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UPDATE – 63

दीदी- आह.. मनीष उफ़.. आराम से आह..

चूसो.. आह.. सारा रस पी जाओ.. आह..

मज़ा आ रहा है मोनू.. आह.. आह.. सस्सस्स आह..

 मोनू.. दर्द हो रहा है आह.. प्यार से मालिश करना

.. आह.. तेरी बहन हूँ आह.. उफफ्फ़.

दस मिनट तक हमारी मस्ती चलती रही.

अब हम वासना की आग में जलने लगे थे

. मनीष का लौड़ा टपकने लगा.

दीदी- आह.. उहह.. मोनू मज़ा आ रहा है..

इससस्स.. आह.. खूब चूसो.. आह.. और दबा के..

 ससस्स चूसो.. आह.. मज़ा आ गया. अ

ब मैं चूची पीने ऊपर गया और मनीष

ने मेरी जगह ले ली. वो अब आइस्क्रीम की तरह चूत को चाट रहा था..

दीदी की चूत से रस टपकना शुरू

 हो गया था.. वो अब तड़पने लग गई थी.

दीदी- आह..ससस्स.. मोनू.. आह..

मेरी चूत की आग बहुत बढ़ गई है.. आह..

 अब उफफफ्फ़.. सस्सस्स.. मोनू आह.. लौड़ा घुसा दो..

आह.. मुझे कुछ हो रहा है.. आह.. प्लीज़ मोनू.. आ

ह.. फक मी आह.. फक मी.. सस्सस्स आह…

मनीष भी अब बहुत ज़्यादा उत्तेज़ित हो गया था.

उसके लौड़े से भी रस की बूँदें टपकने लगी थीं.

. मेरे बदले वो बैठ गया और लौड़े को दीदी की

चूत पर टिका कर धीरे से दबाने लगा.

दीदी- आह.. चोदो मुझे आह.. उई घुसा दो आह..

पूरा डालो.. आह.. मेरी चूत को फाड़ दो आज.. आह.. आईई..

मनीष ने धीरे-धीरे अब कमर को हिलाना शुरू कर दिया था.

 हर झटके के साथ वो लौड़े को थोड़ा आगे बढ़ा देता

 और दीदी की आह.. निकल जाती. कुछ ही देर में

उसने पूरा लौड़ा चूत में घुसा दिया और मैं दीदी के

 ऊपर लेटकर उनके निप्पल को चूसने लगा.

दीदी- आह.. अब चुदाई शुरू कर दो..

मुझे दर्द नहीं हो रहा है.. आह.. करो न.. आह..

 चोद दो मुझे.. आह.. आज मेरी सारी गर्मी निकाल दो आह..

मनीष स्पीड से लौड़े को अन्दर-बाहर करने लगा.

दीदी भी गाण्ड उठा कर उसका साथ देने लगी.

चुदाई जोरों से शुरू हो गई.. कमरे का तापमान बढ़ने लगा.

‘ठप.. ठप.. पूछ..फ्छ.. आह.. उहह.. इससस्स..

आह.. उहह.. उहह..’ की आवाजें कमरे में गूंजने लगीं.

दीदी- आह हाँ भैया आह्ह्ह .. आह.. येस्स्स्सस्स्स्स ..

आह.. जोर सीई .. आईईइ ओउ सस्स..

मनीष- ले रश्मि.. आह.. आज आह.. मेरा पॉवर देख..

आह.. तेरी चूत का आह चूरमा बना दूँगा मैं.. आह..

 आज के बाद तू जब भी उहह.. चूत को देखेगी..

आह.. मेरी याद आएगी तुझे..

दस मिनट तक मनीष स्पीड से दीदी को चोदता रहा.

साला मुझसे झूठ बोला था की सिर्फ एक बार लड़की चोदी है,

 मनीष तो पक्का चोदू था. पहले 2 बार झड़ चुका था

इसलिए अबकी बार कहाँ वो जल्दी झड़ने वाला था.

अब तो उसका टाइम और बढ़ गया.

मगर दीदी दीदी की चूत लौड़े की चोट ज़्यादा देर सह ना पाई

और उनके रस की धारा बहने को व्याकुल

 हो गई.

दीदी- आई आई.. आह.. जाल्दीईइ अआह .

मईए झड अआह ईईईई .. आह.. गई.. आह..

ज़ोर से पेलो.. आहह.. उहह आह.

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