माँ की अधूरी इच्छा – Update 122 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
Reading Mode

कम से कम बूढ़ापा को सही से कट जायेगा जवानी तो भाई ने बर्वाद कर दी ।
भाभी पसंद नहीं थी इसलिए मेरा सहारा ले कर भाभी से दुर रहते थे और भाभी को लगता था की मैं उन लोगों के दूरी की बजह हूँ।क्या करती भाई बड़े थे इसलिए कुछ कह नहीं पाई।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ
अब बोल दूंगी तुम दोनों का मिलन करवा दूंगी तो मेरा कुछ बोझ हल्का हो जाएगा।
बोल अरुन अपनी माँ को चोदेगा।बोल न मेरे बेटे
चोदेगा न ।
अरुन कुछ नहीं बोलता और बाहर सरला शॉकड थी ।
ओ सोच रही थी वो बदला ले रही है पर वो तो उसकी खुशी के लिए अरुन से और सरला से बात करने को राजी थी।

नीतु माँ ये क्या हो गया भाई भी बंट गया और काम भी नहीं हुआ।

अंदर

अरुन प्रीति को चोदते हुए रुक जाता है।
प्रीति; क्या हुआ अरुन बुरा लगा।
जब तुम मुझे चोद सकते हो तो अपनी माँ को क्यों नही।वो बहुत तरसी है अपने पति के प्यार के लिए ।।
वो जगह तू पूरी कर सकता है।बोल अरुन बोल मानेगा मेरी बात।
मानेगा तो।
तू बोल रहा था न मेरी बेटी को चोदेगा तो तू मेरी बात मान मैं तुझसे अपनी बेटी चुदवा दुँगी।
सरला शॉक से रोने लगी।
जीसे मैं इतना गलत समझ रही थी वो मेरे खातिर अपनी बेटी चुदवाने के लिए तैयार है।
और रोने लगती गई है नीतू उसे समझाती है।

अंदर
प्रीति; बोल ना मेरे बेटे चोदेगा न अपनी माँ को।
अरुण: हाँ माँ की खातिर उसकी खुशी की खातिर चोदुँगा पर वो नहीं मानेगी।
प्रीति: वो तो मुझ पे छोड़ दे मैं मना लुंगी क्यों की मैं उसकी सब से फवरेट ननद हु और वो मेरी भाभी।
अरुण: अगर वो मान जायेगी तो ज़रूर चोद दुन्गा।
प्रीति: आ अब मुझ को तो चोद और ठण्डा कर दे ।
तेरे जैसे लंड पा के मैं निहाल हो गई और कल सरला की भी दिला कर उसे भी निहाल कर दूँगी।
चोद मेरे राजा तेज़ तेज़ चोद और झड जा मुझ में।
अरून कहा माँ का बदला लेने के लिए प्रीति की बेरहमी से चोद रहा था पर अब उसको अच्छा जान कर प्रीति को बड़े प्यार से चोदता है।

प्रीति: ये प्यार वाली चुदाई अपनी माँ को करना मुझे तो बेरहमी से चोद जैसे पहले चोद रहा था।
और अरुन प्रीति की बात सुन कर पूरा लंड निकाल कर फिर से पूरा घुसा देता है और बेरहमी से पेलने लगता है।
प्रीति: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआज़ा आ मायआ आआआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ कमिने मादरर्चोद। मेरी आज ही फाड़ दे मेरी जान
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ उह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ ज़ालिम आआआअह्ह मा।
प्रीति: अपनी बेटी की भी चुत दिलाऊँगी और नीतू की भी ओ भी मस्त माल है बिलकुल तेरी माँ की तरह उसका पति भी ढिला है।
अब तू ही उसको चोद कर ठण्डा कर सकता है।
अरून अपनी माँ और बहन की चोदने की सोच कर
करीब १ घंटे प्रीति को नॉन स्टोप चोद कर प्रीति की चुत में झड जाता है।और प्रीति के उपर लेट जाता है।
प्रीति : अभी से थक गया अरुण।अरुन की ऑंखों में देखते हुए।
अरुण: नहीं वो।।
प्रीति; मुझे पता है।
आ: हाँ वो।
प्रीति: मैं तभी समझ गई थी जब तूने बेहरमी के साथ पहली बार में पूरा डाल दिया था।
अपनी माँ और बहन के साथ ऐसा मत करियो नहीं तो वो मर जायंगे।
अरुण: ठीक है समझ गया।
प्रीति: पक्का मेरे राजा चल अब सो जा रात हो गई है
तूने तो मेरी चाल ही बिगाड दी ।
कल अपनी माँ और बहन की बिगाड देना।
अरुण शरमा जाता है।
प्रीति: हा हा शरमा रहा है अपनी बुआ को चोदने में नहीं शरमाया ।
और अरुन को गले लगा लेती है।
ओर सुभाष को देखती है।
चुद गई तुम्हारी बीवी भतीजे से और हो गई उसकी रखैल।
आज से सिर्फ अरुन ही मुझे चोदेगा ।
प्रीति : चोदेगा न।
अरुण: हाँ और आप की गाण्ड भी माँरुंगा।
प्रीति: ठीक है पर पहली बार करना तो आराम से मारना
अरुण: पक्का ।
और दोनों एक दूसरे के बाँहों मैं लेटे हुए सो जाते है।
और बाहर नीतू और सरला दोनों भी उठ कर अपने २ जगह आ जाती है।
कहा सर्ला प्रीति को रँगे हाथ पकड़ कर बेइज्जत करना चाहती थी और कहा अरुन को उसकी बाँहों में छोड़ कर अपने बिस्तर में आ जाती है।
और इधर नीतू फाइनली अरुन से चुदने का ख्वाव पूरा होते हुए देखती है।
और सुबह सभी उठ जाते है।
सभी ब्रेकफास्ट टेबल पे।
सरला और नीतू किचन में
ब्रेकफास्ट बना रही थी।
नीतू: माँ आज बुआ आप से बात करेंगी।
सरला: हाँ देखते है क्या होता है।
नीतू: माँ भाई ने बुआ की चाल बिगाड दी।
सरला: बेटा और पति किसका है।
नीतू: मेरा पति और आप क बेटा।
सरला: चुप कर बेशरम मेरा पति।
और दोनों हँस पडते है।
तभी प्रीति किचन में आ जाती है।
प्रीति: क्या हो रहा है।
सरला: कुछ नहीं बस हो गया आप चलो।
वैसे आप लंगड़ा के क्यों चल रही है।
प्रीति:आप के बेटे की बजह से।
सरला: प्रीति के चेहरे को देखते हुए
क्या।
प्रीति: कुछ नहीं मज़ाक़ कर रही थी।

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply