“उसके बारे में मैं ये कह सकता हूँ की उससे मैं अपना लंड चुसवा सकता हूँ, अगत तुम उसे मेरा लंड चूसते हुए देखना चाहते हो तो तुम्हे 2000 रूपए देने होंगे, अगर मैंने ये कर दिया और फिर तुम्हारा मूड चेंज हो जाए तो तुम मेरी बहन की चूत चाट सकते हो और टोटल 5000 रूपए दे सकते हो,” मैंने एक नया पैकेज उन्हें दिया.
“ठीक है, मुझे मंजूर है, और अगर तुम ये सब ना कर पाए तो तुम्हे इसके दुगने पैसे हमें देने होंगे.” विकास ने कहा.
“मुझे मंजूर है” मैंने खुश होते हुए कहा.
“कल दोपहर को मैं तुम्हे ये सब होते हुए दिखा दूंगा.” मैंने उन दोनों से कहा.
तब तक तुसरे रूम में रस का सैलाब आ चूका था और दोनों ने बिना कोई वक़्त गवाएं सारा पानी चाट कर सफा कर दिया और फिर दोनों कपडे पहन कर पड़ने के लिए बैठ गयीं.
उसी रात मैं होले से ऋतू के कमरे मैं घुस गया और उसकी रजाई में जाकर लेट गया, वो मेरा ही इन्तजार कर रही थी….पूरी नंगी.
मैंने अपने शोर्ट्स उतारा और वो मेरा लंड चूसने में लग गयी, मैंने उसे बताना शुरू किया की हमारी क्या-२ बातें हुई और मैं ये सब कैसे करने वाला हूँ, और कैसे मेरे दोस्त उसकी चूत को चूसेंगे,…वो मेरी बात सुन रही थी और मेरा लंड चूसती जा रही थी, मेरे दोस्तों द्वारा अपनी चूत चाटने की बात सुनकर उसकी चूसने की स्पीड बढ गयी और वो दोनों हाथों से मेरा लंड पकड़कर अन्दर बाहर करने लगी मैंने अपना गाढ़ा वीर्य उसके दहकते हुए मुंह में झोंक दिया. और वो सारा रस पी गयी.
इसके बाद मैं वापिस अपने रूम में आकर लेट गया.
*****
अगले दिन, सभी कुछ वैसे ही हुआ, हम तीनो उन दोनों का इन्तजार कर रहे थे वो कल की तरह आयीं और आते ही शुरू हो गयी, मैंने अपने दोस्तों से कहा की वो छेद से देखते रहें और मैं धीरे से अपने कमरे से निकलकर दुसरे रूम में आ गया.
उन्होंने देखा की मैं रूम में पहुंचकर नंगा हो गया हूँ और मेरा लंड खड़ा हुआ है, मैं धीरे से आगे आया और बेड पर 69 की अवस्था में लेती हुई ऋतू और पूजा के पास आकर खड़ा हो गया. ऋतू ऊपर थी और पूजा नीचे.
मैंने एक हाथ बढाकर ऋतू को पूजा की चूत से हटा दिया और अपना लंड लेटी हुई पूजा के खुले हुए मुंह में डाल दिया. वो पहले तो चोंक गयी पर फिर उसने मेरा लंड जोर शोर से चुसना शुरू कर दिया, ऋतू अभी भी पूजा की चूत चूसने में लगी हुई थी.
मैंने छेद की तरफ मुंह करके उन दोनों को भी इशारा किया की वो इस रूम में आ जाएँ.
जब वो दोनों रूम में आये तो ऋतू दरवाजे के पीछे खड़ी हुई नंगी ही उनका वेट कर रही थी, उसने दोनों को चुपके से दीवार के सहारे सटा दिया और बिना कोई आवाज करे अपने पीछे आने को कहा.
वो दोनों आगे आये और बेड पर नंगी लेटी हुई पूजा की तरफ देखने लगे, उसकी गुलाबी रंग की चूत काली टांगो के बीच चमक रही थी, और आँखें बंद करे वो मेरा लंड चूसने में लगी हुई थी उसकी दोनों पहाड़ियां और उनपर चमकते दो मोती क़यामत ढा रहे थे.
विकास की नजरें तो पूजा के शरीर से हट ही नहीं रही थी, सन्नी ऋतू के नंगे शरीर का आँखों से बलात्कार करने में लगा हुआ था.

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