UPDATE – 35
रिशू दीदी की जवान बुर के रस का अभी और
मजा लेना चाहता था और
उसका मन अभी उनकी चूत चूसने से भरा नहीं था.
वो दीदी की चूत और भी कुछ देर तक चूसना चाहता था
लेकिन वो भी अपने लंड़ की बगावत के आगे मजबूर हो गया
और ना चाहते हुए भी रिशू ने अपना मुंह दीदी की रसीली चूत से अलग कर दिया.
अब रिशू पलंग पर चढ़ गया और
लाल सुर्ख आंखों से अपने सामने पड़ी नंगी पड़ी
अपने दोस्त की बेहेन के जिस्म को कामुक निगाहों से देखने लगा.
उसके देखने का अंदाज ऐसा था मानो वो उसे
अपनी नजरों से ही उसे चोद देना चाहता हो.
दीदी के संपूर्ण शरीर पर भरपूर निगाह ड़ालने के बाद
उसकी निगाहें अब उनकी उभरी हुई चूत पर जा टिकी.
बिना बालों वाली दीदी की चिकनी सलोनी चूत जिसे
अभी कुछ ही क्षणों पहले रिशू ने चूस चूस कर
मेरी बहन की जवानी का रस पिया था
चूसे जाने के कारण फूल कर बाहर की तरफ उभर आई थी
और उसकी दरार साफ़ दिख रही थी.
रश्मि दीदी की चूत अभी भी गीली थी और
उनके मन की कामवासना चिकने पानी के रुप में उसकी चूत से बाहर आ रही थी.
रिशू ने जैसे ही चूत चूसना बंद किया दीदी को अपनी चूत में
एक अजीब सा खालीपन महसूस होने लगा.
उन्हें महसूस होने लगा कि मेरी चूत में कुछ होना चाहिये
जो इस वक्त नहीं है, चूत के इस खालीपन को भरने के लिये दीदी की चूत
में एक अजीब सी खुजली होने लगी और
उसकी वजह से दीदी की चूत अपने आप झटके मारने लगी.
रश्मि दीदी ने आंखे खोल कर रिशू की तरफ़ देखा
तो उसे अपनी चूत को घूरते हुए पाया ,
रिशू को इस तरह अपनी चूत को घूरते और
अपनी चूत के लगातार झटके मारने के कारण वो शर्मा गयी.
दीदी का चेहरा मारे शर्म के लाल सुर्ख हो गया
और उन्होंने फ़िर से अपनी आंखों को बंद कर अपना चेहरा घुमा लिया.

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