माँ की अधूरी इच्छा – Update 119 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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थोड़ी देर में प्रीति और अरुन मार्किट के लिए निकल जाते है।
ओर बाइक पे बैठ कर रोड पे आ जाते है
अरुण: कहाँ चलना है।
प्रीति: जहाँ तेरा मन करे।
अरुण: लेना क्या है।
प्रीति : कुछ नहीं ,वो तो तेरे फुफा जी आ गये थे और मुझे तेरे से बात करनी थी इसलिए बाहर आई हूँ।
अरुण: ओके तो बोलो क्या बात करनी है।
प्रीति: अब क्या बात करुं अपनी मर्ज़ी के तो कपडे पहना दिए तूने और तेरी बाइक पे बैठी हु वो भी तेरी पसंद के कपडे पहन कर और आगे सरक कर बैठ जाती है जिस से उसके मम्मे अरुन की पीठ से रगडने लगते है।
अरुण: बोलो कहा चलना है या ऐसे ही अपने बूब्स मेरी पीठ पे रगडने है।
प्रीति: बड़ा बेशरम है तू , ये तो बाइक की ब्रेक लग रही है इसलिए तुझसे लग रही है।
अरुण: बुआ रहने दो पर मुझे मस्त लग रहे है
बहुत टाइट है कसे हुए।
प्रीति: चुप कर बेशरम।
और अरुन हँस पडता है
और एक मॉल के सामने बाइक रोक देता है।
और प्रीति का हाथ पकड़ कर अंदर आ जाता है।
दोनो मॉल में एक दूसरे का हाथ पकड़ कर घूमते है।
प्रीति: मेरे हाथ क्यों पकड़ रखा है।
अरुण: क्यों की गर्ल फ्रेंड और बॉय फ्रेंड ऐसे ही घूमते है।
प्रीति; मैंने कब कहा की मैं तुम्हारी गर्ल फ्रेंड हू।
अरुण: हो तभी मेरी पसंद की ब्लैक कलर की ब्रा पेंटी पहनी हो।
प्रीति: तुझे कैसे पता की ब्लैक पहनी है।
अरुण’: बस बिश्वास है की मेरी गर्ल फ्रेंड मुझसे झूट नहीं बोलेंगी।
प्रीति: हाँ ब्लैक ही पहनी है तेरी पसंद की ।
अब खुश।
अरुण: जब से आप को देखा है खुश हुँ।
आप बताओ।
प्रीति: मैं बहुत खुश हु ।
शायद लाइफ में सबसे ज्यादा खुश।
और अरुन प्रीति के काँधे पे अपनी बाजु रख कर अपनी तरफ खींच लेता है और प्रीति उसके काँधे पे सर रख देती है।
थोड़ी देर ऐसे घुमने के बाद अरुन प्रीति को मॉल के अंदर मौजुद अंडरगार्मेन्ट्स की दुकान पर ले जाता है।
प्रीति: यहाँ क्यों आये है।
अरुण: रुक जाओ।
सेल्स गर्ल:मे आई हेल्प यु।
अरुण: यस इनके साइज के अंडरगारर्मेन्ट्स दिखाओ लेटेस्ट डिजाइन।
सेल्स गर्ल :सर साइज़।
अरून प्रीति की तरफ देखता है ।
साइज़ और प्रीति कुछ भी बोले बिना साइज बता देती है।और अरुन अपने पसंद की २ सेट ब्रा पेंटी के लेता है।
प्रीटी: ये मेरे को नहीं आएँगी छोटी रहेंगी ।
अरुण: एकदम फिट आएँगी डोंट वरी।
बस आज रात पहन कर दिखा देना ।ठीक
प्रीति: क्यों दिखाऊ तुम मेरे पति हो।।
एरिन: पति से ज्यादा तुम्हारा लवर और लवर हस्बैंड से ज्यादा होता है।।
सो बी रेडी फॉर नाईट।
और दोनों बाहर आ जाते है।
और अरुन कुछ खाना है या घर पर चले।
प्रीति: पहली डेट पर लाए हो और पूछ रहे हो।
अरुण: वो कहीं बाहर खाने पर आप के पति नाराज़ हो जाये।
प्रीति: उनकी टेंशन मत लो तुम वो करो जो तुम्हारा मन हो।
उस टाइम दोनों पार्किंग लोट में थे और आस पास कोई नहीं था।
और प्रीति के कहते ही अरुन प्रीति को अपनी बाँहों में खींचकर उस के लिप्स चुसने लगता है।
थोड़ी देर के बाद प्रीति अरुन का साथ देने लगती है।

तभी किसी की आवाज़ आती है और दोनों अलग ही जाते है।
अरुण: कैसे लगी अपने बॉय फ्रेंड की किस।
प्रीति: गुस्से में देखते हुए बहुत अच्छी और हँस देती है।
और अरुन प्रीति को लेके रेस्टोरेंट में जाता है जहाँ दोनों प्रीति की पसंद का डिनर करते है और घर की ओर चल देते है।।
तभी रास्ते में मेडिकल स्टोर आता है।
अरून बाइक रोक देता है।
प्रीति: यहाँ क्या करना है।
आ: डॉटड कोंन्डोम।
प्रीति: सच में।
अरुण: आज तो मैं अपनी गर्ल फ्रेंड की लुँगा वो भी डॉटड कंडोम लगा कर।
प्रीति: चुप कर बदमाश और धीरे से अरुन के कान में
मुझे बिना कंडोम के अच्छा लगता है उसकी ज़रूरत नहो।
पर ये सब होगा कैसे।
अरुण: वो मुझ पर छोड दो ।
और मेडिकल स्टोर में जा कर नींद की गोलियां लेता है।
प्रीति: मना किया था न कंडोम मत लो मुझे बिना इसके पसंद है।
अरुण: क्या पसंद है।
प्रीति: मुझे भी अपनी तरफ बेशरम बनायेंगा।
बिना कंडोम के चुदना बस अब खुश।
अरुण: बहुत खुश।
और प्रीति के हाथ में नीन्द की गोलियां दे कर प्लान समझाता है।
प्रीति: ग्रेट आईडिया और इससे किसी को शक़ भी नहीं होगा। और दोनों घर आ जाते है।

घर आ कर।
सरला: क्या लाये हो ।
प्रीति: कुछ पसंद नहीं आया।
सुभाष: फिर इतनी देर।
प्रीति: गुस्से में इसीलिए मेरी तुम्हारे से नहीं पटती
सुभाष चुप हो जाता है।
और सब सोने की तैयारी करते है ।
अब सोये कैसे।
डीसाइड ये होता है।प्रीति की ज़िद की बजह से ।
प्रीति सुभाष और अरुन सरला के कमरे में।
रवि और नीतू अरुन के कमरे में।
और सरला और रमेश ड्राइंग रूम में।
पर अभी सब ड्राइंग रूम में मूवी देख रहे थे।
सरला किचन से सब के लिए कोल्ड ड्रिंक्स का और स्नैक का इन्तज़ाम करने आती है और अरुन को हेल्प के लिए आवाज़ देती है।
अब दोनों माँ बेटा या असली आशिक इस स्टोरी के किचन में अकेले।
और मौका देख कर अरुन सरला को हग करता है।
सरला: छोड़ मेरे राजा कोई देख लेगा।
अरुण: और कितने दिन जान।
सरल: बस कुछ दिन फिर मैं और आप और कोई नही।
और अरुन सरला को प्रीति के साथ हुई सारी बात बता देता है।
अरुण: माँ अब भी टाइम है।
हम ऐसा कुछ नहीं करते।
सरला: नहीं जो बोला वो करो मुझे कोई जलन नहीं हो रही ।
तूम उसके साथ एन्जॉय करो मेरी जान और बोल कर लिप्स पे किस करती है तभी नीतू भी किचन में आ जाती है।
और दोनों अलग हो जाते है।
नीतू: क्या हुआ काफी देर हो गई।
सरला: बस आ रहे है।
नीतू : तो अरुन आज बुआ के साथ सोयेगा।
सरला: हाँ वो ज़िद कर रही है।
नीतू: अरुन भी तो मना कर सकता है।
अरुण: ठीक है मना कर देता हु और तेरे साथ सो जाता हूँ।
नीतू: मना किसने किया है।
अरुण: तो बुआ के साथ प्रोग्राम कैंसिल और तेरे साथ फिट।
सरला: नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा। अरुन तू चल मैं आती हूँ और अरुन चला जाता है।
सरला नीतू से
क्यूं मेरा और अरुन का प्लान ख़राब कर रही है।
नीतू: मुझे मेरा भाई चाहिए ।
सरला: मिल जायेगा बेटा बस आज रात की बात है।
अरून प्रीति को सुभाष के सामने चोदेगा सोच मुझे कितनी ख़ुशी मिलेगी।
नीतू: पर ये होगा कैसे।
सरला: वो तेरा भाई है और मेरा पति वो कुछ भी कर सकता है।
जान तेरे नाना और नानी से मेरा हाथ मांग सकता है
और तेरे पापा के सामने मुझसे शादी कर सकता है तो सोच वो क्या नहीं कर सकता।
नीतू : हाँ जो अपनी माँ को चोद सकता है वो क्या नहीं कर सकता।
सरला: हाँ ये तो भूल ही गई।
और दोनों हँस देते है।

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