अरुन तू मेरी टेंशन मत ले।
दरद तो होगा ही और मैं अब बिना अपनी गाण्ड तुझे दिए हुए मानूँगी नहीं ।
इसलिए तू पूरा घुसा दे अपना मोटा लंड मेरी कुँवारी गांड में।
अरुण: पर माँ तुम्हारी गाण्ड से खून आ रहा है।
सरला: क्या
अरुण: हां मा
सरला: मैं बहुत खुश हू।
अरुण: पर माँ खून
सरला: पहली बार जब चुत भी मारते है तो खून निकलता है ही पर मैं चूदी हुई थी इसलिए खून नहीं निकलता और तुझे मजा नहीं आता।
इसीलिए मैंने गाण्ड देने का फैसला किया की तुझे भी ये लगे की तूने सुहागरात मनाई है ।
क्यूं की मर्दो को लड़की का खून देख कर तसल्ली मिलती है की मैने सील तोडी।
अरुण: मतलब आप ने मेरे लिए ये सब किया ।
पर माँ मुझे इस से कोई मतलब नहीं की खून निकला
या नही।
सरला: मुझे पता है की तुझे कोई फ़र्क़ नहीं पडता
पर मैं चाहती थी की तुझे सील पैक गाण्ड दू और अपनी सुहागरात यादगार मनाउँ।
चल अब पूरा पेल दे और मेरे दर्द की चिंता मत कर
और अपनी गाण्ड का दबाब अरुन के लंड पे ड़ालती है
और चीख पड़ती है।
क्यूं की जेली की बजह से और गाण्ड चिकनी हो रखी थी ।
अरुन तो जान बूझ कर ताक़त नहीं लगा रहा था।
सरला के धक्का लगाने से अरुन का आधा लंड अंदर चला गया।
सरला की ऑंखों में ऑंसू थे।
अरुण मेरे दर्द की चिंता मत कर आधा मैंने ले लिया है
आधा तू डाल दे और बन जा मेरा पूरा पति।
अरुण: सरला के कमर को कसकर पकड़ता है और एक झटका में पूरा लंड अंदर पेल देता है।
सरला की चीख निकल जाती है और वो रोने लगती है
आआआआअए मर गई।
मा मार डालाआआआअमा तेरे नाती ने
जान ले ली अपनी माँ की।
मर गई।
पर अरुन इस बार कुछ नहीं सुनता और धक्का
लगाता रहता है उसे पता था अब रोका तो वो गांड नहीं मार पायेगा और कस कस कर धक्के लगाता रहता है।
और सरला माआआआआ डाला
आए मेरा राजा बेटा
मार अपनी माँ की गाण्ड बहुत दुःख रही है अब रो रही है।कुछ देर लंड अंदर बाहर होने पर सरला को मज़ा आने लगता है।अरुण और तेजी से अपनी माँ की गदराई गांड को चोदने लगता है।
और तेज मार अब मजा आ रहा है।
और जोर से आआआअह्ह्
और अरुन भी अपनी स्पीड बढ़ा देता है
और हाथ आगे ले जा कर सरला के चुचियो को पकड़ लेता है और उसके निप्पल को नोचने लगता है।फिर सरला की गांड में पूरा लंड घुसाता और निकालता है और पेलने की स्पीड और बढ़ा देता है।
सरला:;
आह माँ सीसियाते हुये।
मजा आ रहा है अरुण।तु नहीं बताता तो मुझे पता भी नहीं चलता की गाण्ड मरवाने में भी इतना मजा आता है और मार अपनी माँ की गाण्ड और निकाल दे सारा पानी अपनी माँ की गाण्ड में।
अरुण: आह माँ मैं आ रहा हू।
सरला: आजा मेरे राजा निकाल दे अपनी माँ की गाण्ड में अपना पानी
आएह आजजा मेरे राजा
और अरुन अपना पानी छोड़ देता है।
१,२,,,३,,,४,,५ धार छोड कर सरला के साइड में गिर
जाता है।

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