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अपडेट 104
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“कौन सी प्रिया की बात कर रही है तू ।आह्ह जरा पैर ऊपर कर लौड़ा निकल जा रहा है ।”रामा उषा के टांग को अपने कंधे पे ले अपना 8 ” का औजार उसकी पनियाई बुर में अंदर तक उतारता चला गया।
“आह लौरे साले फ्री का माल समझ रखा है बहनचोद आराम से डाल न ।” उषा उसके धके से कसमसा उठी थी । पर रामा के ऐसे ही बेदर्दी से चोदने की तोह दीवानी थी वो ।

“चुप कर रण्डी साली गाँव भर में चुदवा चुदवा कर तो बूर का भोसड़ा बना लिया है और नौटंकी करती है ।”रामा ने उषा को नीचे कर उठा कर आम के पेर से लगा कर उसके गाल को पैर से दबा उसकी मदमस्त उभरी गांड में बिना थूक लगाये ही गांड में लंड को उतारता चला गया।

“आआईईई माईई हाईई दइया मार डाला रे हरामी मादरचोद ।भोस्रीके बुर फरवाइ है गांड नै निकल कुत्ते।”उषा की शुकी गांड में जब रामा का हलवि लौरा उतरा तो उसकी जान ही निकल गई ।

”चुप कर छिनाल साली बुर का भोसड़ा बना राखी है और चिल्लाती है पहले बता कौन प्रिया तब निकालूँगा।”
रामा ने उषा क गांड कस के चाटा मार गांड लाल कर दी ।
“कुत्ता भरवा साला अबन दिलवाऊँगी बहनचोद गांड फॉर दी मेरी है दैया मर गई रे।” गीत आशु बहाती अपने गांड में रामा का लौरा निगलती जा रही थी ।

“बता साली नै तोह फिर से पोछ कर डाल दूंगा ।” रमा ने उषा के एक पैर को हवा में कर पीछे से धक मारा ।

“हाईई दइया छोर दे अखिलेश चचा की बेटी और उनकी ही पुतोहु क कह रई थी रे कुत्ते पर अब न करुँगी।

रामा को अपने कानो प यकीन नहीं हो रहा था। उसने तुरंत उषा को सीधा कर कहा ,”सच री मालिक की बेटी और पतोहू ” उष्का लुनद तो ठुमके मारने लगा नाम सुन कर ही।

संजू उधर जैसे ही अपनी दीदी और भाभी का सुना गुशे में लाल हो गया ।

आस पास देखा तोह पास ही मचान में बास की सुखी लठ दिख गई । वो लठ ले कर इधर आया दोनों में से किसी की भी नजर संजू पर परी नै थी अब तक ।

रामा तो मालिक की बेटी को चोदने का सोच कर ही जोस से धके लगाने वाला ही था की गाण्ड प लठ बजी और एक साथ उषा और रामा दोनों की चिख गूंज गइ बगीचे में।

To be continued..

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