रात में सोते समय अरुण को अपने लंड पे किसी के जीभ का अहसास होता है तो उसकी नींद खुल जाती है।तो वह देखता है की नीतू उसके लण्ड को अपनी जीभ से चाट रही है और उसका लंड पूरा रॉड बन चूका है।
अरुण देखता है की सरला अपनी गांड इनदोनो की तरफ करके सो रही है।अरुण सरला के गांड पर चटाक से मारता है जिससे सरला की नींद खुल जाती है।फिर अरुण:तू चैन से सो रही है साली रंडी और इधर तेरी बेटी ने मेरे लण्ड का क्या हाल कर दिया है।
सरला:क्या किया इसने।
नीतू:कुछ तो नहीं किया मॉम।वो मेरी नींद खुल गई तो पापा का लंड खड़ा था तो मुझे प्यार आया और मैंने उसे किस कर लिया।
अरुण:नहीं इस रांड ने मेरा लंड चूस चूसकर पूरा रॉड बना दिया है।अब मैं तुम दोनों रण्डियों की गांड फाड़कर रख दुँगा।
फिर अरुण दोनों अपनी पर्सनल रंडियों को लंड चूसने का इशारा करता है।और दोनों अरुण के लंड को चूसने चाटने लगती है।
कुछ देर लंड चुसवाने के बाद सरला को बेड पर पीठ के बल उल्टा लिटा देता है मतलब सर के तरफ पैर और पैर के तरफ सिर।फिर नीतू को सरला के मुँह पर अपनी चूत रखकर कुतिया बना देता है।अब सरला की चूत के पास नीतू का मुँह है।और डोगी बनी नीतू की चूत सरला के मुँह पर थी।अब अरुण कुतिया बनी नीतू के पीछे आकर अपने लंड को पहले सरला के मुँह में पेल देता है।जब लंड पूरी तरह थूक से गिला हो जाता है तो उसे सरला के मुँह से निकालकर कुतिया बनी नीतू की गांड में पेल देता है।
नीतू:जोर से आह माँ ईईईईईईईई रे मार रररररर डालाआआआ।लेकिन अरुण को तो एक गरम चूत या गांड चाहिए।वह पूरी बेदर्दी से नीतू की गांड मारता हैं।और निचे से सरला नीतू की चूत चाटने लगती है।अरुण अब जोर जोर से नीतू की गांड में लंड पेलता है इधर नीतू दर्द से चीखती रहती है कुछ देर बाद नीतू की गांड में पूरा लण्ड घुस जाता है तो नीतू को भी अच्छा लगने लगता है।अब अरुण अपने लण्ड को नीतू की गांड से नीकाल कर सरला के मुह में पेल देता है जिसे सरला चूसने लगती है।ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक बेटा अपनी बहन की गांड मारते हुए गांड में से लंड निकाल कर अपनी माँ के मुँह में पेल रहा हो।फिर अरुण अपने लण्ड को सरला के मुँह से निकाल कर कुतिया बनी नीतू की गांड में पेलने लगता है।
अब अरुण बार बार अपना लण्ड कभी नीतू की गांड में पेलता है फिर गांड से निकाल कर सरला के मुँह में पेलता है।इस बार जब लंड नीतू की गांड में से निकाल कर फिर नीतू की चूत में पेल देता है और उस कुतिया को चोदने लगता है।नीतू सिसियाती रहती है अब अरुण नीतू की चूत से लण्ड को निकाल कर गांड में पेलता है फिर गांड से चूत में।ऐसे कुछ देर पेंलने पर ही नीतू झड़ जाती है।नीतू की चूत का सारा पानी अरुण के लण्ड पर लगा होता है जिसे वह सरला के गरम मुँह में पेल देता है जिसे सरला चाटने लगती है।
कुछ देर बाद अरुण दोनों रंडियों की जगह चेंज कर देता है।अब अपना लण्ड सरला की गांड में पेलता है और फिर उसे नीतू के मुह में पेलता है।आधा घंटे में ही सरला भी झड़ जाती है।जिसे वह नीतू से साफ कराता है।अब दोनों झड़ चुकी है।लेकिन अरुण का लण्ड रॉड की तरह होता है।फिर अरुण नीतू को कुतिया बनने का इशारा करता है।जब नीतू कुतिया बन जाती है तो फिर सरला को उसके ऊपर कुतिया बना देता है।अब अरुण के लंड के निचे 2 चूत और 2 गांड थी।अब अरुण पहले नीतू की टाइट गांड में लण्ड पेलता है।कुछ देर पेलने के बाद अपने लंड को नीतू की गांड से निकाल कर सरला की गांड में पेल देता है।
अरुण के लण्ड के निचे 2 रंडियाँ थी जो की कुतिया बनी हुई थी।अब अरुण का लंड कभी सरला की गान्ड में तो कभी नीतू की गांड में।फिर सरला की चूत में तो कभी नीतू की चूत में।1 घंटे तक चोदने के बाद अरुण नीतू की गांड मार रहा होता है और अचानक चीखने लगता है आह मेरी जान सरला।मेरी बीबी मेरी रांड साली ले मेरा माल अपनी गांड में। और नीतू की गांड में झड़ जाता है।नीतू को बहुत बुरा लगता है क्योंकि गांड उसकी फट रही थी और अरुण नाम सरला का लेता है।
कुछ देर सुस्ताने के बाद।
अरुण मुझे सु सु जाना है।तुम दोनों भी चलो मेरी रंडियों।लेकिन माँ बेटी से उठा नहीं जाता तो अरुण दोनों को बाँहों में लेकर टॉयलेट में ले जाता है जहाँ दोनों को सु सु करने को बोलता है।पहले सरला सु सु करती है और अरुण उसकी चूत में ऊँगली पेल देता है जिससे पेशाब रुक जाती है।फिर अपनी ऊँगली निकाल लेता है।इसी तरह नीतू के साथ भी करता है।फिर दोनों रंडियों को अपने आगे बिठाकर मुँह खोलने को बोलता है।जब दोनों मुँह खोल देती है
अरुण:देखता हु मेरी कौन सी रांड मेरा पेशाब ज्यादा पि जाती है फिर दोनों के मुह पर मूतने लगता है।जिसे माँ बेटी मुँह में भर लेती है और पिने लगती है।लेकिन नीतू एक ही घूँट पी पाती है बाकि निचे गिरा देती है।सरला जीत जाती है।लेकिन अरुण दोनों को अपने पेशाब से नहला देता है।दोनों के पुरे चेहरे से लेकर पुरे बदन पर मूतता है।आज दोनों सही में अरुण की रण्डियाँ बन गई थी।
फिर कुछ देर बाद तीनो नंगे ही नहाते है और आकर सो जाते है।
कल दिन सुबह सभी ब्रेकफास्ट टेबल पे
रमेश ऑफिस के लिए निकल जाता है
और अरुन कॉलेज के लिए
घर पे सरला और नीतू।
नीतू: माँ भाई आप से ही प्यार करते है ।
सरला: मुझे पता है।
नीतू: जब किसी लड़के को नई चुत मिलति है तो वो उसका दिवाना हो जाता है पर भाई को बुआ की और अब मेरी चुत लेने के बाद भी आप की ही याद आई।
सरला: कोई बात नहीं नीतू तू भी तो हमारे परिवार का हिस्सा है। अरुन ने बोला ना।
नीतू : नहीं माँ मुझे बेटी नहीं पत्नी वाला प्यार चाहिए
सरला: अरुन प्यार करता है तुझे और तेरी फिजिकल नीड भी पूरी करेंगा।
नीतू: नहीं माँ मेरी फिजिकल नीड मेरा पति पूरी कर देता है अरुन का देखने से पहले मैं रवि के साथ खुश थी और वो मुझे बहुत प्यार करता है।
मुझे मेरा पत्नी वाला हक़ चाहिए जितना प्यार वो आप को करता है उतना मुझे चाहिए नहीं तो मैं आज ही घर चलि जॉंउगी।
सरला: क्यों इतना सोच रही है अरुन तुझ से भी उतना ही प्यार करता है।
नीतू: नहीं माँ , लास्ट में भाई ने जो प्यार आप के लिए दिखाय वो मेरे लिए नहीं था ।
रात भर सोचा मैंने और इसलिए मेरा घर चले जाना ही बेहतर है।
सरला: ऐसा नहीं है ।
नीतू: माँ आप अरुन को शेयर कर सकती हो मैं नहीं
और ये कहते हुए अपना बैग पैकिंग करने लगती है।
सरला: क्या कर रही है नीतू । अरुन मज़ाक़ कर रहा था।
नीतू: रहने दो माँ मैंने रवि को बुला लिया है वो आते ही होंगे।
सरला; पर रवि से क्या कहोगी तुम अभी भी लँगड़ा के चल रही हो और तुम्हारी चुत और गाण्ड फटी पड़ी है।
रबि को पता चल गया तो ।
नीतू: कुछ नहीं होगा दो चार दिन रिलेशन नहीं बनाउँगी तो सब ठीक हो जाएगा।
पर भाई को कभी माफ़ नहीं करुँगी।
सरला: पर नीतू।
तभी डोरबेल बजती है।
और सरला गेट खोलती है बाहर कोई और नहीं रवि ही था।
और सरला दोनों को जाने देति है।
सरला रोकती है पर नीतू अरुन को फेस नहीं करना चाहती थी इस लिए अरुन के आने से पहले दोनों चले गये।
और फिर से रह गये दो प्रेमी अकेले
एक माँ और दुसरा बेटा।
हालात हमेशा एक से नहीं रहते इस लिए पूरी स्टोरी
मै स्लो में नहीं रख सकता।
और किस्मत से किसी को तीन चुत एक साथ नहीं मिल सकती है
इसलिए मोके का फायदा उठाने के लिए रोबोट भी बनना पड़ता है।
नीतु के जाने के बाद
सरला की कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
क्या हो रहा था और अब क्या हुआ।
इन्ही बातों को सोच रही थी की अरुन का कॉल आ गया
अरुण: हेललो।
सरला: हाँ।
अरुण:’ क्या बात है सिर्फ हाँ।
सरला वो फिर सारी बात अरुन को बता देती है।
अरुण: ओह तो क्या हुआ जान।
सरला: पर नीतू।
अरुण: कोई बात नहीं मेरी बुलबुल उससे मना लेंगे।
तूम टेंशन क्यों ले रही हो।
सरला: वो मेरी बेटी है अरुण।
अरुण: और में।
सरला:मेरी जान हो आप।
अरुण: तो अभी मूड सही करो
सरला: हाँ तो बोलो मेरी जान।
अरुण: ये हुए न बात।
आज कितने दिनों बाद मैं और तुम अकेले
और कोई दुसरा नही।
फ़िर क्या प्रोग्राम है।
सरला: मुझे अपने बॉय फ्रेंड के साथ डेट पे जाना है।
अरुण: कहा चले मेरी जान।
सरला: जहा आप का मन करे इस घर से दुर जहाँ सिर्फ मैं और आप हो कोई दुसरा नही।
अरुण: तो रेडी हो जाओ।
सरला: क्या पहनूं।
अरुण: आज वो पेहनो जो तुम्हारा दिल करे।
सरला: क्यों रोज तो आप बताते हो आज ऐसे क्यु।
अरुण: आज मैं चाहता हु तुम अपने हिसाब से मेरे लिए तयार हो।
मै बोलता हु तो मुझे पता होता है की तुम ने क्या पहना है और ऐसे ये मेरे लिए सरप्राइज होगा।
समझी जान।
सरला: समझ गई जानू आप आ जाओ आप की बीवी आप को रेडी मिलेगी।
अरुण: ओके जान बस लास्ट पीरियड अटेंड कर के निकलता हूँ।बॉय।
सरला: बॉय जान थैंक्यू।
अरुण: अब ये क्यों ।
सरला: मेरी हर बात मानने के लिए और मूड ठीक करने के लिये।
अरुण: ओके चलो रखता हूँ।
सरला: ओके बाय जान।
और कॉल कट जाती है।
शायद अरुन सही बोल रहा था।
कई दिनों से इन सब लोगो के आने से ज़िन्दगी अलग ही दिशा में चल रही थी।
फ़ाईनली अब मैं और मेरी जान।
थोड़ी देर बाद सरला रेडी होने लगती है और
कपडे वो पहनती है जो अरुन की पसंद के थे पर अपने स्टाइल से।
और अरुन का वेट करने लगती है।
तभी कॉल बेल्ल बजती है।
सरला भाग कर दरवाजा खोलती है अपने प्यार के लिए और सामने अरुन खड़ा था।
सरला: हाय जान।
अरुण: हाय , क्या बात है।
सरला: क्या क्या बात है।
अरुण: यही की बहुत सेक्सी लग रही हो।
सरला: वो तो आओं अंदर आओ या बहार से ही।
अरून अंदर आ जाता है।
सरला: अब बोलो क्या बोल रहे थे ।
अरुण: वो । बहुत सेक्सी लग रही हो ।
सरला: सेक्सी या और भी कुछ।
अरुण: हॉट एंड सेक्सी ।
पर जीन्स क्यों पहनी हो अब दिन में बाहर कैसे जाओगी।
सरला ने टाइट स्किन फिट जीन्स और ऑफ सोल्डर टॉप पहने हुई थीं।
सरला: गर्ल फ्रेंड को डेट पे ले जाना है तो आप देखो कैसे ले जाओगे दुनिया से बचा के।
अरुण: हम भी सच्चे आशिक है मेरी जान।
ले जायेंगे तुम्हे दुनिया से बचा के
सरला: पहले फ्रेश तो हो जाओ या ऐसे ही चलोग इस हॉट एंड सेक्सी गर्ल फ्रेंड के साथ।
अरुण: ओके जान ।
और फ्रेश होने चला जाता है।
और सरला भी अरुन के रूम में आ जाती है
और अरुण के लिए अपनी पसंद के कपडे निकाल कर बेड पे रख देती है।
सरला: जान कपडे निकाल दिए है पहन लेना। मैं किचन में हूँ।
और किचन में आ कर बनाना शेक बनाती है।
थोड़ी देर में अरुन चेंज कर के आ जाता है।
अरुण: क्या हो रहा है जान।
सरला: कुछ नहीं आप के लिए बनाना शेक बना रही थी
अरुण:क्या बात है जान इतना प्यार।
सरला: जान मुझे पता है आप कॉलेज से आये हो भूख लग रही होगी सोचा कुछ बना दू पर हमें डेट पे जाना है।
इसलिये शेक बना दिया है जिस से आप का पेट भर जाये और टाइम भी ज्यादा न लगे।
और दोनों शेक पिते है।
अरुण: चले अब।
सरला: बिलकुल जान आप की माल रेडी है डेट पे जाने के लिये और दोनों बाहर आते है।
सरला: मुझे कोई भी जीन्स में न देखे ये ख्याल रख्ना।
अरुण: बिलकुल मेरी जान तुम यही रुको।
और अरुन थोड़ी देर में गेट पे कार लगा देता है।
अरुण: आ जाओ जान और गेट खोल देता है
और सरला अंदर आ जाती है।
और अरुन कार साइड देता है।
सरला: जान ये कार किसकी है।
अरुण’: क्यों ।
सरला: पूछ रही हूँ।
तभी कह रहे थे की दुनिया से बचा के ले जाऊँगा।

