पंकज बाथरूम में घुस जाता है और आराधना इधर अपने कुंवारेपन को खोने वाली बात सोच कर मुस्कुरा रही थी.ये काफी पेनफुल एक्सपीरियंस था लकिन आज उसे ख़ुशी थी की पंकज ने उसे अस अ फकिंग पार्टनर एक्सेप्ट कर लिया है. वो धीरे धीरे अपना एक हाथ नीचे ले जाती है और अपनी चुत पे लगाती है. चूत से ऊपर का सारा एरिया पंकज के वीर्य से भरा हुआ था. वो एक ऊँगली को उस वीर्य पे लगाती है और फिर चिपचिपाहट का आईडिया लगाती है, फेविकोल से भी मजबूत…. आराधना उसकी क्वालिटी को देख कर मन ही मन बड़बड़ाती है. उसके चेहरे पर अलग ही मुस्कान थी. वो अभी भी अपनी टाँगे फैला कर लेटी हुई थी उसको ऐसा लग रहा था की जैसे अंदर तक हवा पहुँच रही हो लकिन रियलिटी ये थी की पंकज के मुसल जैसे लंड ने उसकी चूत को अच्छे से खोल दिया था. चूत के दोनों होठ आपस में अलग हो चुके थे.वो फिर अपनी फिंगर से अपनी चूत का इंस्पेक्शन करती है. पहले एक फिंगर डालती है और फिर दूसरी. आज सटासट ऊँगली अंदर जा रही थी वो हैरान थी की कहाँ मस्टरबैशन में दोनों उँगलियाँ मुश्किल से अंदर जाती थी और आज वो ही उँगलियाँ सटक से अंदर जा रही है.पंकज के मरदाना लंड से आराधना अब और भी ज्यादा इम्प्रेस हो चुकी थी
पंकज वाशरूम में एक शावर लेकर बहार आता है. उसने टॉवल बांधा हुआ था, आराधना को थोड़ी हैरानी हुई की कहाँ वो एक दम नंगी पड़ी थी और वो भी अपनी टाँगे फैला कर और कहाँ पंकज अपने लंड पर टॉवल लपेट कर आया था, क्या….. क्या…. मैं भी कपडे पहन लू………, आराधना बहुत ही शरमाते हुए ये बात कहती है, हाँ पहन सकती हो….,पंकज वार्डरॉब से अपने कपडे निकलते हुए बोलता है. आराधना खड़ा होने की कोशिश करती है लकिन अगले ही पल उसे शर्म आने लगती है की क्या वो नंगी ही खड़ी होकर फिर से डैड के सामने जाएगी. वो बेड पर बैठ जाती है और अपने आप को ब्लैंकेट से ढक लेती है,
डैड…… क्या आप मुझे मेरे कपडे दे देंगे…… वो बैग में है..,आराधना फिर से शरमाते हुए बोलती है. उसने बूब्स तक के हिस्से को ब्लैंकेट में कवर किया हुआ था,
हाँ…. हाँ मैं देता हु…… कौन से कपडे लोगी….,पंकज आराधना के बैग में कपडे देखते हुए बोलता है,
जो…. जो भी आपको सही लगे….,आराधना फिर से थोड़ा झिझकते हुए उसे बोल देती है.
पंकज बैग को चेक करने के बाद उसमे से एक ब्लैक एंड रेड ब्रा एंड मैचिंग पैंटी निकालता है. .वो उन दोनों आइटम्स को आराधना को दे देता है. जैसे ही आराधना उन आइटम्स को देखती है तो उसे रीयलाईज़ हो जाता है की पंकज उसे किस रूप में देखना चाहता है. वो चाहती तो बैड पर लेटे लेटे वो कपडे पहन सकती थी लकिन वो बड़ी हिम्मत के साथ बेड से खड़ी होती है और साइड में आकर ब्रा को पहन में लगती है. पंकज ने जो ब्रा और पैंटी आराधना को दी थी वो कुछ डिफरेंट ही थी. ये वो कलेक्शन था जिसे स्पेशली आराधना ने इस दिल्ली ट्रिप के लिए लिया था
ये एक ऐसा सिन था जिससे रूम में टेम्परेचर बहुत बढ़ जाए. आराधना बिना कुछ पहने पंकज के सामने खड़ी थी. पंकज के सामने वो चुत थी जो उसने कुछ ही पल पहले चोदी थी.पंकज भी एक शर्ट एंड स्लीवलेस टीशर्ट पहन चूका था और फिर से एक और पेग पीने की तयारी कर रहा था
गिलास को हाथ में लेने के बाद वो आराधना की तरफ देखता है और तब तक आराधना अपनी ब्रा पहन चुकी थी. उसकी गोरी स्किन पंकज को आकर्षित कर रही थी. ब्रा पहनने के बाद आराधना नीचे झुकती है अपनी पैंटी को पहनने के लिए जब वो झुकती है तो पंकज की आँखों के सामने फिर से उसके बूब्स आ जाते है.
आराधना टांगो में अपनी पैंटी चढाने के बाद पंकज की तरफ देखती है
पंकज की निगाहें फिर से आग उगलने लगी थी और वैसे सीन भी कुछ ज्यादा ही कामुक था
“क्या अभी भी मन नहीं भरा जो ऐसे देख रहे है.???” आराधना अपनी पैंटी को पूरा ऊपर चढाने के बाद और पंकज की तरफ देखते हुए बोलती है.
दूसरी तरफ
सिचुएशन तो काफी बदल चुकी थी लकिन वहीँ से शुरू करते है जहाँ पर ख़तम किया था. प्रीती के बार बार बोलने पर कुशल नीचे का माहौल देखने चला जाता है. उसको ये आईडिया था की स्मृति बहार हॉल में बैठी होगी मगर वो वहां नहीं थी. कुशल धीरे धीरे सीढ़ियों से उतरता है और आगे बढ़ता है. जब उसे स्मृति दिखाई नहीं देती तो वो आगे की तरफ बढ़ता है. हॉल से आगे बढ़ता है और आगे किचन में भी उसे कुछ दिखाई नहीं देता. हालाँकि कोई लेट नाईट का टाइम नहीं था फिर भी पता नहीं क्यों कुशल को ऐसा लगने लगा जैसे की स्मृति सोने चली गयी है. वो धीरे धीरे उसके बेड रूम की तरफ बढ़ता है, रूम से पहले ही उसे कुछ खटपट सुनाई दे जाती है और उसे अहसास हो जाता है की रूम में स्मृति जाग रही है. वो आगे बढ़ता है और सबसे पहला सिन ही उसके लंड को फिर से खड़ा होने पर मजबूर कर देता है. कुशल को आईडिया नहीं था की स्मृति क्या तयारी कर रही थी. उसकी पूरी बॉडी पे कुछ भी नहीं था सिवाय एक जीन्स के. स्मृति को जीन्स में देख कर खुद कुशल हैरान था और जीन्स भी अल्ट्रा लौ वैस्ट थी. सबसे कमाल की बात थी की स्मृति ने ऊपर कुछ भी नहीं पहना है. वो अपने आप को मिरर में देख रही थी लिप्स पे जूसी लिपस्टिक लगी हुई थी.अगर कुशल उसका चेहरा न देख पता तो शायद उसे ये ही लगता की ये कोई और सेक्स बम है लकिन वो उसका चेहरा देख सकता था.वो अपने दोनों हाथो से अपने बालो को पकड़ कर अलग अलग पोज़ में मिरर में देख रही थी. दोनों हाथ ऊपर आ जाने से उसके बूब्स कुछ और ही ज्यादा बहार आ गए थे कुशल अभी ही प्रीती की कुंवारी चुत को फाड़ कर आया था लकिन स्मृति के इस एक्शन ने फिर से कुशल के लंड को 1000 वाट पावर दे दी. इस टाइम स्मृति इस पोजीशन में थी कुशल के सामने
वो धीरे से मिरर के पास जाती है और अपने लिप्स को गौर से देखती है. कुशल का हाथ अब तक अपने लंड पर पहुँच चूका था.स्मृति ने अभी तक कुशल को नहीं देखा था और वो अपने एक हाथ को अपने बूब्स पर ले जाकर उसे प्रेस करके देखती है. कुशल को उसके ये रिएक्शंस और पागल कर रहे थे. मिरर में अच्छे तरीके से अपने आप को देखने के बाद वो अपने रूम के लास्ट कार्नर की तरफ बढ़ती है. अब उसकी पीठ कुशल की तरफ थी. थोड़ा आगे पहुँचने के बाद वो अपनी जीन्स के बटन को दोनों हाथो से खोलने की कोशिश करती है. क्यूंकि वो थोड़ा अंदर की साइड चली गयी थी तो कुशल थोड़ा आगे होकर उसकी मस्त गांड को देखने लगता है.वो अब जीन्स का बटन खोल चुकी थी और धीरे से अपनी जीन्स को नीचे करने लगती है. उफ्फफ्फ्फ़ क्या नजारा है. स्मृति ने अपनी जीन्स के नीचे एक बारीक़ सी पैंटी पहनी हुई थी जैसे ही उसकी थोड़ी जीन्स नीचे होती है तो कुशल को उसकी मस्तानी गांड क्लियर दिखाई दे जाती है.
”Wow………. ग्रेट……”कुशल अपने लंड पर हाथ फिरता हुआ रूम में एंटर होता है.
स्मृति उसकी प्रजेंस से शॉकेड हो जाती है और अचानक से पीछे मुड कर देखती है और अपनी जीन्स ऊपर करती हुई उसकी तरफ घूमती है
“तू……? यहाँ…. क्या कर रहा है……?” स्मृति घबराती हुई बोलती है
”माँ… आपका बेटा हूँ तो आपका अकेला कैसे सोने दे सकता हु मैं…. पापा यहाँ नहीं है तो क्या हुआ आप टेंशन न ले मैं तो हु न….” कुशल धीरे धीरे आगे बढ़ता है.
“मुझे तेरी कोई जरुरत नहीं है…..” स्मृति अपनी टीशर्ट को उठा कर अपने बूब्स को ढकते हुए बोलती है. और साइड में जाकर अपनी टीशर्ट को पहन ने लगती है
“माँ आईडिया नहीं था की आप जीन्स भी पहन लेती है. वैसे क्या कमल की फिटिंग आती है आपको खास कर आपकी बैक तो ऐसी हो गयी है जैसे जीन्स इसी के लिए बानी है……” ये बात बोलते बोलते कुशल स्मृति के बहुत करीब पहुँच चूका था.स्मृति धीरे धीरे पीछे होती हैं और कुशल धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ता है. कुशल बढ़ता ही जा रहा था और स्मृति पीछे होते होते दिवार से लग जाती है. कुशल पर फिर से भुत सवार हो चूका था. कुशल जैसे ही उसके करीब पहुँचता है स्मृति वहां से अचानक साइड हो जाती है और हँसते हँसते आगे की तरफ भाग जाती है. कुशल को उसके हंसने से आईडिया मिल जाता है की स्मृति भी ट्रैक पर है
“हे हे हे हे …….” स्मृति कुशल की इस हालत पर हंसती है, कुशल को अच्छा भी लग रहा था और बुरा भी , अच्छा इसलिए लग रहा था कि उसको आईडिया मिल गया था की आज स्मृति ज्यादा नखरे नहीं करेगी और बुरा इसलिए लग रहा था की एक परिपक्व लेडी होने के बावजूद वो ऐसे भाग रही थी. कुशल उसको मुड कर जब भागते हुए देखता है तो स्मृति की जीन्स में फसी हुई गांड देख कर वो और पागल हो जाता है.
” प्लीज मुझे मत तड़पाओ………” कुशल फिर से उसकी तरफ मुड़ता है
स्मृति अपने गेट के पास खड़ी थी और स्माइल कर रही थी.
कुशल अब फिर से धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ता है, जैसे जैसे वो बढ़ता है स्मृति भी अपने पाँव बाहर की तरफ बढाती है.
” प्रीती……” कुशल चिल्ला कर बोलता है और स्मृति डर कर पीछे देखती है
पीछे देखते ही स्मृति को समझ आ जाता है कि वो कुशल की इस चाल में वो फंस चुकी है.
इससे पहले की वो पीछे मुड कर देख पाति कुशल धप्प्प से उसे पकड़ लेता है
स्मृति इस सिचुएशन के लिए तैयार नहीं थी कुशल स्मृति को पकड़ कर फिर से दीवार से लगा देता है
.” आह्ह्ह्हह्ह….. छोड़ मुझे……..” स्मृति चिल्लाती है लकिन अब तक कुशल उसके दोनों हाथो को पकड़ कर ऊपर की तरफ कस कर पकड़ लेता है
स्मृति के बूब्स अब उसके सीने में चुभ रहे थे.
” छोड़ मुझे….. मुझे नींद आ रही है…….” स्मृति उससे रिक्वेस्ट करती है.
” ऐसी सिचुएशन में तो किसी को भी नींद नहीं आती तो आपको क्या आएगी……” कुशल ये बोलते बोलते अपने होंठ स्मृति के होंठो की तरफ बढ़ा देता है
स्मृति कभी अपनी गर्दन इस तरफ तो कभी दूसरी तरफ
पुच्च्च्चच ………. जब होंठो से लिंक नहीं हो पता तो कुशल उसके गालो पर ही स्ट्रांग किश कर देता है. इस किश के होते ही स्मृति थोड़ा अपनी मूवमेंट को कम करती है और मुड कर कुशल की तरफ देखती है.
अभी उसकी नजरे ठीक से कुशल से मिल भी नहीं पायी थी की कुशल ने अपने होंठ उसके होंठो से भिड़ा दिए………
” उन्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उन्ह्ह्हह्ह्ह्ह ……….” स्मृति थोड़ा छटपटाती है फिर से
लेकिन कुशल उसके होठो को चूसे जा रहा था. स्मृति की सारी लिपस्टिक कुशल के होठो पर लग चुकी थी. लेकिन कुशल अभी भी उसके होंठो को चूसने में लगा हुआ था.स्मृति ने भी कुछ सेकंड के लिए विरोध किया लकिन अब उसकी बॉडी मूवमेंट से नहीं लग रहा था की वो कुशल के इस एक्शन से नाराज है.
कुशल के होठो के बीच में उसे एक जीभ आती हुई महसूस होती है और वो सीधी जाकर कुशल के होठो से मिल जाती है. ये कुशल के लिए एक नया एक्सपीरियंस था, ये जीभ स्मृति की ही थी जो अब अपने एक्सपीरियंस का फायदा उठा रही थी. कुछ सेकण्ड्स के लिए अब दोनों के होंठो का द्वन्द युद्ध चलता है जहाँ स्मृति भी अच्छे से कुशल के होठो को चुस्ती है.
कुशल की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था .धीरे धीरे कुशल अपने लिप्स अलग करता है. लिप्स अलग करने के बाद वो स्मृति की आँखों में झांकता है और स्मृति शर्मा कर अपना चेहरा दूसरी साइड कर लेती है.
” इतनी रात में ये इतनी सेक्सी लिपस्टिक किस लिए लगायी है आपने….?” कुशल स्मृति से पूछता है.
स्मृति अपना चेहरा कुशल की तरफ करती है
“तुझसे मतलब…. लगायी है किसी के लिए….” स्मृति थोड़े ऐटिटूड में बोलती है
.कुशल का तना हुआ लड फिर से स्मृति के करीब था. कुशल उसको लंड को और चुभते हुए बोलता है.” बता दो जरा कौन है वो खुश नसीब….. जिसके लिए मेरी माँ ने इतना सेक्सी मेक उप किया है…” कुशल फिर से पूछता है.
” है कोई मेरा ओल्ड फ्रेंड……… लकिन तुझे क्यों बताऊ……..” स्मृति फिर से ऐटिटूड में बोलती है.
” ओल्ड फ्रेंड?????? मैंने तो कभी कोई नहीं सुना…….” कुशल अपने दिमाग पर जोर डालते हुए बोलता है.
” है कोई ओल्ड नेट फ्रेंड…..” स्मृति हँसते हुए बोलती है.
” LION…………” कुशल चिल्ला पड़ता है स्मृति के मुँह से नेट फ्रेंड वाली बात सुन कर
स्मृति को एक कस कर स्मूच करता है वो. स्मृति भी उसको पॉजिटिव रिप्लाई देती है कुशल अब कन्विंस्ड था की स्मृति की चुत उसके लंड के लिए बेक़रार है.
कुशल भी पागल हो चूका था वो पीछे होता है और अपने टीशर्ट उतरने लगता है.
” कुशल….. कुशल कहाँ है भाई……” आवाज उन दोनों के कानो में आकर टकराती है जो की प्रीती की थी.
” ओह्ह्ह्ह फ़क……” कुशल के मुँह से ऑटोमेटिकली निकल जाता है.
वो फर्स्ट फ्लोर से ही चिल्लाती रही थी.
” क्या बात है आज तेरी दुश्मन तुझे बड़े प्यार से बुला रही है….?” स्मृति स्माइल करते हुए फिर से बोलती है.
” पागल को कोई काम होगा… इससे पहले की वो नीचे आये मैं ऊपर देख कर आता हु”. और कुशल बहार की तरफ भागने लगता है.
“ पता नहीं कितना टाइम लगेगा लायन को आने में????” स्मृति की ये आवाज कुशल के कानो में पड़ती है और जोकि खुला इनविटेशन था.
” जल्दी ही आएगा वो……..” कुशल भी रूक कर स्माइल के साथ जवाब देता है. और फिर से वो ऊपर की तरफ चल देता है.वो भाग कर ऊपर जाता है लकिन उसे प्रीती रेलिंग पर दिखाई नहीं देती. वो धीरे धीरे प्रीती की रूम की तरफ बढ़ता है लकिन उसका गेट खुला हुआ था. वो अंदर जाता है तो प्रीती उसे वहां दिखाई नहीं देती.
” शायद टॉयलेट में गयी होगी…” कुशल अपने मन में सोचता है.और वो टॉयलेट की तरफ बढ़ जाता है.टॉयलेट पहुँचने से पहले ही उसे अपने रूम में अहसास होता है की कोई है और वो अपनी निगाहें फिरा कर देखता है
.” ओह्ह्ह्ह माय गॉड…..” कुशल को आज झटके ही झटके लग रहे थे. प्रीती उसी के रूम में दिवार के सहारे बैठी थी.
पंकज को स्मृति वैसे ही भड़का चुकी थी और जैसे अब प्रीती जिन हालात में बैठी थी तो वो किसी का भी पानी निकलवा सकती थी.
प्रीती ने भी जैसे पिंक लाइफ का सहारा ले लिया था. कुशल के जाते ही उसने कपडे चेंज कर लिए थे और सारे ही ट्रांसपेरेंट थे.
” इतना टाइम….. क्या कर रहा था नीचे…..” प्रीती बेहद ही सेक्सी वौइस् में बोलती है.
कुशल का लंड आज लोहे से भी ज्यादा टाइट हो चूका था. कामुक से भी ज्यादा कामुक लग रही थी प्रीती. उसकी जवानी कहीं पर भी आग लगा सकती थी
कुशल एक बार को तो कुच्छ बोल ही नही पाया. अभी कुच्छ टाइम पहले ही उसने प्रीति की चूत फाडी थी और वो अब ऐसे कामुक कपड़े पहन कर बैठी थी.
सेक्स और ड्राइविंग, ये शायद ऐसी दो चीज़े है जो स्टार्टिंग मे हर इंसान खूब दबा के करता है. कुशल को नीचे स्मृति भड़का चुकी थी और यहाँ फिर से एक बार प्रीति भी तैयार लग रही थी.
एक तरफ सिंगल टाइम फक्ड प्रीति थी, जो की बेहद सेक्सी, यंग और बेहद टाइट थी तो वहीं दूसरी तरफ स्मृति एक मेच्यूर लेडी जो कि काफ़ी एक्सपीरियेन्स दे सकती थी.
” मैं….. मैं तो ऐसे ही मम्मी से बात कर रहा था………” कुशल घबराते हुए प्रीति की बात का जवाब देता है.
प्रीति अपनी जगह से खड़ी होती है. वो एक अच्छी हाइट वाली स्लिम गर्ल थी, सेक्सी तो वो थी ही और उपर से उसने अल्ट्रा सेक्सी क्लोद्स भी पहन रखे थे धीरे धीरे वो कुशल के पास जाती है और उसके सामने खड़ी हो जाती है, उसके कॉलर को पकड़ कर अपनी तरफ खींचती है.
“ऐसा क्याआअ कर रहा था जो तुझे मेरी याद नही आई……..” प्रीति की आवाज़ ऑटोमॅटिकली बहुत ज़्यादा सेक्सी हो चुकी थी.
कुशल का चेहरा उसके बूब्स के बहुत करीब था.
” मैं तो तुझे कोई और कपड़े देकर गया था…….. और तूने…. तूने बदल दिए वो कपड़े……..” कुशल घबराते हुए बोलता है.
” क्याअ तुझे बस मेरे कपड़े ही दिखाई दे रहे है…… उसके अंदर कुच्छ नही……..” प्रीति आज कुच्छ ज़्यादा ही रोमॅंटिक थी.
प्रीति अब उसकी टीशर्ट पकड़ती है और खींच कर अंदर उसे उसके रूम मे ले आती है.
” पुचह……” अंदर आते ही वो अपने लिप्स उसके गाल पर रख कर एक किस कर देती है.
” प्रीति…… वो…. वो…..” कुशल को नीचे की भी टेन्षन थी.
” क्यूँ इतना घबरा रहा है…….” ये बोल कर प्रीति अब अपने होंठ उसके होंठ पर रख देती है.
प्रीति को कोई शक ना हो इसलिए कुशल भी उसे किस मे सपोर्ट करता है लेकिन अभी भी उसका ध्यान नीचे की तरफ ही था.
प्रीति अपने वाइल्ड रूप मे आने लगी थी और उसका सीना तेज़ी से उपर नीचे हो रहा था. लेकिन कुशल की तो जैसे फटी हुई थी लेकिन वो चेहरे से नही दिखा रहा था.
प्रीति अपना हाथ सीधे उसके लंड पे ले जाती है और उस पर हाथ रखते ही प्रीति को जैसे झटका सा लगता है क्यूंकी पहले स्मृति और अब प्रीति की वजह से वो लंड अब एक महा लंड बन गया था टाइट होकर.
एक पल के लिए दोनो के होंठ अलग होते है. प्रीति स्टाइल मे अपने बाल अपने हाथ से पीछे की और करती है और लंड को टाइट भींचते हुए कहती है –
” मैं समझ सकती हू कि तेरे इसको मैं कितनी पसंद आई…………” प्रीति अपनी सेक्सी आइज़ से कुशल की तरफ देखते हुए बोलती है.
” तुझसे भी ज़्यादा तेरी चूत पसंद आई……..” कुशल प्रीति के टच से ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो रहा था.
” क्या सभी लड़के पुसी को वोही बोलते होंगे जो तू बोलता है…….” प्रीति स्माइल करते हुए और उसके लंड पर हाथ फिराते हुए बोलती है.
” लड़के क्या लड़किया भी…….. चूत को चूत ही बोलती है………..”कुशल का ध्यान अपने लंड की भी तरफ था. अब तक प्रीति लंड को बाहर निकाल चुकी थी.
” लड़कियो को बदनाम ना कर…….” फिर से एक प्यारी सी स्माइल के साथ प्रीति कुशल से बोलती है.
” अच्छा सच बता….. कभी तुझे लंड के सपने नही आए…….” पंकज प्रीति से पुछ्ता है. प्रीति अपने हाथ अब तक उसके खाली लंड पे फिराने लगी थी.
” मुझसे क्या पुछ्ता है….. लड़के नही देखते क्या पुसी के सपने…..” प्रीति कुशल को रिप्लाइ करती है.
” लड़के सपने नही लेते पुसी के…… चोद देते है उसे मिलते ही…….” कुशल की इस बात से प्रीति को हँसी आ जाती है.
” बाते बनाना ना तो कोई तुझसे सीखे……” ये बोलते हुए प्रीति अपने एक हाथ को अपने एक बूब्स पे ले जाती है और धीरे से उसे अपनी ब्रा से बाहर निकाल देती है.
कुशल का लंड अभी भी उसके हाथ मे था. कुशल आगे बढ़कर उसकी कमर को पकड़ता है और उसके लिप्स पर एक किस करता है.
” प्रीति… यू आर डॅम सेक्सी… अच्छा सुन मुझे लगता है की मुझे अभी नीचे जाना चाहिए क्यूंकी मोम अकेली हैं ना…..” कुशल सिचुयेशन को देखते हे बोलता है.
प्रीति फिर से कुशल के करीब आकर और चिपक जाती है और बोलती है –
” बड़ी फिक्र कर रहा है मोम की……. मेरी फिक्र नही है तुझे…….?” प्रीति उसकी आँखो मे आँखे डालती हुई बोलती है.
” नही वो.. वो… मुझे डर है कि कहीं वो उपर ना आ जायें……….” कुशल फिर से बात को पलटने की कोशिश करता है.
प्रीति कुशल से थोड़ा दूर हट जाती है और बेड पर जाकर आराम से सीधा लेट जाती है.
प्रीति का एक बूब ऑलरेडी बाहर ही था. अब वो अपना हाथ पैंटी पर ले जाकर उसकी स्ट्राइप अपनी चूत से साइड मे करती है.
” लेकिन……. तेरे लिए तो ये तरस रही है मेरी जान………” प्रीति अपनी चूत मे एक उंगली घुसा देती है.
ये बहुत ही ज़्यादा एग्ज़ाइटेड कर देने वाला सीन था. कुशल अब सब भूल चुका था, उसे बस वो याद था जो अब उसके सामने था.
वो आगे बढ़ता है……. अपने दोनो हाथो से उसकी टाँगो को फेलाता है और अपने होंठ को उसको चूत पे रख देता है.
” आआहह….. कुशालल्ल्ल्ल…….. आइ……. लव…… यू…………” प्रीति की आँखे बंद हो जाती है. लड़कियो को इतना मज़ा सेक्स मे भी नही आता जितना की उन्हे अपनी चूत चटवाने मे आता है.
” म्*म्म्मममह………कुशल……………” प्रीति मस्त हो चुकी थी.
प्रीति की पैंटी की स्ट्राइप को पकड़ कर कुशल अपनी जीभ को उसकी चूत मे अंदर घुसाए जा रहा था. प्रीति की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था. पानी तो पहले से ही था लेकिन अब और भी ज़्यादा रसीली हो चुकी थी उसकी चुत.
” आआआआआआईयईईईई…..म्*म्म्ममममममममममममज…..” प्रीति के साउंड का वॉल्यूम बढ़ता जा रहा था.
इससे पहले जब कुशल और उसका मिलन हुआ था तो एग्ज़ाइट्मेंट मे कुशल ने उसकी पुसी को अपनी जीभ से टेस्ट नही कराया था तो आज वो तमन्ना पूरी हो रही थी प्रीति की.
” कुशालल्ल्ल्ल…….. माइ मॅन……ग्रेट…..लाइक दट प्लीज़………थोड़ा और…………..” प्रीति ऑटोमॅटिकली ही पता नही मूँह से क्या निकले जा रही थी. वो अपनी चूत को और उछालने भी लगी थी.
कुशल बार बार अपने होठ भी रगड़ देता था उसकी चूत से…. जिससे प्रीति की पूरी बॉडी मे झुरजुरी हो जाती थी.
” आइ…….लव…..ऊवूऊवूयूयूयुयूवयू…….आअहह……म्*म्म्मममममह…इस्शह……” प्रीति अपनी चरम सीमा पर थी.
कुशल भी अपनी जीभ को अब तेज़ी से हिलाने लगा था. प्रीति की चूत पानी पानी हो चुकी थी.
” फक्क मी……. प्लीज़……कुशल फक मी………… आअहह….. आहह….ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ…….” कुशल अपने सीधे हाथ से उसकी चूत मे उंगली भी चला रहा था.
उसकी चूत अब लंड के लिए बेचैन थी. कुशल सही मौका देख कर अपने को उसकी चूत से हटता है और अपनी टीशर्ट उतारता है.
बिना टाइम वेस्ट करे वो नीचे से भी बिल्कुल नंगा हो जाता है. उसका लंड किसी बड़े हथियार जैसा लग रहा था.
वो आगे बढ़ता है और प्रीति की कमर को पकड़ कर उल्टा कर देता है. प्रीति तो जैसे लंड के लिए भूखी थी. जैसा कुशल कर रहा था वो वैसे ही कर रही थी.
अब प्रीति पेट के बल लेटी हुई थी बेड पर और उसके हिप्स कुशल के सामने थे. कुशल एक बार फिर से उसकी कमर पर हाथ रखता है और उसके हिप्स को थोड़ा उपर उठा देता है.
अब प्रीति बिल्कुल डॉगी पोज़िशन मे थी -” अपने हिप थोड़े बाहर निकाल …….” कुशल प्रीति से बोलता है और प्रीति भी अदा मे अपनी गान्ड को बाहर निकाल लेती है. चूत जैसे एक दम से क्लियर हो जाती है कुशल को.
कुशल फिर से उसकी गान्ड मे अपना मूँह घुसा कर उसकी चूत चाटने लगता है. ये प्रीति के लिए एक नया एक्सपीरियेन्स था कि कैसे बॅकसाइड से कुशल ने अपना मूँह उसकी चूत तक पहुँचा दिया.
” आआआहह…प्लीज़ और मत तरसा……. फक मी प्लीज़……….” प्रीति अपनी गान्ड को थोडा सा बाहर करते हुए बोलती है.
कुशल वहाँ से हट जाता है. अपने हाथो पर थोड़ा थूक लगा कर अपने लंड पर लगाता है. उसका लंड थूक से भीग चुका था, लंड की हर नस क्लियर दिखाई दे रही थी.
कुशल उस लंड को उसकी चूत पर टिकाता है और एक धक्का लगाता है – फुचह……. साउंड के साथ लंड का सुपाडा अंदर पहुँच जाता है. आज साउंड कुच्छ डिफरेंट था जब लंड अंदर गया.
” आआआआआआहह……..” प्रीति एक बार फिर से चिल्लाती है. लेकिन अब की बार शायद पेन इतना नही था जितना की पहली बार मे हुआ था. प्रीति को देख कर भी अंदाज़ा लगाया जा सकता था कि पेन तो उसका अच्छे वाला हुआ है.
कुशल उसकी गान्ड पे दो थप्पड़ जामाता है. जैसे उसकी गान्ड पे मोजूद मांसल हिस्सा हिलता है तो उसे देख कर कुशल मस्त हो जाता है और फिर प्रीति की कमर पकड़ कर एक करारा धक्का लगाता है.
” आआऐईयाीईईईईईई……. आराम से……..” शायद ये स्ट्रोक कुच्छ ज़्यादा ही स्ट्रॉंग था और लंड काफ़ी अंदर जा चुका था.
कुशल फिर से उसकी कमर को पकड़ कर लंड बाहर निकालता है और धीरे से फिर से अंदर घुसा देता है. फिर से बाहर और फिर से अंदर……
प्रीति अपने एक हाथ को अपने मूँह के पास ले जाकर उस पर थोड़ा सा थूक लगाती है और उसे अपने पेट के नीचे से ले जाकर अपनी चूत पर लगाती है.
” उफफफफफफफफ्फ़…… कुशल………….आऐईयईईईईईई………आहह….ऊऊऊऊ” प्रीति का दर्द कम होता जा रहा था और मज़ा बढ़ता जा रहा था.
फुच….फुचह..फुचह….फुच
ऐसे साउंड फिर से आने शुरू हो गये थे रूम मे. कुशल ने स्ट्रोक लगाने शुरू कर दिए थे और यही नही प्रीति भी बार बार अपनी गान्ड को पीछे कर कर के कुशल को सपोर्ट कर रही थी.
“एसस्स्स्स्सस्स…..उफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़……..ग्रेट…….फकक्क्क्क मी……..ओह….” प्रीति जैसी लड़की के मूँह से निकलती हुई ऐसी सेक्सी आवाज़ो ने कुशल को और भी ज़्यादा मजबूर कर दिया था कि वो और तेज धक्के लगाए.
” फक्क्क्क माइ पुस्स्स्स्स्सययययी…….. आआआआआआआहह……..फाड़दे ईससीए……कुशाल्ल्ल……….”
जब करीबन 8 इंच का तगड़ा लंड बाहर निकाल कर स्रर्र्ररर से दोबारा अंदर जाता तो प्रीति की चूत तो जैसे धन्य हो जाती. उसकी चूत खुलती जा रही थी और कुशल का लंड और भी मोटा होता जा रहा था. प्रीति बार बार अपना चेहरा पीछे कर रही थी, उसकी सेक्सी आइज़ कुशल को और भी ज़्यादा स्पीड के साथ काम करने के लिए इन्वाइट कर रही थी.
प्रीति की गान्ड और कुशल की थाइस जब स्ट्रोक लगाने के दौरान आपस मे टकरा रहे थे तो ऐसा लग रहा था कि मानो कहीं कोई सीरीयस लड़ाई हो रही हो.
” आअहह…….फाड़ दे मेरी कुशल……..उफफफफफफफफफफ्फ़………….आइ…..लव……..यू……….अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह……..”
फूच…फूच..फुच्च.फूच…फूच..फुच्च…. कुशल के बेड पर हो रही प्रीति की चुदाई से आ रहे साउंड को अगर कोई भी सुनता तो आइडिया लगा लेता कि ये कोई हार्ड फक्किंग सेशन चल रहा है.
” आआहह…….. आइ………एम…….कमिंग………… आअहह आहह आहह……….” और इसके साथ ही प्रीति की चूत अकड़ जाती है.
कुशल अभी भी फुल स्पीड मे लगा हुआ था. लेकिन प्रीति की चूत का पानी निकल चुका था.
कुच्छ सेकेंड्स के लिए सब नॉर्मल था लेकिन फिर प्रीति को जैसे परेशानी होने लगी.
” कुशल……. जल्दी कर ना प्लीज़…. कितना टाइम लगेगा…..”
कुशल धक्के लगाने मे लगा हुआ था.
” कुशल… मुझे जलन हो रही है प्लीज़ जल्दी कर ना….”
लेकिन कुशल अभी भी लगा हुआ था. कुशल के लंड की मोटाई को अब झेलना तो जैसे प्रीति के बस का नही था.
” कुशल……… अब…… मुझे पेन हो रहा है……….. सोर्र्र्ररयययययययययी…..” और ये बोलते ही वो आगे हो जाती है और लंड बाहर.
कुशल को तो जैसे अब होश आया था. प्रीति के इस सडन रिक्षन की तो जैसे कुशल को भनक भी नही थी. कुशल का लंड बाहर और उसका चेहरा एक दम तमतमाता हुआ लाल हो चुका था.
” ये क्या बदतमीज़ी है………?” कुशल गुस्से मे प्रीति से पुछ्ता है.
” बदतमीज़ी तो तू दिखा रहा था…. जब मुझे पेन हो रहा था तो तू जल्दी नही कर सकता था.” प्रीति उल्टा लेटे लेटे जवाब देती है.
कुशल उसकी ये बात सुनकर जैसे पागल हो जाता है –
” जब तेरी चूत मे इतनी जान नही है तो क्यू लंड के पीछे भागती है…….?” कुशल बेड से खड़ा होता हुआ बोलता है.
” मुझसे बकवास करने की कोई ज़रूरत नही है…. समझ आया तुझे…..” प्रीति गुस्से मे बोलती है.
कुशल उसकी इस बात से और भी ज़्यादा गुस्से मे आ जाता है. जब किसी लड़के के साथ ऐसा होता है तो वो अपना आपा वाकई मे खो सकता है और इसका आइडिया प्रीति को नही था.
कुशल गुस्से मे आगे बढ़ता है और उसके बाल पकड़ कर उपर की ओर खींच लेता है
कुशल अपना दूसरा हाथ सीधा उसकी गान्ड पर ले जाता है. इससे पहले की प्रीति कुच्छ सोचती कुशल अपनी उंगली उसकी गान्ड के छेद मे घुसा देता है. वो छेद बहुत ही ज़्यादा टाइट था.
“आआऊऊऊऊऊऊओ…..” प्रीति चिल्ला पड़ती है.
” अब तो तेरी चूत फटी है…… ज़्यादा बोलेगी तो तेरी गान्ड भी मार लूँगा. एक उंगली से चिल्ला रही है तो सोच कि इतने मोटे लंड से क्या होगा.” कुशल प्रीति को बोलता है.
प्रीति कुशल की इस बात का कोई जवाब नही देती क्यूंकी वो समझ चुकी थी कि इस टाइम कुच्छ भी बोलना सही नही है.
खैर पता नही क्या सोच कर कुशल अपनी उंगली को बाहर निकालता है और प्रीति को छोड़ कर अपने कपड़े पहन ने लगता है.
प्रीति अभी भी चुप थी लेकिन जब कुशल रूम के बाहर जाने लगता है तो वो पूछती है –
” कहाँ जा रहा है…….” उसकी आवाज़ मे थोड़ी केर थी.
” तेरी मा चोदने…………” कुशल की ये बात सुन कर फिर से प्रीति की हँसी छूट जाती है.
आक्च्युयली प्रीति इस बात को कुशल का गुस्सा समझ रही थी और कुशल ने एक अपने दिल की बात बता दी थी.
इससे पहले की प्रीति कुच्छ बोलती कुशल रूम से चला जाता है.
प्रीति का प्लान भी पता नही क्या था लेकिन उसको देख कर ये नही लग रहा था कि वो कुशल के रूम से जाने के मूड मे है.
कुशल का मूड ऑफ हो चुका था. कहाँ वो इतनी टाइट चूत मार रहा था और कहाँ उसका एंडिंग पॉइंट होने से पहले ही उसके साथ चीटिंग हो गयी.
धीरे धीरे वो नीचे आता है. लेकिन नीचे आते ही उसको हॉल मे बैठी हुई स्मृति दिख जाती है. उसने अभी भी टीशर्ट आंड जीन्स पहनी हुई थी.
वो हॉल मे सोफे पर बैठी थी और हाथ मे अगेन वाइन का ग्लास था. कुशल को थोड़ी राहत मिलती है.
” हाई मोम…..” कुशल फिर से स्माइल करते हुए कहता है.
लेकिन स्मृति उसे कोई रेस्पॉन्स नही देती. वो अपने ग्लास को हाथ मे लेकर ड्रिंक करने मे बिज़ी रहती है.
कुशल उसके साथ आकर सोफे पर बैठ जाता है. लेकिन स्मृति उसकी तरफ नही देखती.
” क्या बात है मोम…. गुस्सा लग रही हो……” कुशल फिर से स्माइल करते हुए कहता है.
लेकिन स्मृति फिर भी उसे कोई रिप्लाइ नही देती. कुशल थोड़ा सा आगे बढ़कर अपना हाथ उसके हाथ पर रखते हुए बोलता है -” क्या बात है मोम…. आप बात क्यू नही कर रही हो.

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