अपडेट 174
अब आगे
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छोटी भाभी की पनियाई चूत अपने ही कामरस से भरी फूल पिचक रही थी।
मेरे होठ स्वतः ही भाभी के निचले होठ से मिल गये।मैंने उनकी jhakmi बुर पर जब जीभ फेर वो उचक उठी पर उनके स्टेयरिंग तो मेरे हाथो में थी उनके गोल मटोल चुचे ।
नरम और ठोस ।
नीचे बड़ी भाभी मेरे लंड के गोटो से खेलती मेरे लण्ड पर अपनी गर्म जीभ की शिकाई कर रहि थी और मई छोटी भाभी की।
अब भाभी का रूक पाना मुश्किल था वो मेरे बालो को पाकर अपने ऊपर खीचें जा रही थी जब तक की मै ऊपर नै आया।
हैम दोनों के नयन आपस में मिल गये।
बड़ी भाभी भी हमें ही देख रही थी।उन्होंने मेरे लंड को हौले से अपनी जीभ से निकल छोटी भाभी के जन्नत क मुहाने तक पंहुचा दिया।
तभी छोटी भाभी की चीख निकली और मेरा लंड सरकता हुवा उनके अंदर तक उतरता चला गया।
ये कैसे हुवा मुझे समझते कुछ समय लगा जब तक अंदर लंड जा चूका था।
बड़ी भाभी मेरे गांड प सवार हो धका लगवा दी थी।
होठो प छोटी भाभी को देखती कुटिल मुस्कान से देखे जा रही थी और छोटी भाभी सजल नजरो से त्रप्ति कभी मुझे देख होठ काट ती तोह कभी उन्हें देखती।
मैंने जैसे ही भार उठाना चाहा भाभी ने ऊपर से एक झटका कूदते हुवे फिर लगाया जो बी बचा कूचा बाहर लंड था वो बी सरकता अंदर उतर गया।
छोटी भाभी तो हलाल होती मुर्गी की तरह तरप रही थी।दर्द में कभी मेरे बाल को पाकर नोचती तोह कभी सर इधर उधर पटकती।
उईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई……………………मआआआआआआआआआआआआआआआआ आआह मर गैईईईईईई।
संजू हट मर जाउंगी मै।
हा भाभी हट ता हु मै उठने ही लगा था की “खचक्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्” की आवाज क साथ जितनी लंड निकली थी फिरर से अंदर सरक गई।
इतनी भी जल्दी का है रे इसकी चूत में का फुल लगे है जो न कुटेगा हमरा तो फार के रख दिए । भाभी ऊपर हस्ती हुई बोली।
छोटी भाभी के भी बूर अब एडजस्ट कर चुकी थी बस हल्का दर्द बाकि रह गया था ।उनके मन में भी ये बात आई “आआआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह् जो होना था सो तोह हो ही गया अब चुदवा ही लेती हु वैसे बी कामिनी ऊपर चढ़ि है उत्तेरेगी नै और मेरा कम ऐसे ही बिना किसी के पता चल्ले हो जायेगा।
मै तो इन देवियो के बिच सैंडविच बन कर रह गया।जैसे मै नहीं वही दोनों चोद रही हो मुझे
एक दिखने के लिए ऐसे झटका लगाती निचे से जैसे निकलना चाहती हो और एक ऊपर से धका लगवा वापस अंदर तक करवा देती।
ऐसे ही कुछ देर तक चलता रहा जब तक की छोटी भाभी झर न गई।
”आआआआआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् माआआआआआआआआआआआ मै गईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई। भाभी नीचे से झटके पे झटके लगाती मेरे से चिपकी झरती चली गई।
वो बेसुध सी मेरे नीचे पसरी लंबी लंबी सास लिए जा रही थी उनके चुचे एकदम नीले पर गई थे मेरे मर्दन से।
बड़ी भाभी मेरे ऊपर से उठी हां हा हअ हा हहह मेरा तो काम खत्म मै चली वैसे बड़ा मजा आया तुम दोनों के साथ
वो अपनी साड़ी को ठीक करने ही लगी थी की मै उठकर मैंने एक चपत उनकी गांड प लगा दिया साली ने तब से मेरा सैंडविच बना डाला था वैसे बी लंड तो खरा ही था।
”उच्च क्या कर रहे हो अब तो जाने दो।उईईइ माँ।
जब तक वो कुछ समझ पाती तब तक मैंने अपना दंड उनकी गांड में पेलता चला गया।
मेरी छोटी भाभी जी तो कभी मेरे लैंड को देखती तो कभी भाभी का खुला हुवा दर्द से सना चेहरा। चेहरे से बोल तक नहीं निकल पा रही थी उनकी।
बाआआआआआआआआआआआआआआप्पप्पप्पप्पप्पप्पप्पप्पप्पप्पप्पप्पप्पप्प रेईईईईईईईईई मर गईईईईईईईईई निकल लो मर गई आआह फैट गई मेरी गांड।
बड़ी भाभी आँखों में आसु लिए कह रही थी ।हम तीनो इस बात से अनजान थे की मेरी बुआ जी कबका सारा माजरा देख जा भी चुकी थी।
बड़ी भाभी की हालात ख़राब थी पर मेरा अब काम होंने ही वाला था । कुछ देर बाल पाकर घोड़ी बना कर उन्हें दनादन चोदता गया।वो भी अब मजे ले रही थी।
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आः चोद और जोर लगा कर चोद भड़वे चोद अपनी भाभी की गांड को दिखा कितना दम है तुझमे ।आआआहह हा मै उनपे ढहता चला गया उनकी गांड में ही।
हाय दइया हालात ख़राब करदी तूने तो कसम से बड़ा मजा आया।
चलो देवर बाबू अब जाने दो नहीं तो लेने क देने पर जायेगा। बड़ी भाभी जिस प्रकार आई थी उसी तरह छत के रस्ते निकल गई जाते जाते छत प अपनी फटी ब्लाउज को बदल ली।
भाभी बी कब का स्टोर रूम से निकल जा चुकी थी। मै अकेला फर्श पे परा कुछ देर जो बी किया उसपे सोच रहा था।
अब भाभी से नजरे कैसे मिल्लाऊ जिस कम क लिए आया था वो बात भी नै की अब तक और ये एक और कांड कर दिया पता नै वो किश तरह रियेक्ट करेंगी वो।
भाभी बिच में कुछ कम से स्टोर रूम में आये भी पर कुछ कहा न कुछ अपना कम कर चलते बनी।

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