My Life @Jindgi Ek Safar Begana – Update 124

My Life @Jindgi Ek Safar Begana - Incest Story
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Update 124

मे किचेन में गया और फ्रीज़ से बटर का पॅकेट रखा था उसे ले आया.

उस पॅकेट को मेरे हाथ में देख कर शाकीना पुछ बैठी- ये किसलिए लाए हैं..? अब बटर खाने का मन कर रहा है क्या..?

मे – देखती जाओ जानेमन मेरा कमाल और मैने उस पॅकेट को खोल कर पूरा बटर जो फ्रीज़ में रखे-2 सॉलिड हो गया बाहर निकाल लिया.

ठंडे-2 बटर को शाकीना के निप्प्लो को टच कराया, वो चिहुन्क का सिसक पड़ी..सीयी…सीयी..हाए…अल्लाह आप तो बड़े उस्ताद निकले,

अब मैं बटर को उसकी चुचियों की गोलाई में फिराने लगा, ठंड और चिकनाई की वजह से शाकीना का पूरा बदन थिरकने लगा और उसके शरीर की रंगत ही बदलने लगी.

मे उसकी चुचियों को साथ-2 चाटता जा रहा था, निप्प्लो को चूस-2 कर लाल कर दिया, शाकीना मारे उत्तेजना के काँपने लगी.

ऐसे ही बटर को घुमाता फिराता और जीभ से चाटता हुआ उसकी चूत तक ले आया,

ढेर सारा बटर का टुकड़ा उसकी फांकों को खोल कर उसकी चूत में ठूंस दिया, दो सेकेंड में ही वो चूत की गर्मी से पिघलने लगा और बाहर टपकने लगा, जिसे में चपर-2 करके चाटता जा रहा था.

उसने अपनी टाँगों की केँची मेरे गले में डाल दी, और अपनी चूत को मेरे मुँह
पर दबाते हुए सिसकने लगी….

फिर मैने शाकीना को उल्टा कर दिया और उसकी गान्ड की गोलाईयों पर बटर मलने लगा, पूरी गान्ड को उसकी कमर तक बटर मल-मलके चमका दिया,

उसकी गान्ड के दोनो शिखर कमरे की दूधिया लाइट में चमकने लगे.

बचा-खुचा बटर अब मैने उसकी गान्ड के छेद से थोड़ा उपर रख दिया, जिससे वो पिघल-पिघल कर उसके छेद तक आने लगा जिसे में चाटने के साथ-2 अपनी उंगली को उसकी गान्ड में डालकर उसके अंदर भरने लगा.

शाकीना अपना मुँह तकिये में घुसाए धीरे-2 मज़े और उत्तेजना में सिसक रही थी.

धीरे-2 करके पूरा बटर पिघल कर ख़तम हो गया जो कुछ तो मेरे पेट में चला गया और वाकी उसकी गान्ड के अंदर.

उसकी गान्ड का छेद खुल-बंद हो रहा था, उसकी चूत को एक बार पूरे हाथ से सहलाया और अपनी बीच की उंगली डाल कर ज़ोर से घुसा दी.

अब मुझे अपने लंड को भी राहत देनी थी सो चिकने हो चुके हाथों से उसको पूरी लंबाई तक बटर से चुपडा और उसकी गान्ड के छेद पर टिका दिया.

उसकी गान्ड इतनी चिकनी हो गयी कि एक बार तो वो सिलिप हो कर पीठ पर चला गया.

मैने सोचा ऐसे बात नही बनेगी, तो उसे अपनी मुट्ठी में पकड़ा और फिर गान्ड के छेद से सटा कर एक झटका लगा दिया.

गान्ड का छेद और लंड दोनो ही बहुत चिकने हो रहे थे, सो वो सटाक से आधा उसके अंदर घुस गया.
शाकीना ने फ़ौरन अपनी गान्ड भींचने की कोशिश की और उसे जबदस्त दर्द का एहसास हुया, जिसकी वजह से उसकी चीक्ख निकल गयी.

हाययईई…आल्ल्लाहह…मारीइ…निकलू..ईिससीए…मेरी गान्ड फट गाइइ..
आमम्मिईिइ…बचाऊ…

मैने उसके चिकने कुल्हों पर हाथ फिरा कर सहलाया और फिर उसकी चूत में अपनी उंगली डाल दी.

कुछ देर रुक कर मैने फिर से एक धक्का लगा दिया, कोई 1” लंड को छोड़ कर वाकी पूरा अंदर चला गया.

वो फिर से चीख पड़ी, लेकिन इस बार थोड़ा कम, मैने उसकी चुचियों को थाम लिया और ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा.

धीरे-2 धक्के भी लगाता जा रहा था, उसकी गान्ड इतनी टाइट थी, कि मेरे लंड की नसें दब कर फटने जैसी हालत में पहुँच चुकी थी.

बड़ी मुश्किल से मेरा लंड अंदर-बाहर हो पा रहा था, साथ ही उसकी कराहें भी निकल रही थी.

कुछ मुश्किल भरे पलों के बाद धीरे-2 उसकी गान्ड ने मेरे लंड को रास्ता देना शुरू कर दिया, अब उसको भी अच्छा लगने लगा था, सो मेरे धक्के तेज होने लगे.

अब फुल स्ट्रोक गान्ड चुदाई हो रही थी, मे अपना पूरा मूसल सुपाडे तक बाहर निकालता और फिर एक ही धक्के में पूरा डाल देता,

शाकीना कराह कर अपनी गान्ड हिलाकर मेरे लंड को पूरा ले लेती.

बहुत मज़ा आ रहा था, हम दोनो ही अब पूरा दम लगा कर अपनी-2 गान्ड आगे-पीछे कर रहे थे.

15 मिनट की ताबड-तोड़ चुदाई के बाद मेरा लंड खाली होने के लिए मचलने लगा, और मुझे अपनी रफ़्तार बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा.

10-15 जबरदस्त धक्के मारने के बाद में भैंसे की तरह रंभा कर झड़ने लगा और अपनी फुल प्रेशर पिचकारी उसकी गान्ड में खोल दी.

शाकीना भी आँखें बंद करके झड रही थी, फिर वो बेड पर पेट के बल गिर पड़ी और मे उसकी गान्ड में लंड फिट किए हुए उसके उपर ही पसर गया.

हमारी साँसें उखड़ी हुई, जब तक वो नॉर्मल नही हुई मे ऐसे ही उसके उपर लेटा रहा.

फिर सरक कर साइड में लेट गया और उसकी गान्ड पर हाथ फिरा कर पुछा- क्यों मेरी जान..! मज़ा आया ना गान्ड मराने में..?

वो – हां ! लेकिन मेरी गान्ड भी तो फट गयी…! अब दर्द हो रहा है.

मे – अरे वो तो कुछ देर में ठीक हो जाएगा. देखना सुबह तक एक दम सही हो जाओगी,

तुम्हें तो खुश होना चाहिए कि आज तुम्हारी गान्ड का भी उद्घाटन हो गया.

ऐसी ही हसी मज़ाक की बातें करते हुए हम एक दूसरे से चिपक कर सो गये और गहरी नींद में चले गये.

सुबह 7 बजे मेरी नींद खुली, शाकीना उठ कर काम निपटाने चली गयी थी.

मे भी उठकर फ्रेश होने चला गया, एक घंटे बाद हम दोनो हॉल में बैठे चाइ नाश्ता कर रहे थे.

कुछ ज़रूरी बातें मैने उसको शेयर की, और फिर 9:30 को वो घर से निकल गयी….!

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