ये गलत है(भाई-बहन का प्यार) – Update 21 | Incest Sex Story

ये गलत है(भाई-बहन का प्यार) - Incest Sex Story
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सोनू जब घर पहुँचा तो सोनिया उसे गेट पर ही उसका इंतजार करते हुए मिल गयी…
उसके चेहरे को देखकर सॉफ पता चल रहा था की वो कितनी देर से उसका इंतजार कर रही है…
अब वो भला क्या जानती थी की आज स्कूल से घर का रास्ता इतना लंबा कैसे हो गया था..

दोनो जब अंदर आए तो सोनिया का मोबाइल फोन बज उठा.

वो तनवी की कॉल थी.

सोनिया : “हाय …कैसी है…आज इस वक़्त कैसे याद आ गयी तुझे..”

तनवी : “वो तुझे बताने के लिए कॉल किया था की मेरा एडमिशन सोनू के स्कूल में हो गया है..”

सोनिया ने जब ये सुना तो उसका पूरा शरीर झनझना उठा…
ये सोचकर की अब उसके भाई का क्या होगा..
उसका दिमाग़ तो सोचते हुए इतनी आगे तक पहुँच गया की वो दोनो स्कूल के बाद बंद क्लास में चुदाई कर रहे है…

वो अपनी बड़ी-2 आँखो से सोनू को देख रही थी… जो फ्रिज से पानी निकाल कर पी रहा था… इस बात से अंजान की उसकी बहन तनवी से बात कर रही है.

तनवी तो पहले से ही उसके भाई के बारे में बात करके उसके साथ खुल चुकी थी…
इसलिए अपनी आदत के अनुसार एक बार फिर से शुरू हो गयी और स्कूल में साक्षी के साथ क्लास वाला किस्सा और बाद में चर्च के पीछे वाला वाक्या भी उसे नमक मिर्च लगाकर सुना डाला..

सोनिया को तो विश्वास ही नही हो रहा था की उसके भाई में इतनी हिम्मत आ चुकी है की वो स्कूल में भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत रखता है..
पर अंदर ही अंदर उसे ये सब सुनकर मज़ा भी आ रहा था और उसकी उत्तेजना भी बढ़ती जा रही थी..

वैसे वो उसकी उत्तेजना कल रात के बाद और भी बढ़ चुकी थी…
एक बार जिस बहन ने अपने भाई के लंड को चख लिया हो, उसे फिर और कुछ पसंद ही कहाँ आता है…
वही हाल सोनिया का भी था…
इसलिए वो उसके स्कूल से लोटने का इंतजार कर रही थी ताकि वो कुछ मौज मस्ती कर सके उसके साथ…
और अब तनवी की बातों ने उसके अंदर की आग को और भी भड़का दिया था..
उसके मन में बस यही चल र्हा था की जब दूसरों के साथ इतना ओपन हो सकता है तो मेरे साथ तो डबल ओपन होना चाहिए…
आख़िर बहन हूँ मैं उसकी…
मेरे भाई पर पहला हक मेरा है ना की उन भूतनियों का….
वैसे भी वो तनवी को तो अपने सामने कुछ नही समझती थी…
ना तो उसके पास चुचि थी और ना ही उसके जैसा हुस्न…
पर साक्षी के बारे में वो ऐसा नही बोल सकती थी, वो उसे पूरी तरह से टक्कर दे सकती थी…
हर बात में…
हर डिपार्टमेंट में.

पर अभी के लिए तो सोनू को कुछ दिखाने का टाइम था…जिसके लिए सो सुबह से मचल रही थी.

सोनू हमेशा स्कूल से आने के बाद नहाने चला जाता था, ये वो अच्छी तरह से जानती थी, और अंदर जाते हुए वो अक्सर टावल लेना भी भूल जाता था..
आज भी ऐसा ही हुआ, वो बाथरूम में गया और नहाने में मग्न हो गया.

कुछ देर बाद जब उसे ये रीयलाइज़ हुआ की टावाल नही है तो उसने सोनिया को आवाज़ दी…
और उसकी प्यारी बहन टावल लेकर हाजिर हो गयी…
सोनू ने जैसे ही टावल उसके हाथ से लेना चाहा,सोनिया उसे धक्का देती हुई अंदर घुस आई.

और उसे देखकर सोनू की आँखे फटी की फटी रह गयी….

वो एकदम नंगी थी.

कल रात को उसे नंगा देखने के बाद उसकी हिम्मत में इतना इज़ाफा हो चुका था की वो खुद ही अपने कपड़े उतारकर उसके साथ बाथरूम में घुस आई थी.

सोनू तो उसके गोरे जिस्म को उपर से नीचे तक आँखे फाड़े देख रहा रहा था..
रात के अंधेरे में और अब देखने मे कितना फ़र्क था, ये वो अब जान पा रहा था…
उसका एक-2 अंग अपनी सुंदरता बिखेरता हुआ उसके सामने था..
और सबसे बड़ी बात ये थी की वो बड़ी अकड़ के साथ उसे वो सब इतरा कर दिखा भी रही थी.

वो कुछ बोल पता , इससे पहले ही सोनिया बोल पड़ी : “सुना है आज बड़ी मौज मस्ती करी तुमने स्कूल में …हम्म”

वो अपने मुम्मो पर शावर का पानी डालते हुए बोली.

पर वो तो भोंदू सा बनकर उसके मोम्मे देखने में बिज़ी था.

सोनिया थोड़ा आगे आई और उसके खड़े हुए लंड को हाथ में पकड़कर मरोड़ दिया

”आआआआईयईईईई…… सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…. क्या कर री हो दी…..”

वो अपनी नाराज़गी दिखा रही थी…
वो नाराज़गी जो उसमें तनवी की बाते सुनने के बाद आई थी.

वो बोली : “बोल ना… क्या-2 करा आज स्कूल में…”

सोनू ने सिसकारी मारते हुए कहा : “दी..तुमने अभी तनवी से बात की है ना…”

उसने हाँ में सिर हिला दिया…

सोनू तो पहले ही समझ गया था..
अब उसे तनवी पर गुस्सा आ रहा था…
वो जानता था की तनवी ने जो बोला होगा, उसे सुनकर उसकी बहन में थोड़ी जेलीसी वाली भावना ज़रूर आएगी…
पर अंदर ही अंदर उसे अपनी बहन की ये फीलिंग अच्छी भी लग रही थी.

सोनू : “जब आपको सब पता चल ही गया है तो मुझसे क्यो पूछ रही हो…”

ये कहते हुए उसने अपना सिर नीचे किया और उसके मोम्मे को मुँह में भरकर ज़ोर से चूस डाला…

वो चिल्लाई : “आअहह……. पर फिर भी….. तेरे मुँह से….. आह सुनना अच्छा लगता है……. उफफफफफफफफफ्फ़… धीरे कर कुत्ते….”

ये पहली बार था जब उसकी बहन ने उसे गाली दी थी….
और वो भी ऐसे मौके पर जब वो कुत्ते जैसी ही हरकत कर रहा था…
अपनी लंबी जीभ को वो उसके निप्पलों पर फेरकर उसके पूरे स्तन को मुँह में भरकर चूस रहा था वो कमीना…

सोनू : “सुनने से अच्छा होगा की सामने देख लेना …. एक बार फिर से तनवी को यहाँ बुला लो…. जैसे कल किया था, वैसे ही दोबारा कर दूँगा… देख लेना… छुपकर…स्टोर में से…… उम्म्म्ममम”

सोनिया की चूत में जबरदस्त कंपन हुआ ये सुनकर….

वो थरथराई और बोली : “नाआआआआआआआआ….. ऐसे नही…. चोरी छिपे क्यो….. सामने से दिखा… हिम्मत है तो….. उम्म्म्मममम”

सोनू ने झटके से अपना चेहरा उपर किया…..
और सोनिया की आँखो में देखा….
उसकी आँखो मे उसे वो चेलेंज करती हुई दिखी जैसे कह रही हो की है हिम्मत तो तनवी के साथ मेरे सामने करके दिखा..

सोनू : “पर वो कैसे मानेगी…. आई मीन… एक बहन के सामने वो उसी के भाई के साथ वो सब…. उसकी नज़रों में तो ग़लत होगा ना…”

सोनिया ने उसके लॅंड को ज़ोर से दबाते हुए कहा : “पहले हमारी नज़रों में भी ग़लत था ना ये… फिर सब सही हो गया… उसके लिए भी हो जाएगा, अगर तुम हिम्मत करो तो… बोलो…. कर सकोगे क्या… मेरे सामने… उसके साथ…. एकदम न्यूड होकर… वो सब….हम्म….बोलो….अब बोलती क्यो बंद… अपनी बहन के लिए इतना नही कर सकते क्या..”

सोनिया का बदन पानी से बीगा हुआ था, पानी की बूंदे उसके कड़क मुम्मों से फिसल कर नीचे गिर रही थी, जिसकी वजह से वो और भी ज़्यादा सेक्सी लग रही थी .

एक तो वैसे ही वो इतनी सेक्सी लग रही थी, उपर से ऐसी उत्तेजक बाते करके उसने सोनू की हालत बुरी कर दी…

वो गुर्राता हुआ बोला ”हाँ करूँगा….”

और उसने सोनिया की चूत के उपर अपना हाथ जमाकर ज़ोर से दबा दिया…
बेचारी अपने पंजों पर खड़ी होकर सीसीया उठी…

सोनू : “पर मेरी भी एक शर्त है…”

सोनिया : “मुझे हर शर्त मंजूर है…”

सोनू : “तुम्हे भी तनवी के साथ … मेरे सामने…. एक बार… लेस्बियन सैक्स करना पड़ेगा…”

सोनिया की आँखे फट कर बाहर आने को हो गयी..

”लेस्बियन सैक्स …. मैं…. और वो भी उस तनवी के साथ…पागल है क्या…”

सोनू उसी के अंदाज में आँखे नचा कर बोला : “बोलो…कर सकती हो क्या ये…. अपने भाई के लिए इतना नही कर सकती क्या…”

सोनू ने बड़ी चालाकी से बॉल उसके पाले में फेंक दी…
और वो अच्छी तरह से जानता था की दोनो ही सूरत में उसका ही भला होगा.

सोनिया पर भी चुदासी बुरी तरह से चढ़ चुकी थी….
वो कांपती हुई सी आवाज़ में बोली : “हाँ …. करूँगी मैं भी… अपने भाई के लिए …. कुछ भी करने को तैयार हूँ … जो तुम कहोगे… वो सब … करूँगी….”

और ये बोलते-2 वो इतनी भावुक सी हो गयी की उसने अपने वो काँपते हुए होंठ सोनू के होंठों पर रख दिए और उन्हे ज़ोर-2 से चूसने लगी…
सोनू भी उसके गदराये हुए जिस्म को अपने हाथों से मसलता हुआ उसकी चुचियों को अपनी हथेलियों के बीच रखकर उनमे हवा भरने लगा..
होंठों के साथ-2 वो उसके कानो को भी चुभला रहा था, जो सोनिया का सबसे बड़ा वीक पॉइंट था.

उपर शावर चल रहा था, सोनिया ने साबुन उठा कर दोनो के जिस्मों पर रगड़ना शुरू कर दिया.
कुछ ही देर में दोनो एक दूसरे के चिकने-2 शरीर को आपस मे रगड़कर हँसी ठीठोली करने लगे.

सोनिया ने अपना और सोनू का पूरा जिस्म साबुन से धक सा दिया, और फिर अपने मुम्मो और गांड को किसी स्पॉंज की तरह इस्तेमाल करके उसने सोनू के शरीर को सॉफ किया…
वो उसके जिस्म से नागिन की तरह लिपट कर उपर से नीचे तक घिसाई कर रही थी…
सोनू भी उसके साबुन से ढके मुम्मो की चिकनाई को अपने हाथों से रगड़ने में लगा था.

फिर वो दोनो शावर के नीचे गये और सारा साबुन सॉफ किया…
और अंत मे जब सारा साबुन पानी मे बह गया तो सोनू उसके जिस्म को चूमता हुआ धीरे-2 नीचे आने लगा, आज वो सोनिया के बदन के हर हिस्से पर अपने होंठों की मोहर लगा देना चाहता था…

उसके मुम्मो को अच्छी तरह से चूसने के बाद वो उसने उसकी नेवल को चूसा
उसके अंदर जीभ डाली, सोनिया से वो गुदगुदाहट बर्दाश्त नही हुई और उसने उसके सिर पर दबाव डालकर उसे दक्षिण की तरफ जाने को कहा..

सोनू उसके सपाट पेट को चूसता हुआ जब उसकी पुस्सी तक पहुँचा तो दोनो की साँसे काफ़ी तेज हो चुकी थी..

उसने अपनी जीभ कड़क करके उसकी चूत के उपर घुमानी शुरू कर दी.

”आआआआआआआआआआआअहह उफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ सोनू ………………. काट लो इसको……………. अहह बड़ी जलन सी हो रही है अंदर……. घुसा दो अपनी जीभ …… मेरी….. मेरी….. चूत में …..”

हमेशा पुस्सी बोलने वाली सोनिया भी आज बेशर्मी पर उतर आई थी….
चूत सुनने से जो उत्तेजना का संचार सोनू की बॉडी में हुआ था, उसे सोनिया ने अच्छे से महसूस किया…

सोनू ने उसकी चूत में 2 उंगलिया डालकर उसे फेलाया और अपनी कड़क जीभ को उसके अंदर डाल दिया…

अब वो अपनी जीभ और उंगलियों से उसकी चूत की मसाज कर रहा था…

एक साथ 2 चीज़ों का मज़ा मिलने से सोनिया का पूरा बदन अकड़ सा गया…
उपर से पानी बहकर उसके जिस्म की आग को शांत करने की असफल कोशिश कर रहा था…
अपने ऑर्गॅज़म के करीब पहुचते हुए सोनिया के चेहरे के हाव भाव 100 बार बदले…
पर सोनू ने उसकी चूत का दामन नही छोड़ा…
वो उसे चूसता ही रहा…
एक हाथ उसके मोम्मे पर रखकर, दूसरे से वो उसके अंदर फिंगरिंग करता चला गया.

”आआआआआआआआआआआअहह सोनू……… आआआआआआअहह करते रहो…… शाआबाअश…… उम्म्म्ममम …. यसस्सस्स….. मेरा ….. होने वाला ….. है……ओह आई एम कमिंग……. सोनू….. मेरी जान……..अहह”

और अंत में जब वो झड़ी तो उसकी चूत की गरमा गरम मलाई को सोनू ने सपड़ -2 करके चाट डाला..
आज अपनी बहन की चूत चुसाई भरी दोपहरी में करके वो एक कदम और आगे निकल चुका था …

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