UPDATE – 65
दीदी के जवाब देने से पहले ही मनीष ने फिर से रश्मि दीदी
की चूत में शहद लगा दिया. तब दीदी ने उसको बोला
बस मनीष बस अब हिम्मत नहीं है.
अब सुबह होने वाली है
. हम थोडा सो लेते है.
हम दोनों ने दीदी की बात मान ली और हम सो गए.
सुबह मेरी नींद थोडा जल्दी खुल गयी
मैंने देखा की हम तीनो नंगे एक दुसरे से गुथे हुए सो रहे थे.
मनीष का लंड सुबह सुबह नींद में भी खड़ा है
और रश्मि दीदी की चूत से वो शहद बह रहा था
जो मनीष ने रात में डाला था.
वो दोनों अभी भी गहरी नींद में सो रहे थे.
थोड़ी देर दीदी ने आराम किया फिर हम सब फ्रेश हुए
और चाय पी. रश्मि दीदी बोली की मौसा मौसी
के आने से पहले नहा कर तैयार हो जाओ
और हम तीनो एक साथ नहाने के लिए चले गए…
रश्मि दीदी नहाते हुए जाकर कमोड पर बैठने लगी
तो मैंने कहा दीदी क्या कर रही हो.
वो बोली की उनको पेशाब लगी है तो
मैंने उन्हें खड़े होकर मूतने को कहा और
उसकी चूत पर मुह लगा दिया.
दीदी ने कहा क्या कर रहो हो मोनू.
हटो ऐसे मेरा पेशाब नहीं आयेगा.
मैंने दीदी के चूत को चाटना शुरू कर दिया और
उनकी चूत का दाना चुबलाने लगा
तो दीदी बर्दाश्त नहीं कर पाई और मूतने लगी.
मैंने उनकी चूत में मुह लगा कर उनका मूत पिया
. क्या टेस्ट था दीदी के मूत का.
मेरा एक और सपना आज पूरा हो गया.
जब हम नहा कर निकले तो ११ बजे थे.
दीदी ने नहा कर काले रंग की ब्रा पैंटी पहन ली.
हमने तो कपडे पहने ही नहीं थे.
दीदी को ब्रा पैंटी में देख कर हमारे लंड फिर से ऐठने लगे.
दीदी ने हँसते हुए बोली अब तो तुम लोगो के लंड पर
राखी बांधनी पड़ेगी क्योंकि अब ये ही मेरे काम आएंगे.
क्यों ठीक है न.
हमारा मन तो कर रहा था की दीदी को फिर से चोद दे
लेकिन मौसा मौसी के आने का टाइम हो गया था
तो हम लोगो थोड़ी मस्ती करके कपडे पहन लिए.
मैंने अब रश्मि दीदी को बता दिया की शायद
रिशू वहां आया होगा तो रश्मि ने रिशू के घर फ़ोन किया.
रिशू से दीदी की कुछ बात हुई तो
दीदी ने मुझसे कहा की हम आज ही वापस जायेंगे.
मैंने कहा हमारी ट्रेन तो कल की है और
आज का टिकेट नहीं मिलेगा तो दीदी ने कहा कोई बात नहीं,
हम बस से चलेंगे.
आधे घंटे बाद मौसी और मोनिका आ गए.
मौसा जी सीधे अपने नर्सिंग होम चले गए थे.
मोनिका और दीदी ने हम दोनों को राखी बाधी
फिर हम बस से अपने शहर लौट आये.
जब हम अपने शहर पहुचे तो रात काफी हो गयी थी
फिर दीदी बोली चलो रिशू के घर चलो.
हम कल अपने घर जायेंगे.
अब मुझे रिशू से कोई प्रॉब्लम नहीं थी क्योंकि
अब तो मैंने भी दीदी को चोद लिया था तो
हम दोनों रिशू के घर पहुच गए.
वो दीदी का इंतज़ार कर रहा था.
पर उसको पता नहीं था की मैं भी साथ में हूँ.
वो मुझे देख कर थोडा चौक गया.
तो दीदी ने उसके कान में कुछ कहा तो फिर
वो दीदी को लेके अपने कमरे में चला गया
और मुझे दुसरे कमरे में सोने भेज दिया.
मैं काफी थका था तो जाकर गहरी नींद में सो गया.
सुबह १० बजे दीदी ने मुझे जगाया और
कहा फ्रेश होकर चाय पी लो.
चाय पीते पीते दीदी ने कहा
रश्मि: सुन मोनू, अंकल (रिशू के पापा) का ट्रान्सफर वापस हो गया है.
कल कामिनी आंटी और रिक्की वापस आ जायेंगे.
और अगले महीने अंकल भी आ जायेंगे.
दादी तो अंकल के छोटे भाई के पास कुछ दिन दिल्ली में ही रहेंगी
पर कामिनी आंटी तो ज्यादातर घर पर ही रहती है…
पता नहीं अब मुझे रिशू के साथ होने का मौका कब मिलेगा.
मोनू: दीदी जिस ट्रेन से हम आने वाले थे
वो शाम को ७ बजे आती है तो
तब तक तो तुम रिशू के साथ खूब मजे करो
और फिर आज के बाद जब भी हम दोनों घर पर
अकेले हो तब भी तो तुम रिशू को बुला ही सकती हो.
रश्मि: बाद की बात बाद में देखेंगे पर
आज तो ठीक है हम ७.३० बजे घर चलेंगे
और ये कह कर वो वापस रिशू के कमरे में उससे चुदवाने चली गयी.
मैंने सोचा चलो ठीक है आखिर उसका लंड भी तो बड़ा है
पर अब तो हर रात मैं हो चोदुंगा दीदी को.
शाम को हम घर पहुच गए और
उसी रात से दीदी मेरी रात की बीवी बन गयी.
अब मैं लगभग रोज़ रात को दीदी को चोदने लगा
सिवाय जब उनके पीरियड चल रहे होतेथे.
कहीं मैं मामा न बन जाऊं
इसीलिए दीदी ने गोलियां लेना शुरू कर दिया था.

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