UPDATE – 38
उसके हाथ अब दीदी के चेहरे पर घुम रहे थे
कभी वो अपना हाथ उनके गालों पर घुमाता तो
कभी होठों पर तो कभी बालों में.
इसी तरह अपने हाथों को घुमाते हुए
रिशू ने अपना हाथ धीरे से दीदी की जवानी के
रस से भरी हुई छातियों पर रख दिया और
दीदी को दोनों चून्चियो को बारी बारी से मसलने लगा.
कभी रिशू मेरी बहन की छाती के क्लिवेज
देखने के सपने देखता था और
आज उसी रश्मि की गदराई छातियां
उसके सामने एकदम नंगी खुली पड़ी थी और
वो उसे जोर जोर से मसले जा रहा था.
ज्यादा मसले जाने के कारण रश्मि दीदी की छातिय़ां
लाल हो गई थी और
उसमे रिशू की उंगलियों के लाल निशान साफ़
तौर पर दिख रहे थे. अब रिशू नें थोडा निचे झुकते हुए
उनके बाएं बूब्स के निप्पल को अपने मुंह में ले लिया
और उसे जोर जोर से चूमने लगा और
अपने दूसरे हाथ से उनका दायां दूध मसलने लगा
और नीचे अपने लंड़ के धक्के उसने
दीदी की चूत में लगाने जारी रखे .
इस तरह बूब्स को दबाने और चूसने और
अपनी चूत में लगातार लंड़ के झटके पड़ने से
रश्मि दीदी भी काम उत्तेजना में झूम गयी और
अपनी कमर को हौले हौले झटके देने लगी.
एक दूसरे की बाहों में नग्न रश्मि और
रिशू लगातार अपनी कमर को झटके दे कर चुदाई में
इतने तल्लीन हो चुके थे कि कि वो
दोनों ही अपनी सुध बुध खो चुके थे.
कुछ देर तक इसी तरह अपनी सुध बुध खो देने वाली
चुदाई के बाद रिशू उपर उठा और
दीदी की चूंची चूसना छोड़ कर अब वो उनके उपर उकडू बैठ गया.
उसका लंड अभी भी दीदी की चूत में था.
अब उसने दीदी की दोनों चून्चियो को फ़िर
अपने दोनों हाथों ले लिया और बुरी तरह मसलने लगा
और अपने लंड़ को और
भी जोर जोर से दीदी की चूत में पेलना शुरु कर दिया.
दीदी का चेहरा आनंद से खिल उठा.
रिशू की इस हरकत से उन्हें इतना आनंद मिला
कि उसके मुंह से आहह्ह्ह्ह आहह्ह्ह्ह आहह्ह्ह्ह
आउच्च्च्च्च्च्च्च ओफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ की अवाज निकलने लगी
और वो वासना के समुन्दर में गोते लगाने लगी.
रिशू दुबारा उनकी ऐसी चुदाई करेगा
ऐसा दीदी ने सपने में भी नहीं सोचा था.
मैंने देखा की रश्मि दीदी अब अपनी सारी हिचक
और शरम को छोड़ उन्मुक्त भाव से रिशू का साथ दे रही है
और अपनी हवस शांत करने के लिये उन्होंने
अपना नंगा शरीर पूरी तरह रिशू को सौंप दिया है.
कहीं से कोई प्रतिरोध नहीं था और
दीदी ने रिशू को अपने नंगे जिस्म के साथ मनमानी करने
और उससे खिलवाड़ करने की पूरी छूट दे दी थी.
रश्मि दीदी के इस उन्मुक्त समर्पण ने रिशू को
और भी हब्शी बना दिया वो और
भी चुदासा हो कर दीदी को चोदने लगा.
रिशू और जोरों से उनकी चूत में झटके मारने लगा.
दीदी की पहाड़ के जैसी चून्चियो को उसने और
भी जोरों पकड़ लिया और इस तरह नोचने लगा मानों
वो दीदी की छातीयों से उखाड़ कर
उनके शरीर से अलग करना चाहता है.
रश्मि दीदी अपना सर बड़ी ही तेजी से इधर उधर घुमा रही थी
. शायद वो फिर से झड़ने लगी.
अपनी ऐसी चुदाई से अब वो हांफ़ने लगी थी और
अब लंबी लंबी सांसे ले रही थी.
पर रिशू उसकी इस हालत को देख उत्तेजना के सागर में डूबता चला गया
और दीदी की चून्चियो को छोड़कर अब
अपने दोनों हाथ उनकी पीठ के नीचे ले जाकर
उन्हें आहिस्ता से उठा कर अपनी गोद में बिठा लिया.
पूरी तरह से निढाल हो चुकी दीदी के दोनों हाथ
दाएं बाएं झूलने लगे और
वो रिशू की गोद में समा गयी.
रिशू का लंड़ दीदी की चूत से बाहर नहीं आया और
चूंकी वो उसकी गोद में बैठी थी
इसलिये उनकी दोनों चून्चिया रिशू के मुंह के पास झूल रही थी.
रिशू ने मारे उत्तेजना के दीदी के विशाल चून्चियो को अपने मुंह में भर लिया
और उसमें भरे जवानी के रस को पीने लगा.
रिशू ने अब अपना एक हाथ दीदी की पीठ से हटा कर
उनकी चिकनी गांड़ पर रखा और
उन्हें हल्के हल्के से उपर उठाने और छोड़ने लगा.
दीदी अब उसकी गोद में उपर निचे होने लगी और
रिशू की गोद में बैठे हुए ही उससे चुदने लगी.
रश्मि दीदी को ये आभास भी नही था कि
मर्द की गोद में बैठ कर भी उसका लंड अपनी
चूत में लिया जा सकता है और
वो इस रोमांच का भरपूर मजा ले रही थी
उन्होंने अपने दोनों लटके हुए हाथ अब रिशू के कंधो पर रख लिये
और वो खुद ही अपने पैरों के पंजो के सहारे उपर
नीचे होने लगी इससे रिशू के हाथ थोड़ी देर के लिये खाली हो गये.
अब रिशू दीदी की गांड़ को सहलाने लगा क्योंकि
दीदी खुद ही उसकी गोद में बैठ कर उसके लंड़ पर उपर नीचे हो रही थी
और झटके मार रही थी.
अपने हाथों से वो दीदी की चिकनी गांड़ को सहलाते हुए
उसकी गांड़ का छेद तलाशने लगा और
अपना हाथ उसकी गांड़ के छेद पर रख दिया.
अपनी गांड़ के छेद पर रिशू का हाथ लगते ही
दीदी के शरीर में एक सनसनी दौड़ गयी और
उन्होंने जोर से रिशू के कंधो को पकड़ लिया.
इधर रिशू अब हौले हौले दीदी की गांड़ के छेद को
अपनी उंगली से रहड़ने लगा.
अपने शरीर के दोनों छेदों पर एक साथ हमले से दीदी थरथरा गयी.
उनके जिस्म में ऐसी उत्तेजना होने लगी
जिसे सहन करना अब उसके बस में नहीं था.

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