UPDATE – 2
आह फ़क मी हह आह लड़की चिल्ला रही थी.
ये वोही लड़की थी जिसे मैंने दोपहर को फिल्म में देखा था
बस अंतर इतना था की काले आदमी की जगह अब उसे मैं चोद रहा था.

फ़क मी आह यस आह मेरी ऑंखें बंद थी
तभी मुझे कुछ गीला गीला लगा
मेरी ऑंखें खुल चुकी थी
और मेरा सपना टूट गया था
पर मेरे लंड ने सपना देखते देखते ही पानी छोड़ दिया था.
सामने घडी में रात के दो बज रहे थे.
नाईट बल्ब की लाल रौशनी कमरे में फैली हुई थी
और सामने के बेड पर रश्मि दीदी सो रही थी.
दीदी सीधे लेती हुई थी.
उनकी चून्चिया बिलकुल सीधे तनी हुई थी
और उनकी सांसो के साथ जुगलबंदी कर रही थी.
मेरे तो रोंगटे खड़े हो गए और मेरी नज़रे उन उभारो पर जम गयी
और मेरे पैजामे में फिर से वोही हलचल होने लगी.
मुझे समझ नहीं आ रहा था की अपनी बेहेन को देख कर क्यों मुझे ऐसा हो रहा है.
मैं गिल्ट फील करने लगा
और उठकर बाथरूम चला गया और लौट कर नाईट बल्ब बंद करके सो गया.
अगली सुबह मेरी आँख ८ बजे खुली
तो मैंने देखा की दीदी का बैग टेबल पर रखा है
मतलब दीदी कॉलेज नहीं गयी थी.
मैं फ्रेश हुआ और नीचे ड्राइंग रूम में चला गया.
रश्मि दीदी सोफे पर बैठ कर टीवी पर न्यूज़ देख रही थीं.
मुझे फिर रात की बात याद आ गयी
और फिर से मुझे गिल्ट फील होने लगा.
अरे तू जाग गया. आ बैठ. दीदी मुस्कुराते हुए बोली.
आप कॉलेज नहीं गयी दीदी मैंने पुछा.
लो कर लो बात. कहा दिमाग रहता है तेरा.
अरे सन्डे को कॉलेज कब से खुलने लगा भाई.
अरे हाँ आज तो सन्डे है. मम्मी और पापा कहा है. मैंने पुछा
और मन में सोचा की रिशू के साथ रहते हुए मै भी कैसा होता जा रहा हूँ.
वो तो बुआ के यहाँ गए है शाम तक आएंगे. दीदी टीवी देखते हुए बोली.
मम्मी नाश्ता और खाना बना कर गयी है.
चाहिए तो मांगना मैं दे दूँगी. मैंने भी अभी नाश्ता नहीं किया है.
मैंने कहा दे दो और दीदी किचेन में चली गयी
और मैं रिमोट लेकर चैनल बदलने लगा पर रिमोट के सेल वीक हो गए थे
और कई बार बटन दबाने से के बाद बड़ी मुश्किल से एक चैनल लगा
जसमे जानवरों के बारे में बता रहे थे तो मैं वही देखने लगा.
थोड़ी देर में दीदी नाश्ता ले आई और हम दोनों नाश्ता करने लगे.
तू बड़ा होकर जरूर जानवरों का डॉक्टर बनेगा दीदी हँसते हुए बोली.
क्यों दीदी. मैं बोला
सारा दिन टीवी पर जानवरों को जो देखता रहता है.
दीदी अपने रेशमी बालो को खोलकर अपने सीने पर डालते हुए बोली.
मेरा तो बुरा हाल हो गया. एक तो दीदी इतनी खूबसूरत
और उस पर जब वो अपने बाल खोल लेती हैं
तो बॉलीवुड क्या हॉलीवुड भी फ़ैल हो जाता है.
ला अपना लेफ्ट हैण्ड दे मैं तेरा फ्यूचर बताती हूँ.
कहते हुए दीदी ने मेरा हाथ अपने हाथ में ले लिया.
क्या मुलायम हाथ था उनके हाथो में मेरा हाथ एकदम काला नज़र आ रहा था.
हां तो तू बड़ा होकर एक बहुत बड़ा हां जोकर बनेगा.
दीदी मेरा मजाक बना कर हंस रही थी पर मैं उनकी ख़ूबसूरती को निहार रहा था.
थोडा हंसी मजाक के बाद हम फिर से टीवी देखने लगे.
फिर कुछ ऐसा हुआ की मेरी ही नहीं दीदी की भी हंसी रुक गयी.
दरअसल टीवी पर कुछ जेब्रा दिखाए जा रहे थे
की अचानक एक मेल जेब्रा फीमेल जेब्रा को पीछे से सूंघने लगा और चाटने लगा.
चैनल के कैमरामैन का पूरा फोकस अब वही पर था.
फिर कैमरे का फोकस जेब्रा की टैंगो की तरफ हुआ
और अब उसका लंड पूरा लाल हो कर विशालकाय रूप ले चूका था.
उसका लंड देख कर ही हम दोनों की हंसी रुक गयी थी
और आवाज़ बंद हो गयी थी.
मैंने दीदी की तरफ देखा वो बिना पलकें झपकाए एकटक टीवी देख रही थी.
उनके सीने के उभर कुछ और तन गए थे.
उनकी सांस भी कुछ तेज चल रही थी.
अचानक उन्होंने मुझे देखा और उनका चेहरा शर्म से लाल हो गया
और उन्होंने बिना कुछ बोले रिमोट उठाया
और चैनल चेंज करने की कोशिश करने लगी पर बैटरी वीक होने की वजह से चैनल नहीं बदला
और वो जेब्रा फीमेल जेब्रा पर चढ़ गया.
मेरा हाथ अभी भी दीदी के हाथ में था जो उनकी जांघ पर रखा था.
उनकी कोमल त्वचा का एहसास मुझे उनके पैजामे के ऊपर से भी हो रहा था.
तभी जेब्रा ने एक ही झटके में अपना विशाल लंड फीमेल जेब्रा की चूत में घुसा दिया
और दीदी ने उस पहले झटके के साथ ही मेरा हाथ कास के भींच लिया

. मेरी हालत बहुत बुरी हो गयी थी ऐसा लग रहा था
की मैं दीदी के साथ बैठ कर ब्लू फिल्म देख रहा हूँ.
मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था और उधर जेब्रा लगातार झटके मार रहा था.
मुझ पर सेक्स का नशा चढ़ता जा रहा था
और अब दीदी भी चैनल बदलने की कोशिश नहीं कर रही थी.
कुछ तो उन जानवरों का सेक्स देख कर
और कुछ दीदी की नरम जांघ की गर्मी मुझसे रहा नहीं गया
और मैंने अपने हाथों को थोडा खोला और दीदी की राईट जांघ,
जिस पर मेरा हाथ था, को कस कर दबा दिया…
बस मेरे लिए इतना ही काफी था और मेरे लंड ने पानी छोड दिया.
तभी फ़ोन की रिंग बजी और दीदी जैसे नींद से जागी
और फ़ोन उठाने के लिए चली गयी और मैं बाथरूम की तरफ.

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