UPDATE – 21
मैंने मन में सोचा माँ न सकी बेटी ही सही.
थोड़ी सी हिम्मत दिखा
मोनू तो थोड़े मज़े तो ले ही सकता है.
मैंने वापस जा कर देखा बुढ़िया आराम से सो रही थी.
मैं हिम्मत जुटा के उस रूम की तरफ बढ़ गया
जहाँ रिक्की सो रही थी. अब रिक्की ने करवट बदल ली थी
और वो पेट के बल सो रही थी.
मेरा दिल बहुत जोर से धड़क रहा था.
अब रिक्की की गांड काफी उभरी हुई लग रही थी.
मैंने धीरे से कापते हाथो से उसकी स्कर्ट को ऊपर उठाया.
उफ़ उसके सफ़ेद चूतर लाल पैंटी में क़यामत लग रहे थे.
मैं अपनी नाक धीरे से उसकी चूत के पास ले गया
और उसकी कुवारी चूत की खुशबू को
उसकी पैंटी के ऊपर से सूंघने लगा.
उत्तेजना से मेरा लंड फटा जा रहा था.
मैंने अपना पेंट खोल कर अंडरवियर उतार दिया.
एक कुवारी लड़की के कमरे में नंगा होना
मेरी उत्तेजना को और बड़ा रहा था.
मेरा डर अब धीरे धीरे ख़त्म हो रहा था.
मैंने रिक्की के चूतरो को धीरे से किस किया.
उसने कोई हरकत नहीं की.
मैंने धीरे से उसकी पैंटी कमर के पास से पकड़ी
और नीचे खिसकाने की कोशिश की.
आधी पैंटी तो आराम से उतर गयी पर फिर फसने लगी
तो मैंने ज्यादा कोशिश नहीं की.
मुझे लगा कही वो जाग न जाये.
मैंने उसके आधे नंगे चूतरो को धीरे से चाटा
और किस किया.
फिर धीरे से उसके पास बेड पर बैठ कर
एक हाथ मैंने उसकी गांड पर रख दिया
और दुसरे हाथ से अपना लंड मुठीयाने लगा.
अगर रिक्की सीधी लेती होती तो
उसकी कच्चे आम जैसी चूचियो का भी थोडा मज़ा मुझे मिल जाता
पर आधा घंटा बीत चूका था.
अब कामिनी कभी भी आ सकती थी तो
मैंने सोचा कम से कम इसके चूतरो पर अपने पानी ही गिरा ही दूं
और मैं खड़ा होकर मुठ मारने लगा.
मैं झडने ही वाला था की तभी मुझे क्लिक की आवाज़ सुनाई दी.
मैंने पीछे देखा तो दरवाजे के पास रिशू खड़ा था
और उसके हाथ में एक कैमरा था

