Haaye Mummy Meri Lulli – Update 13 | Family Sex Stories

Haaye Mummy Meri Lulli - Maa Ki Chudai Ki Kahani
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निप्पलों को चूसते चूसते राहुल ने अपनी नज़र अपनी माँ पर डाली जो उसके बालों में उँगलियाँ फेरती उसे बेहद प्यार, स्नेह और ममतामई नज़र से देख रही थी | दोनों माँ बेटे की नज़रें मिलती हैं और राहुल आगे अपनी माँ के चेहरे की और बड़ता है | सलोनी भी उसका चेहरा अपने हाथों में थाम अपने मुंह पर खींचती है | राहुल का चेहरा सीधा अपनी माँ के चेहरे पर झुक जाता है और दोनों बेटे माँ के होंठ आपस में जुड़ जाते हैं |

दोनों प्रेमियों की तरह एक दुसरे को चूम रहे थे | कभी सलोनी राहुल के तो कभी राहुल सलोनी के होंठों को चूस रहा था | उधर सलोनी को अपनी जांघों पर राहुल का लंड ठोकरें मारता महसूस होता है | बेटे के लंड को अपनी चूत के इतने नजदीक पाकर उसके बदन में कामौत्तेजना लौटने लगती है और उसकी साँसों की गहराई बढ़ने लगती है | सलोनी की जिव्हा राहुल के होंठो को चाटने लगती है और वो उसे उसके मुंह में धकेलती है | राहुल अपना मुंह खोल देता है और सलोनी की जिव्हा उसके मुख में प्रवेश कर जाती है |

सलोनी राहुल के मुंह को उसकी जिव्हा को अपनी जिव्हा से सहलाती है | मगर राहुल एकदम से उसकी जिव्हा अपने होंठो में दबा लेता है और चूसने लगता है |

“उन्न्न्गग्घ्ह्ह……” सलोनी अपने बेटे के मुंह में सिसकती है और वो अपनी कमर इधर उधर हिलाने लगती है | राहुल यह समझकर कि उसकी माँ क्या चाहती है अपनी कमर को थोडा सा हिलाता डुलाता है और फिर दोनों माँ – बेटा एकदम से सिसक उठते हैं | राहुल का लंड अपनी माँ की चूत पर था और उससे निकल रहा हल्का हल्का रस उसकी चूत को भिगो रहा था | सलोनी बेटे के चेहरे को दबाती है तो राहुल उसकी जिव्हा को और भी जोर जोर से चूसता है | उन दोनों की कमर हल्की हल्की हिलना शुरु हो गई थी |

जिससे राहुल का लंड अब सलोनी की चूत को रगड़ रहा था |

“उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़…..” सलोनी आह भरती है जब दोनों के होंठ सांस लेने के लिए जुड़े होते हैं |

“मम्मी….मम्मम्मम्मममी….” राहुल भी लंड पर चूत के स्पर्श से सिसक उठा था |

सलोनी राहुल के चेहरे को झुकाती है और उसके मुख पर लगे जगह जगह अपनी चूत के रस को चाट चाट कर साफ़ करने लगती है | उसकी नाक से, उसके गालों से, उसकी ठोड़ी से, राहुल का चेहरा साफ़ करने के पश्चात वो फिर से उसके मुख में अपनी जिव्हा घुसेड़ देती है |

 राहुल फिर से उसकी जिव्हा को चूसने लगता है | दोनों अब एक दुसरे की कमर पर अपनी कमर खूब जोर जोर से रगड़ने लगे थे | राहुल का लंड बार बार सलोनी की चूत को छूता है और उसे सहलाते हुए उस जगह में घूम रहा था | उधर सलोनी जो अब फिर से पूरी तरह गर्म हो चुकी थी इस बार बेटे की जिव्हा को अपने होंठो में दबोच कर उसे चूसने लगती है |

“आआह्ह्ह्ह……हाएएएएईएएएएइइइइइ…” अचानक सलोनी को झटका लगता है और वो सिसक कर अपना चेहरा हटा लेती है |

“मम्म्म्ममी ……मम्म्म्मी …उफफ्फ्फ्फ़…” राहुल भी सिसक उठा था | उसका लंड उसकी कमर की रगड़ से अचानक चूत के होंठो को फैलाकर थोडा सा अन्दर घुस गया था | अगर थोड़ा सा जयादा जोर लगा होता तो शायद सुपाड़ा अन्दर चला जाता |

सलोनी चूत में लंड के एहसास को पाकर ठिठक गई थी | वो राहुल के चेहरे की और देखती है जो उसी की और देख रहा था | सलोनी धीरे से हल्के से सर हिलाती है जैसे राहुल के किसी सवाल का जवाब दे रही हो | राहुल अपनी माँ के इशारे को पाकर वापिस उठ जाता है और सलोनी की जाँघों के बीच बैठ जाता है | वो सलोनी की टांगों को ऊपर उठाता है तो सलोनी खुद अपनी टांगें घुटनों से मोड़कर खड़ी कर देती है | राहुल सलोनी के घुटनों को पकड़ उन्हें पूरी तरह फैला देता है | उसकी माँ की चूत खुल चुकी थी | राहुल अपने सामने अपनी माँ की चूत के छेद को देख रहा था |

 राहुल एक बार फिर से निगाह उठाकर सलोनी की और देखता है |

सलोनी फिर से सर हिलाकर उसे इशारा करती है | राहुल सलोनी की पतली सी कमर को कस कर थाम लेता है

और थोडा सा उचककर आगे को बढ़ता है | उसका लंड चूत के बेहद करीब था |

सलोनी कुहनियों के बल अपना सर ऊँचा उठा लेती है |

वो अपने और अपने बेटे के बीच अपनी चूत पर दस्तक दे रहे अपने बेटे के लंड को देख रही थी |

राहुल थोडा सा आगे को होता है और उसका लंड सलोनी की चूत के छेद पर फिट हो जाता है |

“ईइइइइइस्सस्ससह्ह्ह्हह्ह……” सलोनी होंठ काटते हुए आँख बंद करके सिसक पड़ती है |

राहुल अपनी मम्मी की कमर को थामे अपने कुल्हे आगे को धकेलता है | उसके लंड का सुपाड़ा चूत का मुंह हल्का सा खोलता है और ऊपर को फिसल जाता है | हालाँकि लंड अन्दर नहीं घुसा था मगर माँ – बेटे दोनों उस स्पर्श मात्र से सिसक उठे थे | राहुल फिर से कमर को थाम लंड अन्दर धकेलता है और इस बार सुपाड़ा चूत के छल्ले को खोलता हुआ हल्का सा अन्दर जाता है और फिर से फिसल कर बाहर आ जाता है | सलोनी की चूत रस से दोबारा भीग चुकी थी इसीलिए लंड को सीधा रख पाना राहुल को बहुत मुश्किल लग रहा था |

“एक मिनट रुक” अचानक सलोनी राहुल को रोकती है | वो अपना एक हाथ आगे बढ़ाती है और लंड को कस कर पकड़ लेती है और उसे चूत के छेद पर फिट कर देती है | “अब घुसाओ बेटा” सलोनी अब एक कोहनी के बल उचककर अपनी चूत में ठोकर मार रहे अपने बेटे के लंड को देख रही थी | राहुल उसी तरह कमर को अपने हाथों में दबाए लंड को आगे धकेलता है | वो फिर से फिसलने वाला था मगर सलोनी उसे मजबूती से अपनी चूत के मुंह पर टिकाए रखती है | राहुल और जोर लगाता है | उसके लंड का सुपाड़ा जैसे ही चूत के छल्ले पर और बल डालता है वो खुलती चली जाती है |

“ओह्ह्हह्ह्ह्ह….राहुल …..राहुल……..राहुल….” सलोनी अपनी चूत में लंड के दाखिल होते ही सिसक पड़ती है |

उसका हाथ लंड से हट जाता है और वो फिर से दोनों कोहनियों के बल होकर अपने बेटे के लंड को देखने लगती है जिसका सुपाड़ा उसकी चूत में घुस चूका था | सलोनी की तंग चूत जैसे ही राहुल के सुपाड़े को कसती है तो वो कराह उठता है और अपना लंड और आगे को धकेलता है |

“आआह्ह्ह्ह……ऊफ्फ्फ्फ़………बेटा धीरे……..धीरे…” सलोनी बेटे के मोटे लंड से अपनी चूत फैलती हुई महसूस करती है | चूत इतनी गीली थी कि बहुत तंग होने के बावजूद राहुल का लंड आराम से घुसता जा रहा था और तभी वो चूत की गर्मी या अपने लंड पर चूत की पकड़ के उस जबर्दस्त अनोखे एहसास से जोश में आ जाता है और एक ज़ोरदार धक्का मारता है |

“ओह्ह्ह्हह……आह्ह…..आआह्ह्ह्ह……हाएएएए…राहुललल्ल …. प्लीज… बेटा धीरे…….धीरे डालो… उफ्फ्फ्फ़…….” सलोनी लंड के उस ज़बरदस्त प्रहार को सेहन नहीं कर पाती और चीख पड़ती है | मगर राहुल इस समय उसकी सुन नहीं रहा था | वो तो अपने लंड को अपनी माँ की टाइट चूत में घुसाकर ऐसा आनंद ले रहा था कि वो फिर से एक करारा झटका मारता है और पूरा लंड चूत में घुसेड देता है |

“आईईईईईईईए………..आउच…….आआउच …………हे भगवान………उफफ्फ्फ्फ़ शैतान…………….. हाएएएए…….मार डालेगा क्या”

“मम्मी…….. मम्मी……….ओह्ह्ह्ह गॉड…………म्म्म्मम्म्म्ममम्मी…. हाए….” राहुल भी जलती हुई चूत में लंड पेल कर उस पीड़ादायक आनंद की परिसीमा महसूस करता है |

सलोनी अपनी जाँघों के बीच देख रही थी यहाँ उसके बेटे के लंड उसकी चूत में पूरा घुस चूका था | चूत के होंठो ने लंड को चारों तरफ से कस लिया था और उसके बेटे के लंड को सहला रहे थे |

“उफफ्फ्फ्फ़….मम्मी कितनी टाइट है तुम्हारी और कितनी गर्म भी… अन्दर से… उफ़… मेरा जल रहा है मम्मी” राहुल चूत की तपिश से लंड को जलता हुआ महसूस कर रहा था |

“यह गर्मी तेरे लंड को ही नहीं मुझे भी दिन रात जलाती है… दिन रात मेरी पूरी देह इस आग में झुलसती है… अब तुम्हे ही इस आग को बुझाना है मेरे बेटे….अब तुझे ही इस आग को बुझाना है” कहकर सलोनी पीछे को लेट जाती है और राहुल की तरफ अर्थपूर्ण नज़रों से देखती है | राहुल फिर से अपनी माँ की कमर थाम लेता है और लंड को पीछे खींचता है और फिर से अन्दर डालता है |

“आअह्ह्ह्ह……..आराम से …….बेटा…….आराम से …” सलोनी पहले ही धक्के पर कराह उठती है और जब उसके बेटे के लंड उसकी चूत को पूरा रगड़ता हुआ वापिस अन्दर तक घुस जाता है | वो शुक्र मना रही थी कि उसकी चूत इतनी गीली थी वरना उसके बेटे का मोटा लंड उसे खूब तकलीफ देने वाला था |

राहुल अपनी माँ की नाज़ुक चूत में लंड पेलने के उस अनोखे मज़े से गदगद हो उठा था | यह आनंद उसकी कल्पनायों से कहीं बढ़कर था | वो फिर से अपना लंड बाहर निकालता है और वापिस अन्दर घुसेड देता है | सलोनी फिर से सीत्कार भरती है, फिर तीसरा, चौथा , पांचवा, छठा …राहुल चूत से लगभग आधा लंड बाहर निकालता और उसे अपनी माँ की चूत में पेल देता | हर धक्के के साथ उसका जोश दौगना होता जा रहा था | कुछ समय आराम से धक्के मारने के बाद वो लंड को खींच जोर से पेलता है |

“आआआअउच… आउच…….. आउच” राहुल माँ की सिसकियों से और भी जोश में आ जाता है और वो और भी जोर जोर से लंड पेलने लगता है |

“आईईईईए…बेटा……आआराम से …आराम से….” सलोनी चीखती है और राहुल माँ की चीखो पुकार के जवाब में खींच कर ऐसा धक्का मारता है कि सलोनी की सांस अटक जाती है |

“हाए मार डाला ज़ालिम …धीरे…मेरे लाल…धीरे मार….उफफ्फ्फ्फ़ ….आअह्ह्ह्ह…आउच….ऊऊउच…धीरे से कर ना …आऊऊऊऊऊउच्च्च्घ…. बेटा…हाए तेरा लौड़ा …..उइफ़्फ़्फ़्फ़ …… हाए जान निकाल दी मेरी……. हाए धीरे चोद …धीरे चोद अपनी मम्मी को ….” राहुल अब खुद को पूर्ण मर्द महसूस कर रहा था | उसकी माँ ठीक वैसे ही सिसक रही थी, जैसी उसने कल्पना की थी कि जब वो अपनी माँ को चोदेगा तो वो ऐसे ही चीखेगी चिल्लाएगी | खुद राहुल भी चूत में अपनी लंड की रगड़ से ज़बरदस्त मज़े को अनुभव कर रहा था | अब समय आ गया था वो अपनी मम्मी को दिखाता कि वो कितना तगड़ा मर्द है कि वो चुदाई के मामले में उसे कितना सुख दे सकता है |

राहुल लंड को सुपाड़े तक खींचता है और कमर पर अपने हाथ कस अपने कुल्हो का पूरा ज़ोर लगा कर अपनी मा की चूत में अपना लंड पेल देता है |

“आआईईएईईईए……हहाअयईईए मेरी चूत…..हाए मरररर गययययीईई……उउउफफफफ़फफ्फ…….धीरे…….धीरे मारो …..बेटा…” सलोनी उस जबरदसत धक्के से पीड़ादायक मज़े से सिहर उठी थी | राहुल अब पूरा लंड खींच खींच कर धक्के मार रहा था | सलोनी उसके हर धक्के पर चीख पड़ती थी | राहुल ने हालांकि अभी तक तेज़ स्पीड नही पकड़ी थी और वो अब वही करने जा रहा था | राहुल अपनी गति बढ़ाता है और पूरा लंड खींच कर धक्के मारता है | मगर यह क्या तेज़ गति से लंड सुपाड़े तक बाहर खींचने के समय उसका लंड टककककक करता हुआ पूरा बाहर आ जाता है | वो फट से लंड अंदर घुसाता है | लंड का सुपाड़ा अंदर जाते ही सलोनी चिहुंक पडती है | राहुल दो तीन धक्कों के पशचात जैसे ही फिर से स्पीड बढ़ाता है | उसका लंड फिर से जल्दबाज़ी में बाहर आ जाता है | राहुल फिर से अंदर डालता है और अपनी मा को चोदने लगता है | मगर जैसे ही वो स्पीड पकड़ता है और लंड वापस खींचता है लंड फिर से बाहर आ जाता है |

“क्या कर रहा है………..क्यों बार बार बाहर निकाल रहा है….” इस बार सलोनी चुप्प नही रह पाती | एक तो बार बार चुदाई रुकने से उसे मिलने वाले मज़े से वो वंचित हो जाती जिसके लिए वो इतना तरसी थी, उपर से राहुल जब भी दोबारा अपना मोटा लंड उसकी चूत में घुसाता तो वो दर्द से बिलबिला उठती | वो नही चाहती थी कि लंड चूत से बाहर निकले |

“सॉरी मम्मी………वो फिसलन बहुत है….” राहुल फिर से लंड अंदर घुसाता है और कुछ धक्के लगाने के बाद वो जैसे ही स्पीड पकड़ता है लंड फिर से बाहर |

लंड बाहर निकलते ही राहुल पूरी गति से उसे वापस अपनी मा की चूत में घुसेड देता है और घबराता हुआ जैसे ही लंड खींच कर धक्का लगाता है, लंड हल्का सा बाहर आकर उपर को फिसल जाता है | सलोनी राहुल को घूर रही थी | राहुल बिजली की तरह अपना लंड थामे फिर से चूत में घुसाने की कोशिश करता है मगर वो इतना घबरा चुका था कि उसके हाथ कांप रहे थे | लंड अंदर जाने की वजाए एक तरफ को फिसल जाता है |

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