UPDATE -31
क्यों बे गांडू तुझे कहा था न की २ बजे से पहले मत आना
और तू अन्दर कैसे आया बे. रिशू धीमी आवाज़ में बोला.
मैं कही नहीं गया था. यही था.
तुम्हारी बातों में आकर आज मुझसे बहुत बड़ा पाप हो गया.
मैंने भी धीमी आवाज़ में जवाब दिया.
साले चुप कर लाइव ब्लू फिल्म देख रहा था.
वो भी अपनी बहन की और
सुन तूने कोई पाप नहीं किया समझा.
अरे तुझे तो पुण्य मिलेगा पुण्य.
भूखे को खाना खिलाने से बड़ा पुण्य कोई नहीं
और तूने अपनी भूखी बहन की भूख मिटाई है.
समझा. रिशू बोला और सामने किचेन में चला गया…
मैं भी उसके पीछे पीछे किचन में गया.
वो वहां पानी पी रहा था. मैंने बोला मेरी बहन कोई भूखी वूखी नहीं थी.
मैंने देखा कैसे तुमने उसके साथ जबरदस्ती की है
और उसकी आँख के आंसू भी मैंने देखे है.
अब चुपचाप चले जाओ यहाँ से.
रिशू हंसने लगा और बोला अबे गधे,
तू लडकियों को नहीं समझ सकता.
अरे वो तो खुशी के आंसू थे क्योंकि आज तेरी बहन कली से फूल बन गयी
. आज का दिन उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन है.
न मान तो जब इतना देखा तो थोडा और देख
और सुने बे आज तो मैं रात भर यही रुकुंगा. समझा.
जा जाकर फिर घुस जा जिस बिल में छुपा था
और वो फिर से रूम में चला गया.
अन्दर जाकर उसने रश्मि दीदी को अपने दोनों हाथों में उठा लिया.
मुझे लगा वो फिर बाहर आयेगा तो मैं जल्दी से सोफे के पीछे छिप गया
और रिशू दीदी को लेकर बाथरुम में घुस गया..
उसने दीदी को ऐसे उठाया था कि
उनकी पूरी गांड़ रिशू के बांए हाथ में और
उनका दाहिना स्तन रिशू के दांये पंजो मे था.
वो उन्हें उसी तरह उठा कर बाथरुम में ले गया और
शावर के नीचे खड़ी कर दिया और शावर खोल दिया.
फिर उसने बाथरुम में ही भीगती नंगी खड़ी
रश्मि दीदी को ताबड़्तोड़ चूमना शुरु कर दिया.
दीदी भी अब चुपचाप उसका साथ दे रही थी.
अब रिशू ने दीदी को पीछे की तरफ़ घुमा दिया
और उनकी गांड़ रिशू की तरफ़ हो गयी.
रिशू फिर से उत्तेजना के मारे पागल हो गया.
पिछले कई महीनों से जिस रश्मि को चोदने के लिये
वो तरह तरह का प्लान बना रहा था
आज वही गदराई हसीना चुदने के बाद
उसके सामने पूरी तरह से नंगी खड़ी थी और
उसका भाई चुप करके देख रहा था की
रिशू उसकी बहन के तमाम अंगो से खिलवाड़ कर रहा था.
वो जानता था की अब उसे रोकने वाला कोई नहीं है.
रश्मि दीदी पूरी तरह से उसके कब्जे में थी.
रिशू नीचे बैठ गया और उनकी गांड़ को चूमने लगता है,
दीदी की नरम नरम उत्तेजक गांड़ को चूमने से
रिशू उत्तेजना की नई उचांईयो में पहुंच गयी.
दीदी की गांड़ को उसने पिछले दिनो कई बार याद करके मुठ मारा था
लेकिन उसकी मादकता का अहसास उसे
आज पहली बार हो रहा था.
वो रश्मि दीदी की गांड को चूमता जा रहा था
और बीच बीच में उत्तेजना के कारण उसे अपने दांतो से काट भी लेता था
साथ ही साथ दीदी की चूत को पानी से धो भी रहा था
. अब रिशू दीदी की गांड को चूमना छोड़ कर
पूरी तरह से अपना मुंह नीचे फ़र्श तक ले गया और
उनको नीचे चूमना शुरु कर दिया.
पहले नंगी खड़ी दीदी की ऐड़ी फ़िर टखने उसके बाद पीड़्ली फ़िर जांघ
,कमर और पीठ और आखिरी में दीदी की गर्दन.
उसने अब पूरी तरह से नंगी खड़ी दीदी के पीछे जाकर उन्हें दबोच लिया.
उसका लंड़ दीदी की गाड से चिपक गया और
उसने अपने दोनों हाथ आगे की तरफ़ ले जा कर
दीदी की विशाल चूंचियो को पकड़ लिया..

