Paap Punya – Update 77 | (Incest + Adultery) Story

Paap Punya - Incest Adultery Sex Story by Rashili Chut
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UPDATE = 77

रश्मि दीदी खड़ी होकर मेरी पीठ से आ लगी….और अपने हाथो से उसके कंधे पकड़ कर अपना पूरा शरीर मेरी कमर से रगड़ने लगी… मैं मोनिका को सामने से चोदते हुए, अपने मुंह को पीछे करके रश्मि दीदी के होंठो को चूसने और चाटने लगा…

मोनिका : अन्दर चलो…बेड….पर….अह्ह्ह……जल्दी….

मैं दोनों को अपने ऊपर उठा कर अन्दर की तरफ चल दिया…..मैंने अन्दर मोनिका को पीठ के बल पटक दिया…और अपने लंड को बाहर निकाले बिना उसे चोदने में लगा रहा…

दीदी तो बेताल की तरह मेरी पीठ से चिपकी हुई अपने चूंचीयों से मेरी मालिश करने में लगी हुई थी..उनकी चूत से निकल रहा पानी, मेरी पीठ पर अपना गीलापन छोड़ रहा था.

रश्मि दीदी जिस अवस्था में थी, सामने चुद रही मोनिका के चेहरे के भाव को साफ़ देख पा रही थी…

उसकी आँखे बंद थी…और हाथ सर के ऊपर..और उसकी मोटी ब्रेस्ट हर झटके से ऊपर की तरफ जाती और फिर नीचे आती. और मुंह पूरा खुला हुआ था…जिसमे बंद जीभ की हर हरकत को रश्मि दीदी साफ़ देख पा रही थी… और उसकी सिस्कारिया और हलकी चीखे…दीदी के चेहरे से टकरा कर अपनी कामुकता बिखेर रही थी…

रश्मि दीदी ने मेरे कान को अपने मुंह में भरा और उसे चुसना शुरू कर दिया…मैं भी मचल कर और तेजी से मोनिका की चूत को मारने में लग गया.

अह्ह्हह्ह …..अह्ह्हह्ह मोनिका….म्मम्म….तुम्हारी ब्रेस्ट….कितनी मस्त है यार…..कितने सालो से इन्हें देखकर….अह्ह्ह…ना जाने कितनी बार मुठ मारी है…..अह्ह्ह्ह…..अब मौका मिला है…इन्हें…..देखने….और….चूसने का…..

और ये कहते हुए मैं नीचे झुका और मोनिका की लेफ्ट ब्रेस्ट को मुंह में भरकर उसकी जवानी का रस पीने लगा..

मेरा चेहरा नीचे था…और मेरे कंधे पर रखा हुआ रश्मि दीदी का सर अब बिलकुल मोनिका के मुंह के ऊपर था…दीदी ने मोनिका के लरजते हुए होंठो को अपने मुंह में दबाया …और उन्हें जोर-जोर से चूसते हुए उनमे बंद रस अपने पेट में उतारने लगी….

दोतरफा हमला उसके लिए सहन करना मुश्किल हो गया….और एक तेज चीख के साथ वो अपने रस को मेरे लंड के नाम कुर्बान करके झड़ने लगी.

अयीईईईइ……….म्मम्म……तुम दोनों भाई बहन मेरी जान लोगे आज…अह्ह्हह्ह……आई एम् कमीईईन्ग……..

और उसकी चूत से निकलने वाला रस का बहाव इतना तेज था की मेरा लंड भी एक झटके में बाहर की तरफ फिसल गया. और रश्मि भी उस झटके की वजह से फिसलन भरी पीठ को छोड़कर नीचे की तरफ गिर पड़ी…मोनिका की बगल में.. और नीचे आते ही रश्मि ने अपने होंठ फिर से उसके मुंह से लगा दिए…ताकि वो और न चीख पाए… मैंने अपने लंड को फिर से तैयार किया और चूत में दाल दिया….

पर इस बार चूत मोनिका की नहीं ..रश्मि दीदी की थी.

मेरे लंड के गर्म एहसास से रश्मि दीदी की चूत पुलकित हो उठी….और दीदी ने अपनी दूसरी टांग को पूरी तरह से फेला कर मेरे मोटे लंड का अन्दर स्वागत किया… और फिर मैंने बेरहमी से एक ही झटके में अपना पूरा मूसल दीदी की भुर में डाल दिया.

दीदी की चूत को रात भर रिशू ने कूटा था. मेरे लंड के अन्दर जाते ही उनके मुह से एक चीख निकल गयी.

आःह्ह. अरे मोनू आआअह्हह्हह आराम सेईईइईईआअ

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