माँ की अधूरी इच्छा – Update 79 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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ऐसे ही दोनों को सोते हुए शाम हो जाती है।
और सुबह से चुदाई की बजह से दोनों थक गये थे
करीब ४ बजे दोनों की आँख खुलती है
और दोनों एक दूसरे को अपनी बाँहों में जकड लेते है
और किस करने लगते है।
दोनो एक दूसरे के होंठो को चूस रहे थे और अरुन सरला के मम्मे पकड़ लेता है और मसलने लगता है
सरला की सिसकी निकल जाती है
सरला: धीरे जान आराम से मसलो और अरुन का सर पकड़ कर अपने मम्मे पे रख देती है।
और अरुन चुसने लगता है।
तभी दरवाजे पे नॉक होता है।
सरला: उठ कर बाथरूम चलि जाती है और अरुण
कपडे पहन कर दरवाजा खोलता है।
रूम सर्विस
सर आप कहीं घुमने जाएंगे।
हमारी सब सर्विस अवलेबल है।
अरुण: ओके मैं कॉल करके बताता हूँ
ओक सर और चला जाता है।
अरून दरवाजा बंद कर के बाथरूम के पास जाता है
और दरवाजे पर हल्का सा पुश करता है और दरवाजा खुल जाता है
और सामने सरला दोनों हाथ फैला कर अरुन को बाँहों में आने का इशारा करती है।
और अरुन सरला की बाँहों में आ जाता है
सरला: कितनी देर लगा दी आने में।आप की जान कब से इंतज़ार कर रही थी
अरुण: वो रूम सर्विस वाला आया था और अपनी सर्विसेज के बारे में बता रहा था।
सरला: जान पहले आप अपनी बीवी की सर्विसेज ले लो और अरुन के कपडे उतारने लगती है और दोनों शावर के निचे आ जाते है।
सरला: अरुन को नहलाते हुए अब बताओ क्या बोल रहा था अरुन बताता है।
सरला: आप ने बताया नहीं हम यहाँ हनीमून पे आये है न की घुमने।
हमे खाने की तो फुर्सत नहीं है घुमने कैसे जाएंगे।
और अरुन के लंड को मसल देती है
अरुण: वो तो है जान और अपना हाथ सरला की चुत पे रखने वाला होता है।
सरला: अरुन का हाथ पकड़ लेती है अभी नहीं मैंने अभी अपने पीछे छुके देखि थे बहुत दर्द है।
अरुण: जब दर्द है और मैं तुम्हारी चुत मार नहीं सकता तो रूम में रहने का क्या फायदा।
सरला: उदास हो जाती है सॉरी और सर झुका लेती है
अरुण: सरला का चेहरा ऊपर उठाता है।
बुरा मत मानो जान मेरे कहने का मतलब ये था
जब तक तुम्हारी चुत ठीक होती है तब तक घुम आते है बरना मेरे साथ अकेले रूम में रहोगी तो मैं तुम्हे चोदे बिना मानूँगा नही।
सरला: कितने प्यारे है आप मुझे ठीक होने का टाइम दे रहे है।
अरुण: ठीक होने का नहीं तुम्हारी चुत को रेडी होने का इस मुसल को झेलने के लिए।
सरला: हाँ हाँ वही मेरी जान रात को पक्का खुश कर देगी मेरी चूत।
अरुण: खाली चुत नहीं गाण्ड भी।
सरला: ओके बाबा दोनों।
अरुण: दोनों नहीं तीनों।
सरला: तीन कौन।
मुह चूत और गाँड।
सरला: अच्छा जी अब तीनो एक साथ चाहिये।
अरुण: हाँ एक साथ ।
सरला: आप को जो चाहिए वो मिलेगा एनी टाइम एनी वेयर।
अरुण: प्रोमिस
सरला: पक्का वाला प्रॉमिस आप की रंडी का।
अरुण: उसकी चुत को सहला देता है
सरला: आआह्ह्ह्हह्ह मत छेड़िये उसे ।
और दोनों नहा कर बाहर आ जाते है
सरला: क्या पहनु मेरी जान।
अरुण: ऐसे ही चलो।
सरला की ऑंखों में ऑंसू आ जाते है।
अरुण: क्या हुआ जान
सरला: आज आप ने बोलो सो बोला आज के बाद मत बोलना।
अरुण: क्या
सरला: यही की ऐसे चलो मैं सिर्फ आप की हूँ और मुझ पर आप का हक़ है आप चाहे जो बोलो मैं सब करुँगी अकेले में पर बाहर नहीं मुझे ऐसे सिर्फ आप देख सकते है अब आज के बाद आप के पापा भी मुझे छु नहीं सकते।
आज से मैं आप की पर्सनल माल , बीवी , रांड ,रखेल रंडी सब हूँ पर अकेले में सब के सामने मुझे नंगा मत हो जाने के लिए बोलना।
अरुण: सरला को बाँहों में लेते हुए मैं मजाक कर रहा था और रही पापा की बात तो मैं ये तुम्हे बोल्ने बाला था
की अपने सरीर पे अब किसी का हाथ मत लगवा लेना चाहे वो मेरा बाप ही क्यों न हो।
सरला: अब ये सरीर आप का और सिर्फ आप का है
और इसे सिर्फ आप छु सकते है और किसी की परछाई भी नहीं पडेगी।
अब बताओ आप की ये पर्सनल माल क्या पहने।
अरुण : जिंस
सरला: नहीं जीन्स नहीं प्लीस और कुछ और।
अरुण: क्यु
सरला: आप की जान की चुत और गाण्ड सुजी पड़ी है और जीन्स फिटिंग की है पहनुंगी तो दोनों दर्द करेंगी और रात आप तक आप से चुदने के लिए रेडी नहीं हो पायेंगी और मैं आप को रात में प्यासा नहीं छोड़ सकती।
अरुण: ओके तो टॉप और लोंग स्कर्ट पहन लो और बिना ब्रा पेंटी के।
सरला: जानू ब्रा तो पहनने दो।
अरुण: क्यों
सरला: नहीं पहनी तो चलते वक़्त हिलेंगे
और सब की नज़र उनपे पडेगी।
अरुण: पडने दो ।
दिखेंगे तो नहीं ना।
सरला: नहीं
अरुण: सिर्फ टॉप और लोंग स्कर्ट।
सरला: सर झुकाते हुए जो हुकम मेरे आका
कम से कम कपडे तो पहन पाऊँगी सुबह से नंगी ही हू।
अरुण: चिंता मत करो रात को भी नंगी ही रहना है।
सरला: बिलकुल मेरी जान ।

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