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कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 91
" आखिर क्यों "शायद कुसुम को मेरा अपनी खुद की औलाद के लिए तड़पना सुकून सा दे रहा था. मैने जो उस के साथ विश्वासघात किया था, बिना उस की किसी गलती के उस को जो वेदना दी थी, उस की यह सजा तो मुझ को मिलनी ही चाहिए थी.कुसुम से तलाकनामा मिलने के कुछ दिनों बाद मैने और रिंकी ने शादी कर ली....
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 77
उसी दोपहर जब मै कॉलेज में लेक्चर दे रहा था मेरे पिताजी का फोन आया वो और मम्मी किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 76
" आख़िर क्यों ""“लव यू मेरी जान आप भी अपना ख्याल रखना और ज्यादा जलना मत..”एक हँसी के साथ हम दोनो थोड़ा इमोशनल हो...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 75
और इसी के साथ यह अद्भुत और रोमांचक आउट डोर सेक्स समाप्त हुआ, घर से दूर, बाहर खुले आसमान के नीचे चांदनी रात में...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 74
" Hide & Seek ""वो अपने कदम बेहद ही फूंक फूंक कर रखने वाली थी ,मुझे उसके दिमाग पर भरोसा था लेकिन ये...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 73
अब मुझे अपना मन बहुत हलका महसूस हो रहा था. "बेवफाई के इलजाम" से आजाद जो हो गया था मैं."" स्त्रियाँ किसी से प्यार...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 72
इसी पश्चाताप की कशमकश में मेरी आँख लग गयी...........!सुबह करीब 5.30 बजे मेरे बदन में हरकत होने के कारण मेरी आंख खुल गई। मैंने...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 71
" पश्चाताप ""अपनी पत्नी के मुख से केस विन्यास के गूढ़ रहस्य को जान मैं हतप्रभ, विस्मित, प्रभावित, और नतमस्तक हो गया।रात के आठ...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 70
ऐसा नही था कि मुझे अपनी सास किसी आम औरत की भाँति नज़र आ रही थी, मैने कभी अपनी सास को उत्तेजना पूर्ण शब्द...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 69
" महक या दहक ""“बहुत बोलते थे ना अब देखना,जलने का सारा शौक पूरा कर दूंगी मैं आपका “वो शरारत से बोलकर मुझे अकेला...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 68
दिनेश ने कुसुम की ब्लाउस की पीठ पर बंधी रेशमी धागे की डोर खींच दी..... ।परनारी की बदन की खुशबू से मस्त दिनेश ने...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 67
अपने गुस्से को काबू कर मुझे धमकी (चेतावनी) देते हुए उन्होंने अपनी उंगलियों को दिखाते हुए कहा 'मैं नहीं चाहती कि मेरी बेटी जूली...
कर्ज और फर्ज | एक कश्मकश – Update 66
कुसुम के चहरे में एक व्यंगात्मक मुस्कान थी और व्यंगात्मक मुस्कान देती हुयी वो प्रीति के साथ होटल की लॉबी में चली गयी।अब उसे...
