manu@84
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 91
" आखिर क्यों "शायद कुसुम को मेरा अपनी खुद की औलाद के लिए तड़पना सुकून सा दे रहा था. मैने जो उस के साथ विश्वासघात किया था, बिना उस की किसी गलती के उस को जो वेदना दी थी, उस की यह सजा तो मुझ को मिलनी ही चाहिए थी.कुसुम से तलाकनामा मिलने के कुछ दिनों बाद मैने और रिंकी ने शादी कर ली....
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 41
तेरी बीवी कुसुम और मेरी बहू बहुत होनहार है उसकी तरक्की में कभी रोड़ा या टांग मत अड़ाना। उसे अपने सपने पूरे कर लेने...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 40
अध्याय - 16 --दूरियाँ......नजदीकियां...... मजबूरिया कोई सपने में भी नही सोच सकता है की मेरे और सुनीता के बीच इस आधे घण्टे के सफर में...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 39
तीन घंटे बाद हमारा स्टेशन आ गया। सुनीता का भाई उसका प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहा था, सुनीता को अपने पहने हुए कपड़ो में...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 38
------------ ""थोड़ी सी बेवफ़ाई "" ------------ मै बाइक ले कर होटल पहुँच गया और होटल मैनेजर बाइक सौंप कर थैंक्स बोलकर टैक्सी से मामी के...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 37
पहले वो नीचे गयी फिर उसके थोड़ी देर बाद मैं नीचे गया,नीचे पहुँच कर मैने कमरे के दरवाजे की तरफ देखा तो दंग रह...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 36
सबसे ज्यादा सूचक कुसुम ने यह इशारा किया की वह किसी साधारण व्यक्ति को अपना सर्वस्व समर्पण नहीं करेगी।कुसुम के मुह से गैर मर्द...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 35
इस तरह सोचते सोचते ही मैरी आंखे भारी होने लगी थी। पर कोई फैसला न कर पाने की वजह से आखिरकार हारकर मै चुपचाप...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 34
कुसुम मेरे पीठ से पूरी तरह लिपट कर बोली एक बात कहुमै हाँ बोलो“जान सच में वो बहुत हैंडसम है ,आज उसके साथ ही लंच...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 33
और अगर मै बहक गई तो ….”उसकी बातो का इशारा मैं समझ सकता था,मैं भी गहरे सोच में डूब चुका था..“मुझे नही पता ….”मैं...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 32
------------ ""पतन की शुरुआत "" ------------“फिलहाल तो आज तुम होटल मेरे साथ चलो तुम्हारी पूरी मस्ती निकलता हु “वो खिलखिलाई और “आप ठरकी हो...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 31
“फिलहाल तो आज तुम होटल मेरे साथ चलो तुम्हारी पूरी मस्ती निकलता हु “वो खिलखिलाई और “आप ठरकी हो ये तो पता था लेकिन...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 30
मेरी जीवनसंगिनी, मेरी पत्नी कुसुम जिसके साथ मुझे पूरी जिंदगी साथ निभाना है वो मुझसे दूर जा रही थी।मैने अपने आँखों के आँसू पोंछे।...
