UPDATE -32
अपना मुंह दीदी के गालों से लगा कर
रिशू उनके गालों को चूमने लगा और
अपना एक हाथ दीदी की चूत के उपर ले गया और
उसको मसलने लगा.
अपने दूसरे हाथ से वो दीदी की चूची भी बुरी तरह से मसलने लगा
और फिर उसने अपना लंड़ बड़ी जोर से दीदी की गांड़ मे दबा दिया.
अब रिशू ने मुस्कुरा कर बाथरूम के दरवाज़े से बाहर
उस तरफ देखा जहा मैं छिपा हुआ था और
एक आँख दबाई जैसे इशारे से मुझे कह रहा हो
की आने वाला वक्त बहुत तूफानी होगा…
रश्मि दीदी को इस तरह अपने बदन को मसले जाने से उत्तेजना हो रही थी.
वो कभी दर्द से रो पड़्ती थी और
कभी आनंद से उनके मुंह से सिसकियां निकल पड़ती
आह्ह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह बस करो रिशू.
दीदी की सिस्कियां और
आंसू भी रिशू की वासना की भूख को और
भी बढा रहे थे. और
वो पागलों की तरह से उसके पूरे बदन को बेदर्दी से मसलने लगा.
फिर रिशू दीदी को छोड़ कर बाथरुम से बाहर आ गया.
रिशू पूरा भीगा हुआ है और
उसका लंड आधा खड़ा है फिर भी वो काफी बड़ा लग रहा है.
बाहर आ कर उसने दीदी का भी हाथ पकड़ कर उन्हें बाहर खींच लिया.
दीदी बाथरुम से बाहर निकल आई और
वो भी पूरी गीली थी और बहुत सेक्सी लग रही थी.
रिशू वापस उन्हें लेकर बेडरूम में ले गया और
एक टावल लेकर दीदी को पोछना शुरू किया.
मै सोफे के पीछे से निकल कर फिर दरवाजे के पास आ गया.
रिशू दीदी को पोछने के साथ उन्हें किस भी करता जा रहा था.
जब उसने खुद को और दीदी को पोछ लिया फ़िर
से उसने दीदी को सीने से लगा लिया और
उसके बदन को मसलना चालू कर दिया.
कुछ देर तक उसे इसी तरह से मसलने के बाद
जब उसने दीदी को अलग किया तो दीदी ने चेहरा शर्म से झुका लिया.
दीदी के आंखे बंद थी.
रिशू ने दीदी की ठोड़ी पकड़ कर उनका चेहरा उपर उठाया
और होठों को चूम लिया. और
बोला डार्लिंग अभी तो सिर्फ ट्रेलर था पूरी फिल्म तो अभी बाकी है.
मैंने देखा की रिशू का लंड़ अब पूरी तरह खड़ा होकर उत्तेजना के मारे झटके मार रहा है.
हालाँकि रश्मि दीदी ने चुदाई का स्वाद चख लिया था
फिर भी वो थोडा थोडा शर्मा रही थी
इसलिये वो आंखे बंद किये खड़ी थी.
नंगे खडे रिशू ने दीदी को फ़िर से अपने पास खिंचा
और उसके बदन से चिपक गया.
दीदी ने रिशू के बदन की गर्मी को मह्सूस किया.
दोनो पूरी तरह से नंगे हो कर चिपके थे.
दीदी ने साफ़ मह्सूस किया कि रिशू इस वक्त काम के नशे में इस कदर डूबा हुआ है
कि उसका पूरा बदन किसी भट्टी की तरह गरम हो चुका है.
कुछ देर तक रश्मि दीदी को अपने नंगे बदन से चिपका कर रखने
और उसकी नंगी काया की गर्मी का सुख लेने के बाद रिशू दीदी से अलग हुआ
और खीच कर उन्हें पलंग के पास ले आया फिर एक हल्का सा धक्का दे कर
उसने दीदी को पलंग पर बैठा दिया,
दीदी के दोनों पैर पलंग पर लटक रहे थे
और वो पलंग पर बैठ गयीं. पास खड़े रिशू ने अब दीदी का एक हाथ उठाया
और अपने लंड़ पर रख दिया और मुठ्ठी को बंद कर दिया.
रिशू ने दीदी को चोदने की तैयारी में शायद
आज ही अपने लंड के बालो को साफ़ किया था.
उसका बिना बालो का खड़ा लंड और
भी विकराल लगा रहा था.
अपना लंड़ वो रश्मि दीदी की मुठ्ठी में दे कर उनके हाथों से अपनी मुठ्ठ मरवाने लगा
. रिशू के लंड का पहाड़ी आलू जैसा सुपाडा एक दम सुर्ख लाल हो गया था.
रश्मि दीदी के लिये ये एक नितांत नवीन अनुभव था
उसने पहली बार किसी मर्द का लंड़ अपने हाथों मे पकड़ा था,
उसने मह्सूस किया कि रिशू का लंड़ फ़ौलाद की तरह कड़क
और किसी भट्टी में तपाये लोहे की तरह गरम है.
पिछले कुछ दिनों के आधे अधूरे अनुभव जो दीदी को थे आज का अनुभव उन सबसे अलग था…

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