Paap Punya – Update 68 | (Incest + Adultery) Story

Paap Punya - Incest Adultery Sex Story by Rashili Chut
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UPDATE – 68

कुछ देर तक मैं धीरे-धीरे लौड़े को अन्दर करता रहा.

मेरा आधा लण्ड अब दीदी की गाण्ड में जगह बना चुका था.

 अब मैं आधे लण्ड को ही अन्दर-बाहर करने लगा.

दीदी- आह्ह.. आइ.. आह्ह.. अब दर्द कम है..

 आह्ह.. चोदो आह्ह.. मज़ा आ रहा है..

मोनू सच्ची गाण्ड में मज़ा तो बहुत आता है.. आह्ह.. उहह..

मैं अब स्पीड से लौड़े को अन्दर-बाहर कर रहा था

और हर धक्के के साथ लौड़ा थोड़ा और

अन्दर घुसा देता. लंड एकदम टाइट जा रहा था..

 ये तो तेल का कमाल था..

नहीं तो मेरा लौड़ा छिल जाता.

 थोड़ी देर बाद मैंने लंड पूरा बाहर निकाल लिया.

दीदी- ऑउच.. क्या हुआ मोनू..

 निकाल क्यों लिया.. थक गए क्या?

मोनू- अरे नहीं मेरी रांड..

जितना तेल लगाया था..

 वो तेरी गाण्ड पी गई..

अब थोड़ा और लगा के डालूँगा..

दीदी- उफ्फ.. मोनू जल्दी से पेल दो तुम मेरी

गाण्ड मार रहे हो और

मेरी चूत में खुजली शुरू हो गई है.

मोनू- सबर कर मेरी जान..

आज तेरी सारी खुजली मिटा दूँगा मैं..

इतना कहकर मैंने पूरे लौड़े पर अच्छे से तेल लगाया.

 उसके बाद दीदी की गाण्ड को हाथ से खोलकर

उसमे तेल पेल दिया..

ताकि पूरा लौड़ा आराम से अन्दर चला जाए.

तेल की बोतल रख कर मैंने फिर से लौड़ा गाण्ड में घुसा दिया

 और धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा,

 दीदी मस्ती में गाण्ड पीछे धकेल कर चुदने लगी.

तभी मैंने ज्यादा जोश में ज़ोर का झटका मार दिया

और पूरा लौड़ा जड़ तक गाण्ड में समा गया

और इसी झटके के साथ दीदी बिस्तर पर गिर गई,

 उसके साथ-साथ मैं भी उनके ऊपर गिर गया.

पूरा लौड़ा जब गाण्ड में गया तो दीदी

 के मुँह से ज़ोर की चीख निकल गई..

मगर जल्दी ही उसने बिस्तर में मुँह छुपा

 कर अपनी चीख को दबा लिया…

मुझे भी ये अहसास हो गया कि दीदी को

इस बार दर्द हुआ होगा.. क्योंकि शुरू में तो

वो प्यार से लौड़ा घुसा रहा था..

मगर अचानक ही पूरा लौड़ा एक साथ

 गाण्ड में चला गया तो दर्द होना लाजिमी है.

मैं कुछ देर वैसे ही दीदी के ऊपर लेटा रहा..

जब उसका दर्द कम हुआ.

दीदी- आ आह्ह.. मोनू.. मेरी जान निकाल दी तूने..

 आह्ह.. अब उठो भी.. पूरा वजन मेरे ऊपर पेल रखा है..

मैं अपने हाथों और घुटनों पर ज़ोर देकर थोड़ा ऊपर हुआ

और धीरे-धीरे लौड़ा अन्दर-बाहर करने लगा.

दीदी- आह्ह.. मोनू.. बहुत दर्द हो रहा है..

 प्लीज़ अब बस भी करो.. आह्ह..

 निकाल लो ना.. आह्ह.. मैं मर जाऊँगी..

मोनू- अरे अब तो पूरा अन्दर घुस गया..

अब कैसा दर्द.. बस मुझे थोड़े झटके मार कर

गाण्ड को खोलने दो.. अगर रेगुलर गांड मराती

तो इतना दर्द नहीं होता. सिर्फ मज़े ही मज़े लेती ..

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