सोनू नही झड़ा था
क्योंकि एक घंटे पहले ही वो चाँदनी की गांड में झड़कर आया था
अगली बार उसका माल निकलने में काफ़ी टाइम लगने वाला था…
और अभी के लिए इतना टाइम नही था उनके पास..
इसलिए उसने साक्षी के, लंड चूसकर झड़ने के, प्रोपोसल को भी अभी के लिए मना कर दिया
अपने-2 कपड़े ठीक करके वो घर की तरफ चल दिए..
साक्षी को उसके घर उतारने से पहले भी उसने काफ़ी देर तक उसे स्मूच किया…और बाद में अपने घर आ गया.
बाहर पहुँचकर उसने सोनिया को कॉल करके बोल दिया की वो आ चुका है
बाकी सब सो चुके थे, इसलिए वही दरवाजा खोलने के लिए आई…
और उसके कपड़े देखकर वो एक बार फिर से उसकी हिम्मत का कायल हो गया…
उसने वही नन्ही सी निक्कर पहनी हुई थी जो आज तक उसने सिर्फ़ अपने बेडरूम में ही पहनी थी…
और साथ में एक छोटी सी टी शर्ट, जिसमें उसके निप्पल्स सॉफ चमक रहे थे, यानी उसने अंदर ब्रा भी नही पहनी थी…
सोनू के चेहरे पर एक बार फिर से शैतानी मुस्कान आ गयी…
आज की रात वो कुछ ख़ास करने के मूड में आ चुका था.
और अब वो सोनू के सामने टॉपलेस होकर खड़ी थी..
एक के बाद एक, अलग-2 साइज़ के बूब्स देखकर सोनू तो आज पागल सा हुआ जा रहा था….
रात का 1 बज रहा था, इसलिए नीचे से मॉम-डेड के आने का ख़तरा नही था
दरवाजा भी बंद था, ऐसे में सोनिया अपने हिसाब से कपड़े पहन कर घूम रही थी.
उसने जब सोनू की फटी हुई आँखो को देखा तो वो बोली : “ऐसे क्या देख रहे हो तुम…मैं तो पहले भी ऐसे ही लेटी हुई थी अपने बेड पर…वो तो नीचे जाते हुए ये टी शर्ट पहनी वरना मुझे तो ऐसे ही सोने का शोंक है…इनफॅक्ट नीचे भी मैं कुछ पहनना पसंद नही करती सोते हुए..”
ये कहकर उसने सोनू को एक आँख मारी, जैसे सोनू से पूछ रही हो की अपनी वो निक्कर भी उतार दे या नही…
पर उससे पहले सोनू को अपने कपड़े उतारने थे
अपना कोट-पेंट और शर्ट उतारकर जब वो सिर्फ़ अंडरवेर में रह गया और मुँह हाथ धोकर वापिस रूम में आया तो सोनिया को अपने बिस्तर पर बड़े कामुक पोज़ में नंगी लेटे पाया…सोनू ने नीचे देखा तो सोनिया की वो छोटी सी निक्कर भी ज़मीन पर पड़ी थी…
और अपनी बाहें फैला कर वो सोनू को अपने पास बुला रही थी…
वो तो वैसे भी उसके पास जाने वाला था, पर इस तरह के सेंसुअल तरीके का बुलावा उसे बहुत पसंद आया..
वो जैसे ही बेड पर चड़ने लगा तो सोनिया ने उसे टोक दिया और बोली : “रूको…ये भी उतारो…नो क्लोथ एलाउड टुनाइट..”
अब तो उसका लंड पूरा खड़ा हो गया…अंडरवीयर उतारते हुए भी उसके खूँटे की तरह खड़े लॅंड ने बड़ी परेशानी की..
बेड पर लेटते ही सोनिया उसके कंधे पर सिर रखकर उससे लिपट गयी..
दोनो के होंठ एक दूसरे से जा चिपके और सोनू अपनी बहन के होंठो का अमृत आँखे बंद करके पीने लगा..
कुछ देर तक चूसने के बाद सोनिया ने उसके सिर को पकड़ कर अपनी छाती की तरफ धकेल दिया…
वो समझ गया की उसके निप्पल्स में खुजली हो रही है जिसे सोनू को अपने होंठों और दांतो से बुझानी होगी…
वो बुरी तरह से उन्हे चूसता हुआ उनपर टूट पड़ा..
”आआआआआआआआआहह बैबी…..उम्म्म्ममममममम……. मज़ा आ गया….”
फिर वो बोली : “आज लगता है कुछ ख़ास हुआ है वहां पर….बताओ मुझे….सब कुछ…..बोलो…आआआआहह”
सोनू ने अपना सिर उपर उठाया…
एक पल के लिए तो उसे लगा की तनवी की तरह साक्षी ने भी उसकी बहन को सब बता दिया है…
पर ऐसा तो हो नही सकता था…दोनो एक दूसरे को जानती भी नही थी…
पर आज जो भी हुआ था, उसे अपनी बहन से छुपाने का भी कोई फायदा नही था…
वो सोनिया के साथ ऐसी पारदर्शिता के साथ रहना चाहता था जिसकी वजह से उसे कभी भी झूट ना बोलना पड़े..
इसलिए उसने धीरे-2 करके उसे सारी बात बता दी…
सोनिया भी मंद-2 मुस्कुराते हुए अपने भाई के कारनामे सुनती रही…
हालाँकि उसे ये सुनकर आश्चर्य हुआ की आज सोनू ने साक्षी की फ्रेंड चाँदनी की गांड मारी, जो की उसकी लाइफ का पहला छेद था जिसमें उसने अपना लंड घुसाया था, पर ये सुनकर की उसने लगातार चाँदनी और साक्षी की चूत मारने से मना कर दिया वो अंदर से काफ़ी खुश हुई…
फिर वो उसके होंठो को चूमती हुई बोली : ”मेरा शोना बैबी…. तो तुम्हे क्या लगता है, अपनी लाइफ में ये पहली बार तुम किसके साथ करना चाहोगे…कौन है वो स्पेशल वन”
उसकी आँखो में एक आस सी थी….
शायद अपना नाम सुनने की.
सोनू ने उसकी प्यासी आँखो में देखा…
एक के बाद एक उसके सामने सभी के चेहरे घूम गये….
तनवी का…
साक्षी का…
चाँदनी का और सोनिया का…
और बार -2 सिर्फ़ और सिर्फ़ सोनिया का ही चेहरा सभी से आगे आकर खड़ा हो रहा था…
और इस तरह से उसे खुद ही इस सवाल का जवाब मिल गया…
हाँ ..
वो सोनिया ही थी….
जो उसके अंदर इस कदर समा चुकी थी की वो अपनी लाइफ की पहली चुदाई उसी के साथ करना चाहता था…
उसे अब इस बात से कोई फ़र्क नही पड़ रहा था की ये उसकी खुद की सग़ी बहन है…
इन संबंधो की शुरूवात करते हुए भी उन्होने दुनिया भर की कसमें खायी थी…
नियम बनाए थे…
क्या ग़लत है और क्या सही है ये सब पहले से निर्धारित कर लिया था…
और उसी के अनुसार आज तक उनके संबंध हर कसोटी को पार करके बढ़ते चले आ रहे थे…
और आज आलम ये था की सिर्फ़ चुदाई को छोड़कर उन्होने एक दूसरे के जिस्मों के साथ प्यार करने के हर तरीके को इस्तेमाल कर लिया था..
सोनू ने उसकी गुलाबी आँखो मे देखते हुए कहा : “तुम्हारे साथ दी…तुम्हारे साथ…”
उसके इतना कहने की देर थी की सोनिया उसके होंठों पर टूट पड़ी…
अपने नंगे जिस्म को उसके शरीर से रगड़ती हुई, अपनी टूटी हुई सांसो से उसने पूछा : “और….और ये…ये ग़लत तो नही होगा ना…”
सोनू जानता था की उसकी बहन उसे छेड़ने के लिए ऐसा ज़रूर पूछेगी…
पर वो अब जान चुका था की इस बात को बार-2 कहकर वो अपनी लाइफ की सबसे बड़ी भूल कर रहा था…
सोनिया अपनी गर्म साँसों के बीच अपने भाई का ये कबूलनामा सुनती रही…
और फिर उसकी आँखे भीग आई…
शायद यही वो भी सुनना चाहती थी…
यही वो भी कहना चाहती थी….
और इसलिए अब इस प्यार को अपनी मंज़िल पर पहुँचाना ज़रूरी था.
दोनो का एक होने का समय आ चुका था.
वो भी भर्रायी हुई आवाज़ में बोल पड़ी : “हाँ भाई….आई लव यू टू….और ये बिल्कुल भी ग़लत नही होगा….हम सब कुछ करेंगे और बाकी सभी बातों का भी ध्यान रखेंगे…पर अब और रुका नही जाएगा ….”
इतना कहते हुए वो बेड पर लेट गयी और सोनू को उपर आने के लिए कहा…
ये वो पल था जब उन दोनो के बीच बची एक मात्र धागे जितनी पतली दीवार भी टूटने वाली थी….
दोनो ने एक दूसरे की आँखो में देखा
हर तरफ प्यार ही प्यार था…
और आज की पूरी रात वो इस प्यार को एक दूसरे पर लूटा देना चाहते थे…
सोनिया ने बड़े प्यार से सोनू के लंड को अपने मुँह में लिया और उसे अच्छे से चूमा, चूसा और इतना गीला और कड़क कर दिया की वो उसकी चूत में आसानी से घुस सके..
सोनू ने अपने कड़क लंड को पकड़ कर सोनिया की चूत के परों को फेला कर उसपर लगा दिया….
छूट की पंखुड़िया इतनी नर्म और गीली थी की उन्होंने सोनू के लंड के टोपे को तितली के परों की तरह पूरी तहर से धक लिया.
और फिर सोनू ने उसके मोम्मे पकड़कर धीरे से धक्का लगाया…..
लंड थोड़ा सा अंदर चला गया…
सोनिया कराह उठी
सोनू : “देखो दी…अगर तकलीफ़ हो तो बता देना, मैं वहीं रुक जाऊंगा”
उसने हामी भरी, इस वक़्त तो वो अपनी लाइफ की सबसे ब्यूटिफुल मूमेंट जी रही थी, दर्द होने का तो सवाल ही नही उठता था…
सोनू ने अपनी बहन की टांगे दोनो तरफ फेलाइ और एक करारा शॉट मार दिया…
ये वो शॉट था जिसने सोनू के लंड को सोनिया की चूत की बौंड्री के उस पार पहुँचा दिया…
एक तीखा दर्द सोनिया को अपनी चूत पर महसूस हुआ, जो शायद उसकी चूत की झिल्ली के फ़टने की वजह से हुआ था….
हल्की गरमाहट अंदर से बाहर की तरफ निकलने लगी
जिन बातों को दोनो भाई ग़लत बोलकर नरंदाज करते आ रहे थे वही सब आज कितना सही लग रहा था ये उनसे ज़्यादा कोई और जान ही नहीं सकता था…





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