UPDATE – 45
रश्मि दीदी के नरम हाथों के अपने बदन में घुमने से
रिशू को बेहद आनंद आ रहा था और
अब मारे उत्तेजना के उसने दीदी की दोनों चूंचीयों को छोड़ दिया
और उनके जिस्म पर लुड़क गया और
दीदी को अपनी बाहों में भर लिया.
दोनों नंगे जिस्म एक बार फ़ि
र गुत्थम गुत्था हो गये और
रिशू ने दीदी के होठों पर अपने होठ रख दिया और चूसने लगा.
कुछ देर तक दीदी के होठों को चूसने के बाद रिशू
अपनी जीभ उनके होठों पर फ़िराने लगा और
फ़िर धीरे से उनके मुंह के अंदर अपनी जीभ ड़ाल दी
और दीदी की जिभ से रगड़ने लगा.
रिशू की जीभ के अपनी जिभ से टकराने से
रश्मि दीदी को बेहद मजा आने लगता है और
वो उसकी जीभ को चूसने लगती है.
कुछ देर तक अपनी जीभ दीदी के मुंह रखने के बाद
रिशू ने उसे बाहर निकाला और
दीदी को उनकी जीभ अपने मुंह के अंदर ड़ालने के लिये बोला.
रश्मि दीदी ने अपनी जीभ उसके मुंह में ड़ाली
तो रिशू उसे चूसने लगा. दीदी की जीभ
चूसने से उसे ऐसा आनंद मिला की वो
सब कुछ भूल कर उसी काम में लग गया.
रश्मि के मुंह से निकलने वाले रस से रिशू सराबोर हो कर वो उसे पीने लगा.
दोनों ने एक दूसरे को जोर से भींच कर रखा हुआ था
और बारी बारी एक दूसरे के मुंह मे अपनी जीभ ड़ालते
और एक दूसरे को उसे चूसने का आनंद दे रहे थे.
लगभग १५-२० मीनट तक इस क्रिया को दोहराने से
दोनों के शरीर में ऐसी गर्मी पैदा हो जाती है कि
दोनों ही पसीने से लथपथ हो जाते है.
गर्मी इतनी बढ़ गयी कि रिशू को रश्मि को अपनी बाहों से छोड़ना
पडा और वो फ़िर से उकड़ू बैठ कर उसे चोदने लगा.
रिशू अपने हाथ अब कालीन पर रख कर दीदी की
बूर में तजी से लंड़ पेल रहा था तभी
रश्मि दीदी रिशू के हाथ को उठाकर अपनी चूंची पर रखने का प्रयास करती है
रिशू समझ जाता है कि रश्मि अपनी चूंची को
मसलवाना चाहती है लेकिन वो अपने हाथ उ
सके चूंची पर नहीं रखता और उसे कहता है
“मेरी रांड, जैसा तू मेंरे हाथों से इसे मसलवाना चाहती है
वैसे ही इन्हें मसल तभी मुझे समझ आयेगा कि
तुझे क्या और कैसे मसलवाना पसंद है.”
दीदी ने पहले तो मना किया और बोली “नहीं, मुझे शरम आती है”
तब रिशू कहता है “मसलवाने में शरम नहीं आती
कुतिया तो फ़िर खुद मसलने में कैसी शरम,
जो मैं कहता हुं वो कर. तुझको रंडीयों जैसे करते देख
कर मुझे मजा आएगा और मैं तुम्हे और
मज़े से चोदुंगा मेरी रांड. अब और
मजे लेने हो तो नखरे मत कर और करो जो
मैं कहता हुं कर. और सुन मेरे साथ सेक्स करते समय
आगे से कभी शर्म वर्म की बात मत करना समझी नही
तो पूरा मजा कभी भी नहीं ले पायेगी.”
रश्मि दीदी थोड़ी न नुकुर करके उसकी बात मान लेती है
और अपने हाथों से अपने चूंचीयों को मसलने लगती

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.