Paap Punya – Update 61 | (Incest + Adultery) Story

Paap Punya - Incest Adultery Sex Story by Rashili Chut
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UPDATE – 61

पहले मैंने रश्मि दीदी के नीचे से निकल कर

मनीष के लिए ज्यादा स्पेस बनाया,

जिससे की वो ज्यादा आजाद होकर

 अपने लंड को दीदी के चूतड़ों में पेल सके.

मेरा सोचना बिल्कुल सही था और मेरे हटते ही

मनीष ने शहंशाही अंदाज में अपने रुस्तम लंड

 को मेरी दीदी के चूतड़ों में पेल दिया.

सिसकारियाँ भरते हुए रश्मि दीदी ने अपने चूतड़

स्थिर रखते हुए मूसल लंड के पूरा

अन्दर घुस जाने का इंतजार किया और

फिर जब मनीष ने हल्के-2 धक्कों से धीरे-2 चोदना शुरू

कर दिया तो मैंने भी अपनी दीदी के चूतड़ों के पीछे

जाकर अपने लंड से दीदी की गांड को कुरेदना शुरू

किया जो पहले से ही मनीष के लंड से पूरी तरह भरी थी.

काफी मशक्कत के बाद आखिर मैंने भी अपने

झटके मारते हुए लंड को मनीष के लंड के समान्तर

रश्मि दीदी की गांड में घुसेड़ दिया तो उनके मुह

से एक गगनभेदी चीख निकल गयी…

दर्द तो मुझे भी हुआ पर यह वाकयी गजब का अनुभव था..

मैं रश्मि दीदी की चुदती हुई गांड के अन्दर पहुँच चुका था

 जहाँ पहले से ही मनीष के लंड ने ग़दर

 मचाते हुए तबाही ला रखी थी..

और अब दो लंडों के मिल जाने से दुगनी रफ़्तार से

चुदाई जरूरी थी और हम दोनों भाइयों ने हमारी ब

हन की गांड के परखच्चे उड़ाते हुए चुदाई शुरू कर दी.

हम दोनों इस समय पूरे आवेश में आकर चोद रहे थे

 और दीदी की चीखें पूरे घर में गूंजने लगी थी.

अब ये मालूम नहीं की दर्द से या मस्ती से..

२५ मिनट बुरी तरह से दीदी की गांड मारने के बाद

 हमने पोजीशन बदल दी और अब मनीष ने कमर

 के बल लेटते हुए दीदी की चूत को अपने लंड

पर पहना दिया और अपनी हथेलियों को उसके

नितम्बों के नीचे रख कर उसे ऊपर-नीचे झुलाने लगा.

तूफान मेल की रफ़्तार धक्के खाने पर मेरी

बहन की चूत से पानी के छीटें छूट रहे थे और मैं

अपने लंड को हाथ में पकड़े हुए रश्मि दीदी की

चूत के सामने जगह बनाने लगा. कुछ कोशिश के

बाद मैं भी अपने लंड को दीदी की चूत में फिट करने में कामयाब हो गया.

और फिर जो चुदाई हमने शुरू की..

रश्मि दीदी ने अपना बायाँ पैर खम्भे की

तरह आसमान में उठा दिया, और हम दोनों

भाई जैसे 200 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार

 से अपने लंडों को दीदी की चूत में पेलते गए…

आखिर रश्मि दीदी फट पड़ी – बहनचोदो

तुम अआह लोगो ने आज मेरी फाड़ डाली है..

आःह्ह्ह …सालो एक साथ मेरी भुर आःह्ह में

दो लंड इसीईई अआः ह्ह्ह्ह भोसड़ा बनाआ आअआः …

.कुत्तो मैं झड़ रही हूँ… ऊऊऊ.. मैं झड़ .. अह्ह्ह मेरी चूत

 … हाँईईए तुम दोनों आःह इकट्ठे ही मेरी

 चूत में झड़ो.. खुशकिस्मत तुम्म्म्महारीईईए

बहन आःह दो दो भाई इकट्ठे ही ऐसे, ऐसे, ऐसे, ऐसे, ऐसे..

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