने मुझे लंड हिलाते नहीं देखा. वो उनसे बोला हा हा बोलो. कामिनी आंटी वही बैठ कर रिशू को ध्यान से देखने लगी. रिशू की अंडरवियर के अन्दर का टेंट देख उनकी चूत बुरी तरह पनिया गयी थी. बैठते समय उनका आंचल गिर गया और उनके ब्लाउज फाड़ कर बाहर आने को बेताब पहाड़ो जैसे बोबे रिशू की निगाहों के सामने आ गए थे. रिशू ने पहले कभी अपनी माँ कामिनी को इस नज़र से नहीं देखा था पर आज वो वासना से जल रहा था. अपनी माँ के चूचे देख उनके दिल में टीस उठी.

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