माँ की अधूरी इच्छा – Update 73 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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सरला: अरुन को अपने पास खींचती है।
और उसकी ऑंखों में देखते हुए।
सरला: मजा आया।
अरुण: बहुत
सरला: मुझे भी।
अरुण: पर आप के गांड से खून निकल रहा है।
सरला: उसे छोड़ और उसे के होंठो पे अपने होठ रख देती है और दोनों एक दूसरे को चुमते है।
थोड़ी देर बाद सरला उठती है और झुक कर अपनी गाण्ड देखती है।
उसकी गाण्ड में सुराख़ बन गया था डेड इंच का और उसमे से अरुन का पानी बाहर आ रहा था।
अपनी टी- शर्ट उठा कर पहले अरुन का लंड साफ़ करती है और फिर अपनी गाण्ड से निकल रहा अरुन का पानी और अपने खून के मिश्रण को साफ़ करती है
और उठ कर बाथरूम जाने की कोशिश करती है
पर दर्द के मारे वही बैठ जाती है और चीख पड़ती है
अरुण: क्या हुआ माँ।
सरला: कुछ नहीं
अरुण: बोलो न मा
सरला: दर्द ही रहा है।
अरुण: सरला को वही लिटा देता है और उसकी गाण्ड को देखता है।
सरला: क्या देख रहा है।
अरुण: ये सब मेरी बजह से हुआ है।
सरला: फिर सुरु हो गया ।
मेरे बच्चे मुझे गाण्ड मरवा के जितना मजा आया उतना सायद तेरे को भी नहीं आया होगा।
जा मेरे बैग से बोरीलीन ले आ और अरुन ले आता है
और सरला उसके हाथ से ले कर अपनी गाण्ड पे बोरिलीन लगाने लगती है पर अरुन उसके हाथ से ले कर खुद लगा देता है।
सरला: उसे प्यार से देखते हुए
आजा मेरा बेटा अपनी माँ के पास आजा।
मा की गण्ड मार के थक गया होगा ना
आज थोड़ा आराम कर ले फिर थोड़ी देर बाद चुत भी मारनी है।और उसे अपनी बाँहों में ले कर लेट जाती है।कुछ देर ऐसे ही दोनों सो जाते है।

करीब एक घंटे बाद सरला की आँख खुलती है
अरून उसकी बाँहों में था उसे देख कर सरला उसके माथे पे किस करती है जब उसकी नज़र अरुन के लंड पे जाती है तो सरला मन ही मन।
सरला: अपनी गाण्ड पे हाथ फेरते हुए पड गई ठण्डक निकल ली अपनी अकड मेरी गाण्ड में जाकर और उसे अपने हाथ में पकड़ कर मरोड़ देती है।
तभी अरुन की अपने लंड पे किसी के हाथ का स्पर्श पाकर आँख खुल जाती है और सरला के हाथ में अपना लंड देखकर।
अरुण: क्या हुआ जान अभी मन नहीं भरा।
सरला: अभी कहाँ। ये तो शुरुआत है ।
फ्रेश होने जाना था इस पे नज़र पड़ गई तो पकड़ लिया।
और उठने लगी तभी उसके मुह से चीख निकल गई और बेड पर बैठते उछल पड़ी और लेट कर लम्बी २ साँसे लेने लगी

अरुण: क्या हुआ जान।
सरला: अपनी गाण्ड पे हाथ फेरते हुए।
दरद के मारे चला नहीं जा रहा और न बैठा जा रहा।
और मुझे फ्रेश होने जाना है।
और अरुन के लंड को चपत लगाती है।
सब इसकी बजह से।
ओर फिर उसे प्यार से हाथ में पकड़ लेती है
तेरी कोई गलती नहीं है मेरी ही गाण्ड कमज़ोर थी जो फट गई।
अरून उठता है और सरला को बाँहों में लेता है।
सरला: क्या कर रहा है मैं गिर जाऊंगी मेरा बजन ज्यादा है।
अरुण: कुछ नहीं सुनता ये सब मेरी बजह से हुआ है।
सरला: उसकी बाँहों में उसकी ऑंखों में देखते हुए ऐसा कुछ नहीं है मुझे बड़ा मजा आया एक दो बार और दर्द होगा फिर सब ठीक ही जायेगा ।
दोनो बाथरूम में आ जाते है।
और अरुन सरला को निचे उतारता है।
और सरला वेस्टर्न टॉइलेट पे बैठ जाती है।
और अरुन से ।
सरला: आप जाओ बाहर मुझे पॉट्टी करनी है।
अरुण: तो क्रो न मैं क्या कर रहा हू।
सरला: जाओ न मुझे शरम आ रही है ।
अरुण: अरे मैं क्या बोल रहा हू।
मुझे सुसु आ रही है।
और सरला अरुन के लंड को पकड़ के जैसे बच्चो को सुसु कराते है वैसे ही सरला अरुन से सस स स
करो बेटा सुसु करो।
और अरुन सुसु करने लगता है।
अरून के सुसु करने के बाद सरला अरुन के लंड को हिलाते हुए और उसे पकड़ कर अपने मुह में ले लेती है।
अरुण: माँ गन्दा है सुसु लगी है उसपे।
सरला: मुह से बाहर निकाल कर।
कुछ गन्दा नहीं है और चुसने लगती है।
और पोजीशन ऐसे थी सरला टॉइलेट सीट पे बैठे पॉट्टी कर रही थी और साथ में अरुन का लंड चूस रही रही है।

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