UPDATE – 5
अगले दिन शाम को मैं रिशू से कैफे में मिला
और फिर से कुछ ब्लू फिल्म देखी
और वहां से निकल कर मैं साथ के सरकारी टॉयलेट में घुस गया और पेशाब करने लगा तभी रिशू भी अन्दर घुस आया और बोला क्यों बे मुठ मार रहा है क्या और हँसते हुए मेरे बगल में खड़ा हो कर मूतने लगा.
आ आजा आह यलगार … वो अपना मुह ऊपर करके बोला. तभी मेरी नज़र उसके लंड पर गयी. बाप रे कितना बड़ा लंड था

उसका. मैं उसका साइज़ अपने से कम्पेयर करने लगा.
हम दोनों के ही लंड खड़े थे अगर मेरा लंड ४.५ इंच का था
तो उसका कम से कम ७.५ इंच का रहा होगा और मोटा भी ज्यादा था.
मुझे लगा इसका बैठा हुआ लंड मेरे खड़े लंड के बराबर होगा.
फिर मैंने सोचा की इसकी उम्र भी मुझसे ज्यादा है शायद इसीलिए.
तभी रिशू ने देखा की मैं उसके लंड को घूर रहा हूँ.
क्यों कैसा लगा गांडू. वो मुझे छेड़ते हुए बोला.
मुह में लेगा क्या. मैंने कोई जवाब नहीं दिया
और अपनी ज़िप बंद करके बाहर आ गया.
अबे बोल न बड़ा है न. साले इसी पर तो लडकिया मरती है.
वो भी बाहर आते हुआ बोला. इंडिया में कामन साइज़ ५-६ इंच का होता है.
मेरा स्पेशल साइज़ है समझा और हम घर की तरफ बढ़ गए.
हम थोड़ी दूर ही गए थे तभी मुझे लगा की कोई मुझे बुला रहा है.
मैंने पीछे देखा की रश्मि दीदी मेरे तरफ आ रही थी.
उन्होंने आज आसमानी रंग की जीन्स और पैरेट कलर का टॉप पहना हुआ था.
हालाकी हमारे शहर में उस वक़्त लडकिया जीन्स बहुत कम पहनती थी
पर हमारे घर पर ऐसी कोई रोक टोक नहीं थी.
क्या बात है साले तू तो छुपा रुस्तम निकला…
पूरे शहर में नहीं मिलेगा ऐसा माल फसाया है बे.
रिशू दीदी को घूरते हुए बोला. मुझे बड़ा गुस्सा आया रिशू पर.
मैंने चिढ़ते हुए बोला वो मेरी बड़ी बहन है. फालतू बात मत करो.
तब तक दीदी हमारे पास आ चुकी थी. उनके बदन से deo की भीनी भीनी खुशबु आ रही थी.
कहा घूम रहा है और ये श्रीमान कौन है. दीदी रिशू की तरफ देखते हुए बोली.
मेरे कुछ कहने से पहले ही रिशू ने आगे होकर अपने हाथ बढ़ा दिया,
जी मेरा नाम रिशू है मैं इसका दोस्त हूँ हम साथ ही पढ़ते है.
दीदी ने भी अपना हाथ आगे करके रिशू से मिला लिया.
तब मैंने कहा ये कामिनी आंटी का बेटा है.
ok, very nice to meet you Rishu. तुमको तो कभी देखा ही नहीं. कभी अपनी मम्मी के साथ घर आयो न..
मैंने देखा रिशू की नज़रे सीधे दीदी की चूचियों पर गड़ी थी.
टॉप दीदी के बदन पर एक दम फिट था और
उसमे दीदी की गोलाईया बहुत आकर्षक लग रही थी.
दीदी ने भी रिशू को अपने बदन का मुआएना करते हुए देख लिया और वो थोडा शर्मा गयी.
दीदी मैं तो घर ही जा रहा था. बस यहाँ रिशू से मिलने आया था. मैं बोला
अच्छा जल्दी से घर आ जाना. मुझे तुझसे कुछ काम है. दीदी बोली
आप फिकर मत करिए मैं खुद इसको घर छोड़ दूंगा.
रिशू दीदी की आँखों में झांकता हुआ बोला और फिर से हाथ आगे बढ़ा दिया.
थैंक यू रिशू. दीदी ने उससे हाथ मिलते हुए कहा.
और हां दीदी अगर आपको मुझसे कोई काम हो तो जरूर बताइयेगा.
ये कहते हुए रिशू ने दीदी का हाथ हलके से दबा दिया.
दीदी ने अपना हाथ छुड़ाया और जाने लगी.
पीछे से रिशू उनके सुडोल और उभरे हुए चूतरो को देख रहा था

और अपना लंड खुजा रहा था. ये देख कर मेरे मन में एक कसक सी उठी. न जाने क्यों.
फिर हम थोड़ी देर इधर उधर की बातें करते रहे और
रिशू कहने लगा चल तुझे घर छोड़ आता हूँ.
मैंने मना किया तो वो पीछे गया. बोला मैंने दीदी से प्रॉमिस किया है.
दरअसल मैं जानता था की रिशू एक बिगड़ा हुआ आवारा लड़का है
और मैं उसे अपना घर नहीं दिखाना चाहता था पर वो मुझे घर तक छोड़ ही गया.
वो तो अन्दर भी आना चाहता था पर मैंने उसे बहाने से टरका दिया.
मैं घर में घुसा तो पापा ने कहा अरे तुझे रश्मि पूछ रही थी.
पता नहीं क्या काम है. ऊपर रूम में गयी है जा देख.
मैंने ऊपर जा कर देखा तो दीदी बेड पर लेटी थी.
मुझे देखते ही बोली आ गया तू. वो काम तो अभी रहने दे पहले मेरा सर बहुत दर्द कर रहा है
जरा तेल लाकर मालिश कर दे. और वो उठ कर नीचे फर्श पर बैठ गयी.
और में तेल लाकर बेड के ऊपर बैठ गया दीदी मेरे दोनों पैरों के बीच में आ गयी.
दीदी ने एक पुरानी टीशर्ट और लोअर पहना हुआ था.
मैंने अपने हाथों में तेल लिया और उनके रेशमी बालो में हाथ डाल दिए
और हलकी हलकी मालिश करने लगा.
तभी मेरा ध्यान दीदी के टीशर्ट के अगले हिस्से पर गया
जिससे मुझे दीदी की चूचिया साफ़ दिख रही थी.
दीदी ने ब्रा नहीं पहना था. पहली बार मैंने इतने करीब से दीदी के चूचियो को देखा था.
जैसे जैसे चम्पी करते करते दीदी का सर हिलता था
वैसे ही उनकी चूचिया भी हिलती थी. इस सबसे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया
और दीदी से सर से टच करने लगा

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.