सोनू भी थोड़ा आगे खिसक आया और उसने सोनिया की गांड पर अपने हाथ लगाकर उसे सहारा दिया ताकि लण्ड उसकी चूत में आसानी से घुस सके…
और प्रॉपर एंगल बनाते हुए, उसके रसीले होंठो को शावर के नीचे चूसते हुए, अपनी लाइफ की पहली बाथरूम वाली चुदाई की शुरूवात करते हुए सोनू ने अपना लंड उसकी चूत में डालकर एक जोरदार झटका मारा और वो फर्र-2 करता हुआ अंदर घुसता चला गया.
इतना गर्म और गीला एहसास उन्हे आज तक नही मिला था..
पानी की बौछार में सैक्स करने में जो आनद उन्हे इस वक़्त मिल रहा था उसका दुनिया की किसी भी चीज़ से कोई मुकाबला नही था..
दोनो एक दूसरे के होंठ चूस भी रहे थे और एक लय बनाकर चुदाई भी कर रहे थे.
अचानक सोनू ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और सोनिया को घुमा कर उसकी पीठ से चिपक कर खड़ा हो गया..
स्मूथ चल रही चुदाई में ऐसी रुकावट भला किसे पसंद होती है, सोनिया को भी ये पसंद नही आई…
पर तब आई जब वो इसका मतलब समझी…
सोनू ने उसे हल्का सा झुकाते हुए पीछे की तरफ से उसकी चूत का छेद ढूंड निकाला, और उसमे अपना लंड पेल दिया..
हालाँकि इस एंगल में लंड को अंदर जाने में थोड़ी तकलीफ़ हो रही थी, पर मज़ा भी उतना ही मिल रहा था..
और एक बार फिर से अपने प्यारे भाई के रसीले लंड को अपनी पनियाती चूत में लेकर वो कराह उठी…
”ओह बैबी…… यू आर सूओssssssss गुड ….. ऐसा लग रहा है जैसे बरसो से करते आ रहे हो…उम्म्म…..आई एम लविंग इट…….. फक्क मी नाउ….. फक्क मी हॉर्डरररररर …”
इतना कहते हुए वो थोड़ा और झुक गयी…
दोनो एक ऐसे रास्ते पर भागते जा रहे थे जिसके हर पल में मज़ा बिखरा हुआ था, हर झटके से सोनिया की चूत में एक सनसनाहट पैदा होती और वो उसके शरीर के हर अंग को झझकोर कर चली जाती…
वो अपने रसीले होंठों को आपस में दबा कर हर झटके का मज़ा ले रही थी…
इसी बीच उनकी मोम की चाय ख़त्म हो गयी.
उन्होने कप सींक में रखा और सोनू को उठाने के लिए उपर चल दी…
वो बड़बड़ाती भी जा रही थी की ‘जब से ये सोनिया आई है, सोनू ने तो टाइम से उठना ही बंद कर दिया है…छुट्टी उसकी है या सोनू की… बेकार में इसे भी अपने जैसा बनाती जा रही है ..’
सोनू इस बात से बेखबर सोनिया की चूत में पम्पिंग करता हुआ उसके उन्नत हो चुके मुम्मों को मसलने में लगा हुआ था
उधर सोनिया की चूत की सरसराहट जब कुछ ज़्यादा ही बढ़ गयी तो उसने पलटकर अपने भाई को ज़ोर से पकड़ लिया… शायद उसके दिमाग़ में एक नया आसन आया था जिसके बारे सोमें चकर वो अक्सर झड़ जाया करती थी…
उसने सोनू को नीचे ज़मीन पर बिठा दिया और खुद उसकी गोद में बैठते हुए उसके लंड को चूत में लेकर हड़प कर गयी…जैसे उसके बाप का माल हो…
वैसे था भी वो उसके बाप का माल ही..
और अपने बाप के माल को, यानी अपने भाई के लंड को अपनी चूत में लेकर, कुलबुलाती हुई सी, उसके लंड पर अपनी चूत को मूली की तरह घिसने लगी..
ऐसा लग रहा था जैसे इस दुनिया के दो ‘तारे ज़मीन पर’ उतार आए है जो उपर से बरस रहे पानी मे अपनी जवानी की आग को ठंडा करने में लगे है..
”ओह दी……यू आर सोओ हॉट……. कहाँ से ला रही हो ऐसी पोज़िशन्स……उम्म्म्ममममम सच में ……मज़ा आ रहा है…… ऐसा तो मैने सोचा भी नही था…..”
वो भी उखड़ती सांसो के बीच बोली : “उम्म्म……यु आर ऑल्सो गुड सोनू…..आई केन फील यु कॉम्लीटली इनसाइड मीई……अहह चोदो मुझे….सोनू….ऐसे ही चोदो …फक्क मी लाइक दिस”
और जब एक लड़की आपके उपर चड़कर चोदने के लिए बोलती है…
और उपर से वो आपकी खुद की बहन हो…
तो दोस्तो ऐसा जोश आता है जिसका कोई मुकाबला ही नही होता.
और वही जोश इस वक़्त सोनू में भी भर गया…
वो उसके मोम्मे मसलता हुआ ज़ोर-2 से अपने लंड को उसकी चूत रूपी अंतरिक्ष में भेजने लगा..
और उसी वक़्त दरवाजे पर उनकी मोम ने नोक कर दिया..
जब कोई जवाब ना मिला तो उन्होने सोनू को आवाज़ लगाते हुए ज़ोर-2 से दरवाजा खटकाया..
”सोनूsssssssss ओ सोनऊउउउ , दरवाजा खोलो ”
और ये उन्हे सुनाई दे गया…
अपनी मोम की आवाज़ सुनकर दोनो जड़ से बनकर रह गये…
अपनी माँ का सोनू को इतना खोफ़ था की उसका कड़क लंड भीगी बिल्ली बनकर , सिकुड़कर, एक पल में बाहर निकल आया…
तब तक एक बार फिर से उनकी माँ की आवाज़ आई
”सोनू………उठ जा…..स्कूल का टाइम हो रहा है….आज छुट्टी करनी है क्या…”
दोनो जल्दी से उठे और शावर बंद किया…
दोनो मे से किसी को समझ नही आ रहा था की क्या करे और क्या नही..
वो सोनू को चूमने में लगी रही..
अपने बूब्स को उसके चेहरे पर रगड़कर उसे चुदाई करते रहने के लिए उकसाती रही..
वो सोनू के लंड को अपनी चूत से निकलने ही नही देना चाहती थी…
आख़िरकार उसके अंदर जो ऑर्गॅज़म बन रहा था, वो उसका पूरा मज़ा लेना चाहती थी.
और वहीं दूसरी तरफ सोनू की हालत खराब थी, एक तो मॉम के आने से पकड़े जाने का डर बन चुका था और दूसरी तरफ सोनिया उसे छोड़ने को ही तैयार नही थी..
वो फुसफुसाया : “छोड़ो मुझे दी, मॉम आ गयी है…आप मुझे बाहर जाने दो, आप नहाते रहो…वरना सब गड़बड़ हो जाएगा…प्लीज़ दी…छोड़ दो मुझे…”
वो भी किसी नागिन की तरहा हिसहीसाई : “नहीsssssss …..पहले ये कंप्लीट करो….मैं बस झड़ने ही वाली हूँ …आई कांट लीव यू लाइक दिस ….फिनिश इट ”
सोनू तो अवाक सा रह गया उसकी हिम्मत देखकर…
उसे मोंम का भी डर नही था…
वो कोई छोटा मोटा काम नही बल्कि चुदाई कर रहे थे…
और वो भी भाई-बहन होकर..
उसके बावजूद सोनिया दी ऐसी डिमांड कर रही थी.
और सोनू ये बात भी जानता था की सोनिया ने अगर ठान लिया है तो वो करके ही छोड़ेगी…
ऐसे में उसके साथ बहस करके वो टाइम वेस्ट नही करना चाहता था..
इसलिए उसके झटको को वो झेलते हुए उसे चोदता ही रहा.
इसी बीच एक बार फिर से मोंम की आवाज़ आई : “सोनू………ओपन द डोर……सोनिया कहाँ हो तुम…”
मैने सोनिया की तरफ याचना भरा फेस बनाकर कहा की कम से कम जवाब तो दे दो…
वो बोली : “ओक…पर तुम चुप रहना एन्ड ये फकिंग बंद मत करना…”
इतना कहते हुए वो उठ गयी और बाथरूम के दरवाजे पर आकर फिर से घोड़ी बन गयी…
और पीछे मुँह करके उसने मुझे फिर से लंड अंदर डालने का हुक्म दिया..
मैने बिना कोई बहस किए अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और एक बार फिर से चूत चुदाई करने लगा..
सोनिया : “हांजी मॉम ….मैं नहा रही हूँ ….बोलो…”
मों : “ओहहोओ …..आज इतनी जल्दी उठकर नहा रही हो…. कहीं जाना है क्या…”


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