Haaye Mummy Meri Lulli – Update 14 | Family Sex Stories

Haaye Mummy Meri Lulli - Maa Ki Chudai Ki Kahani
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अचानक सलोनी ज़ोरों से खिलखिला कर हंस पड़ती है | राहुल के चेहरे पर घबराहट और मासूमियत का वो भाव इतना प्यारा था कि सलोनी खुद को रोक नही पाती और खुल कर हँसने लगती है | अपनी माँ को इस तरह हंसते देख राहुल जो उसकी चूत में फिर से लंड घुसाने की कोशिश कर रहा था, रुक जाता है | उसके चेहरे का रंग लाल हो जाता है | उसके चेहरे पर घबराहट की जगह शर्मिंदगी छा गयी थी | उसे समझ नही आ रहा था जब बाकी सब कुछ ठीक था तो यहाँ आकर उससे क्या गलती हो जाती थी |

सलोनी बेटे के चेहरे पर शर्मिंदगी देखकर उसे इशारे से अपनी तरफ बुलाती है | राहुल थोडा नीचे को होता है तो सलोनी उसके चेहरे को थाम उसके होंठो को चूमती है |

“अब बताओ आख़िर इतना तेज़ी क्यों पकड़ रहे हो कि बार बार बाहर निकाल लेते हो?”

“वो मैने पढ़ा था कि तेज़ तेज़ करने से…….औरतों को बहुत मज़ा आता है, इसलिए मैं भी…..मगर वो बार बार बाहर निकल जाता है”

“पढ़ा था? कहाँ? कब?” सलोनी जिगाय्सु हो उठती है |

“आज शाम को…….जब आप कपड़े धो रहे थे” राहुल के पास अब सच बोलने के सिवा और कोई रास्ता नही था |

“ओह अब समझी.. तो यह पढ़ाई कर रहे थे तुम……….सोचा होगा माँ चोदने को मिलेगी…. थोड़ी सी जानकरी हासिल कर लेता हूँ……हुं क्या बोलते हो?” मगर राहुल कुछ बोल नही पाता | उसके चेहरे पर छाई शर्मिंदगी और भी गहरी हो गयी थी |

“इधर देखो मुझे….मेरी तरफ……….” सलोनी राहुल का चेहरा पकड़ कर अपनी तरफ घूमाती है जो उसने शर्मिंदगी की वजह से एक तरफ को मोड लिया था |

“मुझे इंप्रेस करने की कोशिश कर रहे थे” राहुल झिझकता हुआ हाँ में सर हिलाता है |

सलोनी ठंडी आह भरती है और उसके चेहरे को पकड़ कर फिर से उसके होंठो को चूमती है |

“बेवकूफ़ कहीं का…….. अरे तूने तो मुझे सुबह ही इंप्रेस कर दिया था……तेरे लंड पर तो मैं सुबह ही मर मिटी थी……..याद नही उसे मुँह में लेकर चूसा था…. तेरा वीर्य पिया था मैंने …….अगर तुझसे इंप्रेस ना होती तो इस समय तेरी माँ होने के बावजूद तेरे नीचे ना लेटी होती और तू मेरा बेटा होने के बावजूद मेरे उपर ना चढ़ा होता और तेरा लंड मेरी चूत में ना घुसता”, राहुल को अपनी माँ की बातों से जहाँ थोड़ी तस्सली हुई थी कि वो उसके लंड से इतनी प्रभावित थी वहीं उसकी ज़ुबान से निकलने वाले वो अश्लील अलफ़ाज़ उसकी आग को भड़का रहे थे |

“देखो बेटा सेक्स एक नेचुरल चीज़ है…. इसमे तुम खुद बा खुद सब कुछ सीखते जाओगे…. अभी देखो तुम कितना बढ़िया चोद रहे थे और स्पीड पकड़ने की कोशिश की तो क्या हुआ? तुम पहली बार किसी को चोद रहे हो…. बस आराम आराम से करो….. तुम्हे खुद बा खुद शायद पहली चुदाई में ही तजरबा हो जाएगा कि अपनी कमर कितनी वापस खींचनी है कि तुम्हारा लंड मेरी चूत से पूरा बाहर ना निकले….. जब तुम्हे एक्सपीरियेन्स हो जाएगा तो फिर तुम पूरा लंड बाहर निकाल निकाल कर पूरी स्पीड से चोद पाओगे…. नेट से तुम्हे सीखने की कोई ज़रूरत नही है…. यह सब तुम दो बार चुदाई करके खुद बा खुद सिख जाओगे और अगर कुछ सीखना है भी तो वो मैं तुम्हे सिखायुंगी…. समझे…..वैसे तुमने जिस प्रकार मेरी चूत चाटी थी वैसे लगता नही मुझे तुम्हे कुछ सीखाना पड़ेगा……चलो अब देर मत करो….जलद से अपना लंड मेरी चूत मैं घुसाओ और मुझे चोदो”

राहुल अपनी माँ की दोनों साइड में हाथ रखकर अपने बदन को उपर उठाता है और अपना लंड फिर से अपनी माँ की चूत पर रखता है | सलोनी फिर से अपने हाथ से लंड को पकड़ती है, “अब घुसा दो अंदर” | राहुल कूल्हे को धकेलता है तो लंड चूत का मुँह खोलता अंदर समा जाता है |

सलोनी फिर से सिसक उठती है | वो लंड से हाथ हटा कर उसके कंधो को पकड़ लेती है और अपनी टाँगे उसकी कमर पर लपेट देती है | वो राहुल को खींच कर अपने ऊपर लेटा लेती है |

“हाययईई……अब देर मत कर …. चोद मुझे……..चोद मुझे……….हाए चोद अपनी मम्मी को” सलोनी अपने बेटे के कानों में सरगोशी करते हुए बोलती है | राहुल अपनी माँ की अश्लील भाषा से उत्तेजित अपनी कमर को हिलाना शुरू कर देता है | उसका लंड फिर से अपनी माँ की चूत के अंदर बाहर होने लगता है | फिर से सलोनी उँची उँची सिसकारियाँ भरने लगती है |

राहुल हालांकि डर रहा था कहीं उसका लंड फिर से फिसल कर बाहर ना आ जाए इसलिए वो उसे आधा ही बाहर निकालता और वापस अंदर पेल देता | उसकी माँ की सिसकियां, उसके अशलील लफ्ज़ जिनसे वो उसे उत्साहित कर रही थी और सलोनी की टाइट चूत में लंड पेलने का जबरदसत मज़ा वो जल्द ही सब कुछ भूल गया और उसकी स्पीड बड़ने लगी |

“आआअहह………ऊऊुऊउक्कककचह………ऊऊुऊउक्ककचह…….ऊओह रहहुउऊउल्ल…….राआहहुउउल्ल्ल………चोदो मुझे…….हाएयययय….ई…….ऐसे ही मारो बेटा……..हाअयययययईई……….ऊऊऊफफफफफफफफ़फ्ड……” सलोनी की सिसकियाँ आग मैं घी डाल रही थी |

राहुल और ज़ोर ज़ोर से अपनी कमर खींच खींच कर अपना लंड अपनी माँ की चूत में घुसेड़ने लगा | उसे एहसास ही नही था अब उसका लंड उसके सुपाड़े तक बाहर आ रहा था | सलोनी हर धक्के पर चीख पड़ती थी |

“मम्मी मज़ा आ रहा है ना……..” राहुल उत्तेजना की अधिकता में बोल उठता है |

“पूछ मत……. ऊऊऊऊुऊउक्ककच……हायय….ईई………बस चोदता रह…..

मैं झड़ने वाली हूँ…….. हाए अब तेरी माँ हर रोज़ तुझसे चूदेगी…..हर दिन हर रात………..आआहह……….”

“मैं भी मम्मी…..मैं भी मम्मी………” राहुल अब फुल स्पीड में अपनी मा को चोद रहा था | उसके टट्टो में वीर्य उबल रहा था | जो शाम से बाहर आने को तड़प रहा था | अचानक सलोनी अपनी कमर उछाल उछाल कर अपने बेटे के धक्कों का ज्वाब धक्कों से देने लगती है | राहुल और भी जोश में आ जाता है | वो अपनी माँ के कंधे थाम खींच खींच कर अपना लंड उसकी चूत में पेलता है |

“राहुल मेरे बेटा…….मेरे बेटे……….हे भगवन्…….” सलोनी राहुल के सर को थाम उसके होंठो पर अपने होंठ रख देती है और अपनी जिव्हा उसके मुख में घुसेड देती है | राहुल तुरंत जिव्हा को अपने होंठो में दबा कर चूस्ता हुआ अपनी माँ की चूत में कस कसकर धक्के लगाता है | सलोनी भी उसकी ताल से ताल मिला रही थी | अचानक सलोनी बदन ऐंठने लगती है | वो धक्के मारने बंद कर देती है | उसका मुँह अपने बेटे के मुँह से हट जाता है और वो अपनी टाँगे उसकी कमर पर और कस कर लपेट देती है |

“बेटा……बेटा…….मेरे लाल…….मेरे लाल……” सलोनी झड़ रही थी | राहुल अपनी माँ के उपर से उठ पहले की तरह उसकी कमर को पकड़ लेता है और पूरी शक्ति से धक्के लगाता है | मुश्किल से पाँच सात धक्के ही लगाए होंगे कि वो ज़ोरदार हुंकार भरता है |

“मम्मी……..आहह……मम्मी…..” राहुल सिसक पड़ता है | उसके लंड से वीर्य की पिचकारियाँ उसकी मा की चूत को भरने लगी थी |

“मेरे लाल….आआहह…..उउउन्न्ननज्ग्घह……भर दे मेरी चूत अपने रस से……मेरे लाल…..हइईए……..भर दे मेरी चूत” सलोनी अपनी चूत में राहुल के लंड से निकलती वीर्य की तेज़ धारों को महसूस करती है तो उसका सखलन और भी तीव्र हो जाता है |

“ऊऊहह………..उूउउफफफफफफ्फ़…….बेटा…….बेटा…..बेटा…..”

आख़िरकार दोनो का सखलन मंद पड़ जाता है और राहुल अपनी माँ के उपर लेट जाता है | सलोनी अपनी बाहें उसकी गर्दन में डाल देती है |

“मेरा बेटा……मेरा लाल…..”

कमरे का माहौल बिल्कुल शान्त था | जहाँ कुछ पल पहले पुरे कमरे में तूफान मचा हुआ था | वहीं अब वहाँ पूरी तरह से शांति थी | बस माँ-बेटे की सांसो की हल्की हल्की आवाज़ गूँज रही थी | दोनो जाग रहे थे और पुरे होशो हवाश में थे मगर दोनो के जिस्म पूरी तरह स्थिल थे | राहुल ने आज पहली बार एक नारी की देह को भोगा था वहीं सलोनी ने बहुत समय बाद आज ऐसे जबरदस्त सखलन को प्राप्त किया था | दोनो माँ-बेटा ऐसे महसूस कर रहे थे जैसे उनके जलते हुए जिस्मो पर किसी ने शीतल जल डाल दिया था | सखलन के परम सुख को प्राप्त करने के बाद अभी उनके जिस्मो में उस जबरदस्त आनंद की लहरें दौड़ रही थी और वो आराम से चुपचाप लेटे उस आनंद का एहसास ले रहे थे | दोनो सुबह से तीन बार झड़ चुके थे मगर वो थके हुए नही थे |

आख़िरकार सलोनी के बदन में ही कुछ हरकत होती है और वो अपने हाथों से अपने बेटे की पीठ सहलाने लगती है जो उसके बदन पर लेटा हुआ था और वो उसकी धीमी साँसे अपनी गर्दन पर महसूस कर रही थी | हालाँकि राहुल का वजन सलोनी से कहीं अधिक था मगर उसे वो किसी फूल की तरह हल्का लग रहा था |

“राहुल……… बेटा…….” वो कोमलता से उसकी पीठ सहलाती धीमे से उसे पुकारती है |

“हुं………” राहुल अपनी माँ की गर्दन पर चेहरा दबाए धीमी सी आवाज़ में बोलता है |

“मुझे लगा शायद तुम सो गए………..” स्लोनी कोमल स्वर में उसकी पीठ सहलाती उसी स्वर में बोलती है, “कैसा महसूस हो रहा है मेरे बेटे को”

“उम्म्म्ममममम………उउम्म्म्ममम” राहुल अपनी माँ की गर्दन पर चुंबन अंकित करता बोलता है, “बहुत अच्छा मम्मी…………ऐसा महसूस हो रहा है मम्मी जैसे मेरे उपर से कोई वजन उतर गया है……जैसे मै हवा से हल्का हो गया हूँ………जैसे जैसे……..उफफफफफफफ्फ़ मुझे नही माँलूम मम्मी मैं आपको कैसे बतायूं मगर मुझे बहुत- बहुत अच्छा महसूस हो रहा है” राहुल के होंठ अब अपनी मम्मी के कंधे को चूम रहे थे |

“गुड………वैरी गुड…. इतना अच्छा महसूस होना भी चाहिए आख़िर तुमने अपनी मम्मी चोदी है”

“म्म्मम्म्मी………” राहुल शिकायत भरे स्वर में अपनी माँ के कंधे पर कोमलता से होंठ रगड़ता बोलता है |

रने शुरू कर दिए थे |

“क्या मम्मी…………… मैं कुछ ग़लत कह रही हूँ? अभी अभी अपनी मम्मी की चूत में लंड नही पेल रहे थे?…. अभी भी तुम्हारा लंड मेरी चूत में है …. अगर जबरदस्त मज़ा नही आया तो फिर क्या फ़ायदा अपनी मम्मी को चोदने का!……. हाए… मुझे देखो……… उउउफफफफफफफ्फ़… अभी तक बदन के अंग अंग में रोमांच छाया हुआ है…….. नस नस में आनंद की लहरें उठ रही हैं”

“मम्मी आप भी ना……….” अपनी माँ की अश्लील भाषा से राहुल थोडा शर्मा जाता है | मगर उसकी मम्मी के वो अल्फ़ाज़ उसके अंदर आग भर रहे थे | उसके लंड में सुरसूराहट होने लगी थी | सलोनी राहुल की शर्म से हंस पढ़ती है | वो उसके कंधे से उसकी गर्दन को चूमता हुआ धीरे धीरे उसके मुख की और बढ़ता जा रहा था |

सलोनी के हाथ राहुल की पीठ पर घूम रहे थे और अब उनकी सीमाँ बढ़ती जा रही थी | उसके हाथ उसके कंधो से लेकर उसके नितम्बो तक को सहा रहे थे | सलोनी का कोमल स्पर्श राहुल को बेहद्द सुखद लग रहा था | वो उसकी गर्दन से चेहरा उपर उठाकर उसके कान की लौ को अपने होंठो में भर लेता है और उसे अपनी जीभ की नोंक से सहलाने लगता है |

“उउउम्म्म्ममममम……….” सलोनी के मुख से मीठी सिसकी फूट पड़ती है |

राहुल उस सिसकी से उत्साहित होकर अपनी मम्मी के कान को चुभलाता है | सलोनी बेटे के मधुर प्यार को महसूस कर अपने जिस्म में छाए उस आनंद को बड़ता हुआ महसूस करती है | उसके हाथ राहुल की पीठ से नीचे जाते हुए उसके कूल्हों को सहलाने लगते हैं | राहुल की जिव्हा अपनी मम्मी की कान की लौ से फिर से उसकी गर्दन और वहाँ से उसकी गाल को चाटने लगती है |

“उउउम्म्म्ममममममममममम…….” सलोनी के होंठो से एक और मधुर सी सिसकी फूट पड़ती है |

सलोनी अपने अंगो में फिर से हल्का हल्का तनाव छाते महसूस कर रही थी | उसके हाथ राहुल के कुल्हों को सहलाते हुए उसके कुल्हों की घाटी के बीच चले जाते हैं | राहुल जो अपनी मम्मी के गाल चूम चूस रहा था उसके गालों को और भी तेज़ी से चूसने लगता है | उसके जिस्म में झुरझुरी सी छाने लगी थी जब उसे अपनी माँ के हाथ अपनी गांड के छेद के इतने नज़दीक महसूस हुए | स्लोनी की उंगलियाँ राहुल के छेद को स्पर्श करती हैं तो उसका जिसम हल्का सा झटका ख़ाता है | वो अपनी माँ के गाल को हल्का सा काटता है | उसका लंड अपनी माँ की चूत के अंदर जागने लगा था | सलोनी राहुल की गांड के छेद से खेलती उसे अपनी उंगलियों से सहला रही थी, धीरे धीरे रगड़ रही थी | फिर वो अपनी बड़ी उंगली उसकी गांड के छेद पर दबाती है |

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