अब आगे
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दरवाजा सोनिया ने ही खोला था…
और सच में ,वो आज ऐसे बन कर आई थी, जैसे किसी डेट पर आई हो…
उसके चेहरे की खुशी सब बयान कर रही थी की वो आज कितनी खुश है…
सोनू के साथ हुए पिछली बार के एनकाउंटर के बाद तो उसे पूरा विश्वास था की आज बात बहुत आगे तक जाएगी…
तन्वी ने एक ब्लेक कलर की सिंगल ड्रेस पहनी हुई थी, जो उसकी जाँघो तक आ रही थी…
भले ही उसकी चुचियाँ काफ़ी छोटी थी, पर उसने पुशअप ब्रा की मदद से जितना हो सकता था, उन्हे उपर की तरफ उभारा हुआ था.. जिसकी वजह से लाइफ में पहली बार सोनिया ने उसकी क्लिवेज देखी…
सच में वो काफ़ी सेक्सी बन कर आई थी.
उसने एक पाउट बना कर एक सेक्सी सा पोज़ मारा और सोनिया से पूछा : “कैसी लग रही हूँ मैं जानेमन…”
सोनिया को अंदर से तो इस वक़्त काफ़ी जलन सी हो रही थी, पर फिर भी मुस्कुरा कर उसने कह दिया : “वाव…. सेक्सी….”
ये सुनकर वो मुस्कुरा दी.. और बोली : “थॅंक्स…. और कहाँ है वो हीरो….”
सोनू के बारे में पूछते हुए उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक आ गई..
सोनिया देखा की उसकी नन्ही ब्रेस्ट के उपर लगे निप्पल सॉफ चमकने लगे थे…
यानी वो काफ़ी एक्साईटिड थी इस वक़्त…
सोनिया ने इशारा करके कहा की उपर है….
तन्वी लगभग भागती हुई सी उपर की तरफ चल दी..
और जाते-2 उसे थेंक्स भी कहा… उसकी अंडरस्टॅंडिंग और सपोर्ट के लिए..
अंदर झाँककर जब उसने देखा तो उसके होंठ काँप गये…
वो दोनो एक गहरी हग में डूबे हुए थे….
शायद अंदर आते ही तनवी से सब्र नही हुआ और उसने सोनू को गले से लगा लिया…
सोनू भी उसे इतने सेक्सी कपड़ो में पहली बार देखकर काफ़ी खुश हुआ…
भले ही उसकी ब्रेस्ट काफ़ी छोटी थी, पर उसका निचला हिस्सा काफ़ी सेक्सी था….
उसके हिप्स और चर्बी चढ़ी जाँघे काफ़ी मस्त लग रही थी…
दोनो एक दूसरे को अपनी बाहों में दबा कर एक दूसरे का रस निचोड़ने में लगे थे…
और जल्द ही उन दोनो ने एक दूसरे को चूमना शुरू कर दिया..
उनकी किस्सिंग करने का तरीका एकदम जंगली था…
जैसे लाइफ में पहली और आख़िरी बार किस्स करने को मिल रही है..
किस्स करते-2 वो बड़बड़ा भी रही थी..
”ओह सोनू……. उम्म्म्ममममम अहह ….. उफफफफफफ्फ़”
रोशनदान से ये सब देख रही सोनिया की बाजू पर ऐसा लगा की कोई चिंटी है…
उसने जब मसला तो कुछ नही था…
और फिर धीरे-2 उसके पूरे शरीर में ऐसा महसूस होने लगा की चिंटियाँ रेंग रही है…
बाद में वो समझी की ये उत्तेजना का असर है, अपने भाई को ऐसे किसी लड़की के साथ किस्स करते देखकर उसके शरीर पर चिंटियाँ रेंग रही थी…
सोनू के हाथ उसके शरीर पर घूमने लगे… वो उसकी ड्रेस को खींचकर उपर करने लगा..
तनवी तो कब से इस पल के लिए तड़प सी रही थी….
उसने भी सोनू का साथ दिया और कुछ ही देर में तनवी जन्मजात नंगी उसके सामने खड़ी थी..
लड़की चाहे पतली हो या मोटी, नंगी होने के बाद उसकी सुंदरता का कोई मुकाबला ही नही होता…
यही तनवी के साथ भी था…
उसे अपने सामने नंगा देखकर एक पल के लिए तो सोनू भी आँखे झपकाना भूल गया..
वो अपनी कमर पर हाथ रखकर, बड़ी बेशर्मी से कंप्यूटर टेबल के साथ खड़ी थी….
सोनू अपने लंड को मसलता हुआ बोला : “हॉट एंड सेक्सी…..”
और एकदम से झपटकर उसके करीब आया और उसे दबोच लिया…. और एक बार फिर से दोनो के बीच स्मूचीन्ग वाला खेल शुरू हो गया..
”अहह सोनू……. उम्म्म्ममममममममम सक्क मी….. सक माय टिट्स….”
सोनू ने उसे सोनिया के बेड पर लिटा दिया…
क्योंकि उसका बेड तो दीवार के बिल्कुल नीचे था, वहां लिटाता तो झरोखे से सोनिया को कुछ ना दिख पाता…
सोनिया उसके दिमाग़ की दाद देती हुई उन दोनो का खेल देखने लगी..
सोनू ने उसे बेड पर लिटाकर उसकी उभर रही नन्ही छाती को अपने हाथों से मसला…
उसके निप्पल्स को अपनी उंगलियों से कचोटा…
और उन्हे खींचकर बाहर की तरफ उमेठ दिया.
वो चिल्ला पड़ी : “अहह ….धीरे….. मेरे राजा…. धीरे…… करो इन्हे….. मुँह से खीँचो…. काटो…… बड़ा कर दो….. प्लीस….”
सोनू ने मुस्कुराते हुए उसके निप्पल्स को मुँह में लिया और एक-2 करके उन्हे चूसने लगा..
सोनिया ने अपना टॉप निकाल कर नीचे खिसका दिया… ऐसा गर्म सीन देखने के बाद भला उससे कैसे सब्र होता…
और अपनी भरी हुई छातियाँ निकाल कर वो खुद ही उन्हे दबाने लगी…
और मन ही मन बुदबुदाई : “साले ….. सोनू….. उन्हे क्या चूस रहा है…. ये देख…. ये है असली माल….. इन्हे चूस साले ….. इन्हे चूस…”
पर सोनू तो इस वक़्त तनवी की बेरी से बेर तोड़ने में व्यस्त था….
वो बड़े आराम से उसके नन्हे स्तनों को मुँह में लेता और अपनी जीभ से चूस्कर उसे पूरा गीला करता और फिर उपर करते हुए छोड़ देता….
तनवी को ऐसा फील ही रहा था जैसे वो उसके बूब्स को बड़ा करने की कोई एक्सरसाइस करवा रहा है..
ये करवाते हुए उसे बड़ी गुदगुदी सी हो रही थी….
और मज़ा भी आ रहा था…
कुछ ही देर में सोनू के हाथ उसकी चूत पर भी आ पहुँचे…
और फिर धीरे-2 उसे उपर से नीचे तक चूमना शुरू किया..
सोनू के चुंबन उसके जल रहे शरीर में और आग लगा रहे थे..
उसकी हर किस्स को अपनी बॉडी पर महसूस करके उसके शरीर से लहरें निकलनी शुरू हो गयी…
वो अपने बूब्स से लेकर गांड तक को हवा में लहराकर अपनी बेचैनी प्रकट करने लगी..
सोनिया भी झरोखे से ये सब देखकर उसे अपने उपर होता हुआ महसूस कर रही थी…
वो अपने निप्पल्स को ज़ोर-2 से दबा रही थी…
जैसे उसका भाई तनवी के नही उसके निप्पल्स उमेठ रहा हो…
सोनिया अपनी उंगलियों को थूक से गीला करके अपने निप्पल को दबोच रही थी….
जैसे उसका भाई अपनी लार से उन्हे भिगो रहा हो…
और दूसरी तरफ जब तनवी के बूब्स और सपाट पेट को चूसने के बाद वो उसकी चूत तक पहुँचा तो वहां का नज़ारा देखकर उसके तो होश उड़ गये..
चूत को पहली बार इतने करीब से, नंगी उसने आज देखा था…
और वो भी इतनी खूबसूरत…
इतनी अल्हड़ चूत ..
एकदम चिकनी और कसी हुई…
जिसमें एक उंगल तक ना घुस सके…
ऐसी थी वो.
उसे देखकर सोनू से सब्र नही हुआ और उसने नीचे झुककर उसे चूम लिया…
तनवी ने उसके सिर को पकड़कर वहीं दबाए रखा और अपनी टाँगो से उसने उसके शरीर को भी जकड़ लिया…
”आआआआआआआआआआआआए……. उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़… सोनू…………………….. उम्म्म्ममममममममममम सकक्क इट……….”
सोनू ने अपनी जीभ निकाली और उसके उपर चलानी शुरू कर दी….
पर अंदर डालने के लिए ज़रा भी स्पेस नही था…
वो सोचने लगा की इसमे तो मेरी जीभ तक नही जा पा रही है….
मेरा लंड कैसे जाएगा.
उसने सोनू को बेड पर लिटाया और खुद उसके उपर आ गयी….
और कुछ देर तक उसे चूमने के बाद वो धीरे -2 करके अपनी चूत को उपर लाने लगी…
और अंत में आकर उसने अपनी चूत को उसके मुँह पर लाकर रख दिया…
ये एंगल सही था…
सोनू ने उसकी लटकी हुई चूत में अपनी जीभ को किसी अकड़े हुए लंड की तरह घुसा दिया….
हल्की सिसकारी के साथ तनवी ने अपनी उंगली के अलावा बाहरी दुनिया की कोई चीज़ पहली बार महसूस की..
वो कुलबुला उठी…
और मचलते हुए उसने अपना पूरा भार उसके चेहरे पर छोड़ दिया…
सोनू की गीली जीभ उसकी चूत के जितना अंदर जा सकती थी चली गयी…
उसकी चूत की चिकनाई और सोनू के मुँह से निकल रही चिकनाई ने काम आसान कर दिया…
अब वो आराम से उसकी जीभ पर अपनी चूत को ज़ोर-2 से मार कर उसे चुदवा रही थी…
और मज़े ले रही थी.
और अंदर सोनिया का बुरा हाल था…
उसने अपनी शॉर्ट्स उतार कर नीचे गिरा दी… और अपनी पेंटी में हाथ डालकर अपनी चूत मसलने लगी..
”अहह साले …. उसकी चूस रहा है…. अहह मेरी…. मेरी…. कौन चूसेगा….. भाई है तू मेरा….. तुझपर …..मेरा …हक है…. पहला….. पहले….. मेरी चूस….. उसकी छोड़ दे…. मेरी में जीभ डाल….अहह वो ग़लत है….. पहले मेरी चूसनी थी…… वो ग़लत है….”
पर सोनू को भला उसकी सिसकारियाँ इस वक़्त कैसे सुनाई देती…
भले ही से ये एहसास था की उसकी बहन सब देख रही है…
पर इस वक़्त वो दिन दुनिया से बेख़बर होकर अपनी लाइफ की पहली चूत चुसाई में बिज़ी था..
पर जल्द ही उसपर ब्रेक लगने वाला था…
बाहर उनकी मोंम की कार आकर रुक चुकी थी.










