Ek Lambi Pariwarik Chudai Ki Kahani – Update 25

Ek Lambi Pariwarik Chudai Ki Kahani - Long Incest Story
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लेकिन स्मृति उसकी बात का जवाब नही देती और अपना हाथ झटक कर अलग कर लेती है. स्मृति आज कुच्छ ज़्यादा ही ड्रिंक करने के मूड मे थी. इतना ड्रिंक करते हुए उसे कभी कुशल ने नही देखा था. हालाँकि वो अपने पूरे होश मे थी लेकिन फिर भी वो अक्सर एक या दो पेग वाली ही खिलाड़ी थी.

कुशल वैसे ही अधूरा रह गया था प्रीति के साथ, वो अपनी आग बुझाना चाहता था. वो धीरे धीरे स्मृति की तरफ बढ़ाता है –

“ वहीं रुक जा……….” स्मृति के एक हाथ मे ग्लास और दूसरे हाथ से वो उंगली दिखाते हुए वो सोफे से खड़ी हो जाती है. क्लियर विज़िबल था कि वो गुस्से मे थी.

“ क्या हुआ… आप इतने गुस्से मे क्यू है…..” कुशल तो बस सिचुयेशन को प्यारी बातो से ही कंट्रोल कर लेना चाहता था. वो अपनी जगह रुक कर स्मृति से ये बात बोलता है.

“ बकवास ना कर….. और पीछे जाकर बैठ……” स्मृति फिर से गुस्से मे बोलती है. कुशल कुच्छ बोलने को होता ही है कि तभी स्मृति फिर से चिल्लाति है.

“ मैने कहा की पीछे जाकर बैठ…..” कुशल स्मृति की इस डाँट से शांत हो जाता है और चुप चाप जाकर बैठ जाता है. स्मृति अभी भी खड़ी हुई थी और अपने पेग को पीए जा रही थी.

“ मोम…ज़्यादा पीना सही नही है……” कुशल अपनी बात ख़तम ही करता है कि..

“ लेकिन मोम को फक करना सही है….. है ना. सेक्स की नालेज हुए बिना उसकी बॅक साइड को फक करना सही है…. लाइयन बन कर उसे एक फार्महाउस मे फक करना सही है…….. बोल ना कुत्ते…. बोलता क्यू नही…..” स्मृति ने तो जैसे आज विकराल रूप धारण कर लिया था.

“ वो…मोम… प्लीज़ आप गुस्सा……” ये बोलते हुए कुशल फिर से खड़े होने की कोशिश करता है.

“बैठा रह वहीं जहाँ बैठा है…… खड़े होने की कोशिश मत कर…….” स्मृति फिर से चिल्लाति है. कुशल तो धीरे धीरे सेक्स तो दूर, वो तो ये सोचने लगा था कि यहाँ से बचा कैसे जाए.

“ प्लीज़ आप शांत हो जाइए….और मुझे बताइए कि बात क्या है. अभी मैं उपर गया तो आप सही थी अचानक क्या हो गया आपको… प्लीज़ कंट्रोल रखिए…..” कुशल बैठे बैठे स्मृति को समझाने की कोशिश करता है.

“ हाँ तूने मुझे उपर से न्यूड देखा तो तुझे लगा कि मैं सही थी… मुझे जीन्स उतारते हुए देखा तो तुझे लगा कि मैं सही थी और जब अब मैं रियल बाते कर रही हू तो तुझे ये लगने लगा कि मैं आउट ऑफ कंट्रोल हो रही हू….” स्मृति फिर से एक पेग डालते हुए बोलती है.

“ तो आपको……आपको पता था कि मैं देख रहा हू.” कुशल अपना थूक सतकते हुए बोलता है. स्मृति उसकी बात का कुच्छ जवाब नही देती और अपना पेग पीती रहती है.

“ मोम प्लीज़ कुच्छ बोलिए ना……” कुशल फिर से बैठे बैठे बोलता है.

स्मृति उसके पास आती है और धीरे से बोलती है “ बोलू कुच्छ….. तो सुन…. यू आर आ रियल मदर फकर…..” आज तो जैसे स्मृति ने फ़ैसला ही कर लिया था कि कुशल का बॅंड बजा कर ही रहेगी. कुशल एक भीगी बिल्ली बना सोफे पर बैठा था.
“ मुझे…… मुझे शायद नींद आ रही है…मैं तो उपर जा रहा हू…” ये बात आराम से बोलकर कुशल उठ कर सीढ़ियो की तरफ बढ़ता है.

छ्ह्ह्हन्न्न्नक्क्क्क्क्क्क…… स्मृति अपना ग्लास ज़मीन मे फेंक कर मारती है और पूरा काँच फेल जाता है.

वो कुशल की तरफ तेज़ी से बढ़ती है और उसके कॉलर पकड़ कर फिर से उसे सोफे के करीब लाती है और उस पर बिठा देती है. “ मैने कहा ना कि…… बैठा रह…… खड़ा होने की ज़रूरत नही है….” स्मृति फिर से उसे चिल्ला कर बताती है.

कुशल को तो जैसे आज हॅपी बर्तडे कर दिया स्मृति ने. वो हैरान था कि आख़िर आज क्या हो गया है.

“ मोम मैं आपसे रिक्वेस्ट करता हू कि कुच्छ बताओ तो सही की बात क्या है……….” कुशल अपनी आँखे स्मृति की आँखो मे डालते हुए बोलता है.

लेकिन स्मृति कुच्छ नही बोलती. वो भी कुशल के सामने वाले सोफे पर बैठ जाती है और उपर की तरफ देखने लगती है. शायद आज वो कुच्छ ज़्यादा ही परेशान थी. उसका ध्यान अपने ग्लास पर जाता है लेकिन उसे भी वो तोड़ चुकी थी. वो इधर उधर देखती है लेकिन उसे कुच्छ दिखाई नही देता. वो फिर से उपर देखने लगती है.

“ मोम आख़िर आप इतना परेशान क्यूँ है……” कुशल फिर से प्यार से पुछ्ता है लेकिन कोई रिप्लाइ नही मिलता उसे.

कुशल फिर से गर्दन नीचे करके बैठ जाता है. स्मृति उसकी तरफ देखती है –

“ पता है मुझे आज क्या हुआ है?” स्मृति बहुत सीरीयस होते हुए बोलती है. कुशल की थोड़ी जान मे जान आती है कि चलो वो कुच्छ बोली तो सही.

“ यही तो पुच्छ रहा हू कि क्या हुआ है…. आप मुझे बता सकती है और मुझ पर भरोसा कर सकती है…” कुशल भी सीरीयस होने का ड्रामा करता है.

“ मुझे वोही हुआ है जो हर औरत की लाइफ मे होता है. बस मर्दो की गुलाम बन कर रहना…. यही होती है एक औरत की लाइफ… मर्द उसे जैसे चाहे उसे करता है लेकिन कभी उसकी थिंकिंग के बारे मे कोई नही सोचता है”. स्मृति आज कुच्छ ज़्यादा सीरीयस थी.

कुशल धीरे से सोफे से खड़ा होता है और धीरे से जाकर स्मृति के सोफे पर बैठ जाता है. इस बार स्मृति उसे देखती है लेकिन कुच्छ कहती नही.

“मोम आप मुझे बताइए ना कि बात क्या है…….आप मुझसे शेर करेंगी तो आपके दिल का बोझ हल्का हो जाएगा…” कुशल उसके हाथ पर हाथ रखते हुए बोलता है.

“ जा किचन से दो ग्लास लेकर आ………” स्मृति फिर से सीरीयस होते हुए बोलती है. कुशल उसकी इस बात से कन्फ्यूज़ था.

“ मोम…ग्लास??? किसलिए………?” कुशल अपने क्वेस्चन को झिझकते हुए पुच्छ ही लेता है.

“ क्यूँ मेरे साथ बस फार्महाउस मे ही ड्रिंक कर सकता है…. यहाँ नही…..?” स्मृति की इस बात से कुशल को जवाब मिल जाता है की आख़िर स्मृति क्या कहना चाहती है. कुशल बिना टाइम वेस्ट करे वहाँ से खड़ा होता है और भाग कर किचन से दो ग्लास लेकर आ जाता है.

“ प्रीति सो गयी…..????” स्मृति उन दोनो ग्लस्से को अपने हाथ मे लेने के टाइम बोलती है.

“ ये…यस..यस वो सो गयी…….” सिचुयेशन को टलने के लिए कुशल बोल ही देता है.

कुशल सोफे पर फिर से बैठ जाता है. अब वो बहुत रिलॅक्स था क्यूंकी स्मृति भी रिलॅक्स थी, स्मृति दोनो सोफे के बीच मे रखी टेबल पर वो ग्लास रखती है. और पीछे से बॉटल को उठा कर लाती है.

स्मृति दोनो ग्लासस मे थोड़ी थोड़ी वाइन डालती है और आइस क्यूब्स डालने के बाद उसे कुशल को ऑफर करती है. कुशल उसे ले लेता है और स्मृति के साथ चियर्स करता है.

“ आज मैं बहुत अपसेट हू………” स्मृति एक और सीप लेते हुए बोलती है

“ मुझे बताइए ना मोम….” कुशल अपनी बात पूरी भी नही कर पाता कि स्मृति उसे टोक देती है.

“डॉन’ट कॉल मी मोम……. आज की रात मैं तुम्हारी मा नही हू….” कुशल को ऐसे लग रहा था जैसे कि आज उसकी मा का माइंड हिल गया है.

“ चलिए छोड़िए आप बताएए की बात क्या है……” कुशल भी अपने ग्लास मे सीप लेने लगा था.

“ मैं बचपन से लेकर अब तक अपनी लाइफ सोचती आ रही थी तो मुझे दूख हो रहा था……. अहसास हो रहा था कि लड़की का तो कोई रोल ही नही है.” स्मृति उसे बताती है.

“ ऐसी कौन सी बाते है जिनसे आपको ऐसा लगा…….” कुशल भी अब इंट्रेस्टेड था जान ने के लिए की आख़िर बात क्या है.

“ तुझे कोई जल्दी तो नही है ??” स्मृति पूछती है

“ मुझे…. मुझे तो कोई जल्दी नही है….” कुशल तो वैसे ही थोडा नर्वस था लेकिन अब थोड़ा नॉर्मल हो रहा था.

“तो मैं चाहती हू कि तू मेरी बाते एक दोस्त बन कर सुने…. क्यूंकी ये बाते मैं अपने बेटे से नही कर सकती…” स्मृति फिर से सीरीयस मूड मे बोलती है.

“ मैं तो वैसे भी हमेशा आपको गर्ल फ्रेंड ही समझता हू….” कुशल साइड मे मूँह करते हुए बोलता है. उसकी बात कहने का वॉल्यूम बहुत कम था.

“ क्या कहा अभी तूने???” स्मृति ठीक से उसकी बात सुन नही पाती तो पूछती है.“ नही… नही कुच्छ नही. मैं तो बस यही कह रहा था कि हाँ मैं भी आपको दोस्त मान कर ही आपकी बात सुनूँगा……” कुशल बड़े ही प्यार से स्मृति से बोलता है.

“ तो सुन…. मुझे ये बता कि तू मेरे लिए लाइयन क्यूँ बना???” स्मृति अपने ग्लास का एक सीप लेते हुए और कुशल की आँखो मे झाँकते हुए बोलती है.

“ क्या मोम…क्या पुछा आपने……??” कुशल सुन चुका था लेकिन फिर भी आक्टिंग करता है जैसे उसने कुच्छ ना सुना हो.

“ दोबारा सुनेगा…. तो मुझे ये बता कि तू मेरे लिए लाइयन क्यू बना. और खुल कर बता… मैं तुझे ग़लत नही कहूँगी और कुच्छ नही कहूँगी. बल्कि तुझे अपने दिल की सारी बाते बताउन्गि…..” स्मृति अब थोड़ी स्माइली हो चुकी थी.

“ मोम…वो..वो..मोम..वो…..” आक्च्युयली कुशल को एक्सपेक्टेशन नही थी कि ये रात उसके साथ कितने ड्रामे करेगी.

“ देख.. मुझे फिर से गुस्सा मत दिला… तूने कहा ना कि तू ऐज आ फ्रेंड सब बताएगा. तो मैं फिर से पूछती हू कि तू लाइयन क्यूँ बना??” स्मृति फिर से सीरीयस हो जाती है.

“ मोम…..समझ नही आता कि कहाँ से शुरू करू… क्या शेर करू और क्या नही.. सच मे कन्फ्यूज़ हू………..” कुशल बोलता है.

“ तेरे पास कुच्छ भी ऐसा नही है जो तूने मुझसे शेर ना किया हो…. ईवन हम बॉडी भी शेर कर चुके है. तो अब मुझे बता और शरमा मत…. मैं भी तेरी उम्र से ही गुज़री हू तो समझ सकती हू…. लाइयन बन कर तो तू बहुत बड़ी बड़ी बाते करता है और आज जब मैं पुच्छ रही हू तो तू शरमा रहा है….” स्मृति उसे कॉन्फिडेन्स देती है.

कुशल -“ अगर आप जान ना ही चाहती है तो सुनिए, ये ख्याल मेरे दिल मे जब से आने शुरू हुए जब मैं सिर्फ़ – – साल का था……”

स्मृति – “ कैसे ख्याल……??” स्मृति अपने ग्लास मे एक और पेग डालते हुए बोलती है.

कुशल – “ यही… आपके साथ वो करने की फीलिंग….” कुशल अभी शरमा रहा था.

स्मृति – “ मेरे साथ वो करने की फीलिंग???? ओह्ह्ह यानी मुझे फक करने की फीलिंग….. कॅरी ऑन कॅरी ऑन….” स्मृति उसकी हिम्मत बढ़ाती है और उसके सामने एक टाँग पर टाँग रख कर बैठ जाती है.

कुशल – “हाँ…. शायद ऐसी ही फीलिंग….. लेकिन मेरे माइंड मे कभी भी ये नही था कि ऐसा हो सकता है….”

स्मृति – “ लेकिन मैं यही जान ना चाहती हू की आख़िर किन चीज़ो ने तुझे फोर्स किया कि तू स्मृति को फक करे…. ??”

कुशल – “ दरअसल जब किसी भी लड़के का ये खड़ा होना शुरू होता है ना तो ये एक अजीब एज होती है.. कुच्छ समझ नही आता कि आख़िर ये क्या हो रहा है…..” कुशल अपने एक हाथ को लंड पर रखते हुए बोलता है.

स्मृति – “ ओके…..” स्मृति अपने सीप को कंटिन्यू रखते हुए बोलती है.

कुशल – “ कुच्छ समझ भी नही आता कि किससे पता करे… बस एक अजीब सी फीलिंग आती है बॉडी मे… तभी कॉलेज मे एक दिन मेरे दोस्त मोहित ने बोला कि यार तू बाथरूम के बाहर खड़ा हो जा और किसी को भी अंदर मत आने दिओ.. मैं वहाँ खड़ा हो गया लेकिन वो खुद एक लड़की के साथ अंदर चला गया…. मैं उस दिन हैरान था……” कुशल भी अब सारी कहानी सुनाने लगा था.

स्मृति –“ ओके… फिर क्या हुआ…..?” स्मृति भी इंटरेस्ट ले रही थी अब उसकी बातो मे.

कुशल –“ मैं वहाँ खड़ा रहा… किसी को अंदर नही जाने दिया. वो करीब एक घंटे के बाद बाहर निकले….. दोनो बहुत हॅपी थे. मैं इतना छोटा भी नही था कि ये ना समझ पाऊ कि वो क्या करके आए है……” कुशल अपनी स्टोरी को सुनाता जा रहा था.

स्मृति – “ ओके…फिर…..” स्मृति अपने खुले हुए बालो मे हाथ फिराते हुए बोलती है.

कुशल – “ फिर ये रेग्युलर होने लगा…. मैं उनकी पहरेदारी करता और वो मज़े करते. दिन पे दिन उसकी गर्ल फ्रेंड का निचला हिस्सा बड़ा होता जा रहा था यानी के उसके हिप्स….”

स्मृति – “ वाउ… तो तेरी नज़रे थी वहाँ पर….. एनीवे आगे बता…..” स्मृति स्माइल करते हुए कहती है.

कुशल – “ मैने कभी मोहित से कोई सेक्स रिलेटेड बात नही की थी लेकिन जब ये रेग्युलर्ली होने लगा तो एक दिन मैने अकेले मे उससे बात की. मैने उससे पुछा कि तुम लोग सेक्स करते हो ना??? तो वो मेरी बात पर बहुत हंसा…… मुझे बहुत बुरा लगा. उसने मुझे ‘कमाल का ढक्कन’ भी कहा तो मुझे और बुरा लगा. वो मुझसे बोला कि साले क्या बातरूम मे उसके साथ मैं खाना खाने जाउन्गा……..”

स्मृति – “ हा हा हा हा हा….” स्मृति को उसकी बात पर हँसी आ जाती है

कुशल – “ अगर आप ऐसे हँसेंगी तो जाओ मैं कुच्छ नही बताता…….” कुशल सीरीयस होते हुए बोलता है.

स्मृति –“सॉरी…सॉरी…. यू कॅरी ऑन प्लीज़…… इंट्रेस्टिंग…….” स्मृति बड़ी मुश्किल से अपनी हँसी को शांत करते हुए बोलती है.

कुशल – “ उसकी गर्ल फ्रेंड दिन पे दिन बदलती जा रही थी. आगे से भी और पीछे से भी…. वो ही एक ऐसी लड़की दिखाई देती स्कूल मे जो सबसे हॅपी थी. वो दोनो जब भी मौका मिलता था अपना काम कर लेते थे. स्कूल का बाथरूम तो क्या क्लासरूम मे भी उन्होने सब कुच्छ किया और हमेशा मैं बस बाहर खड़ा रहता….”

स्मृति – “गुड मिस्टर. चोकीदार……” स्मृति हंसते हुए बोलती है

कुशल –“ आप फिर मेरा मज़ाक उड़ा रहीं है……” कुशल फिर से सीरीयस होते हुए बोलता है.

स्मृति – “फिर से सॉरी दोस्त… प्लीज़ रुक मत कॅरी ऑन कर… सॉरी….” स्मृति भी अब धीरे धीरे खुल रही थी.

कुशल – “ एक दिन मैने मोहित से दिल की बात की कि यार मेरा पूरी रात वो खड़ा रहता है…. मैं क्या करू……….”

स्मृति – “ तो बाबूजी का बस – – कि उम्र मे ही खड़ा होना शुरू हो गया था….शाबाश…” स्मृति कुशल के लंड की तरफ देखते हुए बोलती है.
कुशल –“ मोहित मेरी बात सुन कर बहुत हंसा…… लेकिन उसने मुझे बिल्कुल भी गाइड नही किया. उसने मेरा मज़ाक उड़ा कर बात को टाल दिया…. वो जब अपना चेहरा अपनी गर्ल फ्रेंड की छातियों मे छुपाता था तो मुझे बहुत बुरा लगता था. कुच्छ ही महीनो मे मोहित की गर्ल फ्रेंड बेहद ज़्यादा गदरा गयी थी और दोनो के रीलेशन बढ़ते ही जा रहे थे.”

स्मृति – “ओये होये मोहित से ज़्यादा तो तू था उसका दीवाना…… “ स्मृति भी ज़्यादा इंटेरेस्ट लेने लगी थी. कुशल उसकी जानकारी के लिए अपने मोबाइल मे उसका फोटो निकाल कर दिखाता है –
स्मृति – “चल अब इस फोटो को बंद कर और आगे बता……” . शायद उस फोटो से जेलस होने लगी थी.

कुशल – “ फिर स्कूल टाइम मे ही वो एक बार आपसे भी मिला और आपने उस दिन पहना हुआ था.”

स्मृति – “मुझसे मिला??? मुझे याद नही………” स्मृति सोचते हुए बोलती है

कुशल –“ आपको कैसे याद होगा हम सब इतने बड़े थोड़े ही थे…. वो आपको जाते हुए देखता रहा और उसकी गर्ल फ्रेंड स्कूल के फर्स्ट फ्लोर से उसे देख रही थी.”

स्मृति –“ लेकिन वो मुझे क्यूँ देख रहा था…….??”

कुशल –“ बाय्स स्कूल मे सब की मोम के टॉपिक भी होते है….. और आपको बता दू कि आपको ही सबसे हॉट कहा जाता था. ज़्यादा लड़के मुझसे दोस्ती करना चाहते थे और लड़किया मुझसे जलती थी……”

स्मृति – “ रियली??? कमाल है….. एनीवे आगे बताओ……” स्मृति अपनी तारीफ से खुश भी हो रही थी.

कुशल – “ अगले दिन जब मैं स्कूल पहुँचा तो मोहित और उसकी गर्ल फ्रेंड की लड़ाई हो रही थी. मैं दूर खड़ा होकर सुन रहा था. मोहित बोल रहा था कि हाँ देख रहा तो क्या हुआ. उसकी गर्ल फ्रेंड बोलती है कि तो उसकी उसमे घुस जा ना जाकर…”

स्मृति – “किसमे घुस जा जाकर??? समझ नही आया…. सॉफ बता ना…..”

कुशल –“ उसकी गर्ल फ्रेंड ने बोला कि जा और उसकी गान्ड मे घुस जा अगर इतनी पसंद है तो. मुझे समझ नही आया कि वो क्या बात कर रहे थे. मोहित ने बोला कि साली अगर उस जैसी गान्ड मुझे मिल जाएगी ना तो तुझपे कोई ठुकेगा भी नही. मैं ये सब बाते सुन रहा था. उसके बाद उसकी गर्ल फ्रेंड बोलती है कि वो साली यहाँ आती ही अपनी मटकती गान्ड दिखाने के लिए है, और तुझ जैसे आशिक उस पर लट्तू हो जाते है. मैं समझ गया था कि किसी और लड़की का मॅटर है. इसके बाद मोहित बोलता है कि साली तेरी भी तो कब से चोद रहा हू तो तेरी गान्ड अभी तक ऐसी क्यूँ नही है. उसके बाद उसकी गर्ल फ्रेंड को गुस्सा आ जाता है और वो एक थप्पड़ मोहित को जड़ देती है और बाहर चली जाती है.”

स्मृति – “ हा हा हा हा… कुशल ने जिनके लिए पहरे दिए वो भी अलग हो गये….”

कुशल – “आप फिर से ऐसी बात शुरू कर रहीं है…..” कुशल फिर से सीरीयस होता है.

स्मृति – “ओके…ओके… बताते जाओ……..” स्मृति फिर से अपने आप को कंट्रोल करते हुए बोलती है.
कुशल – “फिर कुच्छ दिन मैने उन दोनो को साथ नही देखा…. एक दिन मोहित मेरे एक और क्लासमेट के साथ बैठा था, मैं क्लास मे घुसा तो वो दोनो बात कर रहे थे कि यार बड़ा गजब माल है. मैं चुप चाप सुन रहा था तो मोहित कह रहा था कि कसम से एक बार दे दे तो दुनिया की सारी खुशिया लूटा डू उसके लिए. मैं समझ गया कि ये अपनी गर्ल फ्रेंड की बात नही कर रहा है. मोहित आगे बोलता है कि माल मिले तो ऐसा मिले वरना मिले ही ना. ये झल्ली लड़कियो मे कोई दम नही होता. मैं हैरान था कि इतनी मस्त गर्ल फ्रेंड को वो झल्ली कह रहा था….”

स्मृति – “तो पहरा देते देते वो इतनी मस्त लगने लगी…….?” स्मृति अपनी आँखो के इशारे से पूछती है.

कुशल उसकी इस बात से थोड़ा शर्मा जाता है.

स्मृति – “ चल अब लड़कियो की तरह शरमा मत और जल्दी बता की क्या हुआ……..” स्मृति को बड़ी उत्सुकता थी जान ने की.

कुशल – “ इससे आगे की कहानी आपको शॉक्ड कर देगी……” कुशल सीरीयस होते हुए बोलता है.

स्मृति – “ ऐसा क्या हो गया… जल्दी बता जल्दी बता…..”

कुशल – “ यूँ ही दिन बीत गये… एक दिन मैने देखा कि मोहित की गर्ल फ्रेंड कुच्छ फ्लवर्स लिए स्कूल के टेरेस की तरफ जा रही थी…. आकर टेरेस पर उस दौरान कोई नही होता है. मैं भी चुप चाप चल दिया उसके पीछे पीछे लेकिन उसे पता नही चलने दिया..”

स्मृति –“ फिर…….”

कुशल –“वो उपर पहुँची तो वहाँ पर मोहित बैठा हुआ था….. वो फ्लवर लेकर उसके पास जाती है और बोलती है कि मोहित सॉरी प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो. उसका मोहित के बिना मन नही लग रहा था लेकिन मोहित उस पर चिल्लाने लगा कि तुझे मेरी नही मेरे लंड की याद आ रही थी और इसलिए वो माफी माँगने आई है. उसकी गर्ल फ्रेंड बोलती है कि ऐसी कोई बात नही, वो सिर्फ़ मोहित को चाहती है लेकिन मोहित उसकी नही सुनता……”

स्मृति –“ फिर क्या हुआ……..?”

कुशल –“ मोहित की गर्ल फ्रेंड बहुत कोशिश करती है लेकिन मोहित नही मानता. इससे मोहित की गर्ल फ्रेंड और भी ज़्यादा गुस्से मे आकर उस पर चिल्लाने लगती है कि लगता है उसने तेरे लिए इंतज़ाम करा दिया है तभी तो इतना उच्छल रहा है….”

स्मृति –“ उसने…..किसने…?”

कुशल –“ वो आगे बोलती है कि मैं सब समझती हू तुझे बस अब उसकी गान्ड दिखाई देती है और जब तक तू उसे नही चोदेगा जब तक तुझे चैन नही मिलेगा……..”

स्मृति – “किसकी गान्ड………???” स्मृति के मूँह से अचानक निकल जाता है और जैसे ही उसे अहसास होता है वो चुप हो जाती है. “ओह सोररय्यययी…..”

कुशल –“ पता है वो किसकी गान्ड के पीछे लड़ाई थी……?”

स्मृति (सीरीयस होते हुए)- “ किसकी……..?”

कुशल –“ आपकी………”

स्मृति की तो जैसे सारी पी हुई उतर जाती है. वो अपने सोफे से खड़ी हो जाती है

“ क्य्ाआआआआअ……..” स्मृति आश्चर्या से पूछती है.

“ यस…. मुझे तो पता ही नही चला कि कब आप मेरे स्कूल मे ‘मोस्ट सेक्सीयेस्ट मोम’ बन गयी थी. और मुझे पता भी कैसे चलता क्यूंकी कोई मेरे सामने क्यूँ बात करता. वो तो मैने उनकी जब और बाते सुनी तो मुझे समझ आया कि कहानी क्या है.” कुशल बताता है स्मृति को.

“ओह माइ गॉड…. हाउ इट ईज़ पासिबल……. मोहित तो बच्चा है…. और वो मेरे बारे मे….. आइ डॉन’ट बिलीव दिस…..” स्मृति आश्चर्य से बोलती है.

कुशल –“ इस इन्सिडेंट के बाद मैने मोहित से बात की. मैने उसे बोला कि मोहित सच बता ये क्या ड्रामा है तो थोड़ी ही देर मे उसने आक्सेप्ट कर लिया कि ये सारा ड्रामा तेरी मोम यानी आपकी वजह से है. उसने मुझे बहुत गंदी बाते की जैसे देख अपनी मा की गान्ड साले…. करोरो मे एक होती है ऐसी. उसने मेरे दिमाग़ मे आपकी एक अलग ही पिक्चर बना दी. उसने मुझे ऑफर भी दिया कि मैं आपकी सेट्टिंग कैसे ही उससे करा दू तो वो अपनी गर्ल फ्रेंड का काम मेरे से करा देगा…….”

स्मृति –“ तो… तूने क्या फ़ैसला किया था…….” स्मृति थोड़ा सा शरमाते हुए बोलती है. अपने आप को वो बहुत वॅल्यूड फील कर रही थी.

कुशल –“ मैने उसके ऑफर को आक्सेप्ट नही किया… लेकिन उस दिन से आपको मैं किसी और ही नज़र से देखने लगा. उमरा कम थी लेकिन जज़्बात बडो से भी ज़्यादा आ गये थे. आपको कई बार हिंट भी दिया जैसे आपको हग करने के टाइम आपके बूब्स को ज़्यादा प्रेस करना, आपको पीछे से हग करते हुए आपकी गान्ड का आइडिया लेना, आपकी हर आक्टिविटी मुझे पागल करती थी. चाहे मैं आपको आगे से देखु या पीछे से मुझे कुच्छ होता था. लेकिन आपको कभी कुच्छ समझ नही आया.”

स्मृति – “ओह्ह तो ये काफ़ी टाइम से चलता आ रहा था और मुझे अहसास ही नही था. और आज कल ये मोहित कहाँ है…..?”

कुशल –“ आप मोहित के बारे मे क्यूँ पुच्छ रही है…..?”

स्मृति – “ नही बस ऐसे ही… लेकिन चल तू आगे बता कि तू लाइयन कैसे बना.”

कुशल –“ ऐसा करीबन तीन साल चला. और आप डेली और भी ज़्यादा सेक्सी होती गयी.. मुझे कुच्छ भी समझ नही आता था. अगर कोई लड़की लाइन भी देती तो आक्सेप्ट करने का मन भी नही करता था, बस आपका और आपका शौक चढ़ गया था.

स्मृति – “ मैं सेक्सी होती जा रही और मुझे पता ही नही था…. गुड…” स्मृति अब तक एक पेग और पी चुकी थी.
कुशल – “ आपके कपड़ो मे जब भी मुझे आपके अंग दिखते तो मैं सीधा वॉशरूम जाता और हाथ से काम चलाता. आप टाय्लेट जाती तो आपको पेशाब करने का साउंड सुनता, कहीं बाहर जब सफाई करती तो दिल करता कि आपके बूब्स दिख जाए शायद, लेकिन सबसे बड़ी ख्वाहिश आपकी गान्ड देखने की ही तो जो कभी भी सही से पूरी नही हो पाई. हाँ जब भी आपने लो वेस्ट साड़ी पहनती तो टाइट गान्ड का आइडिया ज़रूर लगता था लेकिन कभी भी अंदर तक नही पहुँच पाया. लोगो से पता चला कि हाथ से ज़्यादा नही करना चाहिए नही तो लंड खराब हो जाता है. ब्लू मूवीस देखता तो इतना असर नही होता जितना की आपके बारे मे सोच कर हो जाता था.” कुशल अब कुच्छ भी छिपाने की नही सोच रहा था और दूसरी तरफ उसे स्मृति भी नशीली आँखो से देख रही थी.

स्मृति – “ तो तूने जासूसी करी मेरे टाय्लेट के बाहर तक भी…. ओके अब आगे बता…” स्मृति की आँखे चेंज होती जा रही थी.

कुशल –“ मुझे धीरे धीरे ये लगने लगा था कि मेरा ये सपना सच नही होगा और जवान होते होते मुझे ये बिल्कुल लगने लगा था कि ये पासिबल नही है. फिर टाइम बदलता रहा, सोशियल नेटवर्किंग का जमाना आया और मैने आपको फ़ेसबुक पर कॉंटॅक्ट आड करते हुए देखा. और फिर लाइयन का जनम हो गया. लाइयन बनते हुए मेरे दिल मे ये आइडिया भी नही था कि मैं एक दिन आपको फक भी कर पाउन्गा. लेकिन फिर चाटिंग करते करते मुझे ये अहसास होने लगा था कि आप भी चाहती हो मुझसे चॅट करना लेकिन शरमाती हो या कोई और सोशियल प्रेशर आपको रोक रहा है. मैने आप जान कर आपसे गंदी गंदी बाते शुरू की और शुरू मे आपका रेस्पॉन्स नेगेटिव रहा लेकिन धीरे आप अड्जस्ट होती गयी. मैं समझ गया था कि आपको लाइफ मे एंटरटेनमेंट चाहिए लेकिन प्राइवसी के साथ. मैने आपसे चॅट करते हुए कई बार मास्टरबेट किया. लेकिन फिर ऐसा टाइम आने लगा जब फिर से मेरी इच्छाए जागने लगी और स्केरी हाउस मे मैने अपना कंट्रोल खो दिया…..”

कुशल इतना बोल कर एक लंबी साँस लेता है. स्मृति अभी भी अपने पेग को पीए जा रही थी, उसकी आँखो का कलर चेंज होता जा रहा था और गालो का कलर भी लाल होता जा रहा था.

स्मृति – “ तो स्केरी हाउस मे तूने मुझे फक करने की कोशिश क्यूँ नही की…….?” स्मृति कुशल की आँखो मे आँखे डाल कर बोलती है.

कुशल –“ स्केरी हाउस मे मेरा प्लान बस अपना लंड तुम्हारे हाथो से टच करना था लेकिन वहाँ मुझे एक नयी हिंट मिली. मुझे क्लियर अहसास हुआ कि आप भी कुच्छ चाहती है. श्योर नही था लेकिन मुझे अहसास हो गया था कि अगर मैं प्लान बनाऊ तो शायद मुझे सक्सेस मिल जाए. मुझे इतना पता था कि आपको कभी ये पसंद नही आएगा कि कोई जान कार आकर आपके साथ सेक्स करे तो इसीलिए एक लोंग सर्च के बाद उस फार्महाउस का पता चला. सब सही रहा लेकिन तभी लाइट जल गयी और पोल खुल गयी…..” इतना बोल कर कुशल अपनी गर्दन नीचे कर लेता है.

स्मृति –“ ह्म्*म्म्मममम……. तो ये थी बात….. चल तूने मुझे इतनी बाते शेअर करी तो मैं भी तुझसे अपनी दिल की बाते शेअर करती हू…….” स्मृति जब ये बोल रही थी तो उसका सीना उपर नीचे हो रहा था. उसकी हालत काफ़ी खराब हो चुकी थी.

कुशल उसकी ये बात सुनकर काफ़ी एग्ज़ाइटेड था और उठ कर अपना एक और पेग बनाता है.

“ बताओ ना कि क्या बताना चाहती हो…….” कुशल भी अब स्मृति के करीब था.

स्मृति –“ मुझे फार्महाउस जाने से पहले ही पता था कि मेरे साथ सेक्स होना है………… ईवन मैं तो शायद होल नाइट के लिए भी तैयार थी लेकिन जब मुझे पता चला कि वो तू है तो मुझे फिर से वोही झटका लगा जो हमेशा लड़कियो की लाइफ मे लगता ही रहता है……..” स्मृति भी आज खुल कर पेश आ रही थी, शायद वाइन उस पर असर कर चुकी थी.

कुशल उसकी बातो को सुनकर शॉक्ड था लेकिन उसको शो नही कर रहा था.
“आपको ऐसा क्यूँ लगता है कि लड़कियो के साथ हमेशा ग़लत ही होता है……..क्या ऐसा कुच्छ है जो आप बताना चाहती है” कुशल बड़े प्यार से पुछ्ता है.

स्मृति – “ मेरी लाइफ बाकी लड़कियो की तरह ही रही……. कॉलेज लाइफ मे एक लड़के से अफेर चला और वो मुझे बहुत पसंद था लेकिन उसे मुझसे बस सेक्स चाहिए था. उसने बहुत कोशिश की लेकिन मैं मेंटली प्रिपेर नही थी. मुझे ऐसा लगना शुरू हुआ कि जो हम चाहते है वो नही होता. धीरे धीरे मेरी बॉडी सेक्स की डिमॅंड करने लगी, लड़की होने के सारे फ़ायदे उठाए और एक लड़के को पूरा चारा डाला….”

“ चारा डाला यानी……..?” कुशल उसे बीच मे ही टोकते हुए बोलता है

स्मृति – “ अंजाने मे उसे हर हिंट दिया कि मुझे उससे सेक्स चाहिए…. मुझे ऐसा भी लगा कि उसको समझ आ रहा है लेकिन एक दिन वो मुझसे अपने लव को प्रपोज़ करने आया और मुझसे शादी करने के लिए बोला. मुझे उस दिन भी बड़ा अजीब लगा कि यहाँ पर भी दिल की ख्वाहिश पूरी नही हुई… मेरा उससे शादी करने का कोई इरादा नही था. लाइफ मे एक बार फिर से ऐसा लगा कि जो चाहा वो नही मिला….और फिर मेरी शादी हो गयी. शादी के बाद मेरी सेक्स लाइफ बहुत स्ट्रॉंग रही लेकिन हर लड़की के खुद के आइडियास होते है की आज हज़्बेंड ये करे और आज हज़्बेंड ये करे… लेकिन हमेशा होता वही था जो हज़्बेंड चाहता था. धीरे धीरे मैं अड्जस्ट होती गयी और लाइफ बीतने लगी…..फिर मेरी लाइफ मे लाइयन आया. लड़की के तरीक़ो से मैने उसे चेक किया और मुझे ये लगने लगा कि मेरी प्राइवसी बनी रहेगी और शायद मैं अपनी प्राइवेट लाइफ को मैं जी पाउन्गि. फार्महाउस तक मे मुझे ये लगने लगा कि अब मेरी सारी ख्वाहिश पूरी हो जाएँगी और मेरी पर्सनल लाइफ पर कोई फ़र्क नही पड़ेगा……. लेकिन फिर से मेरा बॅड लक कि वो तू निकला.”

कुशल स्मृति की बात सुनकर और सीरीयस हो गया. वो समझ गया कि हर लड़की मस्ती करना चाहती है लेकिन कभी ज़ाहिर नही होने देती है. स्मृति ने आज रात अपने दिल के सारे अरमान उसके सामने रख दिए थे.

“ तो जवानी मे आप भी काफ़ी रंगीन रही हैं……” कुशल उसके पास खड़े होकर उसे उपर से नीचे तक देखते हुए बोलता है.

स्मृति – “तुझे दिखाऊ अपनी जवानी की फोटो…..?” स्मृति भी एग्ज़ाइटेड होते हुए बोलती है.

कुशल –“ प्लीज़ दिखाइए ना……….” कुशल भी उत्सुकता के साथ बोलता है. स्मृति अपने मोबाइल मे ढूँढने लगती है और उसे एक फोटो दिखाती है जो उसके मोबाइल मे पता नही कहाँ से उसने सेव कर रखा था. पिक्चर देख कर कुशल शॉक्ड रह जाता है. उसका मूँह खुला का खुला रह जाता है,

“ओह माइ गॉड….आप तो गजब हैं सच मे. मोहित सही था कि उसकी चाय्स आप थी…………..” कुशल उसका फॅन बन चुका था.

कुशल –“ लेकिन आप आज मुझसे गुस्सा क्यूँ हो गयी थी…….?” कुशल स्मृति के पास पहुँच कर ये बात बोलता है.

स्मृति –“ आज ही लाइयन को बुलाया और वो लेट हो गया. यकीन हो गया कि जो चाहो वो नही मिलता…..आज मेरा भी मूड मस्ती का था…….” आक्च्युयली मे कुशल प्रीति के साथ था और नीचे स्मृति उसका वेट कर रही थी.

कुशल –“सॉरी….सॉरी…सॉरी….”कुशल अपने कान पकड़ते हुए बोलता है. लेकिन अब स्मृति उसके कॉलर पकड़ती है और अपने पास खींच कर अपने होंठ उसके होंठो पर रख देती है. ऊफ्फ क्या नज़ारा था…स्मृति ने आज फ़ैसला कर ही लिया था कि वो कुशल को चूस लेगी.

“ देखती हू आज इस लाइयन मे कितना दम है……. प्यार है ना तुझे मेरी गान्ड से….. तो चल पहले वो कर जो मैं चाहती हू और फिर तू वो कर सकता है जो तू चाहता है…. कोई बाउंडेशन नही….” स्मृति अपनी नशीली आँखो से कुशल की तरफ देखते हुए बोलती है.

कुशल की तो जैसे लॉटरी लग गयी थी, उसे यकीन नही हो रहा था कि उसने अभी जो सुना वो सच है. स्मृति ने आज अपने इरादे ज़ाहिर कर दिए थे, वो भी प्यार चाहती थी लेकिन कुशल का नही बल्कि लाइयन का.

स्मृति कुशल का कॉलर पकड़ कर उसे अपने बेड रूम की तरफ ले जाने लगती है लेकिन कुशक के कदम थोड़ा धीरे धीरे आगे बढ़ रहे थे. स्मृति रुकती है और कुशल की तरफ देखती है

“क्या बात है…… लाइयन इतना डर क्यू रहा है” स्मृति फिर से अपने आँखो को मटकाती हुई कुशल से कहती है.

“नही वो…. आक्च्युयली…. पता नही……..” कुशल हिचकिचा रहा था

“क्या हुआ इस लाइयन को……. बेड पर क्या बोलेगा ये तो अभी घबरा रहा है……….” स्मृति फिर से उसके करीब जाकर बोलती है.

“नही वो मोम…. मुझे लग रहा है कि कहीं प्रीति ना जाग रही हो…..” कुशल अपने दिल की बात बता देता है.

“तो ठीक है…..तू उपर चेक करके आ और इतने मे नीचे तेरा वेट करती हू…वो भी फुल एग्ज़ाइट्मेंट मे……” ये बात बोल कर स्मृति एक बार फिर से उसके लंड को टच कर देती है.

कुशल की लिए ये सेकेंड्स बहुत भारी थे. वो वहीं जम होकर खड़ा रह जाता है और स्मृति मस्ताने स्टाइल मे टर्न होती है और अपनी गान्ड मटकाती हुई अपने रूम की तरफ चली जाती है. जब तक कुशल उसे अपने रूम मे घुसते हुए नही देख लेता है तब तक वो होश मे नही आता है. अब स्मृति के अंदर जाने के बाद कुशल वापिस होश मे आता है और बिना टाइम वेस्ट करे वो उपर की तरफ भागता है.

उपर पहुँच कर उसे दूर से ही दिखाई दे जाता है कि उसके रूम की लाइट जल रही है. लेकिन प्रीति कहीं दिखाई नही दे रही थी, वो धीरे धीरे आगे बढ़ता है और देखता है कि प्रीति बेड पर लेटी हुई है. उसे डोर से दिखाई नही देता कि वो जाग रही है या सो रही है तो धीरे धीरे उसके पास जाता है. पास पहुँचने के बाद उसे पता चलता है कि अच्छे से चुदने के बाद वो तो सो चुकी है. कुशल उसे आराम से आवाज़ भी लगा कर देखता है कि कहीं वो जाग तो नही रही है लेकिन उसकी तरफ से कोई रेस्पॉन्स नही मिलता है. वो समझ जाता है कि प्रीति एक अच्छी नींद मे है और रूम से बाहर आने लगता है. रूम से बाहर आने के बाद वो फिर से नीचे की तरफ बढ़ता है लेकिन फिर से उसे कुच्छ ख्याल आता है और वो फिर से रूम की तरफ वापिस मुड़ता है, रूम के बाहर पहुँच कर वो गेट पकड़ता है और धीरे से उसे बाहर से बंद कर देता है. अब प्रीति अगर खुद भी बाहर आना चाहे तो नही आ सकती थी.

कुशल से एक एक सेकेंड बड़ी मुश्किल से काट रहा था और वो उस गेट को बंद करने के बाद बड़ी तेज़ी से नीचे की तरफ भागता है. सीढ़ियो से वो ऐसे उतार रहा था जैसे घर मे कोई आग लगी हो, अब वो स्मृति के रूम के बाहर था.

उसकी साँसे ऐसे चल रही थी मानो की बहुत लंबी रन्निंग करके आया हो. जिस टाइम कुशल रूम मे एंटर होता है, उस टाइम स्मृति अपने लिप्स पर लिपस्टिक लगा रही थी. माश्कारा बहुत अच्छे से वो लगा चुकी थी और हेर स्ट्रेट हो चुके थे. कुशल को रूम मे एंटर होते हुए वो देखती है और उसे एक प्यारी सी स्माइल देती है. सबसे कमाल बात ये थी कि उसने कुच्छ भी नही पहना था.

“कम ऑन लाइयन…..” स्मृति बहुत ही सेक्सी स्टाइल मे ड्रेसिंग टेबल के सामने से हट ते हुए बोलती है.

“आप….आप मुझे बार बार लाइयन क्यूँ बोल रही है……” कुशल भी झिझकते हुए बोलता है. इस बात को सुन कर स्मृति अपने लिप्स पर एक उंगली रखते हुए शांत रहने के लिए बोलती है.

“आज तू मेरे बेड रूम मे लाइयन के तौर पर है ना की कुशल के तौर पर……. यू नो….. कुशल के साथ मैं खुल कर पेश नही हो पाउन्गि….. लाइयन ईज़ नाउ माइ ड्रीम कॅरक्टर नाउ” स्मृति धीरे धीरे कुशल के पास आते हुए बोलती है.

कुशल की लाइफ मे ये एक डिफरेंट ही सीन था, स्मृति धीरे धीरे उसके करीब आती है और अपने जुवैसी लिप्स फिर से कुशल के लिप्स पर रख देती है. आज कुशल को कुच्छ डिफरेंट ही फील हो रहा था, स्मृति के होत चूसने का तरीका कुच्छ अलग ही था और कुच्छ ज़्यादा ही हार्ड तरीके से वो होंठ चुस्ती है. कुशल को शायद ये आइडिया भी नही था कि स्मृति के अंदर का अंदर का जानवर ऐसे बाहर आएगा.

स्मृति कुशल के होंठो को चूस्ते चूस्ते उसकी टी-शर्ट उतारने लगती है. कुशल एक कठपुतली की तरह था और जैसे जैसे स्मृति मूव हो रही थी तो कुशल भी मूव हो रहा था. एक सेकेंड के लिए जैसे ही उन दोनो के होंठ अलग होते है वैसे ही स्मृति उसकी टीशर्ट उतार देती है और अब कुशल उपर से नंगा था.

“बहुत मजबूत है………. तेरी छाती…….” स्मृति अपने लिप्स को उससे अलग करते हुए और उसे अपने बेड की तरफ ले जाते हुए बोलती है. उसकी आवाज़ मे एक भारी कंपन थी. इस छोटी सी लिप किस के दौरान उसने कुशल को कुच्छ भी मौका नही दिया कि वो खुद अपनी मर्ज़ी से कर पाता.

बेड के करीब आते ही कुशल को बेड पर एक धक्का देती है. कुशल की तो जैसे आज फॅट ही गयी थी,
अब तक का रेस्पॉन्स तो ऐसा था कि जैसे कुशल कोई लड़की हो.

“बहुत बाल है तेरी छाती पे……….मर्द तो जबरदस्त है तू……..” स्मृति कुशल के उपर बैठते हुए और और उसकी बालो भरी छाती मे हाथ फिराते हुए बोलती है. कुशल का तना हुआ लंड अब स्मृति की गान्ड के नीचे था. स्मृति नीचे झुकती है और कुशल की बालो भरी छाती मे अपने मूँह को ले जाकर उसके निपल्स को किस करने लगती है.

“उफफफफफफफ्फ़………मोम……..यू आर रियली वाइल्ड………… आअहह” कुशल उसके इस आक्षन से रोमांचित हो जाता है.

चटककककककक….. और इतनी ही देर मे कुशल को अहसास हो जाता है कि उसने क्या ग़लती करी है क्यूंकी उसके कान पे एक थप्पड़ जड़ा जा चुका था.

“और कितनी बार तुझे बताना पड़ेगा कि आइ आम नोट युवर मोम टुनाइट…..” स्मृति गुस्से मे बोलती है. वो अपने इमॅजिनेशन्स से कुशल को दूर ही रखना चाहती थी और पूरी रात लाइयन के साथ गुज़ारना चाहती थी.

“सॉरी….सॉरी डार्लिंग…….” कुशल घबरा कर बोलता है और इस पर स्मृति स्माइल करके फिर से उसकी चेस्ट मे अपना मूँह घुसा देती है. उसकी बालो भरी छाती मे वो एक साइड वो अपने हाथ को फिरा रही थी तो दूसरी तरफ उसके निपल्स पर किस किए जा रही थी.

“ओह…….ग्रेट……स्वीटी……उफफफफफफफफफफफफफ्फ़……….” कुशल तो जैसे आज धरती पर नही था. स्मृति के बालो की खुसबु उसे और पागल कर रही थी. उसका लंड जैसे आज सबसे विकराल रूप मे था.

जब जब स्मृति अपनी नशीली आँखे उपर करके देखती तो कुशल और भी पागल हो जाता था. उसकी आँखे आज कुच्छ डिफरेंट ही लग रही थी.

सीने को अच्छे तरीके से किस करके वो नीचे लंड तक पहुँचती है, अब वो उसके शॉर्ट को उतारने के लिए उसे बेड से उठती है. कुशल तो जैसे रिमोट कंट्रोल से कंट्रोल हो रहा था. कुशल की आँखो मे देखते हुए स्मृति उसके शॉर्ट को उतारती है. इन सारे आक्षन्स से कुशल का एग्ज़ाइट्मेंट सातवे आसमर पर था और वो स्मृति के इस वाइल्ड रूप से इंप्रेस भी था.

कुशल का शॉर्ट उतारता है और उसका 8 इंच का मोटा लंड बाहर आ जाता है. स्मृति टाइम ना वेस्ट करते हुए अपने गीले और गुलाबी होंठ उसके लंड पर रख देती है.

“ आहह………….मेरी जाआअंन्न………मेरी रातो की राणिीईईईईईईई…………. आअज्जजज्ज्ज्ज चोद्द्द्द्द्द्द्द दूँगा तुझीए…….उफफफफफफफ्फ़….सेक्शययययययययययी…………………..और चूस……ऐसे ही चूस………………” कुशल आज उसके लंड चूसने के तरीके से भी इंप्रेस था. अपना पूरा मूँह खोल कर वो उसके लंड को चूस रही थी. चूस क्या रही थी लंड को मूँह के कोने कोने मे ले जा रही थी. इतना बड़ा लंड होने के बावजूद वो उसे अपने मूँह के पूरा अंदर ले जाना चाह रही थी.

कुशल के लिए एक अड्वेंचर था कि कैसे स्मृति आज उसके लंड को चूस रही थी. मूँह के साइड तक को जगह मे वो लंड को घुमा घुमा कर ले जा रही थी.

“ओह……….डार्लिंग……तू गजब है…….चूस…..ऐसे ही चूस…..आआहह” कुशल के हाथ अब स्मृति के बालो मे पहुँच गये थे और उसकी गर्दन को पकड़ पकड़ कर वो खुद ही आगे पीछे कर रहा था.

“उफफफफफफ्फ़…….कितनी सेक्सी है तू डार्लिंग…….म्*म्म्मह…..ऐसे हीईीईईई……………इतना……..मज़ा…..तो पूरी लाइफ मे नही आया…………………………….” कुशल का एग्ज़ाइट्मेंट बढ़ता ही जा रहा था.

स्मृति यहीं नही रुकी, उसके लंड को अच्छे से गीला करने के बाद वो उसकी बॉल्स तक पहुचि. स्मृति उसके लंड को उपर करके और उसकी बॉल्स को किस करने लगती है. क्या सीन था, इंडियन एन्वाइरन्मेंट मे ऐसे हर्डली ही नसीब होता है.

कुशल तो जैसे होश मे नही था, लंड के साथ उसकी गर्दन भी उपर आसमान की तरफ हो चुकी थी. स्मृति अब उसके बॉल्स को चूस रही थी

कुशल को वैसे ही प्रीति ने बहुत गरम कर दिया था और वो नही चाहता था कि स्मृति की कोई भी ख्वाहिश आज अधूरी रह जाए नही तो वो उसे खा जाएगी. इसीलिए उसे अहसास हो रहा था कि अगर और थोड़ी देर स्मृति ने उसकी बॉल्स चूसी तो उसका सारा माल निकल जाएगा.

“उफफफफफफ्फ़……ग्रेट……..यू आर आ रियल सकर………………….. आहह……..नाउ इट ईज़ माइ तुर्न…………..” कुशल धीरे से अपने लंड को स्मृति के मूँह से हटाने लगता है.

स्मृति अपने आप को सेट करते हुए खड़ी होती है और धीरे धीरे चल कर सामने वाले सोफे पर दोनो हाथ टिका कर डॉगी स्टाइल मे खड़ी हो जाती है. पीछे से एक हाथ ले जाते हुए वो एक फिंगर अपनी चूत मे घुसा देती है –“ लाइयन……….आआआ….चूस ईसीईए………….खा जा मेरी चूत को…….बहुत प्यार है ना तुझे इससे…………” स्मृति कुशल की तरफ गर्दन करते हुए कहती है.

कुशल वाकई मे आज इस रूप से अंजान था. स्मृति के रूप मे उसके घर मे एक सेक्सी स्लट रह रही थी. कुशल आगे बढ़ता है और घुटनो के बल उसकी गान्ड के पीछे बैठ जाता है, टाइम बिना वेस्ट करे वो अपने मूह को उसकी चूत पर रख देता है –

“आआहह………..लाइयन…………यू मदरफकर लिक्क माइ पूस्सयी…….चाट मेरी चूत को………….” स्मृति की इस सॉलिड आवाज़ से कुशल एक बार को दहल ही जाता है लेकिन उसकी पुसी को चाटना चालू रखता है. अपनी गान्ड को वो और भी ज़्यादा पीछे कर लेती है जिससे कि उसकी चूत और भी खुल कर कुशल के मूँह मे आ सके.

“ उफफफफफफफफफफ्फ़………..लाइयन………………..घुसा अपनी जीभ अंदर…………………..” कुशल पूरी ताक़त के साथ लगा हुआ था और उसकी चूत चाट रहा था. स्मृति भी अपनी कमर को धीरे धीरे हिला रही थी. उसकी चूत से निकलने वाला रस कुशल को और पागल कर रहा था.

स्मृति अपने हाथ को भी अपनी चूत पर ले जाती है और उपर के हिस्से को छेड़ने लगती है, पानी और भी ज़्यादा निकलने लगा था.

“म्*म्म्ममह……ग्रेट…………यू फकर………………….आहह…….” स्मृति अपनी गान्ड को और भी ज़्यादा हीला रही थी.

ऐसा बस कुच्छ मिनिट और लगा कि स्मृति और भी ज़्यादा वाइल्ड रूप मे आ गयी –

“ फक मी लाइयन……फक मी बस्टर्ड……..शो मी युवर पवर………आहह…….यू मदरफकर……………..फक मे………………मार मेरी चूत को……..फाड़ दे ईसीईई……………” स्मृति अब चुदने को तैयार थी.

चुदने से पहले एक बार फिर से स्मृति पीछे मुड़ती है और उसके लंड को चूसने लगती है. कुशल की हालत खराब थी, वो चोदने के लिए तैयार था लेकिन स्मृति की एक्सपेक्टेशन्स आज कुच्छ ज़्यादा ही थी.

जैसे वो लंड को चूस्ते हुए उपर देख रही थी तो कुशल और भी ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो रहा था. उसके लंड को अच्छे चूसने के बाद वो फिर से डॉगी स्टाइल मे आती है और कुशल को इन्वाइट करती है आ और कर दे मेरमेरा काम.

कुशल आगे बढ़ता है और अपना लंड उसकी चूत पे टिकाता है “ घुसा दे इसे पूरा…….पहुँचा दे इसे एंड तक…..फक मी हार्ड टुडे…….” स्मृति की ये बात सुन कर वो एक जोरदार धक्का लगाता है और 8 इंच का मोटा लंड स्रर्र्ररर से अंदर घुस जाता है.

“ लाइक तट……….आआअहह” स्मृति आज जैसे रुकने का नाम ही नही ले रही थी. लेकिन कुशल भी अपने अंदर की पवर को जगा रहा था.

कुशल ने तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए थे और उधर स्मृति भी अपनी चूत को हीला हीला कर धक्के लगवा रही थी. चूत मे लंड के घुसने वाला साउंड, और उन दोनो के बॉडी के टकराने वाला साउंड दोनो ही ही रूम का टेंपरेचर बढ़ा रहे थे.

“ आअहह…. फक मी…फक मी हार्ड……फक मी…………….खोल दे आज मेरी चूत को………….हार्ड…..हार्ड…….म्*म्म्ममह” स्मृति भी खूब उच्छल उच्छल कर धक्के लगा रही थी.

“आहह………….यू……माइ बिच…………….आइ विल फक यू………यू सो टेस्टी…………………” कुशल की भी आवाज़े निकालने लगी थी.

पूरा रूम फक्किंग साउंड से भर गया था. स्मृति अपने एक्सपीरियेन्स का पूरा फ़ायदा उठा रही थी और लंड को बार बार अंदर लेने मे सक्सेस्फुल हो रही थी.

स्मृति की चूत से निकलने वाला रस धीरे धीरे कुशल के बालो तक भी आ चुका था. गजब का घर्षण हो रहा था.

“ओूऊऊऊऊऊ……..लाइयन…….फाड़ दे मेरी चूत………………मार इसको……………..ग्रेट………..”स्मृति के चिल्लाने से ही पता लग रहा था कि वो आज कितनी मस्त हो चुकी थी.

कुशल भी पूरी ताक़त के साथ धक्के लगा रहा था. स्मृति की पूरी बॉडी काँप रही थी और कुशल उस पर अपने मोटे और तगड़े लंड से दबा दबा के धक्के लगा रहा था. बहुत ही गजब सीन चल रहा था.

“ लाइयन………….यू अमेज़िंग…………..और मार मेरी चूत को…….ग्रेट………आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह……आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्व्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह……यू आर माइ ड्रीम फकर………आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…….आअहह…आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह” और स्मृति के हाथ सोफे पर कस जाते है. उसका रस निकल गया था.

कुशल को प्रीति वाला इन्सिडेंट याद आ गया और वो और तेज तेज धक्के लगाने लगा. कुच्छ ही सेकेंड्स मे वो अपना लंड बाहर निकालता है और उसकी पिचकारी से स्मृति की पूरी पीठ भर जाती है.

स्मृति के चेहरे का तेज देखते ही बनता था.

“थॅंक्स फॉर मेकिंग मी सॅटिस्फाइड….. लाइयन…….अब तुम जब चाहो वो कर सकते हो जो तुम्हारी ख्वाहिश है.” स्मृति का इशारा अपनी गान्ड की तरफ था. कुशल का अभी तो एंडिंग पॉइंट हुआ था और उसे थोड़ा टाइम चाहिए थे संभलने के लिए की तभी –

“कुशल……..कुशल….कुशल…..कुशल………” उपर से प्रीति की चिल्लाने की आवाज़ आती है. शायद वो जाग गयी थी.

दूसरी तरफ –

सिचुयेशन तो काफ़ी चेंज हो चुकी थी लेकिन वहीं से शुरू करते है जहाँ से छोड़ा था. जैसे की आप जानते है कि आराधना ने नयी ब्रा पैंटी पहन ली थी अपनी चुदाई के बाद और पंकज उसे घूरता है –

पंकज की निगाहे फिर से आग उगलने लगी थी और वैसे सीन भी कुच्छ ज़्यादा ही कामुक था “क्या अभी भी मन नही भरा जो ऐसे देख रहे है.???” आराधना अपनी पैंटी को पूरा उपर चढ़ाने के बाद और पंकज की तरफ देखते हुए बोलती है
पंकज का मूँह खुला का खुला था. उसने कभी आराधना को इतना सेक्सी नही देखा था, हाँ आइडिया लगता था कि वो सेक्सी है लेकिन आराधना के इन मोस्ट एरोटीक ब्रा आंड पैंटी ने पंकज के दिमाग़ की तारो को झकझोड़ दिया था.

जब आराधना ने पंकज से वो सवाल किया तो पंकज ने कोई जवाब नही दिया और मूँह खोल का ऐसे ही देखता रहा. पैंटी पूरा उपर चढ़ाने के बाद आराधना पंकज की तरफ बढ़ती है और एक चुटकी उसकी आँखो के सामने बजाते हुए स्माइल करती है.

“ डॅड…… यू ओके?” बहुत प्यारी स्माइल के साथ वो अपने डॅड को जागती हुई नींद से जागती है. पंकज हड़बड़ा जाता है.

“ओह्ह्ह…. यस… यस” और ये बोल कर वो अपना चेहरा दूसरी साइड कर लेता है. पंकज को अहसास हो गया था कि आराधना ने उसे पकड़ लिया है. पंकज अब धीरे धीरे रूम के कॉर्नर मे चल कर चेर पर बैठ जाता है, ये वोही चेर है जिस पर बैठ कर और आराधना को अपने उपर बिठा कर उसके जवान जवान यौवन के तारो को छेड़ दिया था.

पंकज अब आराधना के सामने बैठा था और काफ़ी सीरीयस लग रहा था. वो अपने सिगरेट बॉक्स को उठाता है और एक सिगरेट को बाहर निकाल कर अपने लाइटर से जलाता है. आराधना अब खुद जाकर अपने बेग से एक ट्रॅन्स्परेंट शिफ्फॉन टॉप निकालती है और उसे पहन ने लगती है.

“ डॅड…. . सीरीयस लग रहे हो…… सब ठीक तो है ना…….?” आराधना उस टॉप को पहनते हुए बोलती है. वो टॉप बिल्कुल ट्रॅन्स्परेंट था, और आराधना ने अंदर की ब्रा पैंटी उसमे क्लियर दिखाई दे रही थी. आराधना का ये बोल्ड अंदाज़ बिल्कुल नया था.

“ नही….. बस ऐसे ही……….” पंकज फिर से सीरीयस रहते हुए जवाब देता है. आराधना ये सुनकर धीरे धीरे उसके पास बढ़ती है. उसके पास पहुँच कर उसकी आँखो मे आँखे डालते हुए बोलती है –

“ क्या…..आप अपसेट है? बताओ ना कि क्या बात है…… क्या…आपको अच्छा नही लगा……?” आराधना थोड़ा हेज़िटेट हो होती है लेकिन फिर भी पंकज की आँखे मे देखते हुए बोल देती है.

पंकज खड़ा होता है और आराधना को हग करता है. “ऐसा कुच्छ नही है……. तुम्हारे साथ बिताए आज के पल से तो मैं अपनी जवानी के बेस्ट टाइम भी भूल गया हू…… अच्छा मेनटेन किया है तुमने अपने को….. काफ़ी टाइट हो…..” और ये बोलते हुए वो आराधना की गान्ड पर एक चिकोटी काट देता है.

“ ऊूउउ….” आराधना उसकी इस आक्टिविटी से चोंक जाती है क्यूंकी वो मेंटली प्रिपेर्ड नही थी इस सिचुयेशन के लिए लेकिन उसे अच्छा भी लगता है.

“ कसम से आप बड़े नॉटी रहे होंगे….अपनी जवानी मे……..” और ये बोलते हुए आराधना उसके कंधे पकड़ कर उसे फिर से चेर पर बिठा देती है.

“ जवानी मे तो हर कोई नॉटी होता है…. देखो आज तुम भी कितनी नॉटी रही….. तुम्हारी वाय्स तो तुम्हारी मोम से भी सेक्सी है……” पंकज थोड़े फन्नी वे मे आराधना से बोलता है.

“ डॅडी…… आप बहुत वो हो…..” और आराधना उसके सीने मे प्यार से दो मुक्के जमा देती है. और फिर उसी की गोद मे बैठ जाती है.

पंकज उसे अपने सीने से लगा . है. आराधना के ग्लोयिंग चीक्स बता रहे थे कि कैसे उसे लंड का इंजेक्षन लगा और कैसे उसकी बॉडी चेंज हो रही है.

“ डॅड… आपने ये क्यू बोला कि जवानी का बेस्ट टाइम भूल गया…. क्या आपको मोम प्यार नही करती थी…..” आराधना उसके सीने मे मूँह छुपाए बोलती है.

“ मोम की कौन बात कर रहा था…. जवानी तो शादी से कई साल पहले शुरू हो जाती है……..” पंकज उसे बिना झिझके ये बात बता देता है.

आराधना उसकी ये बात सुन कर चोंक जाती है और सीने से मूँह उठा कर उपर देखती है. “ ओह माइ गॉड….. तो इसका मतलब आप…..आप शादी से पहले भी………शादी से पहले भी कुच्छ कर चुके थे……..” आराधना को थोड़ी शरम तो आ रही थी ये बात पुच्छने मे लेकिन वो पुच्छ ही लेती है.

पंकज आराधना का एक हाथ पकड़ता है और उसकी चूत के सामने से ले जाते हुए अपने लंड पर रख देता है. “ पता है जब ये बड़ा होता है ना तो सोने नही देता…. शादी तक कहाँ इंतेज़ार होता है. अगर शरीफ बन कर इंतेज़ार भी करो तो सर मे दर्द रहता है और कहीं मन नही लगता. उपर वाले ने हमे बनाया ही इस तरीके से है की टाइम बाइ टाइम नीड्स बदलने लगती है… इसकी नीड तो तुम जानती ही हो…..” पंकज आराधना के हाथ को अपने लंड पर दबाते बोलता है.

आराधना के हाथ जैसे ही लंड पर पहुँचे उसको समझ आ गया कि वो फिर से तैयार होने वाला है. “ तो इस जनाब का अभी पेट नही भरा……” आराधना पंकज की गोद से खड़ी होती हुई और उसके लंड की तरफ देखते हुए बोलती है.

“ पेट ऐसे भर जाता तो बात ही क्या थी………” पंकज भी आराधना की तरफ देखते हुए रोमॅंटिक अंदाज़ मे बोलता है. आराधना ये बात देख कर समझ जाती है और वो स्माइल करके पंकज से दूर खड़ी हो जाती है.

“ तो आप रसिया रहे हो जवानी मे……. मोम से . पहले ही आप काम कर चुके थे….. लेकिन अगर मोम को पता चल जाता तो……” आराधना सिचुयेशन को कॉनवर्ट करने के लिए ऐसा बोलती है.

 

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