Ek Lambi Pariwarik Chudai Ki Kahani – Update 27

Ek Lambi Pariwarik Chudai Ki Kahani - Long Incest Story
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उसके लिए एक अलग अनुभव था.

“ मैं मर जाउन्गि………….दीदी कुच्छ करो प्लीज़…..” प्रीति एग्ज़ाइट्मेंट मे चिल्लाते हुए बोलती है.

सिमरन उसके बूब्स से अपना मूँह हटाती है और सीधी खड़ी होती है. प्रीति अपनी आँखे धीरे धीरे खोलती है और सिमरन से आँखे मिलते ही शरमा जाती है. वो आगे बढ़ कर सिमरन को हग कर लेती है –

“ बहुत तड़प रही है रानी……….” सिमरन उसके कान मे आराम से बोलती है.

“ प्लीज़ आप ऐसी बाते ना करो………… आपके बदन की हीट मुझे और जला रही है.” प्रीति भी उसके कान मे ऐसे ही बोलती है.

“ प्रीति तू चुद चुकी है ना…………..???” सिमरन उसके कान मे फिर से बोलती है लेकिन इस बात से प्रीति के होश उड़ जाते है. वो सिमरन के गले से हट जाती है और पूछती है –

“ क्या पुछा आपने दीदी……..?” प्रीति उसकी आँखो मे देखती हुई बोलती है.

“ तू चुद चुकी है ना……… लंड ले चुकी है ना………..” सिमरन उसकी आँखो मे देखती हुई बोलती है.

प्रीति के तो चेहरे की हवा उड़ जाती है लेकिन वो हिम्मत से काम लेती है.

“ ये… ये आप….क..कैसी बाते कर रही है……आई….ऐसा तो कुच्छ नही है…………….” प्रीति हकलाते हुए बोलती है.

“ चल तू बोलती है तो मान लेती हू….. नही तो तेरी चूत के खुले हुए होंठ तो ऐसे ही बता रहे है कि किसी तगड़े लंड से ठुकी है तू……… लेकिन छोड़ मेरी रानी और मुझे प्यार कर………….” सिमरन सोफे पे लेट जाती है और अपनी टांगे फेला कर प्रीति को इन्वाइट करते हुए बोलती है.

सिमरन की टांगे जैसेही खुलती है तो उसकी गुलाबी चूत प्रीति के सामने आ जाती है. प्रीति टाइम ना वेस्ट करते हुए नीचे बैठती है और अपनी उंगलियाँ उसकी चूत मे घुसा देती है. सिमरन की चूत खुली हुई थी.

“ ओूऊऊऊ…..मेरी जान ऐसे ही……खा जा मेरी चूत को…………..” सिमरन तो जैसे कुच्छ ज़्यादा ही वाइल्ड लड़की थी. उसके मूँह से निकलने वाली आवाज़ से ही कोई भी मर्द झाड़ जाए.

“ उईईईईईईईई………………..चाट मेरी पुसी को…….हीईीईईई………म्*म्म्मममममह…………………….यू बिच……….चोद अपनी जीभ से ऐसे ही………….” सिमरन की चूत पर प्रीति पूरी ताक़त के साथ मेहनत कर रही थी.

प्रीति बीच बीच मे अपना मूँह भी लगा देती थी उसकी चूत मे जिससे सिमरन और भी ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो रही थी. दूसरी तरफ खुद प्रीति भी पागल हो रही थी तो अपने उल्टे हाथ को वो अपनी चूत पर ले जाकर खुद भी सहलाने लगती है.

“म्*म्म्मह………….उउफफफफफफफफ्फ़…………..” अब ये साउंड दोनो तरफ से आ रहा था क्यूंकी दोनो गर्ल्स मस्त हो चुकी थी.

प्रीति अपनी उंगलियाँ उसकी चूत मे चला रही थी और खुद अपनी चूत को भी सहला रही थी. सिमरन की चूत खूब सारा पानी छ्चोड़ रही थी.

“ हईईए……………….उफफफफफ्फ़……ऐसे हीइ…………….फाड़ दे मेरी चुत्त्त्त्त्त्त्त कूऊव…..उफफफफफफफ्फ़…फफफफफफफफ्फ़………..” सिमरन कुच्छ ज़्यादा ही गरम हो चुकी थी. कुच्छ ही मिनिट और होने के बाद सिमरन अपना सारा पानी छोड़ देती है.

इतने मे प्रीति भी अपने आप को काफ़ी गरम कर चुकी थी. सिमरन झड़ने के बाद प्रीति को डॉगी स्टाइल मे आने की सलाह देती है. प्रीति उसके इन्स्ट्रक्षन्स को फॉलो करती है और ठीक वैसी ही पोज़िशन मे आ जाती है. सबसे पहले सिमरन उसकी चूत मे अपनी एक फिंगर घुसाती है

“ दीदी………..और तेज……..चलो फिंगर को……………. उफफफफफफफफफफफफ्फ़.फ…….घुसा दो अंदर……..और अंदर…………उफफफफफफफ्फ़…….स्शह…………………” प्रीति पागल होकर अपनी गान्ड पीछे को उच्छाल रही थी.

सिमरन अपनी फिंगर स्पीड को बढ़ा देती है और साथ ही साथ अपनी दूसरी फिंगर भी घुसा देती है….

“ उफफफफफ्फ़….उफफफफफफफ्फ़…………….दिदीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईइ…….” और इस सिसकी के साथ प्रीति भी अपना पानी छोड़ देती है.

दोनो सेक्सी लड़किया काफ़ी देर तक बेड पर ऐसे ही पड़ी रहती है. फिर धीरे धीरे दोनो कपड़े पहनती है. सिमरन बड़े गौर से प्रीति की ओर देख रही थी.

“ आप ऐसे क्या देख रही हो……….मुझे शरम आती है……..” प्रीति सिमरन की तरफ देखते हुए बोलती है.

“ कसम से तूने मुझे इतना मज़ा दिया तो अपने बॉय फ्रेंड को कितना मज़ा देगी तू….. मस्त घोड़ी है तू……. लेकिन पता नही ऐसा क्यू लगता है तेरी चूत को देख कर कि ये ले चुकी है……….” सिमरन फिर से प्रीति के नीचे के हिस्से की तरफ देखते हुए बोलती है.

“ छोड़ो भी दीदी……… ले तो आप भी चुकी हो… मुझे पता है………” प्रीति भी अपना कॉमेंट करती है.

“ तो मेरी रानी……… मैं तो बोल ही रही हू कि मैं ले चुकी हू नहीं तो नींद नही आती…….” सिमरन भी पानी पीते हुए बता देती है.

“ तो किसने किया आपकी पुसी का उद्घाटन……” प्रीति स्माइल करते हुए बोलती है.

“ तो अब फॉर्म मे आ रही है लड़की…………. है कोई लेकिन तू जान कर क्या करेगी……. तू ये बता कि तू तो घर से ज़्यादा बाहर भी नही जाती तो तूने किसके साथ करा लिया…………. कहीं ऐसा तो नही की कुशल को ही अपनी मस्त बॉडी दिखा कर काम करा लिया हो…………… “ सिमरन हंसते हुए बोलती है.

“ क्या आप अपनी बॉडी अपने बड़े भैया को दिखाओगि तो वो आपका काम कर देंगे??? आप बताइए……………” प्रीति उसकी बात का जवाब ना देते हुए उससे पूछती है.

“ तुझे एक बात बताऊ??” सिमरन सीरीयस होते हुए बोलती है.

“ हाँ….हाँ क्यू नही…. बताओ मुझे……” प्रीति एग्ज़ाइटेड होते हुए बोलती है.

“ क्या मैं तुझ पर भरोसा कर सकती हू……………” सिमरन सीरीयस होते हुए बोलती है.

“ अपना सब कुच्छ तो खोल कर दिखाया आपको……… इतना क्लोज़ तो मैं कभी किसी के भी नही गयी….. और अगर आप अब भी मुझ पर भरोसा नही करेंगी तो मुझे दूख होगा……” प्रीति भी उसे एमोशनल ब्लॅकमेलिंग करती है.

“ सच मे बता दू….?” सिमरन फिर से पूछती है.

“ प्लीज़ बताओ ना और टेन्षन ना लो………..” प्रीति उसे रिलॅक्स करते हुए बोलती है.

“ मेरे रीलेशन मेरे भाई के साथ ही है…………………” सिमरन की इस बात से फिर से प्रीति के होश उड़ जाते है.

“ क्य्ाआआआआआआअ…………….. डू यू मीन कि आप भाई बहन सेक्स कर चुके हो…….ये कैसे हुआ…… वेरी इंट्रेस्टिंग……..मुझे बताओ ना कि ऐसा क्या हुआ कि आपके भाई ने आपके साथ ये सब किया………. लेकिन आराधना दीदी तो बताती है कि आपका कोई बॉय फ्रेंड है……..” प्रीति एक ही साँस मे सारे सवाल पुच्छ लेती है. आक्च्युयली मे वो एग्ज़ाइटेड थी सिमरन के मूँह से ये बात सुन कर……..

“ यार ये एक लोंग स्टोरी है. मैने कभी नही सोचा था कि मुझे चोदने वाला मेरा भाई होगा और ना ही मेरे भाई ने कभी सोचा था…………. रही बात मेरे बॉय फ्रेंड की तो वो कोई और नही सिर्फ़ मेरा भाई है. जब आराधना और तुम सारी फॅमिली शॉपिंग करने गये थे तो मैं तुम्हारे घर उसी के साथ गयी थी….. तुम्हारे घर पर भी हम ने खूब दबा कर चुदाई की…..” सिमरन उसे बताती है.

“ लेकिन आप अपने घर पर भी तो कर सकते थे….. आपको तो पूरा टाइम मिलता होगा तो ये हमारे घर पे प्लान करने की क्या ज़रूरत थी….” प्रीति सिमरन से पूछती है.

“ हर किसी की अपनी फॅंटेसी होती है, मेरा भाई मुझे नयी नयी जगह पे चोदना चाहता है…… पहले मैं भी भोली भोली हुआ करती थी. इन्फेक्ट लड़की को तो जब तक लंड नही मिलता तो वो भोली ही रहती है…..” सिमरन एक्सप्लेन करती है.

“ दीदी प्लीज़ बताओ ना कि कैसे आपने अपने भाई को फँसाया…….. मैं जान ने को बेकरार हू…….” प्रीति एग्ज़ाइटेड होते हुए बोलती है.

“ यार ये कोई वन डे स्टोरी नही है…… रिलिटी जान ने के लिए तुझे ध्यान से सुन ना पड़ेगा और इसके लिए टाइम चाहिए………” सिमरन प्रीति को बोलती है.

“ अच्छा इतना तो बता दो कि क्या आप भी चाहती थी कि आपके भाई के साथ आपका सेक्स हो जाए या फिर बस आपके भैया ही चाहते थे…….” प्रीति फिर से एक क्वेस्चन करती है.

“ चाहता तो कोई भी नही था………. ये इंसान का शरीर है ही ऐसी चीज़……….. कभी पाँव पिसल जाते है पता ही नही चलता. होश आता है तो चुदाई हो चुकी होती है और एक बार खून मूँह लग जाए तो फिर रहा नही जाता… लेकिन सब कुछ मेरे बारे मे ही पूछती रहेगी. अपने बारे मे भी बता ना कि तेरी चूत ऐसी क्यू है जैसे तू चुद चुकी है….. सच सच बता मुझे नही तो कट्टी………” सिमरन एमोशनल ब्लॅकमेल करते हुए बोलती है.

“ हाँ दीदी मैं करवा चुकी हू…………..” प्रीति अपनी निगाहे नीचे करे हुए बोलती है.

“ ओह……माइ गॉड….. ऑर तू इतनी बड़ी बात मुझसे छुपा रही है…. बोल…बोल… कौन है वो………जल्दी बोल….” सिमरन प्रीति को हग करते हुए बोलती है.

“ कुशल…………….” प्रीति आख़िर बोल ही देती है.

“ वाउ……मेरी जान मुझे तो पहले ही पता था…………. गजब………….. दुनिया के सामने उसे मारती है और दुनिया के पीछे उससे मरवाती है……… बता ना कैसा है उसका……..” सिमरन और भी एग्ज़ाइटेड होते हुए बोलती है.

“ आप क्यूँ पुच्छ रही हो……आपने तो खुद देखा है उसका……. रात को आप भी तो मिलती हो उससे….” प्रीति अंधेरे मे तीर छोड़ती है.

“ ये क्या नयी बकवास सुना रही है…. मैं मिल रही हू उससे…. लेकिन कब और कहाँ…………तुझे ऐसा किसने कहा…. कुशल ने??” सिमरन शॉक्ड होते हुए बोलती है.

“ दीदी प्लीज़ मुझे सच बताओ…. क्या आप नही थी कल रात उसके साथ…… अगर आप थी तो मुझे कोई परेशानी नही है बस आप बता दो मुझे……” प्रीति उससे रिक्वेस्ट करती है.

“ प्रीति ये क्या बोल रही है….. मैं डर कर कुच्छ करने वालो मे से नही हू…. अगर मे उसके साथ कुच्छ करती तो बता देती…. लेकिन तू मुझ पर शक क्यूँ कर रही है…….” सिमरन फिर से पूछती है.

“ दीदी…….मेरे साथ सेक्स करने के बाद वो कहीं बाहर चला गया….. आक्च्युयली मे मैं पहले झाड़ गयी और उसका काम नही हो पाया था…….. सेक्स करने के बाद मुझे उसके ही रूम मे नींद आ गयी थी….. जब मैं जागी तो रूम बाहर से बंद था… मैने आवाज़े लगाई तो वो उपर आया…….. मैने गुस्से मे उसका हथियार चेक किया तो वो गीला था… उसे चूस कर भी देखा तो उस पर किसी की पुसी का रस चढ़ा हुआ था….. मुझे पूरा यकीन है कि वो किसी के साथ सेक्स करके आया था… मैने बहुत पुछा लकिन उसने नही बताया कि वो किसके साथ था…. और तो कोई लड़की हमारे यहाँ नही आती तो मेरा शक आप गया…….. लेकिन अगर आप भी मना कर रही है तो किसके साथ था वो…..” प्रीति सोचते हुए बोलती है.

“ हा हा हा हा हा हा……. अभी भी नही समझी………..” सिमरन हंसते हुए बोलती है.

“ क्या…??” प्रीति उससे पूछती है.

“ पागल वो तेरी मा को चोद रहा है…….. वैसे भी तेरी मा है ही इतनी हॉट की कोई भी चोद दे………. देख लेट नाइट कोई और तो तेरे घर नही आ सकती यहाँ तक मैं भी नही…… उसने तेरा गेट भी इसीलिए बंद किया कि कहीं तू आकर देख ना ले………..” सिमरन प्रीति को समझाती है.

“ ओह….माइ गॉड…….उसने मा को भी फँसा लिया… लेकिन कभी ऐसा लगा नही कि दोनो के बीच ऐसा हो सकता है……. और मोम को क्या ज़रूरत है कुशल से करने की. डॅड तो है ना………..” प्रीति फिर से कुच्छ सवाल करती है सिमरन से.

“ सुन….. लेडी कभी बोलती नही लेकिन वो भी टेस्ट चेंज करना चाहती है. एक बात को तो अब मैं यकीन के साथ कह सकती हू कि कुशल का लंड दम दार है नही तो वो शादी शुदा लेडी उससे नही फँसती….. क्या साइज़ होगा उसके लंड का……..” सिमरन प्रीति से पूछती है.

“ मैने कभी नापा तो नही लेकिन 8 इंच से कम नही होगा……. मोटा बहुत है… पहली बार मे तो जैसे मैं मर ही गयी थी……. “ प्रीति बताती है.

“ मेरी जान बहुत लकी है तू…. लड़के मिल जाते है लेकिन अच्छे लंड नही मिलते….. तेरी मा को पता चल गया कि कुशल का लंड धान्सु है और इसीलिए तेरे डॅड के जाते ही उसने अपना काम करा लिया…..” सिमरन उसे समझाती है.

“ लेकिन अब मैं क्या करू…. मैं चाहती हू कि वो मुझ पर ध्यान दे……. ऐसा कैसे चलेगा…..” प्रीति परेशान होते बोलती है

“ कम ऑन स्वीटी… चियर अप. दिमाग़ से काम ले और अपना काम निकाल……. तुझे कौन सा हमेशा घर रहना है… एक दिन शादी करके चली जाएगी और दबा दब लंड खाएगी…. तो सीरीयस मत हो और कुशल को खुद भी आज़ादी दे कि जिसे चाहे उसे चोद सके वो…… लड़को को ऐसी पाबंदी पसंद नही होती है…… उसकी एक अच्छी दोस्त बन कर रह… खुद चुद भी और उससे औरो को भी चुदवा. ऐसे ही तेरा फॅन हो जाएगा वो…. हाँ लेकिन सेक्सी लुक मेनटेन करके रह….. हुस्न की बिजलिया गिराती रह……….” सिमरन उसे और ज्ञान देती है.

“ तो क्या आपके भाई भी किसी और के साथ करते है…………?” प्रीति सिमरन की आँखो मे देखते हुए पूछती है.

“ वो क्या मुझे मौका मिले तो मैं भी कर लू किसी और के साथ…. इसमे बुराई क्या है. मेरा भाई ओपन माइंडेड है…… अक्सर पार्टी वग़ैरा मे बजा देता है लड़कियो को और मुझे बता भी देता है….. मैं तो बुरा नही मानती….” सिमरन उसे और समझाती है.

“ प्लीज़ बताओ ना कि कैसे आपके और आपके भाई के रीलेशन बने……. बड़ा एग्ज़ाइट्मेंट है मेरे दिल मे ये जान ने के लिए……” प्रीति फिर से रिक्वेस्ट करती है.

“ तो एक काम कर….. तू एक रात के लिए यहाँ रहने आजा तो तुझे सारी कहानी सुनाउन्गा…………” सिमरन प्रीति को इन्वाइट करती है.

“ लेकिन क्या आपके भाई घर पर नही होंगे…………?” प्रीति पूछती है.

“ अगर एक रात नही चुदुन्गि तो क्या तूफान आ आ जाएगा…… तुझसे ही प्यार कर लूँगी जैसे आज किया है…..” सिमरन स्माइल करते हुए बोलती है.

“ लेकिन मैं घर पर क्या बोलूँगी……….?” प्रीति सिमरन से फिर से क्वेस्चन करती है.

“ मेरी जान…….. तुझे कोई नही रोकेगा…. तेरी मा तुझे खुद ही हाँ कर देगी क्यूंकी कुशल जैसे जवान लड़के का लंड मिल रहा है उसे………… तेरे जाने से उनका काम आसान हो जाएगा… तू मेरा नाम लेकर आजा…..” सिमरन उसे समझाती है.

“चलो मैं देखती हू…….” प्रीति स्माइल करते हुए बोलती है.

“ लेकिन फिर तभी कुशल और अपनी स्टोरी बताएगी कि कैसे बात बनी तुम दोनो की….. ओके?” सिमरन अपनी शर्त रखती है.

“ पक्का…. प्रॉमिस. अच्छा अब मुझे चलना चाहिए……” प्रीति खड़े होते हुए बोलती है.

“ चल मैं तुझे घर छोड़ देती हू………….” सिमरन भी उसके साथ खड़े होते हुए बोलती है.

दूसरी तरफ

सिचुयेशन तो बदल चुकी थी लेकिन हम वहीं से शुरू करते है जहाँ से छोड़ी थी.

आराधना बस अब पंकज का इंतेज़ार कर रही थी और उसने अभी अभी वो ही सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी लेकिन थोड़ी परेशान भी थी. डोर बेल बजती है – ट्रिन्न्नन्न्न्न…….

इस बार गेट खोलने से पहले वो हॉक आइ मे से देखती है तो पंकज ही था. वो अपने बालो को फिर से सही करती है… दुपट्टा हटाती है और बूब्स की विज़िबिलिटी को बढ़ाते हुए गेट खोलती है –

“ हाई डॅड……” और कस कर पंकज को हग करती है. उसके टाइट बूब्स पंकज के सीने मे घुस जाते है. लेकिन पंकज शो नही करता.

पंकज कुच्छ खाने का सामान लाया था जिन्हे वो चेर पर रखता है.

“ डॅड….आपको पुच्छने एक फॅमिली आई थी….” आराधना इन्फर्मेशन पंकज को देती है.

“ कौन लोग थे…? पंकज पूछता है.

“ पता नही लेकिन वो इसी होटेल मे रूके है और इसी फ्लोर पर है……” आराधना उसे बताती है.

“ ओःह्ह्ह… तो वो यहाँ आया था….. वो ही तो कमीना सेकेंड कॉंट्रॅक्टर है जो मुझे कांट्रॅक्ट लेने नही दे रहा है……….” पंकज गुस्सा होते हुए बोलता है.

“ डॅड वो अपनी वाइफ के साथ आया था और…..और……” आराधना आगे बताते हुए थोड़ी घबरा जाती है…..

“ और क्या..?? बताओ मुझे…..” पंकज पूछता है.

“ उन्होने मुझे ऐसे कपड़ो मे देखा तो ये समझा कि मैं आपकी वाइफ हू…. और घबराहट मे मैं उनकी किसी बात का जवाब नही दे पाई…. वो यही सोच रहे है कि हम हज़्बेंड वाइफ है…….” आराधना सारी बात बता देती है.

“ ओह्ह्ह्ह…. नो…. अब तो हम ये भी नही बोल सकते कि हमारा असली रीलेशन क्या है… खैर वो हमे जानता तो है नही……. कुच्छ दिन अब हमे हज़्बेंड वाइफ बन कर ही रहना पड़ेगा……….” पंकज परेशान होते हुए बोलता है.

लेकिन आख़िर क्या बात थी कि तुमने इतनी सेक्सी ड्रेस ये दिन मे ही पहन ली……” पंकज मुस्कुराते हुए आराधना से पुछ्ता है.

“ सेक्सी ड्रेस की बात नही है…. पता नही बॉडी मे ही क्या हो रहा है कि हर कपड़ा मुझ पर सेक्सी लगता है…….” आराधना ने भी सेक्सी वाय्स मे पंकज से कहा.

दोनो मे शान्ती रहती है और पंकज अपनी शर्ट के बटन खोलने लगता है क्यूंकी वो उसे उतारना चाहता था. आराधना धीरे धीरे उसके पास पहुँचती है और खुद ही उसके बटन खोलने लगती है. बटन खोलने के टाइम आराधना की सॉफ्ट सॉफ्ट उंगलियाँ पंकज के बालो भरे सीने मे टच हो रही थी. अभी ना तो रात थी और ना ही दिन लेकिन फिर भी पंकज का लंड खड़ा होने लगा था.

पता नही क्यू वो आराधना से शरमा सा रहा था. शर्ट के सारे बटन खोलने के बाद आराधना उसे खुद उतारती है. उतारने के लिए उसे थोड़ा सा आगे होने पड़ता है क्यूंकी पंकज की बाजू मे से शर्ट को बाहर निकालना था. जैसे ही आराधना थोड़ा आगे होती है तो उसके बूब्स भी पंकज के सीने मे चुभने लगते है और दूसरी तरफ उसकी डीप नेक नाइटी मे उसके गोरे गोरे और मोटे मोटे बूब्स क्लियर दिखाई दे रहे थे.

पंकज का तो मूँह खुला का खुला रह जाता है और आराधना ये सब देख कर हँसी आ रही थी. खैर उसकी शर्ट उतारने के बाद आराधना उसे टी-शर्ट देती है और शर्ट को बाथरूम मे टाँग देती है कि लौंड्री बॉय को बुला कर दे दूँगी.

“ डॅड, आज कहीं घूमने चले……” आराधना शर्ट को बाथरूम मे डालने के बाद पंकज से पूछती है.

“ कहाँ चलना है घूमने………?” पंकज टीशर्ट पहनते हुए बोलता है.

“ कहीं पर भी…. मुझे तो देल्ही के बारे मे कुच्छ पता ही नही है…..” आराधना भी एक प्यारी सी स्माइल के साथ बोलती है.

“ चलो मैं कुच्छ अच्छी जगह देखता हू…. और फिर चलते है…………..” पंकज की इस बात को सुन कर आराधना भाग कर उसे हग कर लेती है.

दोनो की नज़रे मिलती है तो शरमा कर आराधना की हँसी कम हो जाती है. अभी आराधना के होंठ पंकज के होंठ के बिल्कुल करीब थे… आराधना के लिप्स पर लगा हुआ लिप ग्लॉस इतना जुवैसी बना रहा था उसके लिप्स को कि पंकज भी ये देख कर पागल हो रहा था. दोनो के लिप्स धीरे धीरे एक दूसरे की तरफ बढ़ते है …..

ट्रिन्न्नन्नन्नन्न्न……… डोर बेल फिर से बजती है. दोनो फिर से होश मे आते है और लग हो जाते है. आराधना एक जोड़ी कपड़े लेकर बाथरूम मे घुस जाती है और पंकज गेट खोलता है.

पंकज आगे बढ़ कर गेट खोलता है तो देखता है कि सामने वो ही खड़ा हुआ था जो पहले आया था.

“ नमस्कार ग्रोवर जी…….” सामने खड़ा हुआ आदमी पंकज को हाथ जोड़ कर नमस्कार करता है.

“ नमस्कार शेट्टी जी……” पंकज भी उसको हाथ जोड़ कर नमस्कार करता है और उसे अंदर आने के लिए जगह देता है.

वो इंसान अंदर आकर चेर पर बैठ जाता है. और फिर बात करना शुरू करता है –

“ मैं पहले भी आया था…… बताया नही आपकी वाइफ ने…..” वो आदमी पुछ्ता है.

“ मेरी वाइफ…….??? ओह्ह्ह येस….. हाँ बताया उन्होने लेकिन बस मैं अभी कुच्छ 5 मिनिट पहले ही आया हू………” पंकज कन्फ्यूषन से बाहर निकलते हुए बोलता है.

“ अभी दिखाई नही दे रही है मेडम……..” वो आदमी रूम मे देखता हुआ बोलता है.

“ नही वो बाथरूम मे है………….??” पंकज आर्टिफिशियल स्माइल करते हुए कहता है.

“ कुच्छ भी कहो ग्रोवर जी, अच्छा ग्रो किया है आपने बिज़्नेस मे…. ऐसी वाइफ ढूँढ ली कि अंबानी को भी जलन हो जाए…..” उस आदमी ने ये बात थोड़ी लाउड वाय्स मे की और ये आवाज़ आराधना भी सुन रही थी जो कि बाथरूम मे इस आदमी के जाने का इंतेज़ार कर रही थी.

“ वाइफ तो आपकी भी कम नही है शेट्टी जी……..” पंकज भी उसे बोलता है. आक्चुयल मे पंकज इस बात को बस ख़तम करना चाहता था.

“ इसीलिए तो बस अभी काम कर के आ रहा हू…..क्या करू बहुत फुदक्ति है बेड पे…. हा हा हा हा हा” शेट्टी हंसते हुए बोलता है और पंकज भी उसकी बात मे हंस देता है.

आराधना अंदर ये सब सुन रही थी और हैरान थी कि क्या मर्द लोग अपनी वाइफ के बारे मे ये सब बाते कर लेते है. वो इस बात से भी हैरान थी कि कैसे पंकज भी उसकी वाइफ के लिए ये बोल रहा है कि वो भी कम नही है.

“ और बताइए कैसे आना हुआ…..?” पंकज ग्लास मे विस्की डालते हुए शेट्टी से पुछ्ता है और फिर वो ग्लास शेट्टी को ऑफर करता है.

“ पता चला कि आप इसी फ्लोर पर रहते हो तो सोचा की मिल लू……. रूम पर आया तो आपकी हॉट वाइफ से मुलाकात हो गयी………….” शेट्टी अपने हाथ मे विस्की का ग्लास पकड़ते हुए बोलता है.

“ नही आक्चुयल मे…. कांट्रॅक्ट के सिलसिले मे बाहर गया था…..” पंकज अपने लिए भी एक ग्लास मे विस्की डालते हुए बोलता है.

“ अरे ग्रोवर साहिब, क्या करोगे इतना पैसा कमा कर……. उपर वाले ने इतनी खूबसूरत बीवी दी है…. थोड़ा टाइम वहीं गुजारो……..” शेट्टी पंकज के साथ चियर्स करते हुए बोलता है.

“ नही शेट्टी जी…. लाइफ मे आगे बढ़ना भी कोई चीज़ है बाकी सब तो चलता रहता है. अब आप ही को लीजिए, आपकी वाइफ भी कम हॉट नही है लेकिन आप भी तो अपना हाथ इस कांट्रॅक्ट से नही खींच रहे है……..” पंकज भी धीरे धीरे मैं पॉइंट पर आ जाता है.

“ ग्रोवर जी…. हम तो अपने जहाज़ को कई सालो से उड़ा रहे है. आपको तो पता ही है कि इंसान किसी भी चीज़ से इतना जल्दी बोर नही होता जितनी जल्दी चूत से हो जाता है. लेकिन आपने ने तो एकदम नयी चूत ढूंढी है…. कब की शादी आपने……………?” शेट्टी अपना पेग लगाते हुए बोलता है.

पंकज को गुस्सा भी आ रहा था कि वो आराधना के लिए ऐसे बोल रहा था लेकिन वो कुच्छ रिक्ट नही कर रहा था शायद कांट्रॅक्ट के सिलसिले मे.

“ अभी 6 महीने हुए है………” पंकज भी अपने पेग को पीते हुए झूठ बोल देता है.

“ तो अभी तो सही से खुली भी नही होगी………” शेट्टी हंसते हुए फिर से आराधना की चूत के बारे मे बोलता है. आराधना ये सब सुन रही थी लेकिन वो आराम से बाथरूम मे थी और इंतेज़्ज़र कर रही थी कि कब शेट्टी जाए और वो बाहर आए.

“ और सूनाओ…..आज का क्या प्लान है…… क्यू ना कहीं डिन्नर पर चले……” शेट्टी पंकज से पुछ्ता है.

“ आज नही……. हम ने कहीं बाहर घूमने का प्लान बनाया है…… फिर कभी देखेंगे….” पंकज फिर से बात को टालते हुए बोलता है.

“ ओह… रियली?? कहाँ घूमने जा रहे हो…… हम भी आपके साथ ही चलेंगे….. रूम मे पड़े पड़े उसकी चूत मार मार कर बोर हो गया हू………” शेट्टी फिर से अश्लील शब्द यूज़ करता है.

“ अभी प्लान तो नही बनाया है…. मैं अपनी वाइफ से पुच्छ कर बता दूँगा कि कहाँ जा रहे है……….” पंकज फिर से इस मॅटर को ख़तम करना चाहता था.

“ नेकी और पुच्छ पुच्छ…. अभी पुच्छ लेते है…….” ये बोल कर शेट्टी अपनी चेर से खड़ा होता है और बाथरूम की तरफ बढ़ जाता है. पंकज को इतना टाइम भी नही मिलता की वो कुच्छ सोच पाए…..

“ भाभी जी….. ओ भाभी जी……..” शेट्टी बाथरूम के गेट पर खड़े होकर आराधना को आवाज़ लगाने लगता है.

पहले तो आराधना कोई आवाज़ नही देती लेकिन फिर उसके बार बार बोलने पर आवाज़ दे ही देती है.

“ जी भाई साहिब……… बोलिए क्या बात है…..” आराधना रूखी सी आवाज़ मे अंदर से आवाज़ देती है. आक्चुयल मे वो सारी स्टोरी सुन रही थी.

“ ग्रोवर जी ने बताया कि आप दोनो कहीं घूमने जा रहे है….. हम भी चलते है ना. अच्छी कंपनी मिल जाएगी आपको……. हमारी मेडम भी आप जैसी खूबसूरती से मिल कर खुश हो जाएँगी.

“ मुझे तो देल्ही के बारे मे कुच्छ आइडिया नही है…. जहाँ भी ले जाएँगे डॅडी ही…… मेरा मतलब होने वाले बच्चो के डॅडी ही ले जाएँगे…” आराधना तो जैसे बाल बाल पकड़े जाने से बची.

“ तो चलो मैं उन्ही से पुच्छ लेता हू…. अगर दोनो फॅमिली कहीं साथ चले तो आपको तो कोई परेशानी नही है ना…….” शेट्टी फिर से क्वेस्चन करता है आराधना के साथ.

“ मुझे…. मुझे भला….. क्या परेशानी होगी………” आराधना इसके सिवाय और कुच्छ बोल भी नही सकती थी.

शेट्टी अपनी बेशर्मी से आराधना की हां करा चुका था. और इसके बाद पंकज भी कुच्छ नही कर सकता था.

“ तो ग्रोवर जी, अब तो गवर्नमेंट ने भी हाँ कर दी है…… बताएए कि अब कहाँ घुमा कर ला रहे है……..” शेट्टी फिर से चेर पर बैठते हुए बोलता है.

“ अब तो आप ही बताएए कि क्या प्लान है….. कहाँ चलना है चल देंगे………..” पंकज भी और क्या कर सकता था.

“ क्यूँ ना ईव्निंग मूवी चले……. और फिर डिन्नर करने चलेंगे………. क्यूँ क्या सोचते हो….?” शेट्टी पंकज से पुछ्ता है.

“ हाँ… शायद यही ठीक है….चलो तो आप रेडी हो जाओ नही तो ईव्निंग शो मिस हो जाएगा…….” पंकज उसे रूम से बाहर भेजने की ये एक ट्रिक और इस्तेमाल करता है.“ हाँ आप ठीक कहते हो….. मैं भी अपनी मेडम से बोलता हू कि जल्दी से तैयार हो जाए.” ये बोल कर वो बाहर चला जाता है. पंकज गेट बंद करता है और आराधना का बाथरूम का डोर नॉक करता है.

“ आरू.. गया वो अब गेट खोलो…..” पंकज आवाज़ लगाता है.

आराधना गेट खोल कर फिर से बाहर आ जाती है.

“ क्या हुआ डॅडी……. ?” आराधना पंकज से पूछती है.

“ नही… कुच्छ नही बेटे… तुम तैयार हो जाओ और हम चल रहे है.

“ लेकिन कहाँ…….?” आराधना ऐसे बनते हुए बोलती है जैसे उसे कुच्छ अंदर सुनाई नही दे रहा था.

कुच्छ नही… पहले मूवी देखेंगे और फिर डिन्नर करेंगे……” पंकज उसे इनफॉर्म करता है.

“ लेकिन इन्ही लोगो के साथ चलेंगे….?” आराधना पंकज से पूछती है.

“ हाँ इन्ही के साथ चलेंगे…… पीछा ही नही छोड़ रहा था तो इसीलिए मैने भी हाँ हाँ कह दिया. खैर अब टाइम वेस्ट मत करो और तैयार हो जाओ. थोड़े ट्रडीशनल कपड़े पहन लेना…….” पंकज आराधना को समझाता है.

आराधना मौके को समझते हुए फिर से बाथरूम मे चली जाती है और तैयार होने लगती है.

दूसरी तरफ

कुशल प्रीति के जाने के बाद नहाता है और एक्सर्साइज़ करने के बाद अपने रूम मे रेस्ट करता है. कुच्छ देर के लिए उसकी आँखे भी लग जाती है. जब वो जागता है तो घड़ी को देखता है. वो थोड़ा हैरान था कि स्मृति आज उसका ब्रेकफास्ट लेकर नही आई.

कुशल नीचे जाने का फ़ैसला करता है. वो अच्छे से मूँह को फ्रेश करता है और कपड़े पहन कर नीचे जाने लगता है. किचन और हॉल मे उसे कोई नही दिखाई देता. वो काफ़ी हैरान था कि आख़िर इस टाइम मे भी स्मृति बाहर नही है.

धीरे धीरे आगे बढ़ने पर देखता है की स्मृति अपने बेड रूम मे ही है और आराम से बेड पर लेटी हुई थी. कुशल थोड़ा हैरान था क्यूंकी ये स्मृति का कोई ऐसे लेटने का टाइम नही था. वो धीरे धीरे आगे बढ़ता है और –

“ हाई, गुड मॉर्निंग मोम…… क्या हो रहा है……..” कुशल की वाय्स मे एक एनर्जी थी.

“ कुच्छ नही बस ऐसे ही लेटी हू……..” स्मृति की वाय्स मे एक रूखा पन था.

“ क्या हुआ मोम….सब सही तो है??? या डॅड की याद आ रही है…………” कुशल अपनी मोम के साइड मे बैठते हुए बोलता है.

“ याद मुझे नही तो क्या तुझे आएगी…………” स्मृति फिर से रूखा सा रिप्लाइ करती है.

“ नो मोम……. मुझे इतनी याद नही आएगी……. मैं गे थोड़े ही हू….. हे हे हे हे” कुशल थोड़ा सा फन क्रियेट करने की कोशिश करता है.

“ बकवास मत कर…….. रात कहाँ सो गया था लाइयन…..” स्मृति उसका चेहरा देखते हुए पूछती है.

“ मोम……वो मोम नींद आ गयी थी……” कुशल थोड़ा झिझकते हुए बोलता है.

स्मृति खड़ी होकर फिर कुशल के कान पकड़ कर खींचती है.

“ क्या एक थप्पड़ और खाएगा……… तुझे पहले भी समझाया है ना कि जब भी लाइयन की बात होती है तो मैं तेरी मोम नही होती हू…… लेकिन तुझे समझ नही आता है…. है ना??” स्मृति गुस्सा होते हुए बोलती है.

“ ओह्ह्ह…. सॉरी सॉरी… प्लीज़ मेरा कान तो छोड़ो……..” कुशल गिड्गिडाते हुए बोलता है.

“ क्यूँ कान पकड़े जा रहे है भाई………..” इस आवाज़ से दोनो की निगाहे बेड रूम के डोर की तरफ मूड जाती है. ये आवाज़ किसी और की नही बल्कि प्रीति की थी जोकि सिमरन के घर से आ चुकी थी.

स्मृति और पंकज दोनो ही प्रीति को देख कर शॉक्ड हो जाते है लेकिन शो नही करते.

“ तू कब आई……..?” स्मृति कुशल का कान छोड़ते हुए बोलती है.

“ मैं तो अभी आई…. बाहर सिमरन दीदी मिल गयी थी तो उनके घर चल गयी थी…. घर आई तो देखा कि आपके रूम से थोड़ी आवाज़ आ रही थी तो आ गयी…..” प्रीति और रूम मे आगे बढ़ते हुए बोलती है.

प्रीति आगे बढ़ कर कुशल के साइड मे बैठ जाती है.

“ क्यूँ परेशान कर रहा है मोम को…… मुझे परेशान करके तेरा पेट नही भरता क्या……” प्रीति शायद कुशल से ये बोलना चाहती थी कि मेरी चुदाई से मन नही भरता जो अब मोम को भी चोदने लगा है.

“ मोम को कुच्छ परेशानी नही है तो तुझे क्यू होने लगी…………” कुशल भी उसे टेढ़ा जवाब देता है.

“ मोम को क्यू परेशानी होगी…. आख़िर तू उनका फेवोवरिट बेटा है……. क्यू मोम…..” प्रीति मोम की तरफ देखते हुए बोलती है.

“ तुम भी ना हमेशा लड़ते रहते हो…….” स्मृति बेड पर से खड़े होते हुए बोलती है.

“ मोम… वो आक्च्युयली…. कल रात मुझे सिमरन दीदी अपने साथ रुकने को बोल रही है….. आक्च्युयली उनके घर कोई नही है ना…….. क्या मैं रुक जाउ उनके साथ…….” प्रीति बहुत ही इनोसेंट बनते हुए बोलती है.

“ तो सिमरन से ही बोलो ना कि वो एक रात हमारे यहाँ रह ले………..” स्मृति अपने बालो को कोंब करते हुए बोलती है.

“ मोम…. लेकिन घर को ऐसे अकेले भी नही छोड़ सकते ना……….. मेरे ख्याल से प्रीति को ही रुक जाना चाहिए. और वैसे भी सिमरन आराधना दीदी की ही खास दोस्त है…..” प्रीति बोलती इससे पहले ही कुशल बोल पड़ता है.

प्रीति हैरान थी और उसे सिमरन की बात भी याद आ रही थी कि उसको सब भेजना ही चाहेंगे. दूसरी बात उसके दिमाग़ मे ये आ रही थी कि आख़िर मोम की पुरानी चूत मे ऐसा क्या है जिसकी वजह से कुशल उसकी जवान चूत को इग्नोर कर देता है.

“ कह तो सही रहा है….. ओके चल फिर तो कल रात तो सिमरन के ही रुक जा नही तो आराधना नाराज़ हो जाएगी…..” स्मृति भी कुशल की हाँ मे हाँ मिलाती है.

“ ओह्ह तो अब दोनो ही एक ट्रॅक पर है……..” प्रीति अपने मन मे सोचती है.

“ कुशल तू प्लीज़ मेरे साथ उपर चल……… मुझे तेरी हेल्प चाहिए.. कुच्छ उपर रखा है और उतरवाना है तुझसे……..” प्रीति खड़े होते हुए कुशल की तरफ देखते हुए बोलती है.

“ तू जा अभी मेरे पास टाइम नही है………” कुशल भी उसे रूखा सा जवाब देता है.

“ ऐसा कौन सा महान काम कर रहा है तू यहाँ….. बता तो सही मुझे……” प्रीति गुस्से मे बोलती है.

“ लड़ क्यूँ रहे हो…. चला खड़ा हो जा और बहन की हेल्प कर दे………… चल जा यहाँ से….” स्मृति कुशल को डाँट लगाते हुए बोलती है.

कुशल गुस्से मे खड़ा होता है और बाहर निकल जाता है. प्रीति धीरे धीरे उसके पीछे चल देती है. कुशल थोड़ा तेज तेज चल रहा था लेकिन रूम से निकलते ही प्रीति भी अपने कदमो को बढ़ाती है.

“ कहाँ जाना है भाग कर……. गुस्से मे क्यू है तू इतना….” प्रीति पीछे से बोलती है.

“ तुझसे मतलब….. तू तो घूम आई ना……….. अब मेरा क्यू मूड खराब कर रही है…….” कुशल रुक कर पीछे मुड़ता है और बोलता है.

“ घूम तो तू भी बहुत रहा है… तो इसमे माइंड करने वाली बात क्या है….” प्रीति उसके पास से गुज़रते हुए बोलती है और उसके कंधे से अपने बूब्स रगड़ देती है. एक पल को तो कुशल की बोलती बंद हो जाती है सिर्फ़ उसके बूब्स के टच से ही. ऐसा करके प्रीति उपर की तरफ चल देती है और कुशल उसकी मटकती हुई गान्ड को देखता रह जाता है.

जब होश आता है तो कुशल भी पीछे पीछे हे चल देता है. कुशल एक टाइम को तो जैसे अपने होश खो चुका था.

धीरे धीरे दोनो उपर पहुँचते है.

“ जल्दी बोल क्या काम है…..” कुशल बनावटी गुस्से के साथ पीछे से ही बोलता है.

“ बेड रूम मे चल ना…. वहीं काम है….” प्रीति अपनी सेक्सी वाय्स मे बोलती है. उसकी सेक्सी आइज़ कुशल की आइज़ मे झाँक रही थी. और ये बोल कर प्रीति फिर से मुड़ती है और अपने बेड रूम मे एंटर हो जाती है, एंटर होने से पहले वो कुशल को मूड कर देखती है और प्यारी सी स्माइल देती है.

कुशल पागलो की तरह उसके पीछे पीछे भागता है और उसके रूम मे एंटर होता है. प्रीति अपना पर्स साइड मे रखती है और अपने बालो मे हाथ फिराते हुए कुशल की तरफ मुड़ती है.

“ सच बता कहाँ काम करा कर आ रही है अपना…..?” कुशल गुस्से मे पुछ्ता है.

“ मुझे….. मुझे कोई ज़रूरत नही है….. तू बोल कि आख़िर कौन है जो तुझे अपना माल परोस रही है…..” प्रीति भी गुस्से मे उसकी तरफ देखते हुए बोलती है.

“ इतनी हॉट बन कर बाहर जाती है….. मुझे अच्छा नही लगता…….” कुशल गुस्से मे बोलता है..

“ तो क्या बुर्क़ा पहन कर जाउ…… अब इसमे मेरी क्या ग़लती है कि मैं हू ही इतनी हॉट……” प्रीति स्माइल करते हुए अपनी टीशर्ट का बटन खोलते हुए बोलती है.

“ और सिमरन क्यूँ बुला रही है तुझे… तेरी चुदाई का अरेंज्मेंट कर लिया है क्या उसने………??” कुशल अपनी निगाहे उसके बूब्स से हटाते हुए बोलता है.

“ हा हा हा हा….. पागल वो एक लड़की है…. और लड़की….लड़की वो नही कर सकती जो तू कह रहा है….. हा हा हा हा” प्रीति फिर से हंसते हुए बोलती है.

“ जब तक तू अपनी चूत और गान्ड अच्छे से फाट्वा नही लेगी ना… तुझे चैन नही मिलेगा. इस सिमरन के चक्कर मे मत पड़ तुझे बता रहा हू…….” कुशल गुस्से मे बोलता है.

प्रीति आगे बढ़ती है और उसके सीने से अपना सीना मिलाते हुए बोलती है –“ तो क्या तेरे चक्कर मे पडू जो मुझे रात को बंद करके पता नही कहाँ भाग जाता है……” प्रीति उसे फिर से ताना मारती है.

“ तू तो एक बात के ही पीछे पड़ गयी है…. कहाँ ना कि मास्टरबेशन करने गया था……..” कुशल फिर से झिझकते हुए बोलता है.

प्रीति उसका कॉलर पकड़ती है और अपनी तरफ खींचती है –“ मेरे होते हुए मास्टरबेशन करता है तो मुझे इन्सल्ट फील होती है.” प्रीति के बूब्स कुशल के सीने मे फिर से गढ़ चुके थे.

कुशल से फिर नही रहा जाता और फिर से वो अपने होंठ प्रीति के होंठो पर रख देता है. किस करते करते ही वो उसे बेड पर गिरा देता है और अपनी टीशर्ट उतार देता है. टीशर्ट उतारने के बाद वो अपनी जीन्स भी उतार देता है.

“ आज तेरी इतनी चुदाई करूँगा कि तेरी चूत भी लंड से डरेगी…….” इतना बोलते ही प्रीति बेड पर घुटनो के बल आती है और खुद ही उसकी जीन्स खोलने लगती है. थोड़े ही टाइम मे कुशल का लंड उसके हाथ मे था.

“ मास्टरबेशन कहीं भी किया हो लेकिन माल तगड़ा है ये…….” प्रीति कुशल के लंड को खिलाते हुए बोलती है.

“ मेरी जान बस अब इसे अपने होंठो से छुआ दो इसे…… चूसो इसे मेरी जान……. उफफफफफफफफफफफ्फ़…….” कुशल की आँखे बंद हो चुकी थी. आक्च्युयली मे सिमरन के साथ किए लेस्बो सेक्स से प्रीति और भी ज़्यादा गरमा गयी थी और लंड के लिए तरस रही थी.

वो अपने जुवैसी लिप्स उसके लंड पर फिर से लगा देती है…

“ ऐसे ही चूस इसे….. आअहह…. पूरा ले ले……………उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़” कुशल मस्त हो चुका था.

प्रीति भी अपना पूरा रोल प्ले कर रही थी और तेज धक्को के साथ उसके लंड को चूस रही थी. कुशल उसके मूँह को आगे पीछे होता हुआ देख कर और भी एग्ज़ाइटेड हो रहा था.

“ आहह…….. प्रीतीईईईईईईईईईईईईईईईईई…………मेरी ज़ाआआआनाआआआन्न्*ननननननणणन्………..” कुशल की आँखे मस्ती के समुंदर मे गोते लगा रही थी.

करीबन ऐसे ही कुच्छ देर लंड चुसवाने के बाद प्रीति अपने होंठ हटाती है… लेकिन कुशल तब तक बहुत एग्ज़ाइटेड हो चुका था.

“ मेरी जान आज तुझे घोड़ी बना कर चोदना चाहता हुउऊउउ….. मेरे पास आ जा मेरी जान……” कुशल के ये नये नये स्टाइल प्रीति को पसंद नही आ रहे थे लेकिन प्रीति अपनी मोम के साथ हो रहे कंपटिशन को जितना चाहती थी जिसकी वजह से उसने कुशल की हर बात मान ने की तैयारी की और चुप चाप अपनी जीन्स उतार देती है. कुशल आगे बढ़ कर एक झटके मे उसकी टीशर्ट उतार देता है और ब्रा तो जैसे हुक ही तोड़ देता है…..

“ आअहह…. कुशल आराम से……… मैं कोई बाहर से नही आई हू……….” प्रीति को उसके इस बिहेवियर से थोड़ा पेन होता है.

प्रीति को कुच्छ ही सेकेंड्स मे पूरी नंगी कर देता है कुशल और अपनी ताक़त के बल पर एक ही झटके मे उसे डॉगी पोज़िशन मे ले आता है. हाथ पर ढेर सारा थूक लगा कर वो उसकी चूत पर थूक लगाता है और लंड निशाने पर टिका देता है आंड धकककककककककक. एक तेज झटके के साथ आधा लंड सीधा अंदर जाता है…

“ आआऊऊओ…. कुशल मेरी फट गयी प्लीज़………………… इतना पेन तो फर्स्ट टाइम मे भी नही हुआ………आाआआईयईईईईईईईईईईई……प्लीज़ आराम से……” प्रीति को पेन हो रहा था.

लेकिन कुशल तो पता नही किस धुन मे था. थोड़ा सा थूक और लगाता है और बिजली की स्पीड से धक्के लगाने लगता है……..

“ उफफफफफफफ्फ़………. कुशल ऐसे लग रहा है जैसे……जैसे पेट तक पहुँच गया है…. प्लीज़ आराम से कर…… आअहह” प्रीति के चेहरे पर अब थोड़े शांति के भाव थे.

कुशल धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था.

“ आआहहह….इस्शह………………कुशल………………..माइ बोययय्यययययययययी…….आराम से……….उफफफफफफफफफफफफफ्फ़” प्रीति मस्त हो चुकी थी.

प्रीति की चूत से निकलने वाला पानी और उसमे दबा दब घुसने वाला लंड सिर्फ़ फुच फुच की आवाज़े पैदा कर रहा था. पूरा रूम बस इन्ही आवाज़ो से गूँज रहा था.

दूसरी तरफ

आराधना तैयार हो चुकी थी. वो बाथरूम से तैयार होकर बाहर आती है तो खुद पंकज भी हैरान हो जाता है. उसने ग्रीन साड़ी पहनी थी.

आज आराधना ने सेक्सी नही बल्कि ब्यूटिफुल स्टाइल रखा अपने लिए. एक फादर होने के नाते पंकज चुप ही रहा लेकिन वाकई मे आराधना को देख कर वो शॉक्ड था. आराधना लाइट पिंक लिपस्टिक लगाती है और थोड़ा सा मास्केरा लगती है. अपनी हाइ हील सॅंडल्ज़ निकाल कर वो पहन ने लगती है. सॅंडल्ज़ पहन ने के लिए उसे अपनी साड़ी थोड़ी उपर करनी पड़ती है.

जैसे ही वो साड़ी को थोडा सा उपर करती है, उसकी गोरी गोरी टांगे पंकज के सामने नंगी हो जाती है. ऐसे कामुक सीन देख कर कोई अपने मन को कैसे कंट्रोल करे. पंकज की निगाहे जैसे हट ही नही रही थी. जैसे ही आराधना उपर की तरफ देखती है तो पंकज थोड़ा हेज़िटेट हो जाता है और नज़रे चुरा लेता है. आराधना ये देख कर हँसने लगती है लेकिन कुच्छ कहती नही.

“ डॅड……, आपने ट्रडीशनल क्लोद्स पहन ने के लिए क्यू कहा…………??” आराधना अपनी साड़ी का पल्लू सही करते हुए पंकज से पूछती है.

“ इंडियन फॅमिली के साथ बेटे ऐसे ही जाते है…… और वैसे भी अब वो तुम्हे मेरी…. मेरी वाइफ समझ रहे है तो ऐसे ही कपड़े सही है…” पंकज ये बात बोलते हुए झिझक रहा था.

“ चलो कोई बात नही….. वैसे भी बस आज ही की तो बात है…….” आराधना अब तक अपनी साड़ी का पल्लू सही कर चुकी थी.

“ तो अब क्या वो आएँगे या हम चलें…….” आराधना पंकज से पूछती है.

“ हाँ अब हम दोनो तो रेडी है तो चलो उन्ही के रूम मे चलते है….. देखते है कि उन्हे कितना टाइम लगेगा…………” पंकज और आराधना दोनो बाहर की तरफ चल देते है.

दोनो रूम से बाहर आते है और पंकज रूम कार्ड निकाल कर गेट बंद कर लेता है. दोनो धीरे धीरे शेट्टी के रूम के तरफ चल देते है. आराधना की साड़ी उसके हिप्स और बूब्स पर से बिल्कुल कसी हुई थी और उसकी खूबसूरती को चार चाँद लगा रही थी.

पंकज उनके रूम के सामने आकर डोर बेल बजाता है. दो बार रिंग करने के बाद गेट खुलता है और शेट्टी की वाइफ गेट पर खड़ी थी.

सबसे पहले तो पंकज और आराधना शॉक्ड हो जाते है कि शेट्टी की वाइफ ने कैसे कपड़े पहने थे. उसने एक शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई थी जो कि उसके घुटनो तक थी. जैसा कि पहले भी बताया गया है कि उम्र तो उसकी काफ़ी सही थी लेकिन अपने लुक्स मेनटेन किए हुए थे.

“ भाभी नमस्कार…… शेट्टी जी है अंदर……?” पंकज हाथ जोड़ कर नमस्ते करता है और शेट्टी की वाइफ से पुछ्ता है.

“ हाँ… हाँ.. प्लीज़ अंदर आइए….. वो अभी वॉशरूम मे है…….” इतना बोलकर शेट्टी की वाइफ दोनो को अंदर आने का रास्ता देती है. उसके बूब्स काफ़ी हद उसकी ड्रेस से बाहर थे. उसकी बदन की खुसबु पूरे रूम मे फेली हुई थी.

पंकज हैरान था उस लेडी के ड्रेस अप को देख कर. वो आराधना को कुच्छ और समझा रहा था जबकि रेआलिटी कुच्छ और निकली. एनीवे आराधना और पंकज दोनो रूम मे एंटर होते है, आराधना उस लेडी से हॅंड शेक करती है और वो लेडी आराधना को हग भी करती है. आराधना उसको हग करने के दौरान रियलाइज़ करती है कि उसके बूब्स कितने हार्ड और टाइट है. पता नही क्यू आराधना उसके इस रूप से अग्री नही थी.

आराधना और पंकज दोनो सोफे पर बैठते है.

“ क्या लेंगे आप लोगो…… कुच्छ ठंडा या गरम………….???” शेट्टी की वाइफ उन दोनो की आँखो मे झाकति हुई बोलती है.

“ पानी चलेगा…… बस कुच्छ और नही…..” पंकज उसकी तरफ देखते हुए बोलता है.

वो लेडी फ्रीज़ से वॉटर बॉटल निकालने लगती है. पंकज अभी तक हैरान था कि कितने मॉडर्न कपड़े पहने हुए है इस लेडी ने. और पंकज ने खुद आराधना को ट्रडीशनल क्लॉत पहन ने के लिए कहा.

वो लेडी फिर से आती है और पंकज और आराधना को पानी देती है. पंकज की हैरानी की कोई सीमा नही थी जब वो लेडी झुकती है पानी देने के लिए और ऑलमोस्ट हाफ ऑफ बूब्स बाहर की साइड होते है. आराधना को भी खुद ये काफ़ी अजीब लगा.

दोनो पानी पीना शुरू ही करते है कि बाथरूम का गेट खुलता है

.धड़ाक्ककक…. और एक और धमाका हो जाता है. शेट्टी बाथरूम का गेट खोल कर बाहर आ जाता है जबकि उसकी पूरी बॉडी पर सिर्फ़ एक फ्रेंची के सिवाय कुच्छ नही था. आराधना बाथरूम के सबसे करीब बैठी थी और जैसे ही गेट खुलता है सबसे पहले उसकी निगाह पहले शेट्टी पर और फिर उसकी फूली हुई फ्रेंची पर जाती है. उसकी फ्रेंची का माहौल ऐसा था कि जैसे किसी ने अपने साइज़ से छोटी फ्रेंची पहन ली हो.

कुच्छ सेकेंड्स को आराधना की निगाहे बस उसकी फ्रेंची पर रुक जाती है और फिर वो अपनी निगाहे फिराती है. काफ़ी डिफरेंट सिचुयेशन थी ये, शेट्टी सॉरी बोल कर तुरंत बाथरूम मे भाग जाता है और बाथरूम मे ही अपनो कपड़ो के लिए अपनी वाइफ से बोलता है.

“ दीप्ति ज़रा मेरे कपड़े देना………” शेट्टी अपनी वाइफ को आवाज़ लगाता है. पंकज और आराधना को पता लग जाता है कि उसकी वाइफ का नाम दीप्ति है……

दीप्ति ये सुनकर उसके टी शर्ट और जीन्स उठा कर बाथरूम मे दे देती है.

“ माइंड मत कीजिएगा…… आक्च्युयली बाथरूम मे पता नही चलता कि बाहर क्या हो रहा है……” दीप्ति पंकज और आराधना दोनो की तरफ देखते हुए बोलती है.

“ नो इश्यू….. ये तो होता रहता है……” पंकज दीप्ति की तरफ देखते हुए बोलता है.

“ तो फिर आज हम कौन सी मूवी देखने चल रहे है……………..???” दीप्ति आराधना और पंकज दोनो से पूछती है.

“ आप ही बताएए….. आक्च्युयली हम मूवी देखने जाते नही है ना……” पंकज दीप्ति से बोलता है.

“ हम समझ सकते है……. जवान बीवी और वो भी इतनी खूबसूरत तो भला कोई मूवी क्यूँ देखने जाएगा……… फिर तो बस हनिमून और हनिमून…..” दीप्ति स्माइल करते हुए पंकज से बोलती है. आराधना ये बात सुन कर शरमा जाती है. वो समझ जाती है कि दीप्ति एक ओपन माइंडेड लेडी है.

“ इस हिसाब से तो आप दोनो को भी नही जाना चाहिए….. शेट्टी जी की वाइफ भी कम नही है………” पंकज भी बोले नही रुकता. आराधना पंकज की इस बात से खुद हैरान थी.

“ हा हा हा हा…..आप भी काफ़ी फन्नी हो. लेकिन अभी तो हम जा रहे है तो डिसाइड करो कि कौन सी मूवी देखने चले……..?” दीप्ति फिर से पूछती है.

“ हमे तो शेट्टी जी ने बोला और हम रेडी हो गये…… हमे सच मे आइडिया नही है कि कौन सी मूवी चले….. “ इस बार आराधना रिप्लाइ करती है और उसके रिप्लाइ मे थोड़ा रूखापन था. बार बार पंकज का ऐसे जवाब देना आराधना को पसंद नही आ रहा था.

“ तो दो मेन ऑप्षन्स है…… एक था टाइगर आंड ……………….” दीप्ति बोलते बोलते रुक जाती है. ये बोलते हुए दीप्ति की निगाहे आराधना पर थी.

“ एक था टाइगर आंड……..???” आराधना पूछती है.

“ जिस्म 2………………” ये बोलते हुए दीप्ति अपनी निगाहे पंकज की तरफ फिरा लेती है. दीप्ति का जिस्म बोलने का तरीका काफ़ी नशीला था.

“ अरे भाई क्या बाते चल रही है……… चाइ वाइ ऑर्डर दो ना……..” शेट्टी बाथरूम से निकलते हुए सबसे पहले यही पुछ्ता है.

“ नही चाइ के लिए तो इन्होने मना कर दिया है….. पानी से ही गुज़ारा चला लिया है.. बाते चल रही थी कि कौन सी मूवी चले…..?” दीप्ति शेट्टी को रिप्लाइ करती है. शेट्टी अपनी जीन्स टी-शर्ट पहन कर बाहर आ गया था और अपने बालो को अपने टवल से पुच्छ रहा था.

“ तो क्या डिसाइड हुआ ग्रोवर जी………..?” शेट्टी अपने टवल को बेड पर फेंकते हुए पंकज से पुछ्ता है.

“ हमारा क्या जी…. हम तो कोई भी देख लेंगे…….. लॅडीस का अग्री होना ज़रूरी है…….. क्यू क्या कहते हो…..?” पंकज शेट्टी से पुछ्ता है.

“ बिल्कुल सही कहा….. तो चलो अब लेट करने से फ़ायदा नही है…. पहले निकलते है और फिर डिसाइड करते है कि आख़िर कहाँ चलना है.” शेट्टी अपना कोंब भी बेड पर फेंकता हुआ बोलता है.

और दोनो फॅमिली अब उस होटेल से बाहर आ जाती है. आगे पंकज और शेट्टी चल रहे थे और पीछे पीछे दोनो लॅडीस. पंकज और शेट्टी दोनो बिज़्नेस की बातो पर आ गये थे और दोनो लॅडीस अपनी कॉन्वर्सेशन स्टार्ट करती है –

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