UPDATE – 69
दीदी- आह्ह.. ठीक है.. आह्ह.. जो करना है
आह्ह.. जल्दी करो…. आह्ह.. जल्दी करो..
मैं अब स्पीड से दीदी की गाण्ड मारने लगा.
वो सिसकारियाँ लेती रही.. कुछ देर बाद लौड़ा ‘
पक-पक’ की आवाज़ के साथ स्पीड से अन्दर-बाहर होने लगा.
अब दीदी को दर्द भी कम महसूस हो रहा था.
वो झटकों के साथ उत्तेजित होने लगी थी..
उसकी चूत टपकना शुरू हो गई थी..
वो जोश में आ गई.
दीदी- आ आह्ह.. मोनू.. अब दर्द कम है..
आह्ह.. अब ज़ोर से करो.. आह्ह..
जल्दी आह्ह.. फास्ट ब्रो आह्ह.. फास्ट..
दीदी को अब मज़ा आने लगा था.
वो हाथों पर ज़ोर देकर फिर से घोड़ी बन गई थी
और मैं अब उनके कूल्हे पकड़ कर ‘दे दनादन..’
लौड़ा पेल रहा था. कुछ देर बाद मैंने दीदी की
गाण्ड में पिचकारी मारनी शुरू की..
तो गर्म-गर्म वीर्य से उनको बड़ा सुकून मिला.
दीदी बिस्तर पर गिर पड़ी और मैं दीदी के ऊपर ही लेट गया.
थोड़ी देर बाद दीदी ने मुझे हटाया और उठ कर दुसरे
कमरे में चली गयी. मैं वही लेटा हुआ सुन रहा
था की वो किसी से फ़ोन पर बात कर रही थी.
फ़ोन रख कर दीदी वापस आई और
बोली मेरी मनीष और मोनिका दोनों से बात हो गयी है.
वो अपनी कार से आज ही दोपहर को चल देगा.
और रात तक वो मोनिका को ले कर आ जायेगा और
मैंने रिशू को आने से मना कर दिया है.
मैं खुद उसके घर जा रही हूँ और आज रात को वही रहूंगी.
मेरी कामिनी आंटी से भी बात हो गयी है.
मोनू: पर वहां कामिनी आंटी और
रिक्की भी तो होंगे तो वहां क्या करोगी…
रश्मि: हा वो तो है पर वहां आप्शन भी तो है.
देखूँगी सबके सोने के बाद अगर मौका लगा तो
रिशू का लंड ले लूंगी वरना कामिनी आंटी के गदराये बदन से खेलूंगी.
उसमे भी एक अलग ही मज़ा है. वैसे भी तुम और
मनीष तो आज मोनिका को ही चोदोगे तो
मैं यहाँ क्या अपनी चूत में ऊँगली डालूंगी.
दीदी रिशू के घर जाने के लिए तैयार हो गयी और
जब वो जाने लगी तब मैंने कहा की दीदी अगर मौका
लगे तो कामिनी आंटी को कल रात के लिए घर बुला लेना
. दीदी ने हँसते हुए कहा की कोशिश करूंगी पर ज्यादा लालच अच्छा नहीं है.
पहले आज मोनिका की चूत तो मार लो.
मनीष और मोनिका दोनों रात को १० बजे आ गए.
रश्मि दीदी तो पहले ही चली गयी थी
तो घर में मैं अकेला था.
जब मोनिका ने रश्मि को नहीं देखा तो पुछा
मोनिका: मोनू रश्मि कहाँ है.
मोनू: मोनिका, रश्मि दीदी के एक दोस्त का आज जन्म दिन
है वो जबरदस्ती उसे ले गए है. सुबह आ जाएगी.
चलो हम सो जाते है.
मनीष बोला चलो हम सब तुम्हारे रूम में ही सो जाते है.
मेरे रूम में मैंने पहले ही दीदी का और अपना बेड
एक साथ जोड़ कर दीवार से साथ लगा दिया था.
हम सोने के लिए मेरे रूम में आ गए.
मैं दीवार की तरफ लेट गया. मनीष बोला मुझे बीच में
नींद नही आयेगी और वो बेड के किनारे लेट गया.
अब मोनिका को मजबूरी में बीच में लेटना पड़ा.
मनीष ने कहा की उसे लाइट में नींद नहीं आती
और नाईट लैंप बंद कर दिया. अब कमरे में एकदम अँधेरा था.
मोनिका को मेरे बगल में सोना थोडा अजीब तो लग रहा था
पर उसने सोचा की मनीष भी उसके बगल में सोया है.
मनीष और मैंने पहले ही तय कर रखा था की
मोनिका को खूब गरम कर दिया जाये तो वो
चूत देने से मन नहीं करेगी और वो देख चुके थे की
रश्मि भी पहले कितना मना कर रही थी पर एक बार चूत
में लंड लेने के बाद उसने चुदाई में पूरा साथ दिया था.
करीब १ घंटे बाद मैंने हमारा प्लान स्टार्ट किया.
मैंने अपना लंड बाहर निकला और मोनिका की गांड पर
टच किया. मोनिका अभी सोइ नहीं थी तो उसको
एकदम झटका लगा. मेरा मोटा लंड उसे बहुत सख्ती
से महसूस हो रहा था. फिर मैंने उसके पेट पर हाथ रखा
पर मोनिका कुछ नहीं बोली वैसे भी अगर वो बोलती
भी तो अब मैं कहाँ रुकने वाला था.

अब मैंने धीरे से अपना हाथ मोनिका के मम्मों पर फेरना चालू किया.
उसकी साँसे तेज़ होने से मुझे पता चल गया था
की मोनिका जाग रही है और अगर वो मेरे अगले कदम का
साथ देती है तो आज की रात हमारी जिंदगी
की यादगार रात होगी.
अब मैंने धीरे से उसके टॉप के बटन खोलने शुरू किये
और कुछ ही सेकेंडो में टॉप को मोनिका के जिस्म
से जुदा कर दिया. अब मैं ब्रा के ऊपर से ही उसके
३४ साइज़ के मम्मे जोर जोर से दबाने लगा.
मोनिका बड़ी मुश्किल से अपनी आवाज रोके हुई थी.
उसको लगा रहा था की अगर मनीष जाग गया तो क्या होगा.
अब उसे क्या पता मनीष भी तो बड़ी बेसब्री से उसे चोदने के
लिए जाग रहा था. अब मैंने उसकी ब्रा का हुक भी
पीछे खोल दिया और उसकी ब्रा उतार दी.
मोनिका अब भी कुछ नहीं बोली तो अब मैं समझ गया
की मोनिका ने चुदने के लिए मौन स्वीकृत दे दी है.
अब मैंने बेफिक्र हो कर मोनिका को अपनी तरफ घुमाया
और उसके नंगे मम्मे को अपने मुह में भर लिया.
मोनिका के मुह से एक सीत्कार निकल गयी जिसे
सुन कर मनीष समझ गया की चिड़िया जाल में फंस गयी है.
मोनिका उत्तेजना से पागल हुई जा रही थी पर
अपनी आवाज को किसी तरह रोकने की कोशिश कर रही थी
और मैं जंगलियो की तरह उसके मम्मे चूस रहा था
, दबा रहा था और पूरी तरह निचोड़ रहा था.
दरअसल मोनिका बहुत शरीफ लड़की नहीं थी.
उसका एक बॉयफ्रेंड था जिससे वो कई बार चुद चुकी थी.
पर १ साल पहले उसका ब्रेकअप हो गया.
उसका बॉय फ्रेंड उसके जिस्म की आग को हवा दे गया था
और पिछले १ साल से उसका मन चुदने के लिए तड़प रहा था
और वो नया बॉयफ्रेंड बनाने के लिए कोशिश कर रही थी
पर मेरी और मनीष की किस्मत की अभी तक
उसको कोई दूसरा लड़का नहीं मिला था.
मेरे इस वाइल्ड रूप से उसे ऐसा मज़ा आ रहा था
जो उसे कभी नहीं आया. साथ ही ये ख्याल की
बगल में उसका सगा भाई भी सो रहा है उसकी उत्तेजना को
और भी बड़ा रहा था और उसकी चूत पूरी तरह गीली हो गयी थी.
अब मैंने अपना हाथ नीचे ले जा कर मोनिका का लोअर
और पैंटी एक साथ निचे कर दिए.
मोनिका ने भी मेरी मदद करते हुए अपने पैरो से लोअर
और पैंटी को नीचे उतर दिया.
अब मोनिका पूरी नंगी थी.
मेरा लंड सीधे उसके पेट में चुभ रहा था
जिससे मोनिका और गरम हो गयी और उसने
वापस मेरी की तरफ अपनी पीठ कर ली.
मैंने भी तब तक अपने पूरे कपडे उतार दिए थे.
अब मैंने अपना लंड मोनिका की गांड पर रगड़ना शुरू
किया और एक हाथ से उसकी चूत सहलाने लगा.
मोनिका भी अपनी गांड को पीछे धक्का दे रही थी.
मैंने मोनिका के पैर को हवा में उठाया और पीछे
से ही अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रख दिया.
मोनिका मेरे लंड के स्पर्श से सिहर उठी तब तक
मैंने एक जोर का झटका मारा और
मोनिका के घुटी हुई सी चीख निकल गयी.

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