manu@84
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 91
" आखिर क्यों "शायद कुसुम को मेरा अपनी खुद की औलाद के लिए तड़पना सुकून सा दे रहा था. मैने जो उस के साथ विश्वासघात किया था, बिना उस की किसी गलती के उस को जो वेदना दी थी, उस की यह सजा तो मुझ को मिलनी ही चाहिए थी.कुसुम से तलाकनामा मिलने के कुछ दिनों बाद मैने और रिंकी ने शादी कर ली....
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 5
अध्याय --- 5 --- गलती किसकी ------अब अगले 4 दिनों तक मैंने कुसुम को पीछे से घोड़ी बना कर, नीचे से ऊपर से, साइड...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 4
अध्याय --- 4 --- हमारा हनीमून ------मै उनकी ख़ुशी के लिए कुछ भी करूँगा। मै अपना दामाद का फर्ज निभाऊँगा। कुसुम ने मेरे कंधे...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 3
अध्याय --- 3 --- जनम कुंडली (मेरी जिंदगी की पहली incest feelings) ------घर में हम सबसे ज्यादा करीब अपनी मम्मी के होते है क्योकि...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 2
अध्याय --- 2 --- मेरी होने वाली पत्नी कुसुम की पहली शादी से विधवा होने तक की दास्तांआखिर में एक लाइन बोली की मै...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 1
अध्याय -----1----- मेरी शादीमुझे पढाई का शौक शुरु से था, जिससे मुझे एक सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर की जॉब मिल गयी, मेरे दादाजी अकेले...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Intro
सभी लोगों को नमस्कार आज से में एक नया अध्याय लिखने जा रहा हू, ये कहानी मुझे एक यूजर ने ईमेल के जरिये अंग्रेजी...