Paap Punya – Update 29 | (Incest + Adultery) Story

Paap Punya - Incest Adultery Sex Story by Rashili Chut
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UPDATE -29

मै ये देखने के लिए की क्या हो रहा है

धीरे से बाहर आ कर किचेन में घुस गया.

मैंने देखा की दीदी सोफे के साइड में खड़ी है

और रिशू से अपनी टीशर्ट का कोना छुड़ाने की कोशिश कर रही है.

उनके लम्बे बाल बिखरे हुए है.

दीदी थोडा डरी हुई सी लग रही थी.

तभी रिशू ने दीदी को अपनी बाँहों में भर लिया

और उनके होठो को चूसने लगा.

दीदी अपने आप को छुड़ाने की पूरी कोशिश कर रही थी

 पर रिशू के कसरती बदन के आगे उनकी एक न चली.

वो दीदी के होठ ऐसे चूस रहा था की जैसे खा ही जायेगा.

अचानक उसने दीदी की चून्चिया भी दबानी शुरू कर दी.

 दीदी के घुटी हुई कराह से पता चल रहा था की

रिशू के पत्थर जैसे हाथ दीदी की मुलायम चूचियों का बुरा हाल कर रहे थे.

तभी दीदी ने रिशू को धक्का दिया और

 भाग कर नीचे के बेडरूम में चली गयी.

रिशू ने अपनी टीशर्ट उतर कर सोफे पर फेक दी और

उनके पीछे चला गया. उत्तेजना से मेरा हाल बुरा था पर

 रिशू का ये रवैय्या देख मुझे थोडा डर भी लग रहा था.

अन्दर से फिर दीदी की सिसकारी आई.

आह आ आह्ह रिशू प्लीज इतनी जोर से मत दबाओ

आह्ह माँ उह्हह्हह्हह्हह्ह मम्मी. दीदी की रोती सी आवाज़ आई.

मैं धीरे से बेडरूम की तरफ बढ़ा.

मैंने देखा की बेडरूम के दरवाजे पर दीदी की टीशर्ट पड़ी हुई थी.

फिर दरवाजे के किनारे से मैंने अन्दर देखा.

रिशू ने दीदी को पीछे से पकड़ा हुआ है

और दीदी की स्कर्ट उनके पैरो में गिरी हुई है

और पैंटी उनके पैरो में फँसी है…

रिशू की जीन्स और अंडरवियर बेड पर पड़ी थी.

रिशू ने अपना लंड पीछे से दीदी की चूत पर लगाया हुआ था

और वो उनकी चूचियां दबाता हुआ उन्हें गर्दन पर चूम रहा था.

मुझे लगा की अब रश्मि दीदी भी गरम हो गयी है

और ज्यादा विरोध करने की स्थिती में नहीं है.

 शायद रिशू भी ये बात समझ गया था.

अब रिशू उनकी पीठ से अपना हाथ घुमाते हुए

उसके सर पर ले गया और उसके बालों से खेलने लगा.

 रिशू रश्मि दीदी के सर पर हाथ फ़ेर कर

प्यार करने के साथ ही साथ ये भी जता रहा था कि

अब वो ही दीदी के खूबसूरत नंगे जिस्म का मालिक है .

रिशू ने दीदी को धीरे से घुमाया और

अपना होंठ दीदी के गालों पर ले जाकर चूमने लगा,

 दीदी ने अपना मुंह शर्म से नीचे कर लिया

लेकिन रिशू ने ठोड़ी को पकड़ कर उनका चेहरा उपर उठाया

और उनके होठों से अपना होंठ लगा दिए

और उनके मीठे मीठे, नरम और रसीले होठों को फिर से चूसना शुरु कर दिया.

दीदी भी धीरे धीरे वासना के नशें ड़ूबती जा रही थी.

 शायद दीदी का मन कह रहा था कि ड़ूब जा इस नशें में

लेकिन दिमाग इंकार कर रहा था।

 लेकिन ऐसा लग रहा था कि दीदी का मन जीत रहा था

और दिमाग हार रहा था इसीलिए अब

दीदी की तरफ से कोई विरोध दिखने में नहीं आ रहा था.

लगभग ३-४ मिनट तक दीदी के होठों चूसने के बाद

रिशू दीदी को बेड पर ले गया और अपनी गोद में बिठा लिया.

फिर उसने अपना दांया पांव उपर उठा लिया और

उसका तकिया बना कर रश्मि दीदी का सर उसमें रख दिया.

अब दीदी का सर पीछे की तरफ़ लटक गया और

उनके दोनों विशाल चूचे आगे की ओर उभर आये.

रिशू हौले हौले दीदी के चूचियों को मसलना चालू कर देता है.

रश्मि दीदी के मुंह से एक हल्की सी अवाज निकलती है आआआहहहहह ,

रिशू उनकी चूचियों को मसलना जारी रखता है.

चूचियों को मसलते हुए वो अब दीदी के निप्पलों को भी मसलने लगता है.

निप्पल मसलने से एक दम कड़क हो जाती

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